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बिलासपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा ने शहर के गर्ल्स को बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया शनिवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा ने शहर के गर्ल्स को बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। विधायक त्रिलोक जमवाल की अगुवाई में पार्टी कार्यालय से डीसी ऑफिस तक विरोध रैली निकाली गई। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि सरकार का तुगलकी फरमान हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही यह फरमान वापस नहीं लिया, तो भाजपा इसका और कड़ा विरोध करेगी।

14 hrs ago
user_Anil kumar
Anil kumar
बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
14 hrs ago

बिलासपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा ने शहर के गर्ल्स को बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया शनिवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा ने शहर के गर्ल्स को बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। विधायक त्रिलोक जमवाल की अगुवाई में पार्टी कार्यालय से डीसी ऑफिस तक विरोध रैली निकाली गई। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि सरकार का तुगलकी फरमान हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही यह फरमान वापस नहीं लिया, तो भाजपा इसका और कड़ा विरोध करेगी।

  • user_Ram Lok
    Ram Lok
    Bharari, Bilaspur
    🙏
    5 hrs ago
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • पिछले कल हमीरपुर संसदीय के क्षेत्र से पाँच बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान पर कांग्रेस के पूर्व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सांसद को आध्यत्म और विज्ञान में अंतर पता नहीं है, क्योंकि सांसद महोदय तो अंतरिक्ष के पहले यात्री भगवान श्री राम के अग्रदूत हनुमान जी को बताते हैं, वह विश्व के पहले अंतरिक्ष यात्री का नाम यूरी गागरिन ही भूल गए क्या, यह वक्तव्य अनुराग ठाकुर का नेशलन स्पेश दिवस पर दिया गया था और आज अनुराग ठाकुर AI की बात कर रहे हैं। संदीप सांख्यान ने अनुराग ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में 400 से ज्यादा निजी विश्वविद्यालय है जिसमें से गलगोटिया जैसे विश्विद्यालय भी है, उनके कृत्य के बारे में अनुराग ठाकुर क्यों नहीं बोलते। AI समिट में बेइज्जती कांग्रेस ने नहीं नहीं हुई है बल्कि AI समिट में बेइज्जती केंद्र सरकार सरकार की हुई है, उनकी हुई है जिन्होंने गलगोटिया जैसे विश्वविद्यालय को AI समिट में स्थान दिया है, यह अंतराष्ट्रीय शर्म का विषय है। संदीप सांख्यान ने सांसद और पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर को घेरते हुए कहा कि आप यदि उनको आंकड़ो पर बात करनी हो तो किसी भी मंच पर आमने-सामने बैठ कर बहस में आपका स्वागत है। संदीप सांख्यान ने कहा कि सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री को जबाब देना चाहिए कि क्या लोहे के मशीनी कुत्ते पर आँसू बहाने से कोई विश्व गुरु बन जाता है। यह सिर्फ़ एक यूनिवर्सिटी की बात नहीं है, देश के सारे शिक्षा जगत में ऐसे ही प्रयोग चल रहा है। संदीप सांख्यान ने आगे प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि सांसद महोदय को यह भी बताना चाहिए कि देश के सबसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स की अलग-अलग शाखाओं में फ़ैकल्टी के 40 प्रतिशत पद ख़ाली पड़े हैं। क्यों देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में करीब 5,400 प्रोफेसरों के पद खाली पड़े हैं। संदीप सांख्यान ने कहा क्यों 2020-21 से 2024-25 तक के 5 वर्षों में कुल 18,727 सरकारी स्कूल बंद या मर्ज किए गए। (कुल संख्या 10,32,049 से घटकर 10,13,322 हो गई।) क्या इन विषयों पर सांसद महोदय के पास कोई जबाब है। संदीप सांख्यान ने कहा कि अनुराग ठाकुर जी आपको हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता इसलिये केंद्र में नहीं भेजती कि आप हर वक्त कांग्रेस और राहुल गांधी को कोसते रहे, आपको हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता ने इस संसदीय हल्के के विकास और नई योजनाओं के सृजन के लिए भेजा है। यह बात आपको समझनी चाहिए।
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    पिछले कल हमीरपुर संसदीय के क्षेत्र से पाँच बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान पर कांग्रेस के पूर्व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सांसद को आध्यत्म और विज्ञान में अंतर पता नहीं है, क्योंकि सांसद महोदय तो अंतरिक्ष के पहले यात्री भगवान श्री राम के अग्रदूत हनुमान जी को बताते हैं, वह विश्व के पहले अंतरिक्ष यात्री का नाम यूरी गागरिन ही भूल गए क्या, यह वक्तव्य अनुराग ठाकुर का नेशलन स्पेश दिवस पर दिया गया था और आज अनुराग ठाकुर AI की बात कर रहे हैं। संदीप सांख्यान ने अनुराग ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में 400 से ज्यादा निजी विश्वविद्यालय है जिसमें से गलगोटिया जैसे विश्विद्यालय भी है, उनके कृत्य के बारे में अनुराग ठाकुर क्यों नहीं बोलते।  AI समिट में बेइज्जती कांग्रेस ने नहीं नहीं हुई है बल्कि AI समिट में बेइज्जती केंद्र सरकार सरकार की हुई है, उनकी हुई है जिन्होंने गलगोटिया जैसे विश्वविद्यालय को AI समिट में स्थान दिया है, यह अंतराष्ट्रीय शर्म का विषय है। संदीप सांख्यान ने सांसद और पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर को घेरते हुए कहा कि आप यदि उनको आंकड़ो पर बात करनी हो तो किसी भी मंच पर आमने-सामने बैठ कर बहस में आपका स्वागत है। संदीप सांख्यान ने कहा कि सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री को जबाब देना चाहिए कि क्या लोहे के मशीनी कुत्ते पर आँसू बहाने से कोई विश्व गुरु बन जाता है। यह सिर्फ़ एक यूनिवर्सिटी की बात नहीं है, देश के सारे शिक्षा जगत में ऐसे ही प्रयोग चल रहा है। संदीप सांख्यान ने आगे प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि सांसद महोदय को यह भी बताना चाहिए कि देश के सबसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स की अलग-अलग शाखाओं में फ़ैकल्टी के 40 प्रतिशत पद ख़ाली पड़े हैं। क्यों देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में करीब 5,400 प्रोफेसरों के पद खाली पड़े हैं। संदीप सांख्यान ने कहा क्यों 2020-21 से 2024-25 तक के 5 वर्षों में कुल 18,727 सरकारी स्कूल बंद या मर्ज किए गए। (कुल संख्या 10,32,049 से घटकर 10,13,322 हो गई।) क्या इन विषयों पर सांसद महोदय के पास कोई जबाब है। संदीप सांख्यान ने कहा कि अनुराग ठाकुर जी आपको हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता इसलिये केंद्र में नहीं भेजती कि आप हर वक्त कांग्रेस और राहुल गांधी को कोसते रहे, आपको हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की जनता ने इस संसदीय हल्के के विकास और नई योजनाओं के सृजन के लिए भेजा है। यह बात आपको समझनी चाहिए।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by न्यूज रिपोर्टर
    1
    Post by न्यूज रिपोर्टर
    user_न्यूज रिपोर्टर
    न्यूज रिपोर्टर
    Bilaspur Sadar, Himachal Pradesh•
    10 hrs ago
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोलन जिले के कसौली स्थित (सीआरआई) में टेटनस और एडल्ट डिफ्थीरिया (टीडी) वैक्सीन लॉन्च की
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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोलन जिले के कसौली स्थित (सीआरआई) में टेटनस और एडल्ट डिफ्थीरिया (टीडी) वैक्सीन लॉन्च की
    user_Journalist Pawan Kumar Singh
    Journalist Pawan Kumar Singh
    कुनिहार, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बंगाणा (ऊना)। अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय, बांगना में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय वार्षिक विशेष शिविर के पांचवें दिवस का शुभारंभ अत्यंत अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के साथ हुआ। इस अवसर पर NSS के कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रार्थना सभा के उपरांत विभिन्न ग्रुप लीडर्स ने अपनी-अपनी टीमों की दैनिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्वयंसेवियों की सक्रिय भागीदारी, समयबद्धता एवं कार्यनिष्ठा की सराहना की गई। प्रथम सत्र में बंगाणा अस्पताल से आए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्वयंसेवियों का बीपी और शुगर की जांच की गई। इसके पश्चात सभी स्वयंसेवियों ने सामूहिक रूप से नाश्ता ग्रहण किया। इसके बाद NSS यूनिट, एंटी ड्रग क्लब और रेड रिबन क्लब के विद्यार्थियों द्वारा “एंटी चिट्टा” विषय पर एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली महाविद्यालय परिसर से बांगना मुख्य बाजार तक निकाली गई, जिसमें नशा निवारण का संदेश दिया गया। दोपहर में सभी स्वयंसेवियों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया। भोजन उपरांत बौद्धिक सत्र का आयोजन “मेंटल हेल्थ एंड हाइजीन” विषय पर किया गया, जिसमें अंजना कुमारी (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) और बीना कुमारी ने रिसोर्स पर्सन के रूप में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके बाद दूसरे बौद्धिक सत्र में “ऑर्गेनिक फार्मिंग” विषय पर तकनीकी अधिकारी आत्मा विभाग से रवि कुमार ने विद्यार्थियों को आधुनिक एवं जैविक खेती की जानकारी दी। समापन अवसर पर NSS कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा NSS इकाई के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वयंसेवियों को समाज सेवा की भावना को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर रेड रिब्बन क्लब की नोडल अधिकारी किरण कुमारी, एंटी ड्रग क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह, NSS अध्यक्ष गौरव कुमार, NSS कैप्टन रोहित डोगरा, कैप्टन अंकिता ठाकुर सहित अन्य स्वयंसेवी उपस्थित रहे।
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    बंगाणा (ऊना)।
अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय, बांगना में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय वार्षिक विशेष शिविर के पांचवें दिवस का शुभारंभ अत्यंत अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के साथ हुआ। इस अवसर पर NSS के कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रार्थना सभा के उपरांत विभिन्न ग्रुप लीडर्स ने अपनी-अपनी टीमों की दैनिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्वयंसेवियों की सक्रिय भागीदारी, समयबद्धता एवं कार्यनिष्ठा की सराहना की गई।
प्रथम सत्र में बंगाणा अस्पताल से आए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्वयंसेवियों का बीपी और शुगर की जांच की गई। इसके पश्चात सभी स्वयंसेवियों ने सामूहिक रूप से नाश्ता ग्रहण किया।
इसके बाद NSS यूनिट, एंटी ड्रग क्लब और रेड रिबन क्लब के विद्यार्थियों द्वारा “एंटी चिट्टा” विषय पर एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली महाविद्यालय परिसर से बांगना मुख्य बाजार तक निकाली गई, जिसमें नशा निवारण का संदेश दिया गया।
दोपहर में सभी स्वयंसेवियों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया। भोजन उपरांत बौद्धिक सत्र का आयोजन “मेंटल हेल्थ एंड हाइजीन” विषय पर किया गया, जिसमें अंजना कुमारी (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) और बीना कुमारी ने रिसोर्स पर्सन के रूप में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके बाद दूसरे बौद्धिक सत्र में “ऑर्गेनिक फार्मिंग” विषय पर तकनीकी अधिकारी आत्मा विभाग से रवि कुमार ने विद्यार्थियों को आधुनिक एवं जैविक खेती की जानकारी दी।
समापन अवसर पर NSS कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा NSS इकाई के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वयंसेवियों को समाज सेवा की भावना को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर रेड रिब्बन क्लब की नोडल अधिकारी किरण कुमारी, एंटी ड्रग क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह, NSS अध्यक्ष गौरव कुमार, NSS कैप्टन रोहित डोगरा, कैप्टन अंकिता ठाकुर सहित अन्य स्वयंसेवी उपस्थित रहे।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में श्री राधा कृष्ण मंदिर में रहने वाले हवस के बाबा ने दो प्रवासी बच्चियों के साथ अश्लील हरकते करते हुए पकडा गया है। हालांकि हवसी बाबा के द्वारा पिछले काफी समय से इन छोटी बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें की जा रही थी लेकिन जब इस बात का शक अभिभावकों केा हुआ तो मौके पर जाकर अभिभावकों ने बाबा को पकडा है । एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने मंदिर में जाकर देर शाम को पडताल की है और बच्चों व अभिभावकों के बयान कलम बंद किए है। जिसमें पाया गया है कि बाबा ने बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें की है और प्राईवेट पार्ट से छेडछाड की है। एसपी ने बताया कि पुलिस ने बाबा को गिरफतार कर लिया है और आगामी कार्रवाई की जा रही है।  बता दे कि हमीरपुर के कोहली में मंदिर में पिछले कुछ समय से प्रवासी बाबा वचित्र सिंह निवासी हरिओम कलां लुघियाना का रहने वाला है और बाबा ने परौली उतर प्रदेश के किराए पर रह रहे प्रवासियों की पांच साल की बच्चियों के साथ अश्लील हरकते करके यौन उत्पीडन किया है। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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    हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में श्री राधा कृष्ण मंदिर में रहने वाले हवस के बाबा ने दो प्रवासी बच्चियों के साथ अश्लील हरकते करते हुए पकडा गया है। हालांकि हवसी बाबा के द्वारा पिछले काफी समय से इन छोटी बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें की जा रही थी लेकिन जब इस बात का शक अभिभावकों केा हुआ तो मौके पर जाकर अभिभावकों ने बाबा को पकडा है । एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने मंदिर में जाकर देर शाम को पडताल की है और बच्चों व अभिभावकों के बयान कलम बंद किए है। जिसमें पाया गया है कि बाबा ने बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें की है और प्राईवेट पार्ट से छेडछाड की है। एसपी ने बताया कि पुलिस ने बाबा को गिरफतार कर लिया है और आगामी कार्रवाई की जा रही है। 
बता दे कि हमीरपुर के कोहली में मंदिर में पिछले कुछ समय से प्रवासी बाबा वचित्र सिंह निवासी हरिओम कलां लुघियाना का रहने वाला है और बाबा ने परौली उतर प्रदेश के किराए पर रह रहे प्रवासियों की पांच साल की बच्चियों के साथ अश्लील हरकते करके यौन उत्पीडन किया है। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • CBSE स्कूल के लिये परीक्षा आयोजित करने पर भड़का हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, सरकार को दो टूक परीक्षा के माध्यम से शिक्षक की दक्षता को जांचना मान सम्मान को ठेस,CM को भेज ज्ञापन,नही परीक्षा आवेदन फॉर्म हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के स्कूलों को CBSE बोर्ड लागू करने को लेकर शिक्षक भड़क गए है।शिक्षकों ने सरकार को दो टूक कह दिया है कि शिक्षक की दक्षता जांचने के लिए परीक्षा आयोजित करने का कोई औचित्य नही बनता वह फॉर्म नही भरेंगे और शिक्षक की दक्षता को जांचने के लिए यह नियम सही नही है। शिक्षकों की दक्षता जांचने की लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा का हिमाचल राजकीय अध्यपक संघ ने विरोध किया है।आज पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार के इस निर्णय को गलत बताया है साथ ही इस परीक्षा को शिक्षकों के मान सम्मान को ठेस करार दिया है।सरकार 134 स्कूलों में CBSE बोर्ड शुरू करने जा रहा है ।इसके लिए शिक्षकों की दक्षता जांचने के लिए परीक्षा का आयोजन भी किया जा रहा है।इस परीक्षा का विरोध करते हुए हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ ने आह्वान किया है कि इस परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की आवश्यकता नही है।जब शिक्षक आवेदन ही नही करेंगे तो 5500 पद कहां से भरे जाएंगे। वुओ: हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक वर्षों से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। जितने भी शिक्षक बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं वह परीक्षा पास कर ही यहां आए हैं अब इतने वर्षों बाद परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की दक्षता जांचना उचित नहीं है यह उनके मान सम्मान को ठेस है। उन्होंने कहा कि एक IAS भी इतने वर्षों बाद इस की परीक्षा नहीं दे पाएगा ।जो शिक्षक 40 वर्षों से स्कूल में पढ़ा रहे हैं तो हो सकता है उन्हें भी आज इस शिक्षा देने में दिक्कतें पेश आएं। उन्होंने कहा कि अभी तक इस शिक्षा आयोजन के लिए मात्र 1500 आवेदन ही आए हैं जबकि पूरे प्रदेश भर में 80000 शिक्षक हैं उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि इस परीक्षा के लिए उन्हें आवेदन नहीं देना चाहिए और उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों की राय है कि वह इस परीक्षा के लिए आवेदन नहीं देंगे उन्होंने कहा कि वह इस बाबत मुख्यमंत्री मुख्य सचिव शिक्षा मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं सुरेंद्र चौहान ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का जो स्टार रखा गया है वह काफी हाई स्टैंडर्ड का है जबकि कई शिक्षक पुराने हैं जो इस हाई स्टैंडर्ड पर करना उत्तर पाए और साथ ही कई नेशनल आबादी भी हैं जो इस परीक्षा को उत्तीर्ण ना कर सके तो क्या जो उन्हें शिक्षा के लिए अवार्ड मिला है वह क्या व्यर्थ है शिक्षक की दक्षता जांचने के लिए पैरामीटर उचित नही हैं।उन्होंने कहा कि CBSE सिस्टम लागू करते समय शिक्षकों और स्कूलों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। CBSE स्कूलों में तैनाती के लिए अनुभवी शिक्षकों की दक्षता जांचने हेतु अलग से टेस्ट या परीक्षा न कराई जाए। साथ ही, पहले से कार्यरत शिक्षकों को कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाए ताकि वे बोर्ड परीक्षा के आधार पर अपनी कार्यक्षमता साबित कर सकें। उसके बाद ही अगर वह उसपर खरा नही उतरता है तो आगे का निर्णय लिया जाए।इसके साथ ही CBSE और हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड में अन्तर विद्यालय स्थानांतरण नीति हो जिससे अगर शिक्षक CBSE से हिमाचल शिक्षा बोर्ड में जाना चाहे तो जा सके अन्यथा उसकी पदोन्नति पर इसका प्रभाव पड़ेगा। स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियां 100 प्रतिशत भरी जाएं और प्रिंसिपल व शिक्षकों का मूल्यांकन परीक्षा परिणाम और स्टाफ की उपलब्धता के आधार पर किया जाए। इंटर-बोर्ड ट्रांसफर शिक्षकों की इच्छा के अनुसार जारी रखने की बात भी कही।उन्होंने कहा कि लड़कों और लड़कियों के स्कूलों को मर्ज करने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाए तथा पदोन्नति व्यवस्था प्रभावित न हो। आवश्यकता अनुसार वाइस-प्रिंसिपल के पद सृजित करने की मांग भी की गई ।वहीं उन्होंने कहा कि CBSE का फीस स्ट्रक्चर बहुत अधिक है हो सकता है ग्रामीण क्षेत्र के लोग यह फीस वहन ना कर सके। फीस संरचना न बढ़ाने और शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार के निजीकरण का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि इन सुझावों पर विचार करने से सरकार और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा। बाइट : वीरेंद्र चौहान अध्यक्ष हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष
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    CBSE स्कूल के लिये परीक्षा आयोजित करने पर भड़का हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, सरकार को दो टूक परीक्षा के माध्यम से शिक्षक की दक्षता को जांचना मान सम्मान को ठेस,CM को भेज ज्ञापन,नही परीक्षा आवेदन फॉर्म
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के स्कूलों को CBSE बोर्ड लागू करने को लेकर शिक्षक भड़क गए है।शिक्षकों ने सरकार को दो टूक कह दिया है कि शिक्षक की दक्षता जांचने के लिए परीक्षा आयोजित करने का कोई औचित्य नही बनता वह फॉर्म नही भरेंगे और शिक्षक की दक्षता को जांचने के लिए यह नियम सही नही है। शिक्षकों की दक्षता जांचने की लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा का हिमाचल राजकीय अध्यपक संघ ने विरोध किया है।आज पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार के इस निर्णय को गलत बताया है साथ ही इस परीक्षा को शिक्षकों के मान सम्मान को ठेस करार दिया है।सरकार 134 स्कूलों में  CBSE बोर्ड शुरू करने जा रहा है ।इसके लिए शिक्षकों की दक्षता जांचने के लिए परीक्षा का आयोजन भी किया जा रहा है।इस परीक्षा का विरोध करते हुए हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ ने आह्वान किया है कि इस परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की आवश्यकता नही है।जब शिक्षक आवेदन ही नही करेंगे तो 5500 पद कहां से भरे जाएंगे।
वुओ:  हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक वर्षों से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। जितने भी शिक्षक बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं वह परीक्षा पास कर ही यहां आए हैं अब इतने वर्षों बाद परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की दक्षता जांचना उचित नहीं है यह उनके मान सम्मान को ठेस है। उन्होंने कहा कि एक IAS भी इतने वर्षों बाद इस की परीक्षा नहीं दे पाएगा ।जो शिक्षक 40 वर्षों से स्कूल में पढ़ा रहे हैं तो हो सकता है उन्हें भी आज इस शिक्षा देने में दिक्कतें पेश आएं। उन्होंने कहा कि अभी तक इस शिक्षा आयोजन के लिए मात्र 1500 आवेदन ही आए हैं जबकि पूरे प्रदेश भर में 80000 शिक्षक हैं उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि इस परीक्षा के लिए उन्हें आवेदन नहीं देना चाहिए और उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों की राय है कि वह इस परीक्षा के लिए आवेदन नहीं देंगे उन्होंने कहा कि वह इस बाबत मुख्यमंत्री मुख्य सचिव शिक्षा मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं सुरेंद्र चौहान ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का जो स्टार रखा गया है वह काफी हाई स्टैंडर्ड का है जबकि कई शिक्षक पुराने हैं जो इस हाई स्टैंडर्ड पर करना उत्तर पाए और साथ ही कई नेशनल आबादी भी हैं जो इस परीक्षा को उत्तीर्ण ना कर सके तो क्या जो उन्हें शिक्षा के लिए अवार्ड मिला है वह क्या व्यर्थ है शिक्षक की दक्षता जांचने के लिए पैरामीटर उचित नही हैं।उन्होंने कहा कि CBSE सिस्टम लागू करते समय शिक्षकों और स्कूलों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। CBSE स्कूलों में तैनाती के लिए अनुभवी शिक्षकों की दक्षता जांचने हेतु अलग से टेस्ट या परीक्षा न कराई जाए। साथ ही, पहले से कार्यरत शिक्षकों को कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाए ताकि वे बोर्ड परीक्षा के आधार पर अपनी कार्यक्षमता साबित कर सकें। उसके बाद ही अगर वह उसपर खरा नही उतरता है तो आगे का निर्णय लिया जाए।इसके साथ ही CBSE और हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड में अन्तर विद्यालय स्थानांतरण नीति हो जिससे अगर शिक्षक CBSE से हिमाचल शिक्षा बोर्ड में जाना चाहे तो जा सके अन्यथा उसकी पदोन्नति पर इसका प्रभाव पड़ेगा। स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियां 100 प्रतिशत भरी जाएं और प्रिंसिपल व शिक्षकों का मूल्यांकन परीक्षा परिणाम और स्टाफ की उपलब्धता के आधार पर किया जाए। इंटर-बोर्ड ट्रांसफर शिक्षकों की इच्छा के अनुसार जारी रखने की बात भी कही।उन्होंने कहा कि लड़कों और लड़कियों के स्कूलों को मर्ज करने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाए तथा पदोन्नति व्यवस्था प्रभावित न हो। आवश्यकता अनुसार वाइस-प्रिंसिपल के पद सृजित करने की मांग भी की गई ।वहीं उन्होंने कहा कि CBSE का फीस स्ट्रक्चर बहुत अधिक है हो सकता है ग्रामीण क्षेत्र के लोग यह फीस वहन ना कर सके। फीस संरचना न बढ़ाने और शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार के निजीकरण का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि इन सुझावों पर विचार करने से सरकार और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा।
बाइट : वीरेंद्र चौहान अध्यक्ष हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    18 hrs ago
  • शनिवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा ने शहर के गर्ल्स को बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। विधायक त्रिलोक जमवाल की अगुवाई में पार्टी कार्यालय से डीसी ऑफिस तक विरोध रैली निकाली गई। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि सरकार का तुगलकी फरमान हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही यह फरमान वापस नहीं लिया, तो भाजपा इसका और कड़ा विरोध करेगी।
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    शनिवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा ने शहर के गर्ल्स को बंद करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। विधायक त्रिलोक जमवाल की अगुवाई में पार्टी कार्यालय से डीसी ऑफिस तक विरोध रैली निकाली गई। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि सरकार का तुगलकी फरमान हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही यह फरमान वापस नहीं लिया, तो भाजपा इसका और कड़ा विरोध करेगी।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
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