रविवार के दिन कोरकोटजोर पहुंचीं उपायुक्त कंचन सिंह, जमीन पर बैठकर सुनी मलार समाज की समस्याएं सादरी भाषा में ग्रामीणों से किया संवाद, जाति-आवासीय प्रमाण पत्र, जमीन की ऑनलाइन रसीद और बच्चों के स्कूल में नामांकन को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश *केरसई-* आम दिनों में सरकारी कार्यालयों में लोगों की समस्याएं सुनने वाली सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह रविवार के दिन भी अचानक केरसई प्रखंड के कोरकोटजोर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने मलार समाज के महिला-पुरुषों एवं छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छुट्टी के दिन उपायुक्त को अपने बीच अचानक पाकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। उपायुक्त के इस सहज और संवेदनशील व्यवहार से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला।गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मलार समाज के प्रतिनिधियों ने जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त का गांव पहुंचना प्रशासन की संवेदनशीलता और समस्याओं के त्वरित समाधान की पहल के रूप में देखा जा रहा है। जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, सादरी भाषा में किया संवाद, गांव पहुंचने के बाद उपायुक्त ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सादरी भाषा में ग्रामीणों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। स्थानीय भाषा में आत्मीयता के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "तोहर और कोई समस्या आहे, होले बतावा। आइज खाना घरे का मन बनाइहा।"उपायुक्त के मुंह से अपनी स्थानीय भाषा सुनकर ग्रामीण सहज और गदगद हो गए और खुलकर अपनी समस्याएं उनके सामने रखने लगे। इस दौरान महिला-पुरुषों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी अपनी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। उपायुक्त ने सभी की बातें गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।गांव में कैंप लगाकर समस्याओं के समाधान का निर्देशउपायुक्त ने केरसई के अंचलाधिकारी देवकांत सिंह को कोरकोटजोर गांव में विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से ग्रामीणों की जमीन की ऑनलाइन रसीद काटने, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने जैसी समस्याओं का समाधान करने को कहा।इसके साथ ही, जिन बच्चों के नाम किसी कारणवश स्कूल से कट गए हैं, उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित कराने तथा नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरवाने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं एवं आवश्यक दस्तावेजों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को गांव में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। *प्रशासन की पहल से ग्रामीणों में जगी उम्मीद* उपायुक्त के सीधे गांव पहुंचकर समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश देने से मलार समाज के लोगों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों को विश्वास है कि लंबे समय से प्रमाण पत्र एवं जमीन से संबंधित कार्यों में आ रही परेशानियों का अब समाधान हो सकेगा। उपायुक्त की इस पहल ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया। इसी क्रम में उर्सुलाईन बालिका उच्च विद्यालय रेंगरीह के छात्रावास में छात्र छात्राओं की सुविधाओं ,पढ़ाई ,खान -पान,रहन- सहनकी जानकारी ली।साथ ही एंजेला हेल्थ सेंटर की ओर से दिए जा रहे चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली गई।इस अवसर पर एसडीओ सुमंत तिर्की, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार, केरसई अंचलाधिकारी देवकांत सिंह, जिला परिषद सदस्य प्रेमा बड़ा, रवि गुप्ता, संजय प्रसाद, विकास कुमार, असरानी एक्का, देशु मलार, दीनू मलार सहित मलार समाज के अनेक महिला-पुरुष एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
रविवार के दिन कोरकोटजोर पहुंचीं उपायुक्त कंचन सिंह, जमीन पर बैठकर सुनी मलार समाज की समस्याएं सादरी भाषा में ग्रामीणों से किया संवाद, जाति-आवासीय प्रमाण पत्र, जमीन की ऑनलाइन रसीद और बच्चों के स्कूल में नामांकन को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश *केरसई-* आम दिनों में सरकारी कार्यालयों में लोगों की समस्याएं सुनने वाली सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह रविवार के दिन भी अचानक केरसई प्रखंड के कोरकोटजोर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने मलार समाज के महिला-पुरुषों एवं छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छुट्टी के दिन उपायुक्त को अपने बीच अचानक पाकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। उपायुक्त के इस सहज और संवेदनशील व्यवहार से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला।गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मलार समाज के प्रतिनिधियों ने जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त का गांव पहुंचना प्रशासन की संवेदनशीलता और समस्याओं के त्वरित समाधान की पहल के रूप में देखा जा रहा है। जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, सादरी भाषा में किया संवाद, गांव पहुंचने के बाद उपायुक्त ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सादरी भाषा में ग्रामीणों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। स्थानीय भाषा में आत्मीयता के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "तोहर और कोई समस्या आहे, होले बतावा। आइज खाना घरे का मन बनाइहा।"उपायुक्त के मुंह से अपनी स्थानीय भाषा सुनकर ग्रामीण सहज और गदगद हो गए और खुलकर अपनी समस्याएं उनके सामने रखने लगे। इस दौरान महिला-पुरुषों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी अपनी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। उपायुक्त ने सभी की बातें गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।गांव में कैंप लगाकर समस्याओं के समाधान का निर्देशउपायुक्त ने केरसई के अंचलाधिकारी देवकांत सिंह को कोरकोटजोर गांव में विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से ग्रामीणों की जमीन की ऑनलाइन रसीद काटने, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने जैसी समस्याओं का समाधान करने को कहा।इसके साथ ही, जिन बच्चों के नाम किसी कारणवश स्कूल से कट गए हैं, उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित कराने तथा नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरवाने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं एवं आवश्यक दस्तावेजों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को गांव में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। *प्रशासन की पहल से ग्रामीणों में जगी उम्मीद* उपायुक्त के सीधे गांव पहुंचकर समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश देने से मलार समाज के लोगों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों को विश्वास है कि लंबे समय से प्रमाण पत्र एवं जमीन से संबंधित कार्यों में आ रही परेशानियों का अब समाधान हो सकेगा। उपायुक्त की इस पहल ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया। इसी क्रम में उर्सुलाईन बालिका उच्च विद्यालय रेंगरीह के छात्रावास में छात्र छात्राओं की सुविधाओं ,पढ़ाई ,खान -पान,रहन- सहनकी जानकारी ली।साथ ही एंजेला हेल्थ सेंटर की ओर से दिए जा रहे चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली गई।इस अवसर पर एसडीओ सुमंत तिर्की, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार, केरसई अंचलाधिकारी देवकांत सिंह, जिला परिषद सदस्य प्रेमा बड़ा, रवि गुप्ता, संजय प्रसाद, विकास कुमार, असरानी एक्का, देशु मलार, दीनू मलार सहित मलार समाज के अनेक महिला-पुरुष एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
- रविवार के दिन कोरकोटजोर पहुंचीं उपायुक्त कंचन सिंह, जमीन पर बैठकर सुनी मलार समाज की समस्याएं सादरी भाषा में ग्रामीणों से किया संवाद, जाति-आवासीय प्रमाण पत्र, जमीन की ऑनलाइन रसीद और बच्चों के स्कूल में नामांकन को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश *केरसई-* आम दिनों में सरकारी कार्यालयों में लोगों की समस्याएं सुनने वाली सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह रविवार के दिन भी अचानक केरसई प्रखंड के कोरकोटजोर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने मलार समाज के महिला-पुरुषों एवं छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छुट्टी के दिन उपायुक्त को अपने बीच अचानक पाकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। उपायुक्त के इस सहज और संवेदनशील व्यवहार से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला।गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मलार समाज के प्रतिनिधियों ने जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त का गांव पहुंचना प्रशासन की संवेदनशीलता और समस्याओं के त्वरित समाधान की पहल के रूप में देखा जा रहा है। जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, सादरी भाषा में किया संवाद, गांव पहुंचने के बाद उपायुक्त ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सादरी भाषा में ग्रामीणों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। स्थानीय भाषा में आत्मीयता के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "तोहर और कोई समस्या आहे, होले बतावा। आइज खाना घरे का मन बनाइहा।"उपायुक्त के मुंह से अपनी स्थानीय भाषा सुनकर ग्रामीण सहज और गदगद हो गए और खुलकर अपनी समस्याएं उनके सामने रखने लगे। इस दौरान महिला-पुरुषों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी अपनी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। उपायुक्त ने सभी की बातें गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।गांव में कैंप लगाकर समस्याओं के समाधान का निर्देशउपायुक्त ने केरसई के अंचलाधिकारी देवकांत सिंह को कोरकोटजोर गांव में विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से ग्रामीणों की जमीन की ऑनलाइन रसीद काटने, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने जैसी समस्याओं का समाधान करने को कहा।इसके साथ ही, जिन बच्चों के नाम किसी कारणवश स्कूल से कट गए हैं, उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित कराने तथा नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरवाने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं एवं आवश्यक दस्तावेजों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को गांव में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। *प्रशासन की पहल से ग्रामीणों में जगी उम्मीद* उपायुक्त के सीधे गांव पहुंचकर समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश देने से मलार समाज के लोगों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों को विश्वास है कि लंबे समय से प्रमाण पत्र एवं जमीन से संबंधित कार्यों में आ रही परेशानियों का अब समाधान हो सकेगा। उपायुक्त की इस पहल ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया। इसी क्रम में उर्सुलाईन बालिका उच्च विद्यालय रेंगरीह के छात्रावास में छात्र छात्राओं की सुविधाओं ,पढ़ाई ,खान -पान,रहन- सहनकी जानकारी ली।साथ ही एंजेला हेल्थ सेंटर की ओर से दिए जा रहे चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली गई।इस अवसर पर एसडीओ सुमंत तिर्की, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार, केरसई अंचलाधिकारी देवकांत सिंह, जिला परिषद सदस्य प्रेमा बड़ा, रवि गुप्ता, संजय प्रसाद, विकास कुमार, असरानी एक्का, देशु मलार, दीनू मलार सहित मलार समाज के अनेक महिला-पुरुष एवं ग्रामीण उपस्थित थे।1
- कम उम्र में लेखन की बड़ी उड़ान: आरोही खण्डेलवाल को ‘कलाम पीपुल्स प्रेसिडेंट अवार्ड 2026’ कम उम्र में लेखन की बड़ी उड़ान: आरोही खण्डेलवाल को ‘कलाम पीपुल्स प्रेसिडेंट अवार्ड 2026’ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने किया सम्मानित, रांची में 50 प्रतिभाओं को मिला पुरस्कार रांची। कम उम्र में साहित्य जगत में अपनी सशक्त पहचान बना रहीं युवा लेखिका आरोही खण्डेलवाल ने अपनी उपलब्धियों से एक बार फिर गौरव का अध्याय जोड़ा है। रांची के आमंत्रण बैंक्वेट हॉल में आज आयोजित सम्मान समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने आरोही को ‘कलाम पीपुल्स प्रेसिडेंट अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया। समारोह में कुल 50 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। आरोही को Art, Culture & Young Author श्रेणी में उनके रचनात्मक योगदान और साहित्यिक उपलब्धियों के लिए ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया। उनकी यह उपलब्धि विशेष इसलिए है कि उन्होंने कम उम्र में ही लेखन को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाकर अलग पहचान बनाई है। ‘दशावतार’, ‘गोकुल लीला’ और ‘हर कहानी एक शिक्षा’ जैसी पुस्तकों की लेखिका आरोही धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक विषयों को अपनी लेखनी में स्थान देती हैं। उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों, ज्ञान और संस्कारों से जुड़े संदेश प्रमुखता से सामने आते हैं। पुस्तक लेखन के जरिए पाठकों तक सकारात्मक विचार पहुंचाने का उनका प्रयास उनकी साहित्यिक यात्रा को विशिष्ट बनाता है। आरोही को मिला यह सम्मान उनकी सृजनशीलता और साहित्य के प्रति समर्पण की पहचान है। उनकी उपलब्धि बाल एवं युवा लेखन की संभावनाओं को रेखांकित करती है और यह संदेश देती है कि प्रतिभा, लगन और निरंतर प्रयास से कम उम्र में भी उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया जा सकता है।4
- सरकार के पास पोस्टर लगवाने के लिए बजट है लेकिन जब विकास की बात आय तो पैसे नहीं है! जानिए सच्चाई #newsfeed #jashpurnews #जशपुर SAMBHU RAVI JASHPUR ZONE सरकार के पास पोस्टर लगवाने के लिए बजट है लेकिन जब विकास की बात आय तो पैसे नहीं है! जानिए सच्चाई #newsfeed #jashpurnews #जशपुर SAMBHU RAVI JASHPUR ZONE1
- मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रमंडल स्तर पर होगा आंदोलन: उदासन नाग गुमला जिला मुख्यालय स्थित रौनियार भवन में रविवार को केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में ओबीसी मोर्चा की महा-समीक्षा बैठक हुई। इसमें 5 से 7 अक्टूबर तक ओबीसी आरक्षण, जातिगत जनगणना और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर हुए आंदोलन की समीक्षा की गई। बैठक में आंदोलन की सफलता पर संतोष जताते हुए कार्यकर्ताओं पर धारा 126 के तहत की गई कार्रवाई की निंदा की गई। वक्ताओं ने प्रशासन से मुकदमे वापस लेने की मांग की। साथ ही पंचायत स्तर पर संगठन मजबूत करने और गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग ने कहा कि ओबीसी समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट है और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष बुधराम गोप ने चेतावनी दी कि सरकार ने मांगों की अनदेखी की तो पूरे जिले और प्रमंडल स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। बैठक में दिलीपनाथ साहू, अजन्ता साहु, जगदीश साहू, नीलाम्बर साहू सहित विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।1
- जन वितरण प्रणाली के माध्यम से जो नमक मिला है उसमें महीन बालू का अंश पाया गया, आप खुद देखिए मुख्य मंत्री नमक वितरण योजना के तहत जो नमक राशन कार्ड धारियों को मिलता है 1/2 रुपए में उसमें बालू का अंश पाया गया, इसको हम क्या कहें, सरकार की लापरवाही या, पब्लिक की बेवकूफी जो सस्ते खाद्य पदार्थ को बगैर सोचे समझे खाए जा रहे हैं, और जान लेवा बीमारी के शिकार हो रहे हैं, या हो सकते हैं, जिस कंपनी से सरकार नमक बनवाती है, उस कंपनी के ऊपर करवाई करे, इस तरह का घटिया सामान गरीब लोगों को na दिया जाय। झारखंड सरकार से नम्रता पूर्वक कहना चाहूंगा कि, देना है तो अच्छा चीज दे, अन्यथा na दे। गरीबी एक भयंकर बीमारी है जो पहले से है,। उस पर इस तरह का घटिया चीज खा कर खतरनाक बीमारी के शिकार हो सकते हैं।1
- लोहरदगा जिला मुख्यालय स्थित नदिया हिन्दू प्लस टू उच्च विद्यालय मिनी स्टेडियम मैदान में लोहरदगा प्रीमियर लीग 2026 फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य और ऊर्जावान शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कबूतर उड़ाकर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। लोहरदगा जिला मुख्यालय स्थित नदिया हिन्दू प्लस टू उच्च विद्यालय मिनी स्टेडियम मैदान में लोहरदगा प्रीमियर लीग 2026 फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य और ऊर्जावान शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कबूतर उड़ाकर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया।1
- पशु क्रूरता अधिनियम को ताख पर रख पशु तस्करी के विरुद्ध कारवाई 11 पशु जब्त सेन्हा-लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रात्रि में अवैध रूप से ले जाए जा रहे 11 पशुओं को जब्त किया है। लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एकागुड़ी सीमावर्ती इलाके का बादुर डांड़ के रास्ते पशु क्रूरता अधिनियम को ताख पर रख पशु तस्कर के द्वारा गोरख धंधा चल रहा था। जिसकी गुप्त सूचना सेन्हा थाना प्रभारी को मिलते ही उसके पश्चात पुलिस द्वारा त्वरित एक छापेमारी दल का गठन किया गया और यह कारवाई की गई। मौके से अवैध तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 11 पशुओं को बरामद कर सेन्हा थाना लाया गया। जबकि पशु तस्कर मौके से पुलिस को देख फरार हो गया। जब्त किए गए पशुओं की चिकित्सीय (मेडिकल) जांच डॉक्टर अमर दीपक तिग्गा द्वारा कराई गई। तथा पशु क्रूरता अधिनियम एक्ट 2005 के आलोक में कांड संख्या 114/26 दर्ज कर नामजद आरोपी उगरा निवासी सामूल अंसारी के विरुद्ध धारा 12 (1) (2) के तहत पुलिस प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई। वहीं पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए जब्त पशुओं के लिए चारे और पानी की उचित व्यवस्था की गई। इस संदर्भ में थाना प्रभारी मनोज कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि थाना क्षेत्र में किसी प्रकार की अवैध कारोबारी पर वरीय पुलिस पदाधिकारी लोहरदगा के निर्देशानुसार छापेमारी जारी रहेगा। छापेमारी दल ए एस आई श्रीकांत दास एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे।4
- भारतमाला परियोजना के खरका ब्रिज निर्माण स्थल पर फायरिंग तीन नकाबपोस अपराधी ने दिया घटना को अंजाम *भारतमाला परियोजना के खरका ब्रिज निर्माण स्थल पर फायरिंग तीन नकाबपोस अपराधी ने दिया घटना को अंजाम* गुमला गुमला सदर थाना क्षेत्र के खटवा नदी के समीप भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे ब्रिज निर्माण कार्य स्थल पर शनिवार की देर शाम 7 बजे अज्ञात अपराधियों ने गोलीबारी कर एक कर्मी को घायल कर दिया। घायल कर्मी की पहचान यूपी सहारनपुर निवासी मोहम्मद सलीम के रूप में हुई है। घटना के बाद उसे आनन-फानन में गुमला सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई जानकारी के अनुसार शनिवार की देर शाम ब्रिज निर्माण कार्य स्थल पर कामकाज चल रहा था। इसी दौरान तीन अज्ञात नकाबपोस हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे। अपराधियों ने सलीम को निशाना बनाते हुए उसके के जांघ में गोली मार दी। गोली उसके जांघ को छूते हुए निकल गई अपराधियों ने तीन फायर किया। अचानक हुई गोलीबारी से निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। गोली मारने के बाद अपराधियों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से तीन हवाई फायरिंग की काम नहीं करने की धमकी देते हुए अपराधी मौके से फरार हो गए। निर्माण स्थल पर गोलीबारी की घटना से आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। घटना के पीछे अपराधियों का क्या मकसद था, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। आपसी रंजिश, रंगदारी या किसी अन्य कारण से घटना को अंजाम दिया गया है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर एक गिरोह ने जिम्मेदारी ली है। सोशल मीडिया पर लेटर पोस्ट कर काम नहीं करने की धमकी दी है कहा कि अंजाम बहुत बुरा होगा। घटना के बारे में उस परियोजना में काम कर रहे हैं शिवालय कंस्ट्रक्शन के पदाधिकारी जी पी शुक्ला से दूरभाष में बात की गई तो उन्होंने उनके कर्मियों के घायल होने की पुष्टि की और बताया कि अभी तक किसी तरह के लेवी अथवा अन्य किसी मांग को लेकर उनसे संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने आशंका जताई की भय पैदा करने के लिए अपराधियों के द्वारा यह कृत्य किया गया है। वही एनएचएआई के पी डी एस के गौतम से दूरभाष में बात हुई तो उन्होंने कहा कि अनजान लोगों के द्वारा फायरिंग की गई है। लेवी अथवा किसी तरह के डिमांड नहीं होने के बात बताई।4