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निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बकानी कस्बे में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में, कस्बे के खाटू श्याम मंदिर पर एक विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस भजन संध्या का मुख्य उद्देश्य बाबा श्याम के मंदिर के एक वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाना था। कार्यक्रम के दौरान, गायक कपिल राठौर और हर्षिता सुमन ने एक से बढ़कर एक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिस पर बाबा के भक्त झूम उठे। भक्तों ने बाबा के दर्शन कर भजन संध्या का खूब आनंद लिया।
Giriraj regar reporter
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बकानी कस्बे में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में, कस्बे के खाटू श्याम मंदिर पर एक विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस भजन संध्या का मुख्य उद्देश्य बाबा श्याम के मंदिर के एक वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाना था। कार्यक्रम के दौरान, गायक कपिल राठौर और हर्षिता सुमन ने एक से बढ़कर एक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिस पर बाबा के भक्त झूम उठे। भक्तों ने बाबा के दर्शन कर भजन संध्या का खूब आनंद लिया।
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- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बकानी कस्बे में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में, कस्बे के खाटू श्याम मंदिर पर एक विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस भजन संध्या का मुख्य उद्देश्य बाबा श्याम के मंदिर के एक वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाना था। कार्यक्रम के दौरान, गायक कपिल राठौर और हर्षिता सुमन ने एक से बढ़कर एक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिस पर बाबा के भक्त झूम उठे। भक्तों ने बाबा के दर्शन कर भजन संध्या का खूब आनंद लिया।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित गोलाना गांव में शुक्रवार को प्लॉट के एक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जहाँ एक भतीजे ने अपने चाचा नेमीचंद रेगर (पुत्र किशनलाल) पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल नेमीचंद को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक नेमीचंद के पिता किशनलाल ने अपने ही पोते पर हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि प्लॉट को लेकर परिवार में काफी दिनों से विवाद और कहासुनी चल रही थी। इस मामले को परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने कई बार समझाने और शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ और आखिरकार एक हिंसक घटना में बदल गया। नेमीचंद अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, और उनके पीछे उनकी पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार, उनका एक बेटा पैरालाइज्ड है, जबकि एक बेटी न बोल सकती है और न ही सुन सकती है। इस दुखद घटना से परिवार का सहारा छिन गया है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। जमीन के इस विवाद ने रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया है। फिलहाल, खानपुर थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।1
- झालावाड़ में हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुस्लिम समुदाय द्वारा मातमी त्यौहार मुहर्रम मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय झालावाड़ और झालरापाटन शहर में दर्जनों की संख्या में ताजिए निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। त्योहार के दौरान पूरे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए। शहर के विभिन्न इलाकों से निकले ये ताजिए बड़ा बाजार स्थित सीमेंट रोड पर पहुंचे, जहाँ मातमी धुन पर लोगों ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने ताजियों के नीचे से गुजरकर मन्नतें मांगी और अपनी अकीदत के फूल पेश किए। दोपहर बाद, कड़ी सुरक्षा के बीच, सभी ताजिए कतारबद्ध होकर कर्बला के लिए रवाना किए गए, जहाँ देर रात उन्हें ठंडा किया जाएगा। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुहर्रम के दौरान डीएसपी और एसएचओ सहित लगभग 300 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था। पूरे मार्ग की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही थी, और नदी किनारे एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई थी। इसके अतिरिक्त, हर एक ताजिए के साथ एक पुलिस जवान को लगाया गया था। किसी भी विद्युत-संबंधी हादसे से बचाव के लिए पूरे मार्ग की विद्युत आपूर्ति भी बंद करवा दी गई थी।4
- झालावाड़ जिले में एक नाली का निर्माण कई सालों से नहीं हो पाया है, जिसके कारण आम लोगों को निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर सरपंच को कई बार अवगत कराया है, लेकिन नाली बनवाने के संबंध में अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के नूराबाद थाना क्षेत्र से एक कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोप लगाया गया है कि अपनी लापता बेटी की शिकायत लेकर थाने पहुंची एक महिला के साथ पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से मारपीट की है। यह घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी हेड कांस्टेबल विक्रम राठौर को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- एक कार ने दूसरी कार को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप दो महिलाएं घायल हो गईं। इन घायल महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- सूमेर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को इस अप्रत्याशित बरसात से भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। ठंडी हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने पूरे मौसम को सुहावना बना दिया, जिससे आमजन और पशु-पक्षियों दोनों को सुकून मिला। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसानों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू होने की उम्मीद जगी है, और वे अब खेतों की तैयारी में जुट सकते हैं। इस बारिश को कृषि कार्यों के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत माना जा रहा है, जिसने किसानों के मन में नई आशा का संचार किया है। क्षेत्र में लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश ने नई उम्मीद जगा दी है और किसान अब अच्छी फसल की कामना कर रहे हैं।3
- सुसनेर नगर के मुख्य प्रवेश द्वार, डाक बंगला चौराहे पर स्थित पहला डिवाइडर कई महीनों से बदहाली का शिकार है, जो अब यातायात के लिए एक बड़े खतरे के साथ-साथ गंदगी का केंद्र भी बन गया है। आस-पास के फल विक्रेता इसमें कचरा और सड़े-गले फल फेंक रहे हैं, जिससे बारिश का पानी जमा होकर कीड़े पनपने लगे हैं। इस स्थिति के कारण उठने वाली तीव्र दुर्गंध ने राहगीरों और वाहन चालकों के लिए वहाँ से गुजरना मुश्किल कर दिया है। एक ओर जहाँ नगर परिषद सुसनेर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं नगर के मुख्य चौराहे की यह बदहाली उन दावों की पोल खोलती है। इस गंभीर समस्या पर किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि या अधिकारी का ध्यान नहीं गया है। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले इसी चौराहे पर तिरंगा लगाने की योजना बनाई गई थी और इसके लिए सर्वे भी किया गया था, लेकिन धरातल पर सुधार होने के बजाय स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। अब यह देखना बाकी है कि इस समाचार के माध्यम से संज्ञान में आने के बाद जिम्मेदार प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा या फिर राहगीर इसी तरह परेशान होते रहेंगे।2