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भरतपुर जिले के अलीपुर गाँव में देर रात करीब 1:48 बजे अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। इस दौरान तेज हवाएं चलने लगीं, बिजली कड़की और ठंडी हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे इलाके में आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन गई।

5 hrs ago
user_ताजा न्यूज जॉन(भरतपुर)🙏🙏📢📷
ताजा न्यूज जॉन(भरतपुर)🙏🙏📢📷
Studying Centre भरतपुर, भरतपुर, राजस्थान•
5 hrs ago

भरतपुर जिले के अलीपुर गाँव में देर रात करीब 1:48 बजे अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। इस दौरान तेज हवाएं चलने लगीं, बिजली कड़की और ठंडी हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे इलाके में आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन गई।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • गोवा में HDFC Life द्वारा आयोजित 'League of the Legends' कार्यक्रम में क्रिकेट का शानदार जलवा देखने को मिला। इस इवेंट में युवराज सिंह की मौजूदगी ने शाम को और भी यादगार बना दिया।
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    गोवा में HDFC Life द्वारा आयोजित 'League of the Legends' कार्यक्रम में क्रिकेट का शानदार जलवा देखने को मिला। इस इवेंट में युवराज सिंह की मौजूदगी ने शाम को और भी यादगार बना दिया।
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • ग्राम कमई की समस्त विकास योजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं, ग्राम समाज भूमि, श्मशान घाट, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है कि ग्राम कमई एवं आसपास के क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता की सुविधा हेतु बस सेवा जैसी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास, धार्मिक पर्यटन और जनसुविधाओं के प्रति संवेदनशील है। किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि जहां एक ओर उच्च स्तर पर क्षेत्र के विकास हेतु प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक उदासीनता, निगरानी के अभाव एवं विकास कार्यों में शिथिलता के कारण जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि धार्मिक महत्व वाले इस क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं तथा सुगम वातावरण का अभाव झेलना पड़ रहा है। गांव में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और अभिलेखों में दर्शाई गई प्रगति के मध्य अंतर की निष्पक्ष जांच आवश्यक प्रतीत होती है। जब प्रदेश सरकार क्षेत्र के विकास हेतु संसाधन उपलब्ध करा रही है, तब स्थानीय स्तर पर उन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना भी उतना ही आवश्यक है। अन्यथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाता और शासन की मंशा प्रभावित होती है। अतः प्रार्थना है कि ग्राम कमई की समस्त विकास योजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं, ग्राम समाज भूमि, श्मशान घाट, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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    ग्राम कमई की समस्त विकास योजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं, ग्राम समाज भूमि, श्मशान घाट, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है कि ग्राम कमई एवं आसपास के क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता की सुविधा हेतु बस सेवा जैसी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास, धार्मिक पर्यटन और जनसुविधाओं के प्रति संवेदनशील है।
किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि जहां एक ओर उच्च स्तर पर क्षेत्र के विकास हेतु प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक उदासीनता, निगरानी के अभाव एवं विकास कार्यों में शिथिलता के कारण जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति यह है कि धार्मिक महत्व वाले इस क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं तथा सुगम वातावरण का अभाव झेलना पड़ रहा है। गांव में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और अभिलेखों में दर्शाई गई प्रगति के मध्य अंतर की निष्पक्ष जांच आवश्यक प्रतीत होती है।
जब प्रदेश सरकार क्षेत्र के विकास हेतु संसाधन उपलब्ध करा रही है, तब स्थानीय स्तर पर उन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना भी उतना ही आवश्यक है। अन्यथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाता और शासन की मंशा प्रभावित होती है।
अतः प्रार्थना है कि ग्राम कमई की समस्त विकास योजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं, ग्राम समाज भूमि, श्मशान घाट, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    user_Vishnu Jadon
    Vishnu Jadon
    Design engineer गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • राजस्थान के डीग स्थित साक्षी गोपाल मंदिर पर आयोजित ब्रज क्षेत्र की पवित्र 84 कोस परिक्रमा के दौरान, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव के नेतृत्व में एक विशाल भंडारे और सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य परिक्रमा में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सेवा और सुविधाएँ प्रदान करना था। यहाँ श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। भंडारे में विशेष रूप से शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियां, पूरी, दाल, राजमा, चावल, मिठाई, ठंडा पानी, छाछ, दही बड़ा और टिक्की सहित कई खाद्य सामग्री शामिल थीं। एडवोकेट स्वेता यादव ने इस अवसर पर बताया कि 84 कोस परिक्रमा ब्रज की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि की परिक्रमा करने आते हैं। उन्होंने इस सेवा कार्य को मानवता और धर्म दोनों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। शिविर में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया और उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, एडवोकेट स्वेता यादव ने स्वयं श्रद्धालुओं के पैरों में मेहंदी लगाकर उनकी सेवा की, जिसकी यात्रियों ने विशेष रूप से प्रशंसा की। इस पूरे आयोजन के दौरान, महिला कांग्रेस की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भी पूरे समर्पण भाव से श्रद्धालुओं की सेवा की। एडवोकेट स्वेता यादव ने 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के सिद्धांत पर जोर देते हुए समाज के सक्षम लोगों से धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया, जिससे समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना मजबूत हो सके। कई श्रद्धालुओं ने इस सेवा शिविर को परिक्रमा मार्ग पर अत्यंत उपयोगी बताते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंदिर के महंत मोही राम दास ने भी ज्ञानू ठाकुर, बाबा और उनके अनुयायियों द्वारा जल सेवा, भंडारा और दवाइयों के माध्यम से की जा रही अथक सेवा की जानकारी दी। एडवोकेट स्वेता यादव ने सभी श्रद्धालुओं के सुखद एवं मंगलमय परिक्रमा पूर्ण होने की कामना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही जनसेवा और धार्मिक सेवा के कार्य निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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    राजस्थान के डीग स्थित साक्षी गोपाल मंदिर पर आयोजित ब्रज क्षेत्र की पवित्र 84 कोस परिक्रमा के दौरान, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव के नेतृत्व में एक विशाल भंडारे और सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य परिक्रमा में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सेवा और सुविधाएँ प्रदान करना था। यहाँ श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। भंडारे में विशेष रूप से शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियां, पूरी, दाल, राजमा, चावल, मिठाई, ठंडा पानी, छाछ, दही बड़ा और टिक्की सहित कई खाद्य सामग्री शामिल थीं।

एडवोकेट स्वेता यादव ने इस अवसर पर बताया कि 84 कोस परिक्रमा ब्रज की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि की परिक्रमा करने आते हैं। उन्होंने इस सेवा कार्य को मानवता और धर्म दोनों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। शिविर में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया और उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, एडवोकेट स्वेता यादव ने स्वयं श्रद्धालुओं के पैरों में मेहंदी लगाकर उनकी सेवा की, जिसकी यात्रियों ने विशेष रूप से प्रशंसा की। इस पूरे आयोजन के दौरान, महिला कांग्रेस की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भी पूरे समर्पण भाव से श्रद्धालुओं की सेवा की।

एडवोकेट स्वेता यादव ने 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के सिद्धांत पर जोर देते हुए समाज के सक्षम लोगों से धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया, जिससे समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना मजबूत हो सके। कई श्रद्धालुओं ने इस सेवा शिविर को परिक्रमा मार्ग पर अत्यंत उपयोगी बताते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंदिर के महंत मोही राम दास ने भी ज्ञानू ठाकुर, बाबा और उनके अनुयायियों द्वारा जल सेवा, भंडारा और दवाइयों के माध्यम से की जा रही अथक सेवा की जानकारी दी। एडवोकेट स्वेता यादव ने सभी श्रद्धालुओं के सुखद एवं मंगलमय परिक्रमा पूर्ण होने की कामना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही जनसेवा और धार्मिक सेवा के कार्य निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • मथुरा जिले के गोवर्धन थाना क्षेत्र के जमुनाबता गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं।
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    मथुरा जिले के गोवर्धन थाना क्षेत्र के जमुनाबता गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ग्राम समाज और अन्य सरकारी भूमियों पर लगातार अवैध कब्जे और अतिक्रमण किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामवासियों के सामूहिक अधिकारों और सार्वजनिक हितों को गंभीर क्षति पहुँच रही है। अत्यंत खेद का विषय है कि चारागाह, तालाब, खलिहान और बंजर जैसी सार्वजनिक संपत्ति होने के बावजूद, प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा इन पर मनमाने ढंग से कब्जा किया जा रहा है। राजस्व अभिलेखों में भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद, अनेक स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें प्रशासन और राजस्व विभाग के संज्ञान में हैं, लेकिन प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई का अभाव दिखाई देता है। इसका परिणाम यह है कि अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ रहे हैं और सार्वजनिक संपत्तियां धीरे-धीरे निजी उपयोग में परिवर्तित होती जा रही हैं। यह स्थापित सिद्धांत है कि सरकारी भूमि संपूर्ण जनता की संपत्ति है, और इसकी सुरक्षा एवं प्रबंधन राज्य तथा अधीनस्थ अधिकारियों का वैधानिक दायित्व है। नागरिकों की भूमिका केवल शिकायतकर्ता की है, जबकि जांच, सीमांकन, अतिक्रमण चिन्हांकन और बेदखली प्रशासन का कर्तव्य है। जनहित में यह मांग की गई है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र की समस्त सरकारी भूमि का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन किया जाए। प्रत्येक सरकारी भूमि जैसे तालाब, चारागाह और बंजर पर स्थायी सूचना बोर्ड लगाए जाएं, जिस पर गाटा संख्या, रकबा, भूमि की प्रकृति और स्पष्ट चेतावनी अंकित हो कि यह सरकारी भूमि है और इस पर अतिक्रमण दंडनीय अपराध है। साथ ही, राजस्व विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अवैध कब्जों वाली भूमियों पर तत्काल सीमांकन कराकर विधिसम्मत बेदखली की कार्रवाई हो, और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी भूमि का सार्वजनिक अभिलेख और नक्शा प्रदर्शित किया जाए ताकि आम जनता भी वास्तविक स्थिति से अवगत रह सके। इस विषय पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का विनम्र निवेदन किया गया है, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण हो सके और भविष्य में अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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    ग्राम समाज और अन्य सरकारी भूमियों पर लगातार अवैध कब्जे और अतिक्रमण किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामवासियों के सामूहिक अधिकारों और सार्वजनिक हितों को गंभीर क्षति पहुँच रही है। अत्यंत खेद का विषय है कि चारागाह, तालाब, खलिहान और बंजर जैसी सार्वजनिक संपत्ति होने के बावजूद, प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा इन पर मनमाने ढंग से कब्जा किया जा रहा है।

राजस्व अभिलेखों में भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद, अनेक स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें प्रशासन और राजस्व विभाग के संज्ञान में हैं, लेकिन प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई का अभाव दिखाई देता है। इसका परिणाम यह है कि अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ रहे हैं और सार्वजनिक संपत्तियां धीरे-धीरे निजी उपयोग में परिवर्तित होती जा रही हैं। यह स्थापित सिद्धांत है कि सरकारी भूमि संपूर्ण जनता की संपत्ति है, और इसकी सुरक्षा एवं प्रबंधन राज्य तथा अधीनस्थ अधिकारियों का वैधानिक दायित्व है। नागरिकों की भूमिका केवल शिकायतकर्ता की है, जबकि जांच, सीमांकन, अतिक्रमण चिन्हांकन और बेदखली प्रशासन का कर्तव्य है।

जनहित में यह मांग की गई है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र की समस्त सरकारी भूमि का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन किया जाए। प्रत्येक सरकारी भूमि जैसे तालाब, चारागाह और बंजर पर स्थायी सूचना बोर्ड लगाए जाएं, जिस पर गाटा संख्या, रकबा, भूमि की प्रकृति और स्पष्ट चेतावनी अंकित हो कि यह सरकारी भूमि है और इस पर अतिक्रमण दंडनीय अपराध है। साथ ही, राजस्व विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अवैध कब्जों वाली भूमियों पर तत्काल सीमांकन कराकर विधिसम्मत बेदखली की कार्रवाई हो, और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी भूमि का सार्वजनिक अभिलेख और नक्शा प्रदर्शित किया जाए ताकि आम जनता भी वास्तविक स्थिति से अवगत रह सके। इस विषय पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का विनम्र निवेदन किया गया है, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण हो सके और भविष्य में अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
    user_Vishnu Jadon
    Vishnu Jadon
    Design engineer गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • गोवर्धन थाना क्षेत्र में गिर्राज परिक्रमा के दौरान मानसी गंगा में स्नान करते समय एक युवक की गहरे पानी में चले जाने से डूबकर मौत हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से, नाव और गोताखोरों का उपयोग करते हुए, युवक का शव बड़ी मुश्किल से बरामद किया जा सका।
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    गोवर्धन थाना क्षेत्र में गिर्राज परिक्रमा के दौरान मानसी गंगा में स्नान करते समय एक युवक की गहरे पानी में चले जाने से डूबकर मौत हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से, नाव और गोताखोरों का उपयोग करते हुए, युवक का शव बड़ी मुश्किल से बरामद किया जा सका।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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