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खाकी का कहर: थाने में युवक पर बर्बर पिटाई, इंसानियत शर्मसार!
Bp News Hanswar
खाकी का कहर: थाने में युवक पर बर्बर पिटाई, इंसानियत शर्मसार!
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- Post by Bp News Hanswar1
- उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अंबेडकर नगर जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने आज मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला नारी बंधन शक्ति अधिनियम को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता सबक सिखाने का काम करेगी और विपक्ष को अधिनियम को लेकर विरोध महंगा पड़ेगा ।1
- 📢 यूपी बोर्ड के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म! उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं का रिज़ल्ट 🗓️ 23 अप्रैल को ⏰ शाम 4 बजे जारी होगा 📊 करीब 52 लाख छात्र-छात्राएं देख सकेंगे अपना रिज़ल्ट 👉 तैयार रहें और अपना रोल नंबर साथ रखें! #UPBoardResult #UPMSP #BoardResult2026 #10thResult #12thResult #Shorts1
- *ठेकेदार-अफसर की साठ-गाँठ में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया नाला निर्माण का कार्य!!* नगर क्षेत्र जहांँगीरगंज में विकास और जन-सुविधाओं के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कमीशनखोरी के खेल में निर्माण कार्य विकासात्मक न होकर विनाशकारी बन गए हैं. नगर क्षेत्र जहांँगीरगंज के मोहल्ला फत्तेहपुर बीबीरामपुर में नाले का निर्माण जो जल निकासी और स्वच्छता के लिए होना चाहिए,ठेकेदार-अफसर की सांँठगांठ के कारण घटिया सामाग्री गलत मानकों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है यह नाला निर्माण की समस्या अब केवल गंदे पानी की नहीं बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को बदहाल बनाने वाली एक गंभीर त्रासदी बन चुकी है. नगर क्षेत्र जहांँगीरगंज के वार्ड संख्या 13 मोहल्ला फत्तेहपुर बीबीरामपुर में लगभग दो माह पूर्व लाखों रुपए की व्यय में हरि मिस्त्री के घर से लेकर लालचंद गुप्ता के घर के सामने स्थित तालाब तक लंबी दूरी के नाला निर्माण का कार्य आबादी के बीचो-बीच प्रमुख मार्ग पर करके अधूरा छोड़ दिया गया.जो स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है.अब जिन लोगों के घरों के आगे मार्ग खुदाई के उपरांत नाला निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया उनके घरों से बाहर आवाजाही हादसे का सबब बना हुआ है.खुले नाले एवं उसके अगल-बगल जगह-जगह खुले गहरे गड्ढे और अधूरा काम लोगों के रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है.आक्रोश से भरे परेशान मोहल्ले के लोग जिम्मेदारों के खिलाफ नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर रहे हैं.लोगों का कहना है कि टेंडर में तय गुणवत्ता के विपरीत पीली एवं निम्न स्तर की ईंट एवं घटिया सामग्रियों के इस्तेमाल से किए गए अधूरा नाला निर्माण कार्य में जमकर कमीशन खोरी की गयी है.जिसके कारण नाले की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आकर खड़ी हो गयी है.अन्य लोगों के आरोप लगाने के दौरान ही युवक विनय कुमार द्वारा ईंटो को उठाकर हल्के हाथों से जब आपस में टकराया गया तो घटिया किस्म की ईंटें चकनाचूर हो गयी.इधर लालचंद गुप्ता की पत्नी ने बताया कि घर पर 30 अप्रैल को उनकी पुत्री की शादी है कामकाज के इस वक्त में बदहाल हुए इस रास्ते को दुरुस्त कराए जाने की शिकायतें जिम्मेदारों से कई बार की गयी लेकिन उनकी शिकायतें हर बार अनसुनी कर दी गयी.शादी की तिथि नजदीक आ गयी है जिसे लेकर वह और उनका पूरा परिवार हैरान परेशान है.✍️1
- अम्बेडकर नगर के राजेसुल्तानपुर थाने की पुलिस पर एक युवक को हिरासत में लेकर पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित युवक ने आरोपी सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के देवरिया बुजुर्ग निवासी अंकित तिवारी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने उन्हें एक झगड़े के मामले में हिरासत में लिया था। अंकित के अनुसार, उन्हें थाने ले जाकर एक कमरे में बंद कर रात भर बेल्ट से पीटा गया और पूरी रात थाने में ही बैठाए रखा गया। अंकित ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे पुलिस ने उनका धारा 151 के तहत चालान कर दिया। जब उन्हें डॉक्टरी जांच के लिए ले जाया गया, तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि उन्होंने किसी से शिकायत की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- Post by 24News उत्तर प्रदेश1
- “जमीन पर दौड़ रही मौत की लाइन: उमरापुर सरायवाल में बिजली व्यवस्था बनी खतरा” ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की लापरवाही पंचायत भवन पर ही खतरा अम्बेडकर नगर के विकास खंड बसखारी के ग्राम पंचायत उमरापुर सरायवाल में बिजली व्यवस्था पूरी तरह लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पंचायत भवन तक बिजली सप्लाई पहुंचाने के लिए न तो सही तरीके से खंभे लगाए गए और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। हालात यह हैं कि बिजली के तार जमीन पर ही दूर-दूर तक फैले हुए हैं। जानकारी के अनुसार, बिजली खंभे तक सप्लाई तो उपलब्ध है, लेकिन वहां से पंचायत भवन तक तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाने के बजाय जमीन पर ही बिछा दिया गया है। ये तार कई जगहों से कटे और जर्जर हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार वर्मा और ग्राम प्रधान की उदासीनता भी इस मामले में साफ तौर पर सामने आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया। यहां तक कि अस्थायी तौर पर लकड़ी का खंभा लगाकर तारों को ऊपर उठाने की भी कोशिश नहीं की गई। गांव में छोटे-छोटे बच्चे और जानवर खुलेआम इन तारों के आसपास घूमते रहते हैं, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान में लेकर सुरक्षित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।1
- खाकी पर बर्बरता का दाग: थाने में टूटी इंसानियत, युवक को पीट-पीटकर किया अधमरा! रिज़वान खान जिला ब्यूरो अंबेडकर नगर अंबेडकरनगर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पुलिस हिरासत में एक युवक के साथ बर्बर मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। मामला राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के देवरिया बाजार का है, जहां के निवासी 30 वर्षीय अंकित तिवारी को सोमवार को पुलिस ने कथित रूप से जबरन उठाया। बताया जा रहा है कि एकतरफा कार्रवाई करते हुए उसे शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। पीड़ित के अनुसार, थाने के अंदर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि वह चलने-फिरने लायक नहीं रहा। मंगलवार शाम जब उसे आलापुर के एसडीएम के सामने पेश किया गया, तो उसकी हालत देखकर कई सवाल खड़े हो गए। सूत्रों के मुताबिक, पेशी के दौरान ही पीड़ित ने पुलिस की मारपीट की पूरी कहानी अधिकारियों के सामने रखी। इसके बाद उसे तुरंत जहांगीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर मेडिकल कराया गया। इस मेडिकल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं—कुछ लोगों का कहना है कि यह सबूतों को दबाने की कोशिश हो सकती है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। राहुल उपाध्याय (जिला अध्यक्ष, सवर्ण आर्मी) ने इसे “खाकी की गुंडागर्दी” बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। बड़े सवाल क्या कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने लगे हैं? क्या थाने अब न्याय के बजाय अत्याचार के केंद्र बनते जा रहे हैं? क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या मामला दबा दिया जाएगा? जनता जवाब मांग रही है… इस घटना ने न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता की भी परीक्षा ले दी है। अब देखना यह है कि कार्रवाई होती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।1