पटना बांकीपुर उपचुनाव, मैं प्रशांत किशोर या बीजेपी बाकीपुर में 3-3 चुनावी सर्वे किसे जिता रहे.? पटना बांकीपुर उपचुनाव, मैं प्रशांत किशोर या बीजेपी बाकीपुर में 3-3 चुनावी सर्वे किसे जिता रहे.? * पटना बांकीपुर उपचुनाव में, सर्वे के अनुसार, किसकी जीत होगी, और किसकी हार, एग्जिट पोल.. * by: Tarun Kumar Singh Patna khaber.. *पटना बांकीपुर उपचुनाव2026: बाँकीपुर उपचुनाव एग्जिट पोल : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए हैं. ज्यादातर सर्वे एजेंसियों ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को बढ़त में दिखाया है. तीन अलग-अलग एग्जिट पोल में दावा किया गया है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपने मजबूत गढ़ बांकीपुर को बचाने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि यह सिर्फ अनुमान हैं. असली तस्वीर 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही साफ होगी. एग्जिट पोल में प्रशांत किशोर को बढ़त: गुरुवार शाम मतदान खत्म होने के बाद सामने आए अधिकतर एग्जिट पोल में बांकीपुर में मुख्य मुकाबला जन सुराज के प्रशांत किशोर और भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा के बीच माना गया है. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को सभी सर्वे में तीसरे स्थान पर रहने का अनुमान लगाया गया है. कई सर्वे में आरजेडी को बड़ा नुकसान होने की संभावना भी जताई गई है. जनमत पोल्स ने जताई बड़ी जीत की संभावना: पॉलिटिकल रिसर्च एजेंसी जनमत पोल्स ने गुरुवार देर शाम अपना एग्जिट पोल जारी किया. इस सर्वे में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत की संभावना जताई गई है. एजेंसी के मुताबिक जन सुराज पार्टी को 49 से 52 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 34 से 36 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. वहीं, आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को सिर्फ 9 से 10 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना बताई गई है. इसके अलावा 3 से 4 प्रतिशत वोट निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों के खाते में जा सकते हैं. अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो जन सुराज पार्टी बांकीपुर में बड़ी जीत दर्ज कर सकती है. डीवी रिसर्च ने भी प्रशांत किशोर को बताया आगे: डीवी रिसर्च के एग्जिट पोल में भी प्रशांत किशोर को बढ़त मिलती दिखाई गई है. इस सर्वे के अनुसार जन सुराज पार्टी को 43 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. वहीं भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 39 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है. यानी दोनों के बीच करीब 4 प्रतिशत वोट का अंतर रहने का अनुमान लगाया गया है. इस एग्जिट पोल में भी आरजेडी की रेखा गुप्ता तीसरे नंबर पर दिखाई गई हैं. उन्हें करीब 15 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. डीवी रिसर्च का दावा है कि उसने मतदान के बाद बांकीपुर में 1,580 मतदाताओं से बातचीत करके यह विश्लेषण तैयार किया है. पोल पंडित ने रिकॉर्ड जीत का किया दावा: रिसर्च एजेंसी पोल पंडित के एग्जिट पोल में भी प्रशांत किशोर को निर्णायक बढ़त मिलती दिखाई गई है. इस सर्वे में दावा किया गया है कि जन सुराज पार्टी को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल सकते हैं. वहीं भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 38 से 42 प्रतिशत के बीच वोट मिलने का अनुमान है. पोल पंडित के अनुसार आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को सिर्फ 5 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है. इस तरह इस सर्वे में भी आरजेडी को बड़ा नुकसान होने का दावा किया गया है. बांकीपुर सीट से 25 उम्मीदार थे मैदान में: बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ. इस सीट पर कुल 25 उम्मीदवार मैदान में थे. प्रमुख उम्मीदवारों में जन सुराज के प्रशांत किशोर, भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा और आरजेडी की रेखा गुप्ता शामिल हैं. मतदान के दौरान कुल 34 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई. यह पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत कम बताई जा रही है. अब सभी की नजर 3 अगस्त पर टिकी है. अब देखना यह है कि जीत का ऊंच किस कर करवट बैठता है. भाजपा का मजबूत गढ़ रही है बांकीपुर: बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं. करीब तीन दशक से यह सीट भाजपा के कब्जे में रही है. नितिन नवीन से पहले उनके पिता नवीन प्रसाद किशोर सिन्हा भी यहां से चार बार विधायक रहे थे. 2008 के परिसीमन से पहले इस सीट को पटना पश्चिम विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा अपना यह मजबूत गढ़ बचा पाएगी या फिर जन सुराज पार्टी नया इतिहास बनाएगी. 422 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान: गुरुवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुए मतदान में तमाम केंद्रों पर कम ही भीड़भाड़ देखी गई. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर, उनके बेटे और नवादा सांसद विवेक ठाकुर, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव मतदान करने वालों में शामिल रहे. निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्र शहरी इलाकों में बनाए गए थे. मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी. सोशल मीडिया से की गई मतदान की अपील: मतदान के दौरान भाजपा के कई बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से मतदान करने की अपील की. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी युवाओं और महिलाओं से विशेष रूप से मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए सभी को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए. भाजपा को विकास के नाम पर जीत का भरोसा: बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने सेंट पॉल्स स्कूल मतदान केंद्र पर अपनी पत्नी नीता केसर चौधरी के साथ वोट डाला. वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि जनता ऐसे जनप्रतिनिधि चाहती है जिनका लोगों से सीधा जुड़ाव हो. उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का बांकीपुर की जनता से गहरा रिश्ता रहा है. भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा भी स्थानीय कार्यकर्ता हैं. इसलिए लोगों का उनसे सीधा संपर्क है. सांसद रविशंकर प्रसाद ने परिवार के साथ किया मतदान: भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पटना विमेंस कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर अपने परिवार के साथ मतदान किया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस उपचुनाव में निर्णायक जीत दर्ज करेगी. उनके अनुसार, पिछले करीब 20 वर्षों से वह इसी क्षेत्र में मतदान कर रहे हैं. यहां के लोगों का भाजपा से पुराना जुड़ाव रहा है. उन्होंने कहा कि लोग विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाना चाहते हैं. प्रशासन ने किए थे कड़े सुरक्षा इंतजाम: जिला प्रशासन के अनुसार, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पटना जिलाधिकारी के अनुसार, आठ सुपर जोनल दंडाधिकारी, 16 जोनल दंडाधिकारी और 42 सेक्टर दंडाधिकारी तैनात किए गए थे. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए थे. अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के मोबाइल ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर संदिग्ध मतदाता पहचान पत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही, फर्जी पहचान पत्र मिलने पर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया था. मतदान के बीच प्रशांत किशोर ने लगाए गंभीर आरोप भाजपा की मदद करने के लिए पुलिस ने उनके कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. बुधवार शाम से रात तक जन सुराज के 16 से अधिक कार्यकर्ताओं को बिना कारण बताए अलग-अलग थानों में रखा गया. बाद में उन्हें दानापुर और फिर शाहपुर थाने ले जाया गया. चुनाव के दौरान उनके मतदान अभिकर्ताओं को भी परेशान किया गया है. – प्रशांत किशोर, संस्थापक, जन सुराज पार्टी मतदान केंद्र पर पुलिस अधिकारी से हुई बहस प्रशांत किशोर की पटना के गोलघर के पास एक मतदान केंद्र पर नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी से बहस भी हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके मतदान अभिकर्ताओं को हिरासत में लेकर चुनाव को प्रभावित कर रही है. हालांकि नगर पुलिस अधीक्षक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को मतदान का अधिकार है और किसी को भी मतदान करने से नहीं रोका जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आचार संहिता के दौरान समूह बनाकर खड़ा होना नियमों का उल्लंघन है. पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है. पुलिस ने बताया क्यों हुई हिरासत की कार्रवाई पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है. पुलिस के अनुसार निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 48 घंटे की मौन अवधि के दौरान कुछ गैर-स्थानीय प्रचारक विधानसभा क्षेत्र में मौजूद पाए गए थे. उनके चुनाव प्रचार में शामिल होने की आशंका के आधार पर एहतियातन कार्रवाई की गई. पुलिस ने यह भी साफ किया कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है. उनकी तरह से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि वे किस राजनीतिक दल से जुड़े थे. अपने आरोपों पर कायम हैं प्रशांत किशोर पुलिस के बयान के बाद भी प्रशांत किशोर अपने आरोपों पर कायम हैं. उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए गए करीब 10 कार्यकर्ता पटना जिले के ही रहने वाले हैं और उन्हें बाहरी बताना गलत है. उन्होंने बांकीपुर के मंदिरी नाला इलाके में अपने एक समर्थक के परिवार से भी मुलाकात की. परिवार का आरोप था कि पुलिस उनके परिजन को गुरुवार तड़के करीब दो बजे अपने साथ ले गई. ललन सिंह ने खारिज किए प्रशांत किशोर के आरोप बिहार में कानून का राज है. किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को बिना वजह हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं है. आरोप तथ्यों के आधार पर लगाए जाने चाहिए. – ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री रेखा गुप्ता ने भी ठोकी जीत की दावेदारी राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता ने भी अपनी जीत का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन चाहने वाली जनता उनके साथ है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पहचान पत्र लगाए मतदान केंद्र अभिकर्ता मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. रेखा गुप्ता ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए उन्हें सिर्फ सोशल मीडिया की उपज बताया है.
पटना बांकीपुर उपचुनाव, मैं प्रशांत किशोर या बीजेपी बाकीपुर में 3-3 चुनावी सर्वे किसे जिता रहे.? पटना बांकीपुर उपचुनाव, मैं प्रशांत किशोर या बीजेपी बाकीपुर में 3-3 चुनावी सर्वे किसे जिता रहे.? * पटना बांकीपुर उपचुनाव में, सर्वे के अनुसार, किसकी जीत होगी, और किसकी हार, एग्जिट पोल.. * by: Tarun Kumar Singh Patna khaber.. *पटना बांकीपुर उपचुनाव2026: बाँकीपुर उपचुनाव एग्जिट पोल : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए हैं. ज्यादातर सर्वे एजेंसियों ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को बढ़त में दिखाया है. तीन अलग-अलग एग्जिट पोल में दावा किया गया है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपने मजबूत गढ़ बांकीपुर को बचाने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि यह सिर्फ अनुमान हैं. असली तस्वीर 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही साफ होगी. एग्जिट पोल में प्रशांत किशोर को बढ़त: गुरुवार शाम मतदान खत्म होने के बाद सामने आए अधिकतर एग्जिट पोल में बांकीपुर में मुख्य मुकाबला जन सुराज के प्रशांत किशोर और भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा के बीच माना गया है. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को सभी सर्वे में तीसरे स्थान पर रहने का अनुमान लगाया गया है. कई सर्वे में आरजेडी को बड़ा नुकसान होने की संभावना भी जताई गई है. जनमत पोल्स ने जताई बड़ी जीत की संभावना: पॉलिटिकल रिसर्च एजेंसी जनमत पोल्स ने गुरुवार देर शाम अपना एग्जिट पोल जारी किया. इस सर्वे में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत की संभावना जताई गई है. एजेंसी के मुताबिक जन सुराज पार्टी को 49 से 52 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 34 से 36 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. वहीं, आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को सिर्फ 9 से 10 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना बताई गई है. इसके अलावा 3 से 4 प्रतिशत वोट निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों के खाते में जा सकते हैं. अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो जन सुराज पार्टी बांकीपुर में बड़ी जीत दर्ज कर सकती है. डीवी रिसर्च ने भी प्रशांत किशोर को बताया आगे: डीवी रिसर्च के एग्जिट पोल में भी प्रशांत किशोर को बढ़त मिलती दिखाई गई है. इस सर्वे के अनुसार जन सुराज पार्टी को 43 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. वहीं भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 39 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है. यानी दोनों के बीच करीब 4 प्रतिशत वोट का अंतर रहने का अनुमान लगाया गया है. इस एग्जिट पोल में भी आरजेडी की रेखा गुप्ता तीसरे नंबर पर दिखाई गई हैं. उन्हें करीब 15 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. डीवी रिसर्च का दावा है कि उसने मतदान के बाद बांकीपुर में 1,580 मतदाताओं से बातचीत करके यह विश्लेषण तैयार किया है. पोल पंडित ने रिकॉर्ड जीत का किया दावा: रिसर्च एजेंसी पोल पंडित के एग्जिट पोल में भी प्रशांत किशोर को निर्णायक बढ़त मिलती दिखाई गई है. इस सर्वे में दावा किया गया है कि जन सुराज पार्टी को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल सकते हैं. वहीं भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 38 से 42 प्रतिशत के बीच वोट मिलने का अनुमान है. पोल पंडित के अनुसार आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को सिर्फ 5 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है. इस तरह इस सर्वे में भी आरजेडी को बड़ा नुकसान होने का दावा किया गया है. बांकीपुर सीट से 25 उम्मीदार थे मैदान में: बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ. इस सीट पर कुल 25 उम्मीदवार मैदान में थे. प्रमुख उम्मीदवारों में जन सुराज के प्रशांत किशोर, भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा और आरजेडी की रेखा गुप्ता शामिल हैं. मतदान के दौरान कुल 34 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई. यह पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत कम बताई जा रही है. अब सभी की नजर 3 अगस्त पर टिकी है. अब देखना यह है कि जीत का ऊंच किस कर करवट बैठता है. भाजपा का मजबूत गढ़ रही है बांकीपुर: बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं. करीब तीन दशक से यह सीट भाजपा के कब्जे में रही है. नितिन नवीन से पहले उनके पिता नवीन प्रसाद किशोर सिन्हा भी यहां से चार बार विधायक रहे थे. 2008 के परिसीमन से पहले इस सीट को पटना पश्चिम विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा अपना यह मजबूत गढ़ बचा पाएगी या फिर जन सुराज पार्टी नया इतिहास बनाएगी. 422 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान: गुरुवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुए मतदान में तमाम केंद्रों पर कम ही भीड़भाड़ देखी गई. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर, उनके बेटे और नवादा सांसद विवेक ठाकुर, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव मतदान करने वालों में शामिल रहे. निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्र शहरी
इलाकों में बनाए गए थे. मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी. सोशल मीडिया से की गई मतदान की अपील: मतदान के दौरान भाजपा के कई बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से मतदान करने की अपील की. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी युवाओं और महिलाओं से विशेष रूप से मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए सभी को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए. भाजपा को विकास के नाम पर जीत का भरोसा: बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने सेंट पॉल्स स्कूल मतदान केंद्र पर अपनी पत्नी नीता केसर चौधरी के साथ वोट डाला. वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि जनता ऐसे जनप्रतिनिधि चाहती है जिनका लोगों से सीधा जुड़ाव हो. उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का बांकीपुर की जनता से गहरा रिश्ता रहा है. भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा भी स्थानीय कार्यकर्ता हैं. इसलिए लोगों का उनसे सीधा संपर्क है. सांसद रविशंकर प्रसाद ने परिवार के साथ किया मतदान: भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पटना विमेंस कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर अपने परिवार के साथ मतदान किया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस उपचुनाव में निर्णायक जीत दर्ज करेगी. उनके अनुसार, पिछले करीब 20 वर्षों से वह इसी क्षेत्र में मतदान कर रहे हैं. यहां के लोगों का भाजपा से पुराना जुड़ाव रहा है. उन्होंने कहा कि लोग विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाना चाहते हैं. प्रशासन ने किए थे कड़े सुरक्षा इंतजाम: जिला प्रशासन के अनुसार, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पटना जिलाधिकारी के अनुसार, आठ सुपर जोनल दंडाधिकारी, 16 जोनल दंडाधिकारी और 42 सेक्टर दंडाधिकारी तैनात किए गए थे. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए थे. अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के मोबाइल ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर संदिग्ध मतदाता पहचान पत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही, फर्जी पहचान पत्र मिलने पर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया था. मतदान के बीच प्रशांत किशोर ने लगाए गंभीर आरोप भाजपा की मदद करने के लिए पुलिस ने उनके कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. बुधवार शाम से रात तक जन सुराज के 16 से अधिक कार्यकर्ताओं को बिना कारण बताए अलग-अलग थानों में रखा गया. बाद में उन्हें दानापुर और फिर शाहपुर थाने ले जाया गया. चुनाव के दौरान उनके मतदान अभिकर्ताओं को भी परेशान किया गया है. – प्रशांत किशोर, संस्थापक, जन सुराज पार्टी मतदान केंद्र पर पुलिस अधिकारी से हुई बहस प्रशांत किशोर की पटना के गोलघर के पास एक मतदान केंद्र पर नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी से बहस भी हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके मतदान अभिकर्ताओं को हिरासत में लेकर चुनाव को प्रभावित कर रही है. हालांकि नगर पुलिस अधीक्षक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को मतदान का अधिकार है और किसी को भी मतदान करने से नहीं रोका जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आचार संहिता के दौरान समूह बनाकर खड़ा होना नियमों का उल्लंघन है. पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है. पुलिस ने बताया क्यों हुई हिरासत की कार्रवाई पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है. पुलिस के अनुसार निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 48 घंटे की मौन अवधि के दौरान कुछ गैर-स्थानीय प्रचारक विधानसभा क्षेत्र में मौजूद पाए गए थे. उनके चुनाव प्रचार में शामिल होने की आशंका के आधार पर एहतियातन कार्रवाई की गई. पुलिस ने यह भी साफ किया कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है. उनकी तरह से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि वे किस राजनीतिक दल से जुड़े थे. अपने आरोपों पर कायम हैं प्रशांत किशोर पुलिस के बयान के बाद भी प्रशांत किशोर अपने आरोपों पर कायम हैं. उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए गए करीब 10 कार्यकर्ता पटना जिले के ही रहने वाले हैं और उन्हें बाहरी बताना गलत है. उन्होंने बांकीपुर के मंदिरी नाला इलाके में अपने एक समर्थक के परिवार से भी मुलाकात की. परिवार का आरोप था कि पुलिस उनके परिजन को गुरुवार तड़के करीब दो बजे अपने साथ ले गई. ललन सिंह ने खारिज किए प्रशांत किशोर के आरोप बिहार में कानून का राज है. किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को बिना वजह हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं है. आरोप तथ्यों के आधार पर लगाए जाने चाहिए. – ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री रेखा गुप्ता ने भी ठोकी जीत की दावेदारी राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता ने भी अपनी जीत का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन चाहने वाली जनता उनके साथ है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पहचान पत्र लगाए मतदान केंद्र अभिकर्ता मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. रेखा गुप्ता ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए उन्हें सिर्फ सोशल मीडिया की उपज बताया है.
- आईजी जितेंद्र राणा ने किया फतुहा-2 एसडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का दिया निर्देश पटना/फतुहा.पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जितेंद्र राणा ने शुक्रवार को फतुहा-2 एसडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले ख़ुशरूपुर, दनियावां और शाहजहांपुर थाना क्षेत्रों के लंबित कांडों एवं विभिन्न मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित थानाध्यक्षों को सभी लंबित मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान आईजी ने फतुहा-2 के एसडीपीओ संजीव कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रभावी नेतृत्व और नियमित मॉनिटरिंग के कारण अनुमंडल के तीनों थाना क्षेत्रों में लंबित मामलों की संख्या काफी कम है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर मामलों की समीक्षा और निगरानी से पुलिस कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आई है, जो सराहनीय है. आईजी ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के निष्पादन, वारंट तामिला और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। उन्होंने आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने तथा पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने पर भी बल दिया. निरीक्षण के दौरान पटना ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुंदन कुमार, फतुहा-2 के एसडीपीओ संजीव कुमार, ख़ुशरूपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार, दनियावां थानाध्यक्ष खुशबू खातून, शाहजहांपुर थानाध्यक्ष बमबम कुमार तथा फतुहा थानाध्यक्ष श्रीमंत कुमार सिन्हा सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.4
- Sansad में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने एक छोटा नाटक पेश किया। Pappu Yadav पुजारी बने, Rahul Gandhi ने दानपात्र में चंदा डाला और अंत में पप्पू यादव दानपात्र लेकर भागते हुए नजर आए। संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला। सांसदों ने अपने विरोध को अनोखे अंदाज़ में पेश करते हुए एक छोटा नाट्य प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस प्रस्तुति में सांसद पप्पू यादव पुजारी की भूमिका में दिखाई दिए, जबकि राहुल गांधी श्रद्धालु बनकर दानपात्र में चंदा डालते नजर आए। नाटक आगे बढ़ा तो माहौल और भी दिलचस्प हो गया। अंत में पप्पू यादव दानपात्र उठाकर वहां से भागते हुए दिखाई दिए, जिसे विपक्ष ने सरकार पर व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे रचनात्मक विरोध बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे संसद की गरिमा के विपरीत मानकर आलोचना कर रहे हैं।1
- गयाजी जिला के चार्कंद प्रखंड के बारा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष निर्वाचित हुए ओम प्रकाश निराला अवनीश कुमार कि रिपोर्ट गया (चाकंद/बारा): बारा पैक्स अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष ओमप्रकाश निराला ने बारा पंचायत की जनता, किसानों एवं सभी मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि बारा पंचायत की जनता के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद की जीत है। मतगणना में ओमप्रकाश निराला को 348 मत प्राप्त हुए तथा उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 46 मतों से पराजित कर विजय हासिल की। विजय के बाद उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है, उस भरोसे पर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पैक्स किसानों की संस्था है और इसका उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। किसानों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने आगे कहा कि सहकारिता का वास्तविक अर्थ मिल-जुलकर और संगठित होकर कार्य करना है। इसी भावना के साथ पैक्स समिति, किसानों, जनप्रतिनिधियों और पंचायतवासियों के सहयोग से बारा पंचायत के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। पंचायत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ी जनसमस्याओं के समाधान के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। ओमप्रकाश निराला ने कहा कि वे बारा पंचायत की जनता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे और सभी वर्गों को साथ लेकर विकास, पारदर्शिता तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। अंत में उन्होंने सभी मतदाताओं, समर्थकों और पंचायतवासियों के प्रति पुनः आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि उनका कार्यकाल जनहित, किसान हित और सहकारिता की भावना को समर्पित रहेगा।1
- सांसद पप्पू यादव ने नए लुक में किया राम मंदिर चंदा चोरी का विरोध, भगवा ड्रेस पहनकर कहा- चंदा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में Mukhiyajee Reporter | Patna पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव आज नए रूप और अंदाज में देखने को मिले। संसद भवन के परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में वे शामिल हुए और अपने नए अंदाज में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। पप्पू यादव का यह नया रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पप्पू यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि चंदा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में... बहरहाल, पप्पू यादव के इस नए लुक से सियासी महकमे में हलचल मची हुई है।2
- D.B.R.AMBEDKAR BICHAR MANCH, कर्ता है, एक दूसरे को मदद, देखिए ASHOK SAMRAT के साथ,1
- आईजी जितेंद्र राणा का निरीक्षण दौरा, लंबित कांडों पर अधिकारियों की बढ़ी जिम्मेदारी पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने शुक्रवार को दनियावां स्थित फतुहा SDPO-2 कार्यालय का निरीक्षण किया। आगमन पर पुलिस लाइन से आई महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।1
- खुसरूपुर के बैकुंठधाम मंदिर में अब VIP कल्चर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। एसडीएम सत्यम सहाय पटना सिटी के ऐतिहासिक गौरीशंकर बैकुंठधाम मंदिर में अब VIP कल्चर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। एसडीएम सत्यम सहाय ने सभी VIP पास रद्द करते हुए साफ कहा है कि "भगवान के दरबार में सब एक समान हैं।" इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी सह गौरीशंकर बैकुंठधाम मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सत्यम सहाय ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी VIP पास रद्द करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि भगवान के दरबार में कोई VIP नहीं होता और सभी श्रद्धालु एक ही कतार में दर्शन करेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने रविवार और सोमवार को होने वाली रुद्राभिषेक पूजा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। मंदिर सचिव राजाराम सिंह ने बताया कि इससे आम श्रद्धालुओं को बिना बाधा और कम समय में दर्शन का अवसर मिलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल के साथ SDRF की भी तैनाती रहेगी। बैरिकेडिंग, पेयजल, मेडिकल सहायता और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। निरी्षण के दौरान बीडीओ पूजा कुमारी, थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह, मंदिर सचिव राजाराम सिंह, न्यास समिति के सदस्य राजेश कुमार, झूलन पासवान और नगर अध्यक्ष मिंटू कुमार भी मौजूद रहे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर के नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करें। गौरीशंकर बैकुंठधाम मंदिर में VIP संस्कृति खत्म करने का यह फैसला आम श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब सभी भक्त बिना किसी विशेष व्यवस्था के समान कतार में भगवान के दर्शन कर सकेंगे।1
- दनियावां SDPO-2 कार्यालय पहुंचे IG जितेंद्र राणा, लंबित कांडों की की समीक्षा। दनियावां SDPO-2 कार्यालय पहुंचे IG जितेंद्र राणा, लंबित कांडों की की समीक्षा। पटना जिले के दनियावां स्थित SDPO-2 कार्यालय में पटना क्षेत्र के आईजी जितेंद्र राणा निरीक्षण के लिए पहुंचे। आगमन पर पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय व्यवस्था और अभिलेखों का निरीक्षण किया। आईजी ने SDPO-2 कार्यालय के अधीन आने वाले खुसरूपुर, दनियावां और शाहजहांपुर थाना के लंबित कांडों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद आईजी जितेंद्र राणा कार्यालय से रवाना हो गए।1
- मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो। इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।1