झारखंड के बालूमाथ स्थित मुरपा पंचायत के ग्राम मुरपा में 12 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुए 'आवास प्लस' सर्वे और सत्यापन को लेकर माहौल गरमा गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभार्थियों के चयन पर गंभीर सवाल खड़े किए। ग्राम सभा में पंचायत के मुखिया अजय टाना भगत, उपमुखिया सत्येंद्र यादव, पंचायत सचिव महेश मुंडा, ग्राम प्रधान युगल किशोर सिंह और पूर्व मुखिया हेमलाल नायक सहित कई पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में कई ऐसे लोगों को लाभ दिया गया है जिन्हें पहले भी आवास का लाभ मिल चुका है, जबकि अनेक गरीब और पात्र परिवार इस योजना से वंचित हैं। ग्रामीणों ने लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि योजना का मूल उद्देश्य जरूरतमंद एवं बेघर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पंचायत स्तर पर सभी आवेदनों और लाभार्थियों की पुनः जांच कराने की मांग की, ताकि किसी भी अनियमितता का पता चल सके। इस मुद्दे पर ग्राम सभा में कई बार तीखी बहस हुई और कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति भी पैदा हो गई। हालांकि, उपस्थित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और शिकायतों को संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा तथा नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी। वहीं, ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पात्र परिवारों को न्याय नहीं मिला और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी प्रमुख मांग है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
झारखंड के बालूमाथ स्थित मुरपा पंचायत के ग्राम मुरपा में 12 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुए 'आवास प्लस' सर्वे और सत्यापन को लेकर माहौल गरमा गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभार्थियों के चयन पर गंभीर सवाल खड़े किए। ग्राम सभा में पंचायत के मुखिया अजय टाना भगत, उपमुखिया सत्येंद्र यादव, पंचायत सचिव महेश मुंडा, ग्राम प्रधान युगल किशोर सिंह और पूर्व मुखिया हेमलाल नायक सहित कई पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में कई ऐसे लोगों को लाभ दिया गया है जिन्हें पहले भी आवास का लाभ मिल चुका है, जबकि अनेक गरीब और पात्र परिवार इस योजना से वंचित हैं। ग्रामीणों ने लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि योजना का मूल उद्देश्य जरूरतमंद एवं बेघर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पंचायत स्तर पर सभी आवेदनों और लाभार्थियों की पुनः जांच कराने की मांग की, ताकि किसी भी अनियमितता का पता चल सके। इस मुद्दे पर ग्राम सभा में कई बार तीखी बहस हुई और कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति भी पैदा हो गई। हालांकि, उपस्थित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और शिकायतों को संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा तथा नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी। वहीं, ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पात्र परिवारों को न्याय नहीं मिला और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी प्रमुख मांग है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
- Pappu kumar YadavBalumath, Lateharमुरपा में जिसका पीएम आवास है उन्ही को मिलता है4 days ago
- सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में लोग कानून और मर्यादा की सीमाएं भूलते जा रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला बालूमाथ थाना परिसर से सामने आया है, जहाँ एक युवक ने थाने के अंदर भोजपुरी गानों पर रील बनाकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड की है। इन वीडियो में युवक खुद को प्रभावशाली और दबंग दिखाने की कोशिश कर रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर 'भौकाल' झाड़ने का प्रयास किया गया। यह हैरान करने वाली बात है कि एक संवेदनशील थाना परिसर को ही ‘रील स्टूडियो’ बना दिया गया और बिना अनुमति के वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इस तरह की हरकतों से यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या पुलिस परिसर में वीडियो बनाना कानून व्यवस्था का मज़ाक नहीं है और ऐसे ‘रीलबाजों’ पर कब कार्रवाई होगी? विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया की इस अंधी दौड़ में युवा भटक रहे हैं, और ऐसे मामलों में प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और कानून का सम्मान बनाए रखने की अपील की है, साथ ही यह संकेत भी दिए हैं कि ऐसे मामलों में कार्रवाई होने पर अन्य ‘रीलबाजों’ में भी हड़कंप मच सकता है। फिलहाल, सभी की नज़र इस बात पर टिकी है कि बालूमाथ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि रील का यह ‘भौकाल’ कानूनी शिकंजे में आएगा या यूँ ही चलता रहेगा, क्योंकि इस तरह की हरकतें न सिर्फ पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं, बल्कि समाज में भी गलत संदेश देती हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के एक गाँव में ग्रामीणों को पीने के लिए गंदा पानी मजबूरन इस्तेमाल करना पड़ रहा है। गाँव में स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है, क्योंकि यहाँ एक भी जल मीनार मौजूद नहीं है। यह स्थिति क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।1
- झारखंड के रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।1
- उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने जिले के निवासियों की जन समस्याओं को सुना। इन शिकायतों और मुद्दों के समाधान के लिए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष बिनोद भोक्ता ने इटखोरी से चतरा लौटते समय सड़क दुर्घटना में घायल एक अज्ञात व्यक्ति को समय पर उपचार दिलाने में सहायता की। देर शाम अपनी यात्रा के दौरान, भोक्ता ने एक व्यक्ति को सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोककर घायल व्यक्ति को उठाया और उसे बंगला पीतीज स्थित आलोक मेडिकल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद घायल को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने से उसे समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। समाचार लिखे जाने तक घायल व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई थी। सड़क दुर्घटनाओं में समय पर सहायता और उपचार को जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, और ऐसे मामलों में आम लोगों द्वारा की गई त्वरित मदद दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहत साबित हो सकती है।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराने की मांग को लेकर उदयपुरा से डीसी ऑफिस तक चिलचिलाती धूप में पदयात्रा की। सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने लातेहार समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा, जिसमें टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से मुक्ति नहीं मिलने पर सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य कमिटि सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के फोटो व पार्टी का झंडा लिए हुए थे। उनके पोस्टरों पर 'शिलान्यास के 5 वर्ष के बाद भी टोरी-चंदवा का फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण शुरू कराने में असफल रहे माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री', '03 अप्रैल 2021 को टोरी ROB का शिलान्यास कर छोड़ दिया, पांच वर्ष हो गए लेकिन कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ' जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए, जो NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग के जाम से मुक्ति दिलाएगा। समाहरणालय पहुंचकर पदयात्रा एक सभा में तब्दील हो गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या पलामू प्रमंडल की आम जनता की समस्या है, जिसमें बीमार नागरिक, महिलाएं और पुरुष घंटों फंसे रहते हैं, और जाम में फंसकर ग्रामीण असमय अपनी जान गवां रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता को दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि जाम से निजात पाने के लिए किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। राज्य कमिटि सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने भी यही दोहराया कि अगर जाम से निजात नहीं दे सकते तो इच्छा मृत्यु दी जाए। किसानों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वे टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या से काफी पीड़ित और तंग आ चुके हैं, और यह समस्या 'ला-ईलाज' हो गई है। इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और एनएच विभाग को जनहित से जुड़े इस मामले में लापरवाह करार दिया गया। इस पदयात्रा और ज्ञापन सौंपने में राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य कमिटि सदस्य सह किसान नेता अयुब खान, जिला सचिव रसीद मियां के साथ पचु गंझु, बैजनाथ ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, शोभन उरांव, हनुक लकड़ा, माईकल हंश, अशोक गंझु, मानती देवी, लाली देवी, सरिता देवी कालो देवी, मंजू देवी, सुगीचा देवी, रीतु देवी, रुपन्ती कुमारी, मुक्तिला देवी, सुनिता देवी, रानो देवी, आशा देवी, मालती देवी, अजमेरून खातुन, कसिरन बीवी, आसकी देवी, विनोद उराँव, महेन्द्र गंझु, गुजरा गंडू, रविशंकर गंझु, कमल गंझु, राजू साव, परवेज खान, सजेबुल खान, तवरेज खान, एहसान खान, आरीफ खान, आदील खान, फिरदोस खान, लालु गंझु, बोने टोपनो, अमित भेंगरा, जिदन टोपनो, थोमस टोपनों, बने होरो, सुमन बरजो, अलताफ खान, नसीम खान, मुना गंझु, सुलेन्द्र गंझू समेत सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे।1
- लातेहार के उप विकास आयुक्त मोहम्मद सय्यद रियाज़ अहमद ने मंगलवार को बरवाडीह प्रखंड में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा रेशमा मिंज सहित आवास, मनरेगा, पेयजल, बाल विकास, जेएसएलपीएस (JSLPS) एवं अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। उप विकास आयुक्त ने सभी योजनाओं में तेजी लाने और आवास योजना से संबंधित ग्रामसभा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड मुख्यालय पंचायत में आवास योजना के जियो टैगिंग के नाम पर पंचायत सेवक विजय शंकर राम पर पैसे लेने के लगे आरोप को अत्यंत गंभीरता से लिया। इस आरोप पर संज्ञान लेते हुए, उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को तत्काल विजय शंकर राम से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। बैठक में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों को भी शीघ्र दुरुस्त कराने का निर्देश जारी किया गया। समीक्षा बैठक से पहले, उप विकास आयुक्त ने मंगरा स्थित एकलव्य विद्यालय का निरीक्षण कर प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने बेतला के अखरा में नवनिर्मित पुलिस पिकेट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान, सीओ लोकेश कुमार सिंह, बीपीओ दिलशाद आलम, सहायक अभियंता प्रभाकर मणि, पेयजल विभाग के जेई पीयूष रंजन और आवास समन्वयक शिव यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।1
- रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बैठक के दौरान थाना स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और जनता से संवाद स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि पुलिस और जनता के बीच संबंध और अधिक सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल से रिहा हुए अपराधियों सहित सभी संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही, निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) संबंधी प्रस्तावों में भी शीघ्रता लाने का आदेश दिया गया। अधिकारियों को चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और मोबाइल व बैग गुम होने से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। प्रत्येक थाना पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने चैन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थ (NDPS), चोरी, गृह भेदन और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त (Routine Patrolling) की सतत निगरानी और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया। रात्रिकालीन गश्ती और क्षेत्रीय भ्रमण को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए, ताकि रात में सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो (POCSO) मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में तेजी लाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ-साथ लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था का संरक्षण और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया।1
- रातु कमड़े में देर रात एक सड़क हादसा हो गया। यह घटना रात लगभग 9:15 बजे की बताई जा रही है, जिसमें एक स्कूटी सवार की जान चली गई।1