जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान, सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के कार्यकर्ताओं और Riddhima Sharma के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए गए, जिसने एक 'वायरल मोमेंट' का रूप ले लिया है। यह वीडियो लोगों के बीच विशेष रूप से ध्यान खींच रहा है, जहाँ CJP पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के रूप में आलोचनात्मक टिप्पणियाँ भी देखने को मिली हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मुख्य सवालों में NEET परीक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दे शामिल थे, जिसने इस बहस को और भी गरमा दिया। दर्शक इस वीडियो को देखकर अपनी राय साझा कर रहे हैं और यह घटना मौजूदा शिक्षा संबंधी चुनौतियों तथा छात्र हितों को लेकर चल रही बहसों को दर्शाती है।
जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान, सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के कार्यकर्ताओं और Riddhima Sharma के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए गए, जिसने एक 'वायरल मोमेंट' का रूप ले लिया है। यह वीडियो लोगों के बीच विशेष रूप से ध्यान खींच रहा है, जहाँ CJP पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के रूप में आलोचनात्मक टिप्पणियाँ भी देखने को मिली हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मुख्य सवालों में NEET परीक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दे शामिल थे, जिसने इस बहस को और भी गरमा दिया। दर्शक इस वीडियो को देखकर अपनी राय साझा कर रहे हैं और यह घटना मौजूदा शिक्षा संबंधी चुनौतियों तथा छात्र हितों को लेकर चल रही बहसों को दर्शाती है।
- जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान, सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के कार्यकर्ताओं और Riddhima Sharma के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए गए, जिसने एक 'वायरल मोमेंट' का रूप ले लिया है। यह वीडियो लोगों के बीच विशेष रूप से ध्यान खींच रहा है, जहाँ CJP पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के रूप में आलोचनात्मक टिप्पणियाँ भी देखने को मिली हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मुख्य सवालों में NEET परीक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दे शामिल थे, जिसने इस बहस को और भी गरमा दिया। दर्शक इस वीडियो को देखकर अपनी राय साझा कर रहे हैं और यह घटना मौजूदा शिक्षा संबंधी चुनौतियों तथा छात्र हितों को लेकर चल रही बहसों को दर्शाती है।1
- मुरादाबाद जनपद के मुंढापांडे थाना क्षेत्र के गोविंद खुर्द गांव में चावल गिरने को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने एक युवक समद अली को सरिया की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। इस मारपीट में समद अली के सिर में गंभीर चोट आई है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, जिसका फिलहाल मुरादाबाद के जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बताया गया है कि गोविंद खुर्द गांव निवासी निजाम के पिता का बीते दिन इंतकाल हो गया था, जिसके बाद दफन क्रिया पूरी होने पर मेहमानों को खाना खिलाया जा रहा था। इसी दौरान, दबंगों के घर के गेट पर चावल गिर गए। दबंगों ने पीड़ित निजाम और समद अली से गिरे हुए चावलों को तुरंत साफ करने को कहा। जब चावल साफ नहीं हुए, तो दबंग घर में घुस आए और धारदार हथियार लेकर जमकर मारपीट करने लगे। इसी दौरान उन्होंने समद अली के सिर पर सरिया की रॉड से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। विवाद बढ़ता देख गांव के लोगों और पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घायल समद अली को पहले मुंढापांडे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर चोट को देखते हुए उसे मुरादाबाद के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित निजाम ने मारपीट करने वाले दबंगों के खिलाफ क्षेत्रीय पुलिस को तहरीर दी है और कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है।4
- मुरादाबाद में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने ढेला नदी के किनारे वृक्षारोपण किया।1
- कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया है। यह आयोजन उनके द्वारा गांव स्तर पर संपर्क साधने और जनसंवाद स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है।1
- 26वें संकीर्तन महोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य नगर भ्रमण महोत्सव को बहुत ही धूमधाम से मनाया गया।2
- मसवासी क्षेत्र में हरी मिर्च व्यापारियों की कथित मनमानी और किसानों के शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और किसानों ने 'संपूर्ण समाधान दिवस' में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यापारी किसानों से हरी मिर्च को बेहद कम दामों पर खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सुबह से मंडी में इंतजार करने के बावजूद उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। किसानों और युवा मोर्चा ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। इस दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। 'संपूर्ण समाधान दिवस' में उपस्थित अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- एक व्यक्ति की 'जबरदस्त' रिपोर्टिंग की भरपूर सराहना की गई है, जिसमें कहा गया है कि 'दम तो है बंदे में' और ऐसी लाजवाब रिपोर्टिंग 'बहुत मुश्किल से देखने को मिलती है'।1
- उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिक अत्यधिक जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण (मजाक भरा) कार्यों को बहुत कम दिहाड़ी पर करते हैं। जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों को ठेकेदारों द्वारा प्रतिदिन केवल ₹600 का भुगतान किया जाता है, जबकि वे बेहद ख़तरनाक काम पूरा करते हैं। ऐसे लोगों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया है जो इतनी मामूली दिहाड़ी के लिए भी अपनी जान जोखिम में डालकर अपना काम करते हैं; उनके इस समर्पण और कठिन परिश्रम को 'अच्छी बात' बताया गया है।1