हापुड़ जनपद के चर्चित गिरधारी नगर डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात का मुख्य सूत्रधार उत्तर प्रदेश पुलिस का एक निलंबित सिपाही विक्की गौतम निकला, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक उद्योगपति के घर डकैती की योजना बनाई थी। पुलिस जांच के अनुसार, विक्की गौतम मूल रूप से अमरोहा जिले का निवासी है, जो वर्ष 2024 में सीतापुर में तैनात था लेकिन लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित था। वर्ष 2025 में पुरानी करेंसी से जुड़े एक मामले में मुरादाबाद में गिरफ्तार होकर वह जेल गया था। जेल में ही उसकी मुलाकात कुछ अपराधियों से हुई, जिनके साथ मिलकर उसने डकैती की पूरी साजिश रची। जांच में यह भी सामने आया है कि उद्योगपति के घर में काम कर रहे एक राजमिस्त्री के बेटे ने मकान की अंदरूनी और महत्वपूर्ण जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी। इसी विशिष्ट सूचना के आधार पर बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। थाना हापुड़ देहात पुलिस और एसओजी टीम आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान संदिग्ध बदमाशों से सामना हुआ, जिन्होंने पुलिस टीम पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रोहित और साहिबे आलम के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों घायल आरोपियों समेत कुल पांच बदमाशों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में गुड्डू और टिंकू भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लगभग 24 लाख रुपये की नकदी, विभिन्न जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि सभी आरोपियों का पिछला आपराधिक इतिहास रहा है और उनसे विस्तृत पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने गिरधारी नगर डकैती की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करने का दावा किया है, जबकि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
हापुड़ जनपद के चर्चित गिरधारी नगर डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात का मुख्य सूत्रधार उत्तर प्रदेश पुलिस का एक निलंबित सिपाही विक्की गौतम निकला, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक उद्योगपति के घर डकैती की योजना बनाई थी। पुलिस जांच के अनुसार, विक्की गौतम मूल रूप से अमरोहा जिले का निवासी है, जो वर्ष 2024 में सीतापुर में तैनात था लेकिन लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित था। वर्ष 2025 में पुरानी करेंसी से जुड़े एक मामले
में मुरादाबाद में गिरफ्तार होकर वह जेल गया था। जेल में ही उसकी मुलाकात कुछ अपराधियों से हुई, जिनके साथ मिलकर उसने डकैती की पूरी साजिश रची। जांच में यह भी सामने आया है कि उद्योगपति के घर में काम कर रहे एक राजमिस्त्री के बेटे ने मकान की अंदरूनी और महत्वपूर्ण जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी। इसी विशिष्ट सूचना के आधार पर बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। थाना हापुड़ देहात पुलिस और एसओजी टीम आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। पुलिस के
मुताबिक, चेकिंग के दौरान संदिग्ध बदमाशों से सामना हुआ, जिन्होंने पुलिस टीम पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रोहित और साहिबे आलम के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों घायल आरोपियों समेत कुल पांच बदमाशों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में गुड्डू और टिंकू भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लगभग 24 लाख रुपये की नकदी, विभिन्न जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि सभी आरोपियों का पिछला आपराधिक इतिहास रहा है और उनसे विस्तृत पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने गिरधारी नगर डकैती की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करने का दावा किया है, जबकि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
- हापुड़ जनपद के चर्चित गिरधारी नगर डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात का मुख्य सूत्रधार उत्तर प्रदेश पुलिस का एक निलंबित सिपाही विक्की गौतम निकला, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक उद्योगपति के घर डकैती की योजना बनाई थी। पुलिस जांच के अनुसार, विक्की गौतम मूल रूप से अमरोहा जिले का निवासी है, जो वर्ष 2024 में सीतापुर में तैनात था लेकिन लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित था। वर्ष 2025 में पुरानी करेंसी से जुड़े एक मामले में मुरादाबाद में गिरफ्तार होकर वह जेल गया था। जेल में ही उसकी मुलाकात कुछ अपराधियों से हुई, जिनके साथ मिलकर उसने डकैती की पूरी साजिश रची। जांच में यह भी सामने आया है कि उद्योगपति के घर में काम कर रहे एक राजमिस्त्री के बेटे ने मकान की अंदरूनी और महत्वपूर्ण जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी। इसी विशिष्ट सूचना के आधार पर बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। थाना हापुड़ देहात पुलिस और एसओजी टीम आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान संदिग्ध बदमाशों से सामना हुआ, जिन्होंने पुलिस टीम पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रोहित और साहिबे आलम के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों घायल आरोपियों समेत कुल पांच बदमाशों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में गुड्डू और टिंकू भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लगभग 24 लाख रुपये की नकदी, विभिन्न जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि सभी आरोपियों का पिछला आपराधिक इतिहास रहा है और उनसे विस्तृत पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने गिरधारी नगर डकैती की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करने का दावा किया है, जबकि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।4
- गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना पुलिस टीम ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज़ तैयार करके दूसरों की संपत्ति बेचने के आरोप में दस अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के कब्ज़े से एक फर्जी आधार कार्ड, दो फर्जी पैन कार्ड, दो बैंक पासबुक, एक फर्जी वोटर आईडी कार्ड, चार बैंक चेक बुक, एक फर्जी किसान बही और छह पासपोर्ट साइज़ फोटो बरामद किए गए हैं।1
- एक घटना सामने आई है जहाँ एक युवती ने कैब की सवारी पूरी होने के बाद भी गाड़ी से उतरने के बजाय मेकअप करना जारी रखा। बताया जा रहा है कि जब कैब ड्राइवर ने उससे गाड़ी से उतरने को कहा, तो युवती ने ड्राइवर से ही बहस करना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- राजधानी लखनऊ से 4 तारीख को संदिग्ध परिस्थितियों में एक विवाहिता लापता हो गई है, जिसका 4 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह घटना लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके की है, जहाँ महिला की शादी डेढ़ माह पूर्व ही हुई थी। लापता होने से एक दिन पहले पीड़िता ने अपनी बहन को फोन पर बताया था कि उसका पति उसे प्रताड़ित कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही पीड़िता को दहेज़ की अतिरिक्त मांग को लेकर परेशान किया जा रहा था। इस आधार पर, लड़की के परिवार वालों ने पति सहित ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, थाना पारा पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है और न ही अभी तक कोई मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है और वे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। पीड़िता की मां ने गुहार लगाई है और पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पुलिस अधिकारियों से न्याय की अपील की है।2
- गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित बेगमाबाद मस्जिद के ध्वस्तीकरण मामले में जिलाधिकारी का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिलाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानून सम्मत और प्रशासनिक नियमों के तहत की गई है। उन्होंने जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, तथा प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है।1
- हापुड़ जनपद में चर्चित टिंबर व्यापारी लूटकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। थाना हापुड़ देहात पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार, रविवार रात क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान बाइक सवार संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रोहित और शाह आलम के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से कुल पांच आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 24 लाख रुपये नकद, चार अवैध तमंचे, सोने-चांदी के आभूषण और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूटकांड का मास्टरमाइंड रोहित, जो घायल हुए बदमाशों में से एक है, टिंबर व्यापारी नरेंद्र अग्रवाल के यहां काम करने वाले राजमिस्त्री का बेटा है। उसे घर और परिवार की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। यह लूट 31 मई की रात करीब 11:45 बजे हुई थी, जब चार बदमाश व्यापारी नरेंद्र अग्रवाल के घर में घुस गए थे। उन्होंने व्यापारी के पोते सिद्धांत के पीछे-पीछे घर में प्रवेश किया और चौकीदार श्याम सुंदर को भी बंधक बना लिया था। इसके बाद बदमाशों ने नरेंद्र अग्रवाल, उनकी पत्नी सुशीला, पोते सिद्धांत और चौकीदार को एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाश घर से करीब सवा किलो सोने के आभूषण, लाखों रुपये की नकदी और एक मोटरसाइकिल लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद बदमाशों के भागने का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।4
- हरदोई के संडीला क्षेत्र के आलमपुर खखरा गाँव में एक परिवार पर कथित हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने उन पर हमला कर मारपीट की, जिसमें मां, बेटा और बेटी घायल हो गए। परिजनों के अनुसार, इस हमले में महिला के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि युवती के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पीड़ित पक्ष ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस का कहना है कि वे घटना की जांच कर रहे हैं और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1