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*किसानों ने इंद्रावती नदी के एनीकेट में डाली मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात में जल प्रवाह बंद* *इंद्रावती नदी के एनीकेट में किसानों ने भरी मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात का पानी थमा* बस्तर क्षेत्र में इन दिनों इंद्रावती नदी को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आ रही है। एक ओर किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए नदी पर बने एनीकेटों में खुद मिट्टी और रेत से भरी बोरियां डालकर अस्थायी बांध बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का जल प्रवाह लगातार कम होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कुछ स्थानों पर जलप्रपात में पानी गिरना लगभग बंद होने की स्थिति तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इंद्रावती नदी पर बने कई एनीकेट लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण उनमें दरारें पड़ चुकी हैं और पानी लगातार बहकर निकल जाता है। इससे पानी का भंडारण नहीं हो पा रहा है, जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने बताया कि एनीकेटों की खराब हालत और प्रशासन की अनदेखी के कारण किसानों को मजबूरी में खुद ही मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों ने कई बार जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर एनीकेटों की मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, एनीकेट की टूटी संरचना के कारण पानी लगातार बहकर नदी में चला जाता था, जिससे खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता था। इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने खुद ही मिट्टी और रेत की बोरियों से एनीकेट को अस्थायी रूप से पाट दिया, ताकि पानी को रोका जा सके और खेतों के लिए पानी बचाया जा सके। हालांकि इस कदम का एक दूसरा असर भी सामने आया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कमी आने के कारण चित्रकोट जलप्रपात में गिरने वाले पानी की मात्रा भी कम हो गई है। इस बीच इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर किसानों के हित में काम करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। किसान आज भी सिंचाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई जगह ग्रामीणों को स्वयं चंदा इकट्ठा कर अस्थायी मरम्मत करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते एनीकेटों की मरम्मत कर दी जाती तो उन्हें इस तरह के कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित नहीं होता। इसी मुद्दे पर बस्तर जनपद सदस्य हेमराज बघेल ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी बस्तर की जीवनरेखा है और इसके एनीकेटों की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हेमराज बघेल ने कहा कि किसानों को अपनी मेहनत और पैसे से एनीकेट की मरम्मत करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि यदि समय पर मरम्मत होती तो न किसानों को परेशानी होती और न ही चित्रकोट जलप्रपात के जल प्रवाह पर असर पड़ता। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द एनीकेटों की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बस्तर जिले से ही राज्य के जल संसाधन मंत्री का निवास जुड़ा होने के बावजूद इंद्रावती नदी की ऐसी स्थिति होना चिंता का विषय है। क्षेत्र के किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि इंद्रावती नदी पर बने सभी जर्जर एनीकेटों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुधर सके और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी बना रहे। ग्रामीणों और किसानों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही एनीकेेटों की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले समय में खेती के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही पर्यटन पर निर्भर स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है। *किसानों ने इंद्रावती नदी के एनीकेट में डाली मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात में जल प्रवाह बंद* *इंद्रावती नदी के एनीकेट में किसानों ने भरी मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात का पानी थमा* बस्तर क्षेत्र में इन दिनों इंद्रावती नदी को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आ रही है। एक ओर किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए नदी पर बने एनीकेटों में खुद मिट्टी और रेत से भरी बोरियां डालकर अस्थायी बांध बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का जल प्रवाह लगातार कम होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कुछ स्थानों पर जलप्रपात में पानी गिरना लगभग बंद होने की स्थिति तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इंद्रावती नदी पर बने कई एनीकेट लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण उनमें दरारें पड़ चुकी हैं और पानी लगातार बहकर निकल जाता है। इससे पानी का भंडारण नहीं हो पा रहा है, जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने बताया कि एनीकेटों की खराब हालत और प्रशासन की अनदेखी के कारण किसानों को मजबूरी में खुद ही मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों ने कई बार जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर एनीकेटों की मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, एनीकेट की टूटी संरचना के कारण पानी लगातार बहकर नदी में चला जाता था, जिससे खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता था। इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने खुद ही मिट्टी और रेत की बोरियों से एनीकेट को अस्थायी रूप से पाट दिया, ताकि पानी को रोका जा सके और खेतों के लिए पानी बचाया जा सके। हालांकि इस कदम का एक दूसरा असर भी सामने आया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कमी आने के कारण चित्रकोट जलप्रपात में गिरने वाले पानी की मात्रा भी कम हो गई है। इस बीच इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर किसानों के हित में काम करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। किसान आज भी सिंचाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई जगह ग्रामीणों को स्वयं चंदा इकट्ठा कर अस्थायी मरम्मत करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते एनीकेटों की मरम्मत कर दी जाती तो उन्हें इस तरह के कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित नहीं होता। इसी मुद्दे पर बस्तर जनपद सदस्य हेमराज बघेल ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी बस्तर की जीवनरेखा है और इसके एनीकेटों की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हेमराज बघेल ने कहा कि किसानों को अपनी मेहनत और पैसे से एनीकेट की मरम्मत करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि यदि समय पर मरम्मत होती तो न किसानों को परेशानी होती और न ही चित्रकोट जलप्रपात के जल प्रवाह पर असर पड़ता। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द एनीकेटों की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बस्तर जिले से ही राज्य के जल संसाधन मंत्री का निवास जुड़ा होने के बावजूद इंद्रावती नदी की ऐसी स्थिति होना चिंता का विषय है। क्षेत्र के किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि इंद्रावती नदी पर बने सभी जर्जर एनीकेटों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुधर सके और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी बना रहे। ग्रामीणों और किसानों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही एनीकेेटों की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले समय में खेती के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही पर्यटन पर निर्भर स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है।

on 13 March
user_तुलसीराम ठाकुर
तुलसीराम ठाकुर
Farmer बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
on 13 March
9d3554a1-3be3-43a0-b2d1-40e0cfea6437

*किसानों ने इंद्रावती नदी के एनीकेट में डाली मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात में जल प्रवाह बंद* *इंद्रावती नदी के एनीकेट में किसानों ने भरी मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात का पानी थमा* बस्तर क्षेत्र में इन दिनों इंद्रावती नदी को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आ रही है। एक ओर किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए नदी पर बने एनीकेटों में खुद मिट्टी और रेत से भरी बोरियां डालकर अस्थायी बांध बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का जल प्रवाह लगातार कम होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कुछ स्थानों पर जलप्रपात में पानी गिरना लगभग बंद होने की स्थिति तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इंद्रावती नदी पर बने कई एनीकेट लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण उनमें दरारें पड़ चुकी हैं और पानी लगातार बहकर निकल जाता है। इससे पानी का भंडारण नहीं हो पा रहा है, जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने बताया कि एनीकेटों की खराब हालत और प्रशासन की अनदेखी के कारण किसानों को मजबूरी में खुद ही मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों ने कई बार जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर एनीकेटों की मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, एनीकेट की टूटी संरचना के कारण पानी लगातार बहकर नदी में चला जाता था, जिससे खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता था। इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने खुद ही मिट्टी और रेत की बोरियों से एनीकेट को अस्थायी रूप से पाट दिया, ताकि पानी को रोका जा सके और खेतों के लिए पानी बचाया जा सके। हालांकि इस कदम का एक दूसरा असर भी सामने आया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कमी आने के कारण चित्रकोट जलप्रपात में गिरने वाले पानी की मात्रा भी कम हो गई है। इस बीच इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर किसानों के हित में काम करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। किसान आज भी सिंचाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई जगह ग्रामीणों को स्वयं चंदा इकट्ठा कर अस्थायी मरम्मत करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते एनीकेटों की मरम्मत कर दी जाती तो उन्हें इस तरह के कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित नहीं होता। इसी मुद्दे पर बस्तर जनपद सदस्य हेमराज बघेल ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी बस्तर की जीवनरेखा है और इसके एनीकेटों की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हेमराज बघेल ने कहा कि किसानों को अपनी मेहनत और पैसे से एनीकेट की मरम्मत करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि यदि समय पर मरम्मत होती तो न किसानों को परेशानी होती और न ही चित्रकोट जलप्रपात के जल प्रवाह पर असर पड़ता। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द एनीकेटों की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बस्तर जिले से ही राज्य के जल संसाधन मंत्री का निवास जुड़ा होने के बावजूद इंद्रावती नदी की ऐसी स्थिति होना चिंता का विषय है। क्षेत्र के किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि इंद्रावती नदी पर बने सभी जर्जर एनीकेटों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुधर सके और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी बना रहे। ग्रामीणों और किसानों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही एनीकेेटों की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले समय में खेती के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही पर्यटन पर निर्भर स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है। *किसानों

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ने इंद्रावती नदी के एनीकेट में डाली मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात में जल प्रवाह बंद* *इंद्रावती नदी के एनीकेट में किसानों ने भरी मिट्टी, चित्रकोट जलप्रपात का पानी थमा* बस्तर क्षेत्र में इन दिनों इंद्रावती नदी को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आ रही है। एक ओर किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए नदी पर बने एनीकेटों में खुद मिट्टी और रेत से भरी बोरियां डालकर अस्थायी बांध बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का जल प्रवाह लगातार कम होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कुछ स्थानों पर जलप्रपात में पानी गिरना लगभग बंद होने की स्थिति तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इंद्रावती नदी पर बने कई एनीकेट लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण उनमें दरारें पड़ चुकी हैं और पानी लगातार बहकर निकल जाता है। इससे पानी का भंडारण नहीं हो पा रहा है, जिसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने बताया कि एनीकेटों की खराब हालत और प्रशासन की अनदेखी के कारण किसानों को मजबूरी में खुद ही मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों ने कई बार जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर एनीकेटों की मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, एनीकेट की टूटी संरचना के कारण पानी लगातार बहकर नदी में चला जाता था, जिससे खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता था। इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने खुद ही मिट्टी और रेत की बोरियों से एनीकेट को अस्थायी रूप से पाट दिया, ताकि पानी को रोका जा सके और खेतों के लिए पानी बचाया जा सके। हालांकि इस कदम का एक दूसरा असर भी सामने आया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कमी आने के कारण चित्रकोट जलप्रपात में गिरने वाले पानी की मात्रा भी कम हो गई है। इस बीच इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर किसानों के हित में काम करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। किसान आज भी सिंचाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई जगह ग्रामीणों को स्वयं चंदा इकट्ठा कर अस्थायी मरम्मत करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते एनीकेटों की मरम्मत कर दी जाती तो उन्हें इस तरह के कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित नहीं होता। इसी मुद्दे पर बस्तर जनपद सदस्य हेमराज बघेल ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी बस्तर की जीवनरेखा है और इसके एनीकेटों की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हेमराज बघेल ने कहा कि किसानों को अपनी मेहनत और पैसे से एनीकेट की मरम्मत करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उनका कहना है कि यदि समय पर मरम्मत होती तो न किसानों को परेशानी होती और न ही चित्रकोट जलप्रपात के जल प्रवाह पर असर पड़ता। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द एनीकेटों की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बस्तर जिले से ही राज्य के जल संसाधन मंत्री का निवास जुड़ा होने के बावजूद इंद्रावती नदी की ऐसी स्थिति होना चिंता का विषय है। क्षेत्र के किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि इंद्रावती नदी पर बने सभी जर्जर एनीकेटों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुधर सके और नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी बना रहे। ग्रामीणों और किसानों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही एनीकेेटों की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले समय में खेती के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही पर्यटन पर निर्भर स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है।

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  • चालानगुड़ा व मैलबेड़ा में शादी एवं चैत्र मेला कार्यक्रम में शामिल हुए बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल जी क्षेत्र के चालानगुड़ा में आयोजित शादी समारोह शामिल होकर वर बधु को आशीर्वाद दिया एवं मैलबेड़ा में आयोजित चैत्र मेला कार्यक्रम में शामिल होकर विधि विधान से पुजारी के साथ पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख समृद्धि का कामना कर ग्रामीण जनो को सुभकामनाये दी। इस दौरान विधायक बघेल ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और गांव के लोगों के साथ बैठकर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उनके समक्ष रखा। विधायक बघेल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विधायक प्रतिनिधि गोपाल कश्यप, जीतेन्द्र तिवारी, तुलसीराम ठाकुर ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    चालानगुड़ा व मैलबेड़ा में शादी एवं चैत्र मेला कार्यक्रम में शामिल हुए बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल
बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल जी क्षेत्र के चालानगुड़ा में आयोजित शादी समारोह शामिल होकर वर बधु को आशीर्वाद दिया एवं मैलबेड़ा में आयोजित चैत्र मेला कार्यक्रम में शामिल होकर विधि विधान से पुजारी के साथ पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख समृद्धि का कामना कर ग्रामीण जनो को सुभकामनाये दी।
इस दौरान विधायक बघेल ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और गांव के लोगों के साथ बैठकर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
विधायक बघेल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में  बड़ी संख्या में विधायक प्रतिनिधि गोपाल कश्यप, जीतेन्द्र तिवारी, तुलसीराम ठाकुर ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_तुलसीराम ठाकुर
    तुलसीराम ठाकुर
    Farmer बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • जानकारी के अनुसार, रवि रेसिडेंसी के पास जम्पर ओपन होने की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य में जुटी हुई है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी
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    जानकारी के अनुसार, रवि रेसिडेंसी के पास जम्पर ओपन होने की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है।
विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य में जुटी हुई है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी
    user_SAMYAK NAHATA
    SAMYAK NAHATA
    Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • कोंडागांव गायत्री शक्ति पीठ कोंडागांव में उप जोन बैठक । शांतिकुंज,हरिद्वार से केंद्रीय प्रतिनिधि केंद्रीय छत्तीसगढ़ जोनल प्रभारी आदरणीय श्री सुकदेव निर्मलकर जी के उपस्थिति में बैठक संपन्न।
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    कोंडागांव गायत्री शक्ति पीठ कोंडागांव में उप जोन बैठक । शांतिकुंज,हरिद्वार से केंद्रीय प्रतिनिधि केंद्रीय छत्तीसगढ़ जोनल प्रभारी आदरणीय श्री सुकदेव निर्मलकर जी के उपस्थिति में बैठक संपन्न।
    user_ESHENDRA PATEL
    ESHENDRA PATEL
    पत्रकार कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • *✰सारे खेल हमरे किये, हमसे मिले सो निश्चय जीये✰* पूरी वीडियो अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel पर
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    *✰सारे खेल हमरे किये, हमसे मिले सो निश्चय जीये✰*
पूरी वीडियो अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel पर
    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • बलरामपुर। राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा द्वारा अग्नि सुरक्षा बचाव कार्य के दौरान शहीद हुए अग्निशमन अधिकारी एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कटारा ने जिलेवासियों से अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जवानों से अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति को रोकने तथा समय रहते बचाव के उपायों की जानकारी आमजनो तक पहुंचाने की बात कही। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों एवं अग्निशमन कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, जनसभाओं, हाट-बाजारों तथा आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में जाकर अग्नि सुरक्षा के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें। कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री कटारा ने पुराना बस स्टैंड (कलेक्टर बंगला के समीप) से अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं यातायात नियमों के पालन हेतु बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। रैली पुराना बस स्टैंड से प्रारंभ होकर संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संपन्न हुई। रैली में अग्निशमन विभाग, पुलिस बल एवं नगर सैनिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक श्री विमलेश कुमार देवांगन, अग्निशमन केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक श्री अखिलेश कुमार, फायरमेन श्री श्रवण कुमार लकड़ा, श्री सुनील एक्का, वाहन चालक सह ऑपरेटर श्री फ्रांसिस जेवियर, मेजर श्री संजय पटेल, श्री धर्मजीत नेताम सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारी एवं जवान उपस्थित रहे।
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    बलरामपुर। राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा द्वारा अग्नि सुरक्षा बचाव कार्य के दौरान शहीद हुए अग्निशमन अधिकारी एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री कटारा ने जिलेवासियों से अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जवानों से अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति को रोकने तथा समय रहते बचाव के उपायों की जानकारी आमजनो तक पहुंचाने की बात कही। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों एवं अग्निशमन कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, जनसभाओं, हाट-बाजारों तथा आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में जाकर अग्नि सुरक्षा के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री कटारा ने पुराना बस स्टैंड (कलेक्टर बंगला के समीप) से अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं यातायात नियमों के पालन हेतु बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई।  रैली पुराना बस स्टैंड से प्रारंभ होकर संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संपन्न हुई। रैली में अग्निशमन विभाग, पुलिस बल एवं नगर सैनिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक श्री विमलेश कुमार देवांगन, अग्निशमन केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक श्री अखिलेश कुमार, फायरमेन श्री श्रवण कुमार लकड़ा, श्री सुनील एक्का, वाहन चालक सह ऑपरेटर श्री फ्रांसिस जेवियर, मेजर श्री संजय पटेल, श्री धर्मजीत नेताम सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारी एवं जवान उपस्थित रहे।
    user_Puran Dewangan
    Puran Dewangan
    Rajpur, Balrampur•
    8 hrs ago
  • राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि जागरूकता हेतु निकाली गई रैली बलरामपुर, राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा द्वारा अग्नि सुरक्षा बचाव कार्य के दौरान शहीद हुए अग्निशमन अधिकारी एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कटारा ने जिलेवासियों से अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जवानों से अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति को रोकने तथा समय रहते बचाव के उपायों की जानकारी आमजनो तक पहुंचाने की बात कही। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों एवं अग्निशमन कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, जनसभाओं, हाट-बाजारों तथा आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में जाकर अग्नि सुरक्षा के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें। कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री कटारा ने पुराना बस स्टैंड (कलेक्टर बंगला के समीप) से अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं यातायात नियमों के पालन हेतु बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। रैली पुराना बस स्टैंड से प्रारंभ होकर संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संपन्न हुई। रैली में अग्निशमन विभाग, पुलिस बल एवं नगर सैनिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक श्री विमलेश कुमार देवांगन, अग्निशमन केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक श्री अखिलेश कुमार, फायरमेन श्री श्रवण कुमार लकड़ा, श्री सुनील एक्का, वाहन चालक सह ऑपरेटर श्री फ्रांसिस जेवियर, मेजर श्री संजय पटेल, श्री धर्मजीत नेताम सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारी एवं जवान उपस्थित रहे।
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    राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि जागरूकता हेतु निकाली गई  रैली
बलरामपुर, राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा द्वारा अग्नि सुरक्षा बचाव कार्य के दौरान शहीद हुए अग्निशमन अधिकारी एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री कटारा ने जिलेवासियों से अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जवानों से अग्नि दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति को रोकने तथा समय रहते बचाव के उपायों की जानकारी आमजनो तक पहुंचाने की बात कही। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों एवं अग्निशमन कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, जनसभाओं, हाट-बाजारों तथा आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में जाकर अग्नि सुरक्षा के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री कटारा ने पुराना बस स्टैंड (कलेक्टर बंगला के समीप) से अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं यातायात नियमों के पालन हेतु बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई।  रैली पुराना बस स्टैंड से प्रारंभ होकर संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संपन्न हुई। रैली में अग्निशमन विभाग, पुलिस बल एवं नगर सैनिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक श्री विमलेश कुमार देवांगन, अग्निशमन केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक श्री अखिलेश कुमार, फायरमेन श्री श्रवण कुमार लकड़ा, श्री सुनील एक्का, वाहन चालक सह ऑपरेटर श्री फ्रांसिस जेवियर, मेजर श्री संजय पटेल, श्री धर्मजीत नेताम सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारी एवं जवान उपस्थित रहे।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • डॉ.बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर मुस्लिम कुरैशी समाज द्वारा खीर एवं पानी का वितरण किया गया
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    डॉ.बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर मुस्लिम कुरैशी समाज द्वारा खीर एवं पानी का वितरण किया गया
    user_हक़ की आवाज़ छत्तीसगढ़
    हक़ की आवाज़ छत्तीसगढ़
    छत्तीसगढ़ का पहला युवा संचालित न्यूज़ पो Durg, Chhattisgarh•
    6 hrs ago
  • राजपुर/शंकरगढ़। लक्ष्य शिक्षण संस्थान, बचवार (शंकरगढ़) के प्रांगण में बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के निर्देशानुसार एवं शंकरगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल खान के मार्गदर्शन में भारतीय संविधान के निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने बाबासाहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का लिया गया संकल्प। समारोह का शुभारंभ लक्ष्य शिक्षण संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव द्वारा दीप प्रज्वलन और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय व समता मुलक समाज के प्रबल पक्षधर,विश्व रत्न,भारत रत्न,भारतीय संविधान निर्माता,ज्ञान का प्रतिक,प्रथम कानून मंत्री,गणतंत्र के महानायक,नारी मुक्तिदाता,महान अधिवक्ता,महान समाज सेवी,दूरदर्शी,शिक्षाविद,बोधिसत्व,युगपुरुष, राष्ट्र निर्माता,गरीब,शोषित,मजदूरों,पिछड़ो के मशीहा,अर्थशास्त्री,समाजशास्त्री, इतिहासकार,लेखक,संपादक, पत्रकार,शिक्षा के अग्रदूत,भारत भाग्य विधाता,11 भाषा,64 विषयों के ज्ञाता,32 डिग्रियां,संसार में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे, समानता,स्वतंत्रता, भाईचारे का प्रतिक डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी की 135 वीं जन्म दिवस के महापर्व की सभी देश वाशियों को बधाई व शुभकामनाये दी। उन्होंने कहा कि जय भीम,जय भारत,जय संविधान डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार माना था। लक्ष्य शिक्षण संस्थान बचवार शंकरगढ़ उनके बताए मार्ग पर चलते हुए ग्रामीण अंचल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन :- अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में संस्थान में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।जिसमे भाषण प्रतियोगिता अंबेडकर और आधुनिक भारत विषय पर विकास यादव ने ओजस्वी भाषण दिए। निबंध लेखन में संविधान और हमारे मौलिक अधिकार विषय पर अनुष्का संजना अर्चना ईशा मिरी ने अपनी लेखनी के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों को साझा किया।सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने भीम गीतों और लघु नाटकों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया।सामाजिक समरसता का संदेश कार्यक्रम के दौरान देवंदन पन्ना ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण के योगदान पर प्रकाश डाला। रतु पैकरा ने कहा कि 135वीं जयंती के इस पड़ाव पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक सशक्त और शिक्षित समाज का निर्माण करेंगे। इस अवसर पर सरिता यादव हिमांशु हिमाचल प्रियांशु सूर्यकांत रिफत प्रतिभा प्रांजल यादव देव नारायण सचिन नीरज रंजीत रोहित प्रीतम सेजल यादव कुनाल गुप्ता महक विनम मनीष प्रताप अमरदीप सोहन रोशन सतपाल दीपक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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    राजपुर/शंकरगढ़। लक्ष्य शिक्षण संस्थान, बचवार (शंकरगढ़) के प्रांगण में बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के निर्देशानुसार एवं शंकरगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल खान के मार्गदर्शन में भारतीय संविधान के निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने बाबासाहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का लिया गया संकल्प। समारोह का शुभारंभ लक्ष्य शिक्षण संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव द्वारा दीप प्रज्वलन और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय व समता मुलक समाज के प्रबल पक्षधर,विश्व रत्न,भारत रत्न,भारतीय संविधान निर्माता,ज्ञान का प्रतिक,प्रथम कानून मंत्री,गणतंत्र के महानायक,नारी मुक्तिदाता,महान अधिवक्ता,महान समाज सेवी,दूरदर्शी,शिक्षाविद,बोधिसत्व,युगपुरुष, राष्ट्र निर्माता,गरीब,शोषित,मजदूरों,पिछड़ो के मशीहा,अर्थशास्त्री,समाजशास्त्री, इतिहासकार,लेखक,संपादक, पत्रकार,शिक्षा के अग्रदूत,भारत भाग्य विधाता,11 भाषा,64 विषयों के ज्ञाता,32 डिग्रियां,संसार में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे, समानता,स्वतंत्रता, भाईचारे का प्रतिक डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी की 135 वीं जन्म दिवस के महापर्व की सभी देश वाशियों को बधाई व शुभकामनाये दी। उन्होंने कहा कि जय भीम,जय भारत,जय संविधान डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार माना था। लक्ष्य शिक्षण संस्थान बचवार शंकरगढ़ उनके बताए मार्ग पर चलते हुए ग्रामीण अंचल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन :- अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में संस्थान में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।जिसमे भाषण प्रतियोगिता अंबेडकर और आधुनिक भारत विषय पर विकास यादव ने ओजस्वी भाषण दिए। निबंध लेखन में संविधान और हमारे मौलिक अधिकार विषय पर अनुष्का संजना अर्चना ईशा मिरी ने अपनी लेखनी के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों को साझा किया।सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने भीम गीतों और लघु नाटकों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया।सामाजिक समरसता का संदेश कार्यक्रम के दौरान देवंदन पन्ना ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण के योगदान पर प्रकाश डाला। रतु पैकरा ने कहा कि 135वीं जयंती के इस पड़ाव पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक सशक्त और शिक्षित समाज का निर्माण करेंगे।
इस अवसर पर सरिता यादव हिमांशु हिमाचल प्रियांशु सूर्यकांत रिफत प्रतिभा प्रांजल यादव देव नारायण सचिन नीरज रंजीत रोहित प्रीतम सेजल यादव कुनाल गुप्ता महक विनम मनीष प्रताप अमरदीप सोहन रोशन सतपाल दीपक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
    user_Puran Dewangan
    Puran Dewangan
    Rajpur, Balrampur•
    8 hrs ago
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