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सवाई माधोपुर जिले के उपखंड मुख्यालय बामनवास के पट्टी खुर्द स्थित राजकीय विद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का तहसील स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आधारित था, जिसके तहत जिलेभर में विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी योगाभ्यासियों ने स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया।
Sudeep Kumar Gaur
सवाई माधोपुर जिले के उपखंड मुख्यालय बामनवास के पट्टी खुर्द स्थित राजकीय विद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का तहसील स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आधारित था, जिसके तहत जिलेभर में विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी योगाभ्यासियों ने स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया।
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- सवाई माधोपुर जिले के उपखंड मुख्यालय बामनवास के पट्टी खुर्द स्थित राजकीय विद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का तहसील स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आधारित था, जिसके तहत जिलेभर में विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी योगाभ्यासियों ने स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया।4
- टोंक सवाई माधोपुर से पूर्व सांसद प्रत्याशी श्री रामसाही जी छावड़ी गोतोड ने #पांचना_बांध से संबंधित सच्चाई का खुलासा किया है।1
- माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।1
- नगर परिषद लालसोट द्वारा 21 जून 2026 (रविवार) को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक ब्लॉक स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लाल क्लब स्टेडियम में सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चला, जिसमें लालसोट शहर के राजकीय अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर योग के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ लिया। इस आयोजन में हजारों की संख्या में युवा, बालक और बड़े-बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास करने से होने वाले लाभों के बारे में भी बताया गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, लालसोट के लाल क्लब स्टेडियम में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में 'योग से निरोग रहने' का संदेश देते हुए, बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर लालसोट विधायक भी मौजूद रहे और उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को नियमित रूप से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।2
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- केंद्र सरकार द्वारा प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को लेकर दौसा जिला पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आमजन को जागरूक किया है। जिला पुलिस दौसा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की संगठित धोखाधड़ी अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, जिस पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस अधिनियम को यूपीएससी, आरपीएससी, आरआरबी, एसएससी, एनटीए सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है। कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को नकल एवं पेपर लीक जैसे अपराधों से मुक्त कर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है। अधिनियम के तहत यदि कोई अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक का कारावास और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, पेपर लीक करने, प्रश्नपत्र बेचने, गिरोह बनाकर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने या अन्य संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। दौसा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज होने वाले सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, जिसका अर्थ है कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होगा और दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। दौसा पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभनों, फर्जी एजेंटों या पेपर लीक कराने का दावा करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें। आमजन से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है। “नकल मुक्त परीक्षा ही योग्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है” के संदेश के साथ, राजस्थान पुलिस ने आगामी परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का संकल्प दोहराया है, खासकर नीट परीक्षा को लेकर खाकी अलर्ट मोड पर है और नकल माफियाओं को सख्त चेतावनी दी गई है।2