बेजुबानों पर मंडराया मौत का साया, सुलग रहे पहाड़, दांव पर सैकड़ों हेक्टेयर वन संपदा आंतरी रेंज के जंगलों में बेकाबू हुई आग, हवाओं ने बढ़ाई तपिश, तमाशबीन बना विभाग संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले की आंतरी वन रेंज के अंतर्गत आने वाले भासोर, पुनाली और मांडव के पहाड़ी जंगलों में पिछले कुछ समय से भीषण आग ने तांडव मचा रखा है। सैकड़ों हेक्टेयर में फैली बेशकीमती वन संपदा धू-धू कर जल रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी क्षति पहुँच रही है, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का दौर अभी शुरू भी नहीं हुआ है, ऐसे में असमय भड़की इस आग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जानकारों का मानना है कि यह प्राकृतिक आग नहीं, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ असामाजिक तत्वों की सोची-समझती साजिश या लापरवाही का नतीजा है। वन्यजीवों के आशियाने पर संकट :- विदित रहे कि इन सघन जंगलों में पैंथर, नीलगाय, जंगली सूअर, सेही, भेड़िये और राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का वास है। वर्तमान में आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जो रात के अंधेरे में पहाड़ियों पर और भी भयानक और डरावनी प्रतीत होती हैं। तेज हवाओं के झोंके आग की लपटों में घी का काम कर रहे हैं, जिससे आग तेजी से नए इलाकों को अपनी चपेट में ले रही है। आग के कारण कई छोटे वन्यजीव और रेंगने वाले जीव काल के ग्रास बन चुके हैं, वहीं, बड़े जानवर जान बचाने के लिए रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। प्रशासनिक सख्ती की दरकार :- आग की भयावहता को देखते हुए क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को न केवल आग बुझाने के संसाधनों में तेजी लानी चाहिए, बल्कि उन असामाजिक तत्वों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए जो निजी स्वार्थ या शरारतवश जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं। यदि समय रहते इन पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो डूंगरपुर की यह हरी-भरी वन संपदा और वन्यजीव केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।
बेजुबानों पर मंडराया मौत का साया, सुलग रहे पहाड़, दांव पर सैकड़ों हेक्टेयर वन संपदा आंतरी रेंज के जंगलों में बेकाबू हुई आग, हवाओं ने बढ़ाई तपिश, तमाशबीन बना विभाग संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले की आंतरी वन रेंज के अंतर्गत आने वाले भासोर, पुनाली और मांडव के पहाड़ी जंगलों में पिछले कुछ समय से भीषण आग ने तांडव मचा रखा है। सैकड़ों हेक्टेयर में फैली बेशकीमती वन संपदा धू-धू कर जल रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी क्षति पहुँच रही है, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का दौर अभी शुरू भी नहीं हुआ है, ऐसे में असमय भड़की इस आग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जानकारों का मानना है कि यह प्राकृतिक आग नहीं, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ असामाजिक तत्वों की सोची-समझती साजिश या लापरवाही का नतीजा है। वन्यजीवों के आशियाने पर संकट :- विदित रहे कि इन सघन जंगलों में पैंथर, नीलगाय, जंगली सूअर, सेही, भेड़िये और राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का वास है। वर्तमान में आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जो रात के अंधेरे में पहाड़ियों पर और भी भयानक और डरावनी प्रतीत होती हैं। तेज हवाओं के झोंके आग की लपटों में घी का काम कर रहे हैं, जिससे आग तेजी से नए इलाकों को अपनी चपेट में ले रही है। आग के कारण कई छोटे वन्यजीव और रेंगने वाले जीव काल के ग्रास बन चुके हैं, वहीं, बड़े जानवर जान बचाने के लिए रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। प्रशासनिक सख्ती की दरकार :- आग की भयावहता को देखते हुए क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को न केवल आग बुझाने के संसाधनों में तेजी लानी चाहिए, बल्कि उन असामाजिक तत्वों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए जो निजी स्वार्थ या शरारतवश जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं। यदि समय रहते इन पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो डूंगरपुर की यह हरी-भरी वन संपदा और वन्यजीव केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। शहर के खेल प्रेमियों के लिए क्रिकेट का नया रोमांच शुरू होने जा रहा है। स्थानीय प्रेम होटल रिसॉर्ट में मुस्लिम चैंपियंस ट्रॉफी 2026 (सीजन-1) के लिए खिलाड़ियों की नीलामी प्रक्रिया का भव्य आयोजन किया गया। क्रिकेट के इस आगामी महाकुंभ को लेकर जिले के युवाओं और खेल जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आठ टीमों के बीच होगा खिताबी मुकाबला :- आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 08 टीमें मैदान में उतरेंगी। गुरुवार सुबह 10:00 बजे से शुरू हुए ऑक्शन में टीम मालिकों के बीच अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को शामिल करने की होड़ दिखाई दी। ऑक्शन के दौरान टीम प्रबंधन ने भविष्य की रणनीति और खेल के समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन तालमेल के साथ खिलाड़ियों का चयन किया। युवाओं को मंच देना मुख्य उद्देश्य :- आयोजकों ने बताया कि मुस्लिम चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन का मुख्य ध्येय समुदाय के प्रतिभाशाली युवाओं को एक प्रोफेशनल मंच प्रदान करना और उनमें खेल भावना को विकसित करना है। यह इस ट्रॉफी का पहला सीजन है, जिसके चलते डूंगरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में इसे लेकर काफी चर्चा और कौतूहल है। जल्द होगा तारीखों का ऐलान :- सफल ऑक्शन के बाद अब सभी टीमें मैदान पर पसीना बहाने को तैयार हैं। हालांकि, आयोजकों द्वारा टूर्नामेंट के मैचों की आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि जल्द ही खेल प्रेमियों को मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिलेगी। ऑक्शन के इस कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग और खेल प्रेमी मौजूद रहे।1
- Post by लालशंकर रोत1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का ताजा अपडेट । आज कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश से लगाए गए नवनियुक्त प्रभारी भारद्वाज ने आज मीटिंग ली। मीटिंग बहुत हगामें दार रही। राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी से वेवाक बातचीत करते हुए प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने गुटबाजी स्वीकार की और कहां की इसी कारण लोकसभा और विधानसभा में कांग्रेस हारी।1
- सीमलवाड़ा। रामेष्ट सुंदरकांड समिति किशनपुरा के तत्वावधान में कस्बे के निकट किशनपुरा में स्थित परेश पिता मणिलाल सुथार के निवास पर भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम विधिवत रूप से देवी-देवताओं के आह्वान एवं गणेश वंदना के साथ किया गया। आचार्य के सानिध्य में यजमान परिवार द्वारा सिद्धि प्राप्त हनुमान जी एवं राम दरबार की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके पश्चात सुंदरकांड पाठ का प्रारंभ हुआ। सुंदरकांड के दौरान समिति सदस्यों द्वारा मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। गेहरीलाल ने “मेरे मन में भी राम” एवं “कीर्तन की है रात बाबा” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, वहीं संदीप द्वारा “दुनिया में देव हजारों हैं” भजन गाकर माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। तबले पर गेहरीलाल ने संगत दी, वहीं सुंदरकांड की चौपाइयों का सुमधुर गान आश्विन पाठक की तर्ज पर मोहन सुथार, राजेन्द्र, सुनील एवं गौतम द्वारा किया गया, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में यजमान परिवार द्वारा भगवान की महाआरती की गई तथा उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन के सफल संचालन में समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, महिला-पुरुष एवं युवा श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरा वातावरण “जय श्री राम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।1
- 6 घंटे में मिला गुमशुदा मासूम, पुलिस ने निंबाहेड़ा से किया दस्तयाब डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गुम हुए 12 वर्षीय बालक को पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर खोजकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बालक के सकुशल मिलने से परिजनों सहित पूरे मोहल्ले में राहत की सांस ली गई और खुशी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को रूद्र प्रयाग सोसायटी निवासी कल्पेश पुत्र जयशंकर शर्मा का 12 वर्षीय बेटा अचानक लापता हो गया। सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस हरकत में आई और मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर को दी गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल टीम का गठन कर बालक की तलाश शुरू की गई। थानाधिकारी पारसमल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें बालक के टेंपो में बैठकर रोडवेज बस स्टैंड की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए राजस्थान के रोडवेज और टेंपो चालकों के व्हाट्सएप ग्रुप में बालक की सूचना वायरल करवाई। इस प्रयास का असर तब दिखा जब सूचना मिली कि बालक बांसवाड़ा से जयपुर जाने वाली रोडवेज बस में सवार है। पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा पहुंचकर बालक को सकुशल दस्तयाब कर सागवाड़ा लाया गया। बालक के मिलने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कॉलोनीवासियों ने भी राहत की सांस ली और पुलिस टीम की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। इस पूरी कार्रवाई से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।1
- गनोड़ा तहसीलदार एवं मोटा गांव थानाधिकारी को साधु संतों ने दिया ज्ञापन, कार्रवाई की मांग उठाई गनोड़ा। शराब के अड्डों को बंद करवाने डीजे को बंद करवाने तथा अवैध बूचड़खानों एवं धर्मांतरण रोकने को लेकर गनोड़ा तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव के साधु संतों सनातनियों ने तहसीलदार एवं मोटा गांव थानाधिकारी को ज्ञापन दिया है। नारेबाजी करते हुए यह साधु संत तहसील कार्यालय एवं थाना परिसर पहुंचे तथा अपनी बात पुरजोर तरीके से रखी। ज्ञापन देते हुए सभी साधु संतों ने बताया कि शराब के कारण युवा पीढ़ी खत्म हो रही है तथा डीजे युवाओं को बुरी संस्कृति की ओर ले जा रहे हैं। अपने ज्ञापन में साधु संतों एवं विभिन्न गांव से आए ग्रामीणों ने बताया कि गांवो मे संचालित अवैध शराब की कच्ची भट्टीया व शराब अड्डे चल रहे है जिन्हे बंद करवाना अत्यावश्यक है। क्योंकि इससे युवा भटक रहे हैं तथा शराब के नशे में आये दिन दुर्घटनायें, चोरीयां व असामाजिक गतिविधियां संचालित हो रही है। साथ ही आये दिन लड़ाई-झगड़े होते रहते है जिससे समाज में अशांति का वातावरण पैदा हो रहा है। डीजे से आदिवासी सभ्यता खत्म हो रही इसे बंद किया जाए इसके अलावा शादी व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में डी. जे. बजाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है, तथा अश्लील गाने बजाकर अशांती का वातावरण पैदा किया जाता है। इससे बच्चो के पढ़ाई में बाधाएं उत्पन्न होती है तथा गांवो के अन्य कार्य प्रभावित हो रहे है। डीजे पर अश्लील गानों पर पूरी रात भर युवा नाच गाना करते हैं जिससे आदिवासी सभ्यता को भी नुकसान पहुंच रहा है। डीजे पर बिना मतलब के लड़ाई झगड़ा कर युवा अपने संस्कार भूलकर समाज को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए कहीं पर भी तेज आवाज में अश्लील गानों वाले डी.जे. को पूर्णतया प्रतिबन्धीत कराया जावे। अवैध बूचड़खाने बंद हो, धर्मांतरण करने वालों का आरक्षण खत्म हो इसके अलावा साधु संतों ने ज्ञापन देते हुए अपनी पीड़ा बताइए तथा ज्ञापन में बताया है कि बांसवाड़ा जिले में संचालित अवैध बूचड़खाने व अवैध ढ़ाबे बंद कराये जावे। साथ ही विभिन्न समाजों में अवैध तरीके से डरा धमका कर तथा गुमराह कर, लालच अथवा प्रलोभन देकर धर्मान्तरण कराया जाता है, जिसे तुरन्त प्रभाव से बन्द कराये जाने हेतु आवश्यक कदम उठया जावें। अवैध रूप से धर्मान्तरण कर अनाधिकृत आरक्षण का लाभ उठा रहे है जिसे तुरन्त बन्द कराया जावें। उपरोक्त सभी विषयों को लेकर वाल्मिक समाज संस्थान बेणेश्वर जिला बांसवाड़ा का तहसीलदार एवं थानेदार से निवेदन किया है कि उपरोक्त अवैध गतिविधियों से समाज में अनाधिकृत गतिविधियां संचालित हो रही है जिससे तुरन्त रोके जाने के आदेश प्रदान करावे ताकि समाज सुधार में सहयोग प्राप्त हो सके। ज्ञापन देने वालों में वाल्मीकि समाज सुधार अध्यक्ष महंत फूलगिरी महाराज, धर्म सभा अध्यक्ष कांतिलाल रावत, चिमनलाल, रमेश गिरी महाराज, नारायण गिरी महाराज, आत्मागिरी महाराज, नानीया भाई, मणिलाल डामोर, रणछोड़ गिरी, राजुगर महाराज, वजा भाई, बहादुर भाई, कालूराम राठौड, लालाराम आदि उपस्थित रहे।3
- झाडोल पुलिस की सख्त कार्रवाई: 2 साल से फरार स्थाई वारंटी चोरी के मामले में गिरफ्तार1
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो), श्री जैन नवयुवक मण्डल एवं जैन सोशल ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को डूंगरपुर में विश्व नवकार महामंत्र दिवस का भव्य आयोजन किया गया। भगवान श्री नेमिनाथ जी मंदिर परिसर स्थित पुण्य प्रवचन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद नवयुवक मण्डल के अध्यक्ष शैलेश मेहता ने स्वागत उद्बोधन दिया। जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष सिद्धार्थ मेहता ने मंत्र की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य सामूहिक जप के माध्यम से विश्व में अहिंसा और सकारात्मकता का संदेश फैलाना है। वैश्विक स्तर पर 122 देशों में गूंजा मंत्र :- जीतो के संयोजक नीरव जैन ने बताया कि वर्ष 2025 की सफलता के बाद इस वर्ष भी 122 से अधिक देशों में वन नेशन, वन मंत्र, वन वाइब्रेशन के संकल्प के साथ यह दिवस मनाया गया। दुनिया भर में 6000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक जाप और रथ यात्राओं के माध्यम से विश्व शांति की प्रार्थना की गई। इसी कड़ी में डूंगरपुर के नेमिनाथ मंदिर में 800 श्रद्धालुओं ने एक स्वर में मंत्रोच्चार किया, वहीं शहर के वरदान, बोस्टन, गुरुकुल, एसडी सहित विभिन्न सरकारी विद्यालयों के लगभग 15,000 बच्चों ने सामूहिक रूप से नवकार मंत्र का जाप कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। विशेष आग्रह पर मॉडर्न स्कूल में स्वच्छता सदस्यों ने भी इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाई। अशांति के युग में शांति का मार्ग है नवकार: आचार्य मृदुरत्न सागर जी :- महोत्सव में सानिध्य प्रदान कर रहे मुनि पवित्र रत्न सागर जी महाराज सा. ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध की आग में जलते विश्व को केवल नवकार मंत्र ही शांति की ओर ले जा सकता है। वहीं, वागड़ विभूषण आचार्य देवश्री मृदुरत्न सागर जी महाराज सा. ने मंत्र की शक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि नवकार महामंत्र पापों का नाश करने वाला सबसे शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने बताया कि नौ लाख बार मंत्र जप से नरक गति का निवारण होता है और पूर्ण श्रद्धा से किया गया जप साधक को मोक्ष की प्राप्ति कराता है। कार्यक्रम के अंत में सुनील जैन और पंकज नवकार ने आभार व्यक्त किया, जबकि जैन सोशल ग्रुप के सचिव नरेश जैन गुजरात ने बताया कि ग्रुप द्वारा सभी भक्तों को प्रभावना वितरित की गई।1