राजस्थान में ई-मित्र प्रणाली एक नई और गंभीर स्थिति का सामना कर रही है, जहाँ कमीशन में कटौती तथा अन्य कारणों के चलते कई ई-मित्र संचालकों ने एसएसओ (SSO) आधारित सेवाओं का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इस बदलाव का सीधा असर ई-मित्र पोर्टल पर दिख रहा है, जहाँ पिछले पाँच महीनों में लगभग 18 लाख ट्रांजेक्शन कम दर्ज किए गए हैं। अप्रैल महीने में ट्रांजेक्शन की संख्या 58.58 लाख से घटकर 44.56 लाख पर आ गई, वहीं ई-मित्र संचालकों का कमीशन भी 13.90 करोड़ रुपये से घटकर 8.39 करोड़ रुपये रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-मित्र प्रणाली में आए इस बदलाव का प्रभाव 600 से अधिक सरकारी सेवाओं पर पड़ सकता है। प्रदेश के करीब 76 हजार ई-मित्र संचालक इस स्थिति से नाराज़ हैं, और उनकी इस नाराज़गी के बीच सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान तलाशने में जुटे हुए हैं। हालांकि, विभाग पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह लगातार घटते ट्रांजेक्शन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शिकायत है कि विभाग ने अपना कमीशन तो बढ़ा दिया है, लेकिन ई-मित्र और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के कमीशन में कटौती कर दी है। ई-मित्र संचालकों के प्रति विभाग का रवैया रूखा दिखाई दे रहा है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि ई-मित्र, Doit'C विभाग का एक प्रमुख स्तंभ है, और अब विभाग स्वयं ही इस स्तंभ को गिराना चाह रहा है।
राजस्थान में ई-मित्र प्रणाली एक नई और गंभीर स्थिति का सामना कर रही है, जहाँ कमीशन में कटौती तथा अन्य कारणों के चलते कई ई-मित्र संचालकों ने एसएसओ (SSO) आधारित सेवाओं का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इस बदलाव का सीधा असर ई-मित्र पोर्टल पर दिख रहा है, जहाँ पिछले पाँच महीनों में लगभग 18 लाख ट्रांजेक्शन कम दर्ज किए गए हैं। अप्रैल महीने में ट्रांजेक्शन की संख्या 58.58 लाख से घटकर 44.56 लाख पर आ गई, वहीं ई-मित्र संचालकों का कमीशन भी 13.90 करोड़ रुपये से घटकर 8.39 करोड़ रुपये रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-मित्र प्रणाली में आए इस बदलाव का प्रभाव 600 से अधिक सरकारी सेवाओं पर पड़ सकता है। प्रदेश के करीब 76 हजार ई-मित्र संचालक इस स्थिति से नाराज़ हैं, और उनकी इस नाराज़गी के बीच सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान तलाशने में जुटे हुए हैं। हालांकि, विभाग पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह लगातार घटते ट्रांजेक्शन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शिकायत है कि विभाग ने अपना कमीशन तो बढ़ा दिया है, लेकिन ई-मित्र और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के कमीशन में कटौती कर दी है। ई-मित्र संचालकों के प्रति विभाग का रवैया रूखा दिखाई दे रहा है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि ई-मित्र, Doit'C विभाग का एक प्रमुख स्तंभ है, और अब विभाग स्वयं ही इस स्तंभ को गिराना चाह रहा है।
- राजस्थान में ई-मित्र प्रणाली एक नई और गंभीर स्थिति का सामना कर रही है, जहाँ कमीशन में कटौती तथा अन्य कारणों के चलते कई ई-मित्र संचालकों ने एसएसओ (SSO) आधारित सेवाओं का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इस बदलाव का सीधा असर ई-मित्र पोर्टल पर दिख रहा है, जहाँ पिछले पाँच महीनों में लगभग 18 लाख ट्रांजेक्शन कम दर्ज किए गए हैं। अप्रैल महीने में ट्रांजेक्शन की संख्या 58.58 लाख से घटकर 44.56 लाख पर आ गई, वहीं ई-मित्र संचालकों का कमीशन भी 13.90 करोड़ रुपये से घटकर 8.39 करोड़ रुपये रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-मित्र प्रणाली में आए इस बदलाव का प्रभाव 600 से अधिक सरकारी सेवाओं पर पड़ सकता है। प्रदेश के करीब 76 हजार ई-मित्र संचालक इस स्थिति से नाराज़ हैं, और उनकी इस नाराज़गी के बीच सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान तलाशने में जुटे हुए हैं। हालांकि, विभाग पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह लगातार घटते ट्रांजेक्शन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शिकायत है कि विभाग ने अपना कमीशन तो बढ़ा दिया है, लेकिन ई-मित्र और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के कमीशन में कटौती कर दी है। ई-मित्र संचालकों के प्रति विभाग का रवैया रूखा दिखाई दे रहा है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि ई-मित्र, Doit'C विभाग का एक प्रमुख स्तंभ है, और अब विभाग स्वयं ही इस स्तंभ को गिराना चाह रहा है।1
- राजगढ़ में नगर पालिका की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के संबंध में एक शिकायत प्रशासन तक पहुंची है। शिकायत के अनुसार, राजगढ़ नगर पालिका की खातेदारी में दर्ज सरकारी भूमि, जो ग्राम खरखड़ा क्षेत्र में स्थित है, उसे निजी भूमि बताकर विक्रय इकरारनामा तैयार किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले में राजगढ़ नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सतीश दुहारिया और सुखराम मीणा पर आपसी मिलीभगत कर सरकारी भूमि को निजी संपत्ति दिखाकर उसके हस्तांतरण का प्रयास करने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित भूमि नगर पालिका के अभिलेखों में सार्वजनिक और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज बनाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की गई है। इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए उपखंड अधिकारी और नगर पालिका प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल करने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच के बाद सरकारी भूमि से जुड़े इस विवाद में क्या तथ्य सामने आते हैं।3
- दौसा के कालाखो बांध पर मंगलवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की उपस्थिति में जल पूजन, कलश यात्रा, पौधारोपण और जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। मंत्री रावत ने विधिवत जल पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना की, जबकि महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा ने जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई। अपने संबोधन में मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जल संरक्षण को वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और वर्षा जल के अधिकतम संचयन व जल स्रोतों के संरक्षण में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार जल संसाधनों के संरक्षण और सिंचाई व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री रावत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से कालीसिंध, चंबल और पार्वती नदियों का जल इस क्षेत्र तक पहुंचेगा, जिससे दौसा जिले सहित पूर्वी राजस्थान में जल की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पहले जल स्रोतों, नहरों और एनीकटों की आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। किसानों की मांग पर मंत्री रावत ने पुरानी केनाल प्रणाली की मरम्मत कराने और नहरों व जल मार्गों पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सिंचाई तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने जल संरक्षण के व्यापक प्रचार-प्रसार और आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया, साथ ही जल और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रैला ने भी जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से जल बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की। विधायक बंशीवाल ने ईआरसीपी योजना में शेष बांधों को जोड़ने और कालाखो बांध पर आवश्यक विकास कार्य कराने की भी बात कही। कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर मीणा, उपखंड अधिकारी संजू मीणा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मीणा, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुरेश कठानिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- करौली जिले की नादौती तहसील स्थित धोलेटा ग्राम पंचायत में पिछले 12 महीनों से नरेगा के तहत कोई 'मिस्ट्रोल' नहीं चलाया गया है। इस स्थिति के कारण ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को कोई रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण श्रीमान जी से निवेदन कर रहे हैं कि धोलेटा ग्राम पंचायत में नरेगा 'मिस्ट्रोल' चलवाने का आदेश प्रदान किया जाए।1
- लालसोट के बिनोरी में बन रहे 'आड़ा बालाजी' धाम के निर्माण कार्य को लेकर कुछ तत्वों द्वारा विरोध दर्ज कराने और अफवाहें फैलाने की बात सामने आई है। इस तरह के विरोध को सनातन धर्म या समाज हित के बड़े कार्यों के शुभारंभ पर कोई नई परंपरा नहीं माना गया है। इन सब चुनौतियों के बावजूद, संत शिरोमणि महाराज पूरे हौसले और अडिग विश्वास के साथ अपने कार्य में लगे हुए हैं। महाराज ने स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी भी प्रकार के विघ्न या अभाव की कोई चिंता नहीं है। उनका दृढ़ विश्वास है कि भगवान श्री राम और बालाजी महाराज के सच्चे भक्त इस पावन कार्य में सहयोग देने के लिए स्वतः ही खिंचे चले आएंगे। महाराज के अनुसार, वे कहीं भी (मांगने) नहीं जाते, बल्कि ईश्वर की असीम कृपा से जो भी आवश्यकता होती है, वह सब यहीं बैठे-बैठे ईश्वर की प्रेरणा से भक्तों के माध्यम से पूरी हो जाती है।2
- करौली जिले के हिंडौन सिटी में बुधवार को विधायक निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। यह बैठक आगामी 10 जून को डांग क्षेत्र के सकरघटा गांव में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के आगमन की तैयारियों के संबंध में आयोजित की गई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 10 जून को अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ता सकरघटा पहुंचेंगे। विधायक अनीता जाटव ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मामू और महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शरदो गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। हिंडौन देहात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रमोद तिवाड़ी ने बताया कि 10 जून को प्रातः 11:00 बजे करौली जिले के सकरघटा गांव स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर प्रांगण में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण करेंगे और एक किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। विधायक अनीता जाटव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय राजेश पायलट का किसान, गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए किया गया संघर्ष हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। विधायक जाटव ने बैठक में उपस्थित सभी कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से 10 जून को गांव सकरघटा में आयोजित प्रतिमा अनावरण और विशाल किसान सम्मेलन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सचिन पायलट के साथ हिंडौन से वाहन रैली के रूप में सकरघटा गांव चलने का भी आह्वान किया। बैठक में तारा बैंसला, रिटायर्ड प्रधानाचार्य ओम प्रकाश शुक्ला, दलवीर चौधरी धंधावली, अमर सिंह रेंकवाल, एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश झारेडा, पिंटू चौधरी, एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष इंद्राज जाटव, लखन पौडवाल, करतार सिंह पंडा का पुरा, समय सिंह गुर्जर नांगल, राय सिंह गुर्जर, श्याम बाबू, डीसीसी महासचिव राजू चादन गांव, श्री महावीर जी ब्लॉक अध्यक्ष मोहन सिंह, दान सिंह खेड़िया, नाजरीन शाह, महू मंडल अध्यक्ष डॉ भूर सिंह क्यारदा, यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष विष्णु मूडरी, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला महासचिव अंसार बेरोज, कारी हारून, आजाद खलीफा, चांद मोहम्मद, आमिर कुरैशी, डॉ शहजाद खान, विक्रम कुमार अटकोली, राजवीर चादन गांव, सरफुद्दीन खान, निहाल सिंह भगत, रफीक खान सहित काफी संख्या में कांग्रेस जन मौजूद रहे।1
- जयपुर के बांसखोह कस्बे में, चौपड़ के पास स्थित इमली वाले बालाजी महाराज के मंदिर में, राष्ट्रीय संत कथा वाचक ईश्वर दास महाराज द्वारा एक भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस कथा के दौरान श्री राम विवाह चरित्र का वर्णन किया गया और भगवान राम द्वारा धनुष तोड़ने की लीला का वृत्तांत प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन हो गए। इस पावन अवसर पर छोटी-छोटी बालिकाओं ने राम और सीता की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने राम-सीता विवाह के चित्रण को और भी जीवंत बना दिया। महिलाओं द्वारा राम-सीता विवाह के लिए कई प्रकार की साड़ी, कपड़े और अन्य सामग्री भी लाई गई। कथा के साथ-साथ रंगारंग भजनों का भी आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालु नाचते-गाते हुए भजनों का आनंद लेते नजर आए। इस मौके पर जयप्रकाश शर्मा, कैलाश चंद मामोडिया, शंभुदयाल जांगिड़, बनवारीलाल शर्मा, रमेश चंद सैनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। बालाजी महाराज के मंदिर में पंडित विष्णु शर्मा ने यजमान रमेश चंद्र गुप्ता, ताराचंद शर्मा और राजेंद्र शर्मा के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जिसके बाद आरती कर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। बबीता, मंजू, सरिता, शिमला, विनीता, अंकिता, सुनीता, नेहा, प्रेम और पूनम सहित अन्य श्रद्धालु भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। कथा का दैनिक कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलता है और यह भव्य आयोजन 7 जून तक जारी रहेगा। यह संपूर्ण कार्यक्रम सभी ग्रामवासियों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया जा रहा है।2
- हिंडौन सिटी में बुधवार को जाटव और वाल्मीकि बस्ती की महिलाओं ने चौबे पाड़ा पुलिया के पास संचालित शराब की दुकान के विरोध में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इन महिलाओं ने प्रशासन से पुरज़ोर मांग की कि इस शराब की दुकान को आबादी क्षेत्र से तुरंत हटाया जाए। धरने पर बैठी महिलाओं ने प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि आबादी क्षेत्र में शराब की दुकान के संचालन से इलाके का सामाजिक वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि शराब की दुकान के आसपास शराबियों का लगातार जमावड़ा बने रहने से कोली मोहल्ला सहित जाटव और वाल्मीकि बस्ती की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को असुरक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, असामाजिक तत्व शराब के नशे में धुत होकर आए दिन मोहल्ले और बस्ती के लोगों से अभद्रता करते हैं, जिससे इलाके में अशांति का माहौल पैदा हो रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान, महिलाओं ने शराब के ठेके पर शराब खरीदने आए कुछ युवकों को डंडा दिखाकर अपना विरोध जताया। घटनास्थल पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने आंदोलनरत महिलाओं से शांति बनाए रखने की अपील की। बड़ी संख्या में महिलाएं इस धरने में शामिल रहीं, जो आबादी क्षेत्र से शराब की दुकान हटाने की अपनी मांग पर अडिग हैं।4