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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक 14 दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद, एक डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
Shakeel khan
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक 14 दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद, एक डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
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- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में श्री अखिलेश यादव का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मेरठ बार एसोसिएशन के प्रांगण में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजवादी अधिवक्ता सभा के सम्मानित साथियों ने मिलकर अखिलेश यादव जी के जन्मदिन को उत्साह के साथ मनाया। इस कार्यक्रम का आयोजन नेत्रपाल सिंह कोल एडवोकेट, जो समाजवादी अधिवक्ता सभा मेरठ के जिला अध्यक्ष हैं, द्वारा किया गया।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिवस मेरठ में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समाजवादी पार्टी के पार्षदों और पूर्व पार्षदों ने इस अवसर को 'हरियाली एवं पर्यावरण दिवस' के रूप में आयोजित किया। इस दौरान भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा, कचहरी में और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा, टाउन हॉल घंटाघर परिसर में पौधारोपण किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद, कार्यकर्ताओं ने केक काटकर खुशीपूर्वक जन्मदिन मनाया। इस कार्यक्रम में पार्षद कुलदीप कीर्ति, पूर्व पार्षद अफजाल सैफी, पूर्व पार्षद संगीता राहुल, समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव कपिल राज शर्मा, महानगर उपाध्यक्ष संजय यादव, वसीम राहुल, वरिष्ठ नेता अकबर खान, पूर्व पार्षद महमूद इकबाल कस्सार, नेहा गौड़, पूर्व जिला अध्यक्ष अनीता मिलन, विवेक यादव, ब्लॉक प्रमुख हिमांशु सिद्धार्थ, पूर्व पार्षद शमसुद्दीन कुरैशी, पंडित रजत शर्मा, वसीम अंसारी, मोहम्मद तुफैल कुरैशी, बिलाल कुरैशी, मुकेश कुमार जाटव और सौहेल सैफी नगर सहित समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना भी की।3
- 19 तारीख वाली जैतून का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।1
- मेरठ के नवाब गढ़ी तहसील सरधना से मो. याकूब अंसारी ने बुनकर समाज को अपने व्यवसाय को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए जागरूक किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुनकर समाज को अपने गरीब मजदूरों की बढ़ी हुई मजदूरी पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही, अंसारी ने उन उपभोक्ताओं से भी अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया जिनके बिजली कनेक्शन 5 किलोवाट तक के हैं, ताकि उनके लिए फ्लैट रेट पर भी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह कहते हुए अपनी बात समाप्त की कि "जागरूकता ही जीवन है"।1
- मेरठ के सरधना क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या स्थानीय लोगों के लिए रोज़मर्रा की परेशानी का सबब बनी हुई है। क्षेत्र की सड़कों पर लगातार जाम लगा रहता है, जिससे राहगीरों और निवासियों को आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो एक ज्योतिषाचार्य, सूर्य देव उपासक और अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा पंजीकृत एनसीआर भारत के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी हैं, ने भारतीय रेलवे द्वारा निर्मित देश के सबसे ऊँचे पुल पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस उपलब्धि को 'नमो भारत' के रूप में सराहा और कहा कि यह पुल भारत को गौरवान्वित कर रहा है, जिसका रास्ता 'हिमालय से ऊंचा' है। वशिष्ठ जी ने इस महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य के लिए पूरी इंजीनियरिंग टीम और सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई दी है।1
- मेरठ जिले की सरधना तहसील के नवाब गड़ी गांव में सभी बुनकर उपभोक्ता बढ़ते फ्लैट रेट को लेकर गहरी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस मुद्दे के कारण इन बुनकरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे सभी परेशान हैं।1
- हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्र के माधापुर गांव में देर रात एक तेंदुआ दिखाई देने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें तेंदुए की तलाश में जुट गई हैं। डीएफओ सहित वन विभाग की पूरी टीम मौके पर मौजूद है और तलाशी अभियान चला रही है।1
- असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस भयावह स्थिति के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमें तेज बहाव के कारण एक लोहे का रेलवे पुल पानी में बहता हुआ दिखाई दे रहा है। यदि यह वीडियो सही पाया जाता है, तो यह मौजूदा बाढ़ की भयावहता और उसके विनाशकारी प्रभाव को दर्शाता है। इस घटना के बाद, लोगों ने रेलवे के ढांचे, निर्माण की गुणवत्ता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, यह कहना उचित नहीं होगा कि किसी भी निर्माण के क्षतिग्रस्त होने का एकमात्र कारण निर्माण की खराब गुणवत्ता ही है, जब तक कि कोई आधिकारिक जांच न हो जाए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अत्यधिक बाढ़, नदी का तीव्र कटाव और जल प्रवाह की असामान्य स्थितियाँ भी बड़े पुलों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं। फिलहाल, संबंधित विभागों द्वारा इस नुकसान का आकलन और विस्तृत जांच की जा रही है। पुल को हुए नुकसान के वास्तविक कारणों और किसी भी स्तर पर हुई संभावित लापरवाही का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यह समाचार वायरल वीडियो और शुरुआती जानकारी पर आधारित है, और घटना के कारणों की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागों की आधिकारिक जांच के बाद ही होगी।1