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Ajmer जश्ने ईद मिलादुन्नबी खादिम मोहल्ला इमामबाड़ा में सजाई महफिल Dainik News AJMER Ajmer जश्ने ईद मिलादुन्नबी खादिम मोहल्ला इमामबाड़ा में सजाई महफिल Dainik News AJMER
Dainik news ajmer
Ajmer जश्ने ईद मिलादुन्नबी खादिम मोहल्ला इमामबाड़ा में सजाई महफिल Dainik News AJMER Ajmer जश्ने ईद मिलादुन्नबी खादिम मोहल्ला इमामबाड़ा में सजाई महफिल Dainik News AJMER
More news from राजस्थान and nearby areas
- ajmer नगर निगम चुनाव 2026 की अनामिका शर्मा बनी महापौर कांग्रेस की किरण गढ़वाल को मिले 37 मत भी भाजपा की अनामिका शर्मा को मिले 43 मत 11 निर्दलीय ने ने बिगड़ा कांग्रेस का खेल1
- रामसर में तेजाजी मेले की धूम, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब रामसर में तेजाजी मेले की धूम, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब1
- जल झूलनी ग्यारस पर निकली ठाकुर जी की झांकियां, हमीर सागर की पाल पर हुआ जल विहार किशनगढ़। जल झूलनी ग्यारस के अवसर पर किशनगढ़ में धार्मिक आयोजन हुआ। साँवतसर के मंदिर श्री रघुनाथ जी महाराज सहित चारों ठाकुर जी मंदिरों के विग्रहों को आकर्षक झांकियों के साथ हमीर सागर तालाब की पाल पर ले जाया गया। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ठाकुर जी का जल विहार कराया गया। जल विहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद चारों मंदिरों की झांकियों के समक्ष महाआरती हुई। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए। इससे तालाब की पाल पर माहौल भक्तिमय हो गया। आयोजन में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर श्री रघुनाथ जी महाराज ट्रस्ट साँवतसर के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश वैष्णव (लाला पुजारी) ने बताया कि जल झूलनी ग्यारस पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार ठाकुर जी के विग्रह को जल विहार के लिए हमीर सागर तालाब की पाल पर लाया जाता है। इस बार भी धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। चारों ठाकुर जी मंदिरों की सुसज्जित झांकियां आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं। जल विहार और महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।1
- जल झुलनी एकादशी पर सुरसुरा में निकली भव्य शोभायात्रा, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत रूपनगढ़ । जल झुलनी एकादशी (रैवाड़ी) के पावन अवसर पर मंगलवार को सुरसुरा गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गोपाल जी मंदिर बाना की हथाई से रवाना होकर मुख्य बाजार से होते हुए श्रीराम बगीची पहुंची। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान के रथ का स्वागत किया। श्रीराम बगीची में समस्त मंदिरों के पुजारियों द्वारा एक साथ महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को पंचमेवा एवं केले का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों का मान-सम्मान भी किया गया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।2
- रियान बड़ी नगर पालिका के उपाध्यक्ष बने जगदीश माली, 6 मतों से जीत छीतर सिंह को मिले 7 वोट, सभी 20 पार्षदों ने किया मतदान; पंचायत समिति सभागार में संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया रियान बड़ी नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई। उपाध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें छीतर सिंह और जगदीश माली शामिल थे। दोपहर 2.30 बजे मतदान शुरू हुआ। नगर पालिका के सभी 20 वार्डों के निर्वाचित पार्षदों ने मतदान में हिस्सा लिया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना की गई। इसमें जगदीश माली को कुल 13 मत मिले, जबकि छीतर सिंह के पक्ष में 7 मत आए। इस प्रकार जगदीश माली ने 6 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। चुनाव को लेकर पंचायत समिति सभागार में प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। उपखंड अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया के निर्देशन में चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई गई। नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक सभी कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुसार की गई। चुनाव के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। पंचायत समिति सभागार और आसपास के क्षेत्र में पुलिस जवानों ने व्यवस्था संभाली। मतदान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। जगदीश माली की जीत के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। नगर पालिका के गठन के बाद हुए पहले उपाध्यक्ष पद के चुनाव में 20 में से 13 पार्षदों का समर्थन हासिल कर जगदीश माली उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। वहीं छीतर सिंह को 7 मत मिले। रियान बड़ी नगर पालिका के उपाध्यक्ष बने जगदीश माली, 6 मतों से जीत छीतर सिंह को मिले 7 वोट, सभी 20 पार्षदों ने किया मतदान; पंचायत समिति सभागार में संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया रियान बड़ी नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई। उपाध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें छीतर सिंह और जगदीश माली शामिल थे। दोपहर 2.30 बजे मतदान शुरू हुआ। नगर पालिका के सभी 20 वार्डों के निर्वाचित पार्षदों ने मतदान में हिस्सा लिया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना की गई। इसमें जगदीश माली को कुल 13 मत मिले, जबकि छीतर सिंह के पक्ष में 7 मत आए। इस प्रकार जगदीश माली ने 6 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। चुनाव को लेकर पंचायत समिति सभागार में प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। उपखंड अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया के निर्देशन में चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई गई। नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक सभी कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुसार की गई। चुनाव के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। पंचायत समिति सभागार और आसपास के क्षेत्र में पुलिस जवानों ने व्यवस्था संभाली। मतदान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। जगदीश माली की जीत के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। नगर पालिका के गठन के बाद हुए पहले उपाध्यक्ष पद के चुनाव में 20 में से 13 पार्षदों का समर्थन हासिल कर जगदीश माली उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। वहीं छीतर सिंह को 7 मत मिले।1
- अशोक भाटी बनने मेड़ता नगरपालिका के उपाध्यक्ष 26 मत प्राप्त हुवे भाटी को मेड़ता नगरपालिका उपाध्यक्ष बने भाजपा के अशोक भाटी मेड़ता सिटी, 22 सितंबर 2026: मेड़ता नगरपालिका उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अशोक भाटी निर्वाचित हुए। आपके दिए चुनाव परिणाम के अनुसार अशोक भाटी को 26 मत, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी नंदू श्री मंत्री को 14 मत प्राप्त हुए। अशोक भाटी के उपाध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद मेड़ता नगरपालिका के बाहर समर्थकों ने विशाल जुलूस निकालकर भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान नवनिर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष कंचन देवी सांखला, धर्मपत्नी राजेंद्र सांखला का भी स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मेड़ता नगरपालिका में 40 पार्षदों का सदन है और 14 सितंबर के वार्ड परिणामों में भाजपा के 21, कांग्रेस के 12, निर्दलीय 6 तथा RLP के 1 पार्षद निर्वाचित हुए थे। � MyCorporator +1 नोट: मुझे मिले सार्वजनिक वेब स्रोतों में आज के उपाध्यक्ष चुनाव के 26–14 वोटों का स्वतंत्र आधिकारिक सत्यापन नहीं मिला है; ऊपर के 26–14 आंकड़े आपके दिए विवरण के आधार पर लिखे गए हैं।2
- जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार, तीसरे दिन फोन आया तो गांव में काम करते मिले रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव का मामला: जेब में मिली पर्ची के आधार पर शव की पहचान बताई, बेटे ने अस्पताल में आपत्ति भी जताई थी पुष्कर में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा, परिजन ने अंतिम संस्कार कर तीसरे की रस्म भी कर दी; बाद में पिंचोलिया गांव में जिंदा मिले नाथूराम रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जेब में मिली एक पर्ची के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान नाथूराम रैगर के रूप में करते हुए उसके बेटे तिलोक राम को सौंप दिया। बेटे का कहना है कि उसने अस्पताल में शव देखकर पुलिस और वार्ड बॉय को बताया था कि शव उसके पिता का नहीं है, लेकिन पर्ची में नाम होने की बात कहकर उसे शव की पहचान करने को कहा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव उसे सौंप दिया गया। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। तिलोक राम ने बताया कि उसकी मां ने शाम को फोन कर कहा था कि उसके पिता का शव मिला है। इसके बाद उसने फोन करने वाले नंबर पर संपर्क किया। फोन पर उसकी बात पुष्कर थाने के हेड कॉन्स्टेबल शक्ति सिंह से हुई। वह राजकीय चिकित्सालय पुष्कर पहुंचा और शव देखकर पुलिस को बताया कि यह उसके पिता नहीं हैं। इसके बावजूद जेब से मिली पर्ची में नाथूराम का नाम होने की बात कही गई। तिलोक राम ने बताया कि उसके पिता पिछले कई महीनों से घर से बाहर रहते थे और घर में भी उनकी ज्यादा नहीं बनती थी। इसी कारण वह शव को लेकर असमंजस में था। अगले दिन पुलिस की मौजूदगी में राजकीय चिकित्सालय पुष्कर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव तिलोक राम को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार ने समाज की रीति के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। तीसरे दिन एक परिचित का फोन आया कि उसके पिता नाथूराम पिंचोलिया गांव में काम कर रहे हैं। यह सुनकर तिलोक राम परिवार के साथ पिंचोलिया पहुंचा, जहां नाथूराम जीवित मिले और उनके साथ काम कर रहे थे। परिजन उन्हें घर लेकर आए। तिलोक राम का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की गलती के कारण किसी अन्य व्यक्ति के शव का उसके पिता के नाम पर अंतिम संस्कार हो गया। वहीं थाना अधिकारी अशोक बिशु ने बताया कि शव की जेब से मिली पर्ची के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया था। बेटे द्वारा पहचान किए जाने के बाद पोस्टमार्टम कर शव सौंपा गया। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर अज्ञात शवों और लापता व्यक्तियों के लिए अलग सेवाएं उपलब्ध होने का उल्लेख है। जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार, तीसरे दिन फोन आया तो गांव में काम करते मिले रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव का मामला: जेब में मिली पर्ची के आधार पर शव की पहचान बताई, बेटे ने अस्पताल में आपत्ति भी जताई थी पुष्कर में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा, परिजन ने अंतिम संस्कार कर तीसरे की रस्म भी कर दी; बाद में पिंचोलिया गांव में जिंदा मिले नाथूराम रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जेब में मिली एक पर्ची के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान नाथूराम रैगर के रूप में करते हुए उसके बेटे तिलोक राम को सौंप दिया। बेटे का कहना है कि उसने अस्पताल में शव देखकर पुलिस और वार्ड बॉय को बताया था कि शव उसके पिता का नहीं है, लेकिन पर्ची में नाम होने की बात कहकर उसे शव की पहचान करने को कहा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव उसे सौंप दिया गया। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। तिलोक राम ने बताया कि उसकी मां ने शाम को फोन कर कहा था कि उसके पिता का शव मिला है। इसके बाद उसने फोन करने वाले नंबर पर संपर्क किया। फोन पर उसकी बात पुष्कर थाने के हेड कॉन्स्टेबल शक्ति सिंह से हुई। वह राजकीय चिकित्सालय पुष्कर पहुंचा और शव देखकर पुलिस को बताया कि यह उसके पिता नहीं हैं। इसके बावजूद जेब से मिली पर्ची में नाथूराम का नाम होने की बात कही गई। तिलोक राम ने बताया कि उसके पिता पिछले कई महीनों से घर से बाहर रहते थे और घर में भी उनकी ज्यादा नहीं बनती थी। इसी कारण वह शव को लेकर असमंजस में था। अगले दिन पुलिस की मौजूदगी में राजकीय चिकित्सालय पुष्कर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव तिलोक राम को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार ने समाज की रीति के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। तीसरे दिन एक परिचित का फोन आया कि उसके पिता नाथूराम पिंचोलिया गांव में काम कर रहे हैं। यह सुनकर तिलोक राम परिवार के साथ पिंचोलिया पहुंचा, जहां नाथूराम जीवित मिले और उनके साथ काम कर रहे थे। परिजन उन्हें घर लेकर आए। तिलोक राम का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की गलती के कारण किसी अन्य व्यक्ति के शव का उसके पिता के नाम पर अंतिम संस्कार हो गया। वहीं थाना अधिकारी अशोक बिशु ने बताया कि शव की जेब से मिली पर्ची के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया था। बेटे द्वारा पहचान किए जाने के बाद पोस्टमार्टम कर शव सौंपा गया। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर अज्ञात शवों और लापता व्यक्तियों के लिए अलग सेवाएं उपलब्ध होने का उल्लेख है। जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार, तीसरे दिन फोन आया तो गांव में काम करते मिले रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव का मामला: जेब में मिली पर्ची के आधार पर शव की पहचान बताई, बेटे ने अस्पताल में आपत्ति भी जताई थी पुष्कर में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा, परिजन ने अंतिम संस्कार कर तीसरे की रस्म भी कर दी; बाद में पिंचोलिया गांव में जिंदा मिले नाथूराम रियान बड़ी के पास पीपलिया गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जेब में मिली एक पर्ची के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान नाथूराम रैगर के रूप में करते हुए उसके बेटे तिलोक राम को सौंप दिया। बेटे का कहना है कि उसने अस्पताल में शव देखकर पुलिस और वार्ड बॉय को बताया था कि शव उसके पिता का नहीं है, लेकिन पर्ची में नाम होने की बात कहकर उसे शव की पहचान करने को कहा गया। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव उसे सौंप दिया गया। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। तिलोक राम ने बताया कि उसकी मां ने शाम को फोन कर कहा था कि उसके पिता का शव मिला है। इसके बाद उसने फोन करने वाले नंबर पर संपर्क किया। फोन पर उसकी बात पुष्कर थाने के हेड कॉन्स्टेबल शक्ति सिंह से हुई। वह राजकीय चिकित्सालय पुष्कर पहुंचा और शव देखकर पुलिस को बताया कि यह उसके पिता नहीं हैं। इसके बावजूद जेब से मिली पर्ची में नाथूराम का नाम होने की बात कही गई। तिलोक राम ने बताया कि उसके पिता पिछले कई महीनों से घर से बाहर रहते थे और घर में भी उनकी ज्यादा नहीं बनती थी। इसी कारण वह शव को लेकर असमंजस में था। अगले दिन पुलिस की मौजूदगी में राजकीय चिकित्सालय पुष्कर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव तिलोक राम को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार ने समाज की रीति के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। तीसरे दिन एक परिचित का फोन आया कि उसके पिता नाथूराम पिंचोलिया गांव में काम कर रहे हैं। यह सुनकर तिलोक राम परिवार के साथ पिंचोलिया पहुंचा, जहां नाथूराम जीवित मिले और उनके साथ काम कर रहे थे। परिजन उन्हें घर लेकर आए। तिलोक राम का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की गलती के कारण किसी अन्य व्यक्ति के शव का उसके पिता के नाम पर अंतिम संस्कार हो गया। वहीं थाना अधिकारी अशोक बिशु ने बताया कि शव की जेब से मिली पर्ची के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया था। बेटे द्वारा पहचान किए जाने के बाद पोस्टमार्टम कर शव सौंपा गया। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर अज्ञात शवों और लापता व्यक्तियों के लिए अलग सेवाएं उपलब्ध होने का उल्लेख है।1
- भाजपा ने चुना अपना अध्यक्ष 27 मत प्राप्त कर कंचन सांखला बनी मेड़ता नगरपालिका अध्यक्ष भाजपा ने चुना अपना अध्यक्ष 27 मत प्राप्त कर कंचन सांखला बनी नगरपालिका अध्यक्ष मेड़ता सिटी 21 सितम्बर : मेड़ता नगरपालिका में भाजपा को पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा ने अपना नगरपालिका में बोर्ड बना लिया ओर भाजपा की उमीदवार कंचन सांखला को पूर्ण बहुमत से साथ अध्यक्ष चुना गया। मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने बताया कि मेड़ता नगरपालिका के इतिहास में पहली बार भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ अपना उमीदवार चुन लिया इतना ही नहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजाप को सर्मथन दे दिया। मेड़ता नगरपालिका अध्यक्ष के लिए चुनाव हुवे उसमें भाजपा की कंचन सांखला को 27 मत प्राप्त हुवे वही कांग्रेस की नाज परवीन को 12 मत ओर एक मत खारिज हुआ। भाजपा की जीत हुई ओर मेड़ता नगरपालिका में भाजपा ने अपना बोर्ड बनाया। मेड़ता नगरपालिका चुनाव में 21 भाजपा के पार्षद वही 12 कांग्रेस के ओर 1 आर एल पी के साथ 6 निर्दलीय उमीदवार जीत कर नगरपालिका ने पहुंचे। भाजपा के मंडल अध्यक्ष मोहित निम्बावत ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी को जनता का भरपूर प्यार मिला जनता के साथ से ही भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल की और अपना बोर्ड बना कर कंचन सांखला को नगरपालिना का अध्यक्ष चुना। भाजाप की विचार धारा के साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजपा को अपना समर्थन दिया । जीत के बाद सांखला ने कहा ये मेरी जीत नहीं पूरे मेड़ता शहर की जीत हे जो प्यार समान मिला उसका आभारी हु वही सांखला के जीत के बाद जश्न के रूप में पालिका ने पुष्प वर्षा के जुलूस के साथ अभिन्नदन किया वही जीत के बाद चारभुजा मंदिर दर्शन किए । इस मौके पर भाजपा के पार्षद के साथ भाजपा के कई कार्यकर्ताओं व नागरिकों ने सांखला का अभिन्नदन किया । वही रिटर्निंग अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि मेड़ता ने नगरपालिका चुनाव शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हुवे वही भाजपा की 27 मत , कांग्रेस 12 व 1 मत खारिज प्राप्त हुवे जिसमें भाजपा की कंचन देवी सांखला ने जीत हासिल की । सांखला का किया अभिनंदन : जीत के बाद सांखला के पति राजेंद्र सांखला का मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू , जनता प्रधान संदीप चौधरी , पवन परताणि, वीरेंद्र वर्मा , रामेश्वर थिरोदा बलदेव लटियाल , ,पुखराज टाक , जितेंद्र गहलोत सहित कई भाजपा के पार्षद व कांग्रेस के पार्षद ने सांखला को जीत की बधाईयां दी । फोटो कैप्शन : मेड़ता नगरपालिका अध्यक्ष सांखला का अभिन्नदन करते जनता व भाजपा कार्यकर्ता । फोटो एम टेलर2