कोडरमा के झुमरी तिलैया में प्रादेशिक मारवाड़ी युवा मंच के 25 साल पूरे होने पर 'सृजन से सम्मान' के उपलक्ष्य में एक सराहनीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मारवाड़ी युवा मंच ने होली फैमिली हॉस्पिटल में जन्मी 40 नवजात कन्याओं की माताओं को नए वस्त्र और बेबी किट देकर सम्मानित किया और उनके परिवारों को बेटी के जन्म की बधाई दी। यह पूरा आयोजन मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष प्रवीण गोयल के सम्मान में किया गया। मंच के इस नौ दिवसीय कार्यक्रम के तहत अमृतधारा, पौधरोपण, गो सेवा, नारी चेतना और खेलकूद जैसे कई अन्य आयोजन भी किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां भगवान का दिया हुआ एक बहुमूल्य उपहार हैं और बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं होता है। उन्होंने समाज में हो रही कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोडरमा जिले में आज भी बेटियों का अनुपात कम है, जिसके लिए समाज के हर तबके को जागरूक करने की जरूरत है। इसके साथ ही प्रांतीय भवन संयोजक राज पचिसिया ने भी कहा कि कन्या भ्रूण संरक्षण मंच के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में से एक है और जिसके घर बेटी पैदा होती है, उन्हें गर्व महसूस करना चाहिए। मंच के अध्यक्ष मोहित संघई ने बेटी बचाने का संकल्प लेने की बात कहते हुए सवाल उठाया कि अगर बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से आएगी और भाई की कलाई पर राखी कौन बांधेगा। कार्यक्रम के दौरान मरकच्चो के पंकज पासवान और ललिता कुमारी को दो पुत्रियां होने पर विशेष रूप से बधाई दी गई। इसके अलावा जीवन ज्योति की बच्चियां भी हाथों में 'बेटी बढ़ेगी तभी देश बढ़ेगा' के नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस मौके पर सिस्टर रानिटा, सिस्टर एकनिशा, सचिव अतुल खेतान, संजय ठोल्या, अरविन्द चौधरी, चंद्रशेखर जोशी, प्रतीक संघई सहित मंच के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
कोडरमा के झुमरी तिलैया में प्रादेशिक मारवाड़ी युवा मंच के 25 साल पूरे होने पर 'सृजन से सम्मान' के उपलक्ष्य में एक सराहनीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मारवाड़ी युवा मंच ने होली फैमिली हॉस्पिटल में जन्मी 40 नवजात कन्याओं की माताओं को नए वस्त्र और बेबी किट देकर सम्मानित किया और उनके परिवारों को बेटी के जन्म की बधाई दी। यह पूरा आयोजन मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष प्रवीण गोयल के सम्मान में किया गया। मंच के इस नौ दिवसीय कार्यक्रम के तहत अमृतधारा, पौधरोपण, गो सेवा, नारी चेतना और खेलकूद जैसे कई अन्य आयोजन भी किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां भगवान का दिया हुआ एक बहुमूल्य उपहार हैं और बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं होता है। उन्होंने समाज में हो रही कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोडरमा जिले में आज भी बेटियों का अनुपात कम है, जिसके लिए समाज के हर तबके को जागरूक करने की जरूरत है। इसके साथ ही प्रांतीय भवन संयोजक राज पचिसिया ने भी कहा कि कन्या भ्रूण संरक्षण मंच के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में से एक है और जिसके घर बेटी पैदा होती है, उन्हें गर्व महसूस करना चाहिए। मंच के अध्यक्ष मोहित संघई ने बेटी बचाने का संकल्प लेने की बात कहते हुए सवाल उठाया कि अगर बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से आएगी और भाई की कलाई पर राखी कौन बांधेगा। कार्यक्रम के दौरान मरकच्चो के पंकज पासवान और ललिता कुमारी को दो पुत्रियां होने पर विशेष रूप से बधाई दी गई। इसके अलावा जीवन ज्योति की बच्चियां भी हाथों में 'बेटी बढ़ेगी तभी देश बढ़ेगा' के नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस मौके पर सिस्टर रानिटा, सिस्टर एकनिशा, सचिव अतुल खेतान, संजय ठोल्या, अरविन्द चौधरी, चंद्रशेखर जोशी, प्रतीक संघई सहित मंच के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
- झारखंड के कोडरमा में मनोज यादव ने कृषि विकास पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास और इसकी उन्नति की आवश्यकता को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया है।1
- कोडरमा के डोमचांच प्रखंड अंतर्गत मसमोहना-महेशपुर मार्ग पर स्थित धुमाडीह-रायडीह के बीच बहने वाली केशो नदी में पत्थर खदान की मिट्टी भरकर उसे पाटने का गंभीर मामला सामने आया है। खदान माफियाओं की इस मनमानी के कारण नदी का स्वरूप लगातार सिकुड़ रहा है और इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कभी 250 फीट की चौड़ाई में बहने वाली केशो नदी में माफिया अवैध रूप से लगातार मिट्टी डाल रहे हैं, जिसके कारण यह नदी अब सिमटकर महज 150 से 200 फीट की चौड़ाई में रह गई है। पुरनाडीह पंचायत के रायडीह निवासी चंद्रदेव दास ने बताया कि नदी के ठीक बगल में उनकी जमीन है और उन्हें डर है कि मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश होने पर नदी में भरी गई मिट्टी बहकर उनकी खेती योग्य जमीन में चली जाएगी, जिससे फसल और जमीन दोनों बर्बाद हो जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण ही खदान माफिया बिना किसी डर के प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नदी पाटने से जल निकासी प्रभावित होगी जिससे बाढ़ की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और नदी से अवैध मिट्टी हटाकर उसके मूल स्वरूप को बहाल करने की मांग की है।3
- कोडरमा जिले के डोमचांच में 'द लुक चेंज' प्रोफेशनल हेयर कटिंग सैलून का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस नए प्रतिष्ठान का उद्घाटन शालिनी गुप्ता द्वारा किया गया।1
- कोडरमा के जीवन ज्योति अस्पताल मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। अस्पताल से जुड़ी घटना को लेकर महिला के पति ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। पति ने स्पष्ट किया है कि उन्हें थाना में आवेदन देने के लिए बहकाया गया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि पूरे गांव की ओर से और उनकी स्वयं की ओर से भी अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है।1
- बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर स्थिति बदल चुकी है। पहले जहां राज्य की आम जनता इस शराबबंदी कानून को तोड़ती थी, वहीं अब खुद पुलिस भी इस कानून को तोड़ने लगी है।1
- हजारीबाग के धुर्वा इलाके में सूरज नायक का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया है। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार दिया है। मृतक की पत्नी ने सीधे तौर पर सूरज नायक की मौत को मर्डर बताया है। इस मामले में अब जांच की मांग उठ रही है कि सूरज नायक के साथ वास्तव में क्या हुआ था और पेड़ से लटका मिला उनका शव किन परिस्थितियों का परिणाम है।1
- कोडरमा में ठगी के आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान सरकारी वाहन ही बाधा बन गया है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने अब एसपी से गुहार लगाई है।1
- कोडरमा में हुए नीरज हाजरा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें यह पूरा मामला प्रेम संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है। इस हत्याकांड के बाद से पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस वारदात से परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया है।1