शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है। शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है।
शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है। शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है।
- शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है। शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है।1
- सरपंच ने जारी किया वीडियो, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद ग्राम पंचायत सरपंच अंतरसिंह लोधी ने गुरुवार सुबह 11 बजे एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी समाज के बारे में टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि करीब दो दिन पहले जातिवाद को लेकर दो ऑडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और सामाजिक लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर सरपंच ने वीडियो जारी कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सरपंच ने जारी किया वीडियो, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद ग्राम पंचायत सरपंच अंतरसिंह लोधी ने गुरुवार सुबह 11 बजे एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी समाज के बारे में टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि करीब दो दिन पहले जातिवाद को लेकर दो ऑडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और सामाजिक लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर सरपंच ने वीडियो जारी कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।1
- आपसी सौहार्द और भाईचारे से मनाएं आगामी त्योहार, अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस रखेगी पैनी नजर भितरवार। आगामी ईद मिलाद-उन-नबी , रक्षाबंधन , श्री कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी सहित अन्य प्रमुख त्योहारों को शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। एसडीओपी गगन हनवत की अध्यक्षता में हुई इस शांति समिति की बैठक में अधिकारियों ने साफ किया कि भितरवार की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाने वाली हर गतिविधि पर पुलिस की सख्त नजर रहेगी। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओपी गगन हनवत ने कहा कि सभी धर्मों के त्योहार समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देते हैं। भितरवार की ऐतिहासिक और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पैनी नजर होने की बात कहते हुए सख्त चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक बयान देकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास न करे। ऐसा करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन अत्यंत सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों ने भी पुलिस और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तैरने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री नजर आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा और कानून- व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही है। इस मौके पर नगर के गणमान्य नागरिक , जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु व पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे ।2
- झांसी : मऊरानीपुर में उफान पर सुखनई नदी, प्रशासन अलर्ट, बारिश के बीच उपजिलाधिकारी ने किया निरीक्षण।1
- शादी के एक महीने महीने बाद रिश्ते में तूफान ! चाय-दूध में नींद की दवा देने का आरोप, घर में मिला कथित प्रेमी... प्रेमी ने भरी मांग !"1
- सुकवा दुकवा डेम पर हादसा: पैर फिसलने से युवक की मौत तेज बहाव के कारण नही कर पाया कोई नागरिक बचाने की कोशिश... बुंदेलखंड क्षेत्र बबीना के सुकवा दुकवा डेम से एक दुखद खबर सामने आई है। डेम पर पैर फिसलने से एक युवक तेज बहाव वाले पानी में जा गिरा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी का बहाव तेज होने के कारण मौके पर मौजूद आम नागरिक चाहकर भी युवक को बचाने में सफल नहीं हो सके। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना ने एक बार फिर डेम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज बहाव के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील है कि वे पानी के बेहद नजदीक जाने से बचें और प्रशासन द्वारा लगाए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- बझवाप्रा में लच मैरिज के बाद से घर में कलह: र्कू्टी चाর्जिंगक निवाट में देवरानी नेजेर को गर्म पानी डालक झुलसाया1
- 🚨 बड़ा हादसा टला, जिम्मेदारों पर उठे सवाल शिवपुरी। शहर के कमलागंज स्थित नवग्रह हनुमान मंदिर के पास एक विशालकाय पेड़ अचानक गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में जर्जर और खतरनाक पेड़ों को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं होती। सवाल यह है कि प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों करता है? यदि हादसे के वक्त पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति होता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में ऐसे सभी खतरनाक पेड़ों का सर्वे कराकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अनहोनी को रोका जा सके। सवाल साफ है—शिकायतों को गंभीरता से कब लिया जाएगा? 🚨 बड़ा हादसा टला, जिम्मेदारों पर उठे सवाल शिवपुरी। शहर के कमलागंज स्थित नवग्रह हनुमान मंदिर के पास एक विशालकाय पेड़ अचानक गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में जर्जर और खतरनाक पेड़ों को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं होती। सवाल यह है कि प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों करता है? यदि हादसे के वक्त पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति होता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में ऐसे सभी खतरनाक पेड़ों का सर्वे कराकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अनहोनी को रोका जा सके। सवाल साफ है—शिकायतों को गंभीरता से कब लिया जाएगा?1