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sukvind prajapati Hamirpur Uttar pradesh ग्राम अतरार में पाइप लाइन का पानी बहुत निकल रहा है जिससे पूरी सड़क खराब है आने जाने वालों वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है
Sukvind prajapati
sukvind prajapati Hamirpur Uttar pradesh ग्राम अतरार में पाइप लाइन का पानी बहुत निकल रहा है जिससे पूरी सड़क खराब है आने जाने वालों वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है
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- हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र के विदोखर मेदनी गांव में रिहायशी कच्चे मकान में आग लग जाने से घर गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। विदोखर मेदनी निवासी गिरिजा देवी ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे उसके कच्चे घर में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। जिससे घर गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया है। इस घटना में करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे लेखपाल ने रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को सौंपी है।3
- रनिया थाना क्षेत्र में भटकते हुए मिले किशोर की पहचान न होने पर पुलिस ने किशोर की फोटो सोशल मीडिया पर जारी की और लोगों से किशोर की पहचान करने की अपील की।थाना प्रभारी दिनेश गौतम ने बताया कि किशोर अपना नाम दीपेश बता रहा है।इसके अलावा कुछ नही बता पा रहा है।फिलहाल किशोर की पहचान हेतु भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।1
- Post by ब्यूरो चीफ विकाश सिंह1
- डेरापुर क्षेत्र के गलुवापुर गांव में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कब्जाधारियों को 72 घंटे के भीतर जमीन खाली करने की अंतिम चेतावनी जारी की है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत मिलने के बाद की गई। दत्तमपुर रोड स्थित गाटा संख्या 543, जिसका क्षेत्रफल लगभग 0.461 हेक्टेयर (करीब 5 बिस्वा) है, ग्राम पंचायत की संपत्ति के रूप में दर्ज है। आरोप है कि दस्तमपुर निवासी लाली पत्नी लालू कठेरिया द्वारा इस सरकारी जमीन पर अस्थायी “बंगला” रखकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। शिकायत मिलते ही राजस्व विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम में नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार द्विवेदी, क्षेत्रीय लेखपाल मनोज सचान, चौकी इंचार्ज गिरीश चंद्र पुलिस बल के साथ पहुंचे, वहीं ग्राम प्रधान रेखा देवी भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित पक्ष को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए जमीन खाली कराएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दोहराया कि ग्राम समाज की सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद्र ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बताया कि राजस्व टीम के साथ मौके पर जाकर कब्जा हटाने के लिए संबंधित पक्ष को तीन दिन का अंतिम समय दिया गया है। समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा आगे की कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- शनिवार को घाटमपुर तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भारतीय किसान यूनियन किसान के जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक कलीम और अन्य कार्यकर्ताओं ने सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे और मानक विहीन शराब की दुकानों को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। उन्होंने प्रशासन से इन मामलों में तुरंत कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा शिकायत पत्र में बताया गया है कि घाटमपुर की भूमि संख्या 313, जो राजस्व रिकॉर्ड में 'ऊसर' (बंजर) और सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है, पर कुछ धनाढ्य व्यक्तियों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इस भूमि पर मां संतोषी का एक मंदिर भी स्थित है, जिसकी आस-पास की जमीन को भी कब्जे से नहीं बख्शा गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर सभी अवैध कब्जों को हटाने की अपील की है। मानक विहीन शराब की दुकानें बनी परेशानी का सबब इसके अतिरिक्त, कस्बे में संचालित कई शराब की दुकानों पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ये दुकानें नियमों का उल्लंघन करते हुए शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों के बेहद करीब चल रही हैं। इन दुकानों के पास शराबियों के जमावड़े के कारण महिलाओं, बच्चों और अन्य सभ्रांत व्यक्तियों को अक्सर छींटाकसी, अश्लीलता और मारपीट जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे आम जनमानस में भारी रोष है।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि गांव सभा की संपत्ति को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए और शराब की दुकानों को मानकों के अनुरूप सार्वजनिक, धार्मिक और शिक्षण संस्थानों से उचित दूरी पर स्थापित किया जाए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस पर त्वरित कार्रवाई करेगा।1
- संवाददाता बांदा दैनिक । जनपद बांदा के कस्बा कमासिन निवासी रामसागर गर्ग (अध्यापक/प्रधानाचार्य) की सुपुत्री आशु गर्ग का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से पूरे कस्बे में खुशी और उत्साह का माहौल है। गृह आगमन पर आशु गर्ग का जोरदार स्वागत किया गया। पिता रामसागर गर्ग ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर बेटी का स्वागत किया, वहीं मिष्ठान वितरण कर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौजूद गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आशु गर्ग को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आशु गर्ग ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया और एक अच्छे मित्र की तरह मार्गदर्शन दिया, जिसकी बदौलत वे इस मुकाम तक पहुंच सकीं।1
- हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र के ग्राम अतरैया डेरा की एक विधवा संत वेशधारी महिला से हिस्ट्रीसीटर ने झांसा देकर एक लाख रुपये ले लिए। वापस मांगने पर हत्या करने की धमकी देकर सूरत चला गया है। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। अतरैया डेरा निवासी संत वेशधारी विधवा मिडिया निषाद ने बताया कि उसकी जान पहचान पड़ोसी गांव मिहुना निवासी जगभान यादव से थी। यह हत्या के एक मामले में अभियुक्त था। उसने कहा कि उसे सजा हो सकती है। सजा से बचने के लिए एक वकील करने की जरूरत है। जिसमें एक लाख रुपये देना है। उसने झांसे में आकर 50 हजार पेटीएम के माध्यम से तथा 50 हजार नकद दिए थे। अब रुपये वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।3
- जनपद कानपुर देहात में महिला सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 10.03.2026 को थाना रूरा पर वादी द्वारा लिखित तहरीर दी, कि दिनांक 05.03.2026 को मेरी दो नाबालिग पुत्रियां एक साथ कपड़ा खरीदने की बात कहकर एक साथ घर से निकली थी । जब देर शाम मेरी दोनो पुत्रियां वापस नही लौटी तो मैने अपनी बड़ी पुत्री के फोन पर सम्पर्क किया तो मुझे बताया हम दोनो बहनें सोनीपत जा रहे है, जब अगले दिन मेरी पुत्रियों द्वारा मुझे विवाह कर लेने के बारे में बताया गया । मेरी पुत्रियां नाबालिग है, मेरी पुत्रियां शिवली बाजार से कन्नौज निवासी विशाल व कृष्णा नाम के व्यक्ति जबरन ले गये है। जिसके सम्बन्ध में थाना रूरा पर मु0अ0सं0 75/2026 धारा 137(2)/87 बीएनएस बनाम 1. विशाल पुत्र अज्ञात निवासी कन्नौज, 2. कृष्णा पुत्र अज्ञात निवासी अज्ञात पंजीकृत किया गया । थाना रूरा पुलिस टीम द्वारा मुकदमा उपरोक्त में कार्यवाही करते हुए, पीड़िताओं की बरामदगी कर, पीड़िताओं के धारा 180/183 बीएनएसएस के बयान माननीय न्यायालय के समक्ष अंकित कराते हुए, बयान अवलोकन व अन्य साक्ष्य संकलन से मुकदमा उपरोक्त में धारा 64(1)/65(1) बीएनएस व ¾ एवं ¾(2) पॉक्सो एक्ट की बढोत्तरी की गयी । थाना रूरा पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए मुकदमा उपरोक्त में नामित अभियुक्तगण 1. विशाल पुत्र देवदत्त निवासी ग्राम माधवपुर, थाना ठठिया, जनपद कन्नौज, 2. कृष्णा पुत्र शिवदत्त निवासी ग्राम माधवपुर, थाना ठठिया, जनपद कन्नौज को थाना रूरा गेट के पास से दिनांक 03.04.2026 को गिरफ्तार किया गया । थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- बांदा जनपद में विद्युत विभाग की लापरवाही लगातार आम जनता पर भारी पड़ती जा रही है। ताजा मामला कमासिन क्षेत्र के ग्राम पंचायत बीरा से सामने आया है, जहां एक किसान 11 हजार वोल्ट की झूलती हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि बुधवार को किसान भूनेंद्र सिंह (उम्र लगभग 55 वर्ष) खेत में काम कर रहे थे, तभी वह नीचे झूल रही बिजली की तारों के संपर्क में आ गए। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बिजली लाइन बंद कराई और घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन पहुंचाया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए फतेहपुर ले गए, जहां उनका इलाज जारी है। किसान की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।परिजनों के मुताबिक भूनेंद्र सिंह के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है, और उनकी एक बेटी की शादी 20 अप्रैल को होनी है। इस हादसे के बाद परिवार में दुख और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के बीच झूल रही हाईटेंशन तारों की शिकायत पिछले एक वर्ष से लगातार विद्युत विभाग से की जा रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही लापरवाही अब इस बड़े हादसे की वजह बन गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।1