Shuru
Apke Nagar Ki App…
रेलवे ने एक ट्रेन के फर्स्ट एसी कूपे को कथित तौर पर 'हनीमून' थीम में सजाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 6 जुलाई को ट्रेन नंबर 11002 नांदेड़-सीएसएमटी नंदीग्राम एक्सप्रेस के 1AC कूपे की इस सजावट का वीडियो वायरल होने के बाद, ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, एक दंपति ने निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर बुक किया था। इस डेकोरेटर ने बिना किसी अनुमति के 1AC कोच में प्रवेश किया और कूपे को सजाया, जिसे एक गंभीर सुरक्षा चूक माना गया है। दक्षिण मध्य रेलवे ने इस पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस घटना में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामदत्त दाहिया
रेलवे ने एक ट्रेन के फर्स्ट एसी कूपे को कथित तौर पर 'हनीमून' थीम में सजाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 6 जुलाई को ट्रेन नंबर 11002 नांदेड़-सीएसएमटी नंदीग्राम एक्सप्रेस के 1AC कूपे की इस सजावट का वीडियो वायरल होने के बाद, ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, एक दंपति ने निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर बुक किया था। इस डेकोरेटर ने बिना किसी अनुमति के 1AC कोच में प्रवेश किया और कूपे को सजाया, जिसे एक गंभीर सुरक्षा चूक माना गया है। दक्षिण मध्य रेलवे ने इस पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस घटना में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
More news from Rewa and nearby areas
- मध्य प्रदेश का सबसे खतरनाक वॉटरफॉल जब अपने रौद्र रूप में आता है, तो उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है।1
- मैहर में चौरसिया समाज के लोगों ने शासन से पान की खेती को कृषि का दर्जा देने की मांग उठाई है। अधिवक्ता केशव प्रसाद चौरसिया ने इस प्रमुख मांग के साथ-साथ पान बरेजों के लिए भूमि के पट्टे, बांस-बल्लियों की पर्याप्त उपलब्धता और पान मंडी की स्थापना की भी मांग की है। समाज का कहना है कि पान की खेती धार्मिक, सांस्कृतिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद, पान उत्पादक किसानों को आज भी आवश्यक सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं। उन्हें प्राकृतिक आपदाओं या आग से फसल नष्ट होने पर भी पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती है। केशव प्रसाद चौरसिया ने पूर्व में भी सरकारों से कई बार इन मांगों को उठाया था, और तब के मुख्यमंत्रियों से आश्वासन भी मिले थे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसके अलावा, चौरसिया समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भी अपेक्षित भागीदारी न मिलने पर अपनी चिंता व्यक्त की है।1
- रीवा और मऊगंज जिलों में एमडी ड्रग्स के मामले में की गई पुलिस कार्यवाही के बाद जहाँ एक ओर पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस सफलता का श्रेय जन चौपाल को दिया, वहीं दूसरी ओर लालगाँव चौकी प्रभारी कंट्रोल रूम के बगल में बने सीएसपी कार्यालय और एक मंदिर के बीच में आरोपियों को सोशल मीडिया पर लाइव करवाते हुए दिखाई दिए।1
- मध्य प्रदेश के मैहर धाम स्थित माँ शारदा शक्तिपीठ में बुधवार को दोपहर की आरती संपन्न हुई। यह पूजन विधि प्रधान पुजारी द्वारा पूरी की गई।4
- सतना के कलेक्ट्रेट परिसर से एसडीएम रघुराजनगर ग्रामीण शाखा के बाबू शिवांक त्रिपाठी की स्कूटी चोरी हो गई है। MP19 MJ 9952 नंबर की इस स्कूटी की चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में पर्सनल लोन की राशि में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। एक पीड़ित ने अपने परिचित पर भरोसा का फायदा उठाकर उसके बैंक खाते से ₹75,000 निकालने का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, उसने अपने पुत्र के विवाह के लिए यूनियन बैंक की पुराना बस स्टैंड शाखा से ₹7 लाख का पर्सनल लोन लिया था। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण, पीड़ित ने लोन संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सात हस्ताक्षरित चेक अपने परिचित सतीश कुमार त्रिपाठी को सौंप दिए थे। पीड़ित का आरोप है कि इस विश्वास का दुरुपयोग करते हुए सतीश कुमार त्रिपाठी ने उसके खाते से ₹75,000 निकाल लिए। पीड़ित का कहना है कि शिकायत के बावजूद इस मामले में न तो निष्पक्ष जांच हुई है और न ही आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन भी बंद कर दी गई है। न्याय की आस में, पीड़ित ने अब पुलिस अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- मां शारदा शक्तिपीठ मैहर में 8 जुलाई 2026, बुधवार को काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन के साथ-साथ उनकी आरती का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अवसर मां शारदा शक्तिपीठ पर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।1
- सतना जिले के नगर परिषद बिरसिंहपुर के शिवाजी वार्ड क्रमांक 09 में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र एक जर्जर किराए के भवन में चल रहा है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। भवन की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश का पानी सीधे अंदर टपकता है, छत का प्लास्टर उखड़ चुका है और लोहे के सरिए तक बाहर निकल आए हैं। इसके बावजूद प्रतिदिन मासूम बच्चों को इसी खतरनाक भवन में बैठाकर आंगनवाड़ी का संचालन किया जा रहा है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या से कई बार अवगत कराने के बावजूद संबंधित परियोजना अधिकारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक न तो इस जर्जर भवन का निरीक्षण किया है और न ही केंद्र को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कोई पहल की है। अधिकारियों की इस उदासीनता के कारण मासूमों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है।1