बाघमारा में भगवान भोलेनाथ की बारात में झूमते -नाचते-गाते चले श्रद्धालु बाराती बाघमारा. (रिपोर्ट प्रेम कुमार). महाशिवरात्रि के पावन मौके पर रविवार संध्या बाघमारा स्थित बड़ी ठाकुर बाड़ी परिसर से शौर्य क्लब के तत्वाधान में भगवान भोलेनाथ की भव्य और विहंगम छटा लिए आकर्षक बारात की झांकी निकली. भगवान की इस बारात में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन पुरुष, महिलाएं व बच्चे इत्यादि शामिल हुए. गाजे-बाजे के साथ आकर्षक रथ पर सवार भगवान भोलेनाथ की झांकी बड़ा ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे. भगवान की यह बारात ठाकुर बाड़ी मंदिर परिसर से प्रारम्भ होकर बाघमारा मोड़, बाजार होते हुए जे पी चौंक व बाघमारा थाना तक गई. इस मौके पर बाघमारा मोड़ में शौर्य क्लब के द्वारा भगवान के बारात में शामिल सभी बारातियों के लिए शरबत, व फल इत्यादि वितरित किये गए. जबकि जे पी चौंक में भी श्रद्धालु व उत्साही युवकों द्वारा बारात में शामिल लोगो के बीच फल व शरबत व फ्रूटी इत्यादि का वितरण किया गया. भगवान के इस बारात में लोग झूमते -नाचते -गाते चल रहे थे.
बाघमारा में भगवान भोलेनाथ की बारात में झूमते -नाचते-गाते चले श्रद्धालु बाराती बाघमारा. (रिपोर्ट प्रेम कुमार). महाशिवरात्रि के पावन मौके पर रविवार संध्या बाघमारा स्थित बड़ी ठाकुर बाड़ी परिसर से शौर्य क्लब के तत्वाधान में भगवान भोलेनाथ की भव्य और विहंगम छटा लिए आकर्षक बारात की झांकी निकली. भगवान की इस बारात में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन पुरुष, महिलाएं व बच्चे इत्यादि शामिल हुए. गाजे-बाजे के साथ आकर्षक रथ पर सवार भगवान भोलेनाथ की झांकी बड़ा ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे. भगवान की यह बारात ठाकुर बाड़ी मंदिर परिसर से प्रारम्भ होकर बाघमारा मोड़, बाजार होते हुए जे पी चौंक व बाघमारा थाना तक गई. इस मौके पर बाघमारा मोड़ में शौर्य क्लब के द्वारा भगवान के बारात में शामिल सभी बारातियों के लिए शरबत, व फल इत्यादि वितरित किये गए. जबकि जे पी चौंक में भी श्रद्धालु व उत्साही युवकों द्वारा बारात में शामिल लोगो के बीच फल व शरबत व फ्रूटी इत्यादि का वितरण किया गया. भगवान के इस बारात में लोग झूमते -नाचते -गाते चल रहे थे.
- बाघमारा. (रिपोर्ट प्रेम कुमार). महाशिवरात्रि के पावन मौके पर रविवार संध्या बाघमारा स्थित बड़ी ठाकुर बाड़ी परिसर से शौर्य क्लब के तत्वाधान में भगवान भोलेनाथ की भव्य और विहंगम छटा लिए आकर्षक बारात की झांकी निकली. भगवान की इस बारात में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन पुरुष, महिलाएं व बच्चे इत्यादि शामिल हुए. गाजे-बाजे के साथ आकर्षक रथ पर सवार भगवान भोलेनाथ की झांकी बड़ा ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे. भगवान की यह बारात ठाकुर बाड़ी मंदिर परिसर से प्रारम्भ होकर बाघमारा मोड़, बाजार होते हुए जे पी चौंक व बाघमारा थाना तक गई. इस मौके पर बाघमारा मोड़ में शौर्य क्लब के द्वारा भगवान के बारात में शामिल सभी बारातियों के लिए शरबत, व फल इत्यादि वितरित किये गए. जबकि जे पी चौंक में भी श्रद्धालु व उत्साही युवकों द्वारा बारात में शामिल लोगो के बीच फल व शरबत व फ्रूटी इत्यादि का वितरण किया गया. भगवान के इस बारात में लोग झूमते -नाचते -गाते चल रहे थे.1
- धनबाद नगर निगम चुनाव में होगा खेला? राजनीतिक धुरंधरों की अग्नि परीक्षा1
- मेयर प्रत्याशी रवि बुंदेला का जनसंपर्क तेज, नया बाजार–वासेपुर–आजाद नगर में किया भ्रमण1
- आध्यात्मिक सनातन विकास परिषद की बैठक मठ की स्थापना और भूमि पूजन के संबंध में1
- मटकुरिया भुतनाथ मंदिर मै पूजा का शुरुआत हो चूका भक्तो का उमाडा भीड़1
- Post by विनोद कुमार मंडल10
- Post by Public Media news1
- कतरास: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कतरास सेवा केंद्र पर शिव जयंती बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर संस्थान की मुख्य संचालिका बीके प्रतिभा दीदी के सानिध्य में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। *केक काटकर और झंडा फहराकर दी बधाई* कार्यक्रम की शुरुआत नियमित मुरली क्लास से हुई, जिसके पश्चात बीके प्रतिभा दीदी ने बच्चों के साथ मिलकर शिव बाबा की याद में केक काटा। इसके उपरांत, केंद्र के छत परिसर में बाबा का रूहानी झंडा फहराया गया। झंडा फहराते ही वहां मौजूद सभी भाई-बहन ईश्वरीय प्रेम में भावविभोर होकर खुशी से झूम उठे। *नन्हे कलाकारों ने मोह लिया मन* समारोह का मुख्य आकर्षण नन्हीं बच्चियों द्वारा प्रस्तुत की गई मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति रही। ईश्वरीय भजनों पर आधारित इन नृत्यों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए और उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। *परमात्मा का संदेश दिया* इस अवसर पर बीके प्रतिभा दीदी ने सभी को शिव जयंती की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व स्वयं के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश को आत्मसात करने का प्रतीक है। कार्यक्रम में केंद्र के दर्जनों भाई-बहन उपस्थित रहे, कार्यक्रम के अंत में भोग का वितरण किया गया।1