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प्रशांत किशोर ने बिहार नवनिर्माण आश्रम और जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के एक साल के राजनीतिक विराम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए बिहार की राजनीति में इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाए।
जनसत्ता NEWS@
प्रशांत किशोर ने बिहार नवनिर्माण आश्रम और जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के एक साल के राजनीतिक विराम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए बिहार की राजनीति में इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाए।
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- प्रशांत किशोर ने बिहार नवनिर्माण आश्रम और जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के एक साल के राजनीतिक विराम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए बिहार की राजनीति में इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाए।1
- गुठनी थाना क्षेत्र के गुठनी चौराहे पर एक ट्रक ने बिजली के खंभे में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से खंभा टूट गया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। बिजली विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है।1
- सिवान के काग़ज़ी मोहल्ला घाट का कायाकल्प कर दिया गया है। सिवान नगर परिषद ने लोहे की जाली लगाकर इसे अब और सुंदर बना दिया है, जिससे इसकी बदहाली दूर हुई है।2
- बलिया जिले के सहतवार स्थित श्री चैनराम बाबा समाधि स्थल पर आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। यह महायज्ञ हर तीन साल में आने वाले पुरुषोत्तम मास में होता है, और इस बार हर बार से अधिक भीड़ देखने को मिली।1
- बिहार के मोहम्मद युसूफ मामले में मुख्य आरोपी मो. कैफ उर्फ बंटी समेत अन्य सभी अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में यह अहम फैसला सुनाया है।1
- सीवान जिले के फरछुआ गांव में गुलर के पेड़ के विवाद में घायल युवक मंटू यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।1
- बलिया के घोड़हड़ा फील्ड के पास J. K. पैलेस मैरिज हॉल शुरू हो गया है। संचालक जावेद खान का दावा है कि यह ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कम बजट में आधुनिक सुविधाएं देगा और उनके आयोजनों को आसान बनाएगा।1
- देश में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब ₹3.20 लाख करोड़ की सरकारी तिजोरी की चाबी ₹10 हज़ार में सौंप दी जाएगी, तो गरीबी कैसे दूर होगी। यह स्थिति बड़े पैमाने पर वित्तीय कुप्रबंधन या भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंताएं पैदा करती है। इसका सीधा असर आम जनता और गरीबों को मिलने वाले लाभों पर पड़ेगा।1