सिवनी-कंटगी मार्ग पर शुक्रवार को भारत पेट्रोलियम का एक टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा एक खतरनाक अंधे मोड़ पर हुआ, जहाँ पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ सुरक्षा इंतजामों और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण बार-बार हादसे होते हैं। हादसे के बाद मौके पर कुछ लोग बर्तन और कैन लेकर ईंधन लेने के लिए जमा हो गए, जबकि ईंधन रिसाव के कारण इस स्थिति में आग या विस्फोट का गंभीर खतरा बना हुआ था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर तत्काल सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सिवनी-कंटगी मार्ग पर शुक्रवार को भारत पेट्रोलियम का एक टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा एक खतरनाक अंधे मोड़ पर हुआ, जहाँ पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ सुरक्षा इंतजामों और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण बार-बार हादसे होते हैं। हादसे के बाद मौके पर कुछ लोग बर्तन और कैन लेकर ईंधन लेने के लिए जमा हो गए, जबकि ईंधन रिसाव के कारण इस स्थिति में आग या विस्फोट का गंभीर खतरा बना हुआ था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर तत्काल सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
- सिवनी जिले के कुरई विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सेटेवानी के आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। जर्जर भवन की छत से बरसात का पानी लगातार रिसाव कर रहा है, जिससे कमरे के भीतर पानी भर जाता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भवन के अंदर के लोहे के सरिए पूरी तरह गल चुके हैं, और पूर्व में दीवारों की सजावट के बावजूद छत का रिसाव बंद नहीं हो सका है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गंगेश्वरी तेकाम ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर पिछले एक महीने से अध्यापन कार्य केंद्र के बजाय गांव की सहायिका के भाई, जीवनलाल टेकाम के घर के बरामदे में कराया जा रहा है। वर्तमान में इस केंद्र में 22 बच्चों के नाम दर्ज हैं, जबकि कुल 55 बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यहां सेवाएं दी जाती हैं। ग्रामीणों में इस बुनियादी समस्या को लेकर भारी आक्रोश है। पंकज श्रीवास्तव, नरेश उइके, अजय कवरेती, भारती उईके और प्रेम कुमारी मर्सकोले सहित अन्य अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर भवन को तत्काल डिस्मेंटल कर वहां एक नवीन भवन का निर्माण किया जाए।2
- सिवनी जिले के कुरई थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गौवंश परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने मौके से 8 गौवंश को बरामद किया है। अवैध रूप से जानवरों को ले जाने में इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव के लिए टिकट की घोषणा के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर भारी विरोध और बवाल देखने को मिला है। टिकट वितरण से नाराज समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया है। विरोध का स्तर इतना बढ़ गया कि दतिया में हाईवे जाम कर दिया गया। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने अपनी नाराजगी जताते हुए जमकर प्रदर्शन किया, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के विरोध में वारासिवनी की महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। 'समस्त मातृ शक्ति संगठन' के बैनर तले शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में महिलाएं जय स्तंभ चौक पर एकत्रित हुईं और 'बेटी बचाओ' तथा 'न्याय की पुकार' का संकल्प लेकर शांति मार्च निकाला। यह शांतिपूर्ण मार्च जय स्तंभ चौक से शुरू होकर अंबेडकर चौक और नेहरू चौक से होते हुए सीधे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंचा। प्रदर्शन में अमेय शक्ति फाउंडेशन, ड्रीम वूमेन्स फाउंडेशन, स्नेहशक्ति फाउंडेशन और मातृशक्ति मंच सहित कई महिला संस्थाओं से जुड़ी सैकड़ों जागरूक महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान डॉ. भारती सुराना, डॉ. स्मिता ताथौड़, डॉ. जयश्री अरोरा, ममता बंसोड़, श्रीति पालेवार, श्यामा बोरकर, हर्षिता शिवहरे, मीना आचार्य, वर्षा सोनी, रीना कासल, मिनाक्षी ठाकरे, अनुजा श्रीवास्तव, भावना अग्रवाल, तुलसी शर्मा, स्मिता जायसवाल, शीतल अरोरा, मंजू भोंडले, सीमा पारधी, पूनम झा, मोनिका सोनेकर और वैशाली डहरवाल सहित अन्य प्रमुख महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रदर्शन के अंत में, इन महिलाओं ने मासूम बेटी को न्याय दिलाने का संकल्प लिया और एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार वंदना कुशराम को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।1
- छिंदवाड़ा स्थित कन्या परिसर में जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान विभाग से संबंधित विभिन्न पहलुओं और कन्या परिसर की कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई।1
- सिवनी जिले के बरघाट स्थित सिविल अस्पताल में एक बड़ी दुर्घटना टल गई, जहाँ आग लगने की घटना पर समय रहते काबू पा लिया गया। 7 जुलाई को अस्पताल की लेखा शाखा में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग भड़क उठी थी, लेकिन वहाँ मौजूद आउटसोर्स सफाई सुपरवाइजर और प्रशिक्षणार्थी महेश बिसेन ने बिना घबराए अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। महेश बिसेन ने होमगार्ड विभाग के सात दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण शिविर में सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए अग्निशमन यंत्र की मदद से आग को फैलने से रोक लिया। उनकी इस तत्परता और साहस के चलते बड़ा हादसा होने से बच गया। इस सराहनीय कार्य के लिए 8 जुलाई को आयोजित प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में कलेक्टर नेहा मीना ने श्री बिसेन को प्रशस्ति पत्र और 5,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।1
- सिवनी-कंटगी मार्ग पर शुक्रवार को भारत पेट्रोलियम का एक टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा एक खतरनाक अंधे मोड़ पर हुआ, जहाँ पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ सुरक्षा इंतजामों और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण बार-बार हादसे होते हैं। हादसे के बाद मौके पर कुछ लोग बर्तन और कैन लेकर ईंधन लेने के लिए जमा हो गए, जबकि ईंधन रिसाव के कारण इस स्थिति में आग या विस्फोट का गंभीर खतरा बना हुआ था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर तत्काल सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1