मेरठ में हुआ वायु सेना का प्रदर्शन । रविवार सुबह हुआ एयर शो *हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान; आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान* *-सूर्यकिरण के नौ हॉक विमानों ने एयर शो में 30 मिनट तक दिखाए हैरतअंगेज करतब* *-जाबांज पायलटों ने हॉक विमानों के धुएं से कभी बनाया दिल तो कभी बनाया तिरंगा* *-करतब देख तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठा न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप* मेरठ। रविवार की सुबह लगभग साढे़ बजे आसमान में सबसे पहले विमानों की गूंजती गर्जना सुनाई दी... फिर देखते ही देखते नौ विमान एक साथ नजर आए और हजारों निगाहें वहीं ठहर गईं। पलक झपकते विमान नीचे आए, तेजी से पलटे और फिर आसमान की ऊंचाई में पहुंच गए। कुछ क्षण बाद धुएं की लकीरों ने आसमान पर तिरंगा उकेर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने दिल की आकृति बनाई तो न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठी। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के एयर शो का रविवार को दूसरा दिन था। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो ने प्रदेश में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को भी नई ऊर्जा दी। करतबों के बीच मैदान लगातार तालियों और ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’ के नारों से गूंजता रहा। *पांच मीटर के फासले पर क्रास हुए विमान* सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो के दूसरे दिन शनिवार की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ थी। वायुसेना ने लगभग 30 मिनट तक रोमांच और शौर्य से भरा हवाई प्रदर्शन किया। हर करतब के साथ भारत माता की जय और जय हिंद के नारे वातावरण में गूंजते रहे। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर आए हॉक एमके-132 विमानों ने ऐसा तालमेल दिखाया कि दर्शकों की आंखें कुछ देर के लिए जैसे आसमान पर जम गईं। कई बार दो विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए। कभी विमान तेजी से नीचे आते और उसी रफ्तार में ऊपर उठ जाते तो कभी दो विमान आमने-सामने से क्रास होते हुए नजर आए। यह दृश्य आते ही मैदान में मौजूद लोगों के मुंह से अनायास चीख निकल गई और अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। बच्चों और युवाओं में एयर शो का अलग ही उत्साह दिखाई दिया। कोई हाथ से विमानों की दिशा बताता रहा तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए रहा। बच्चों ने कहा कि विमान इतनी तेजी से कलाबाजी कर रहे थे कि आंखें हटाने का मन ही नहीं हुआ। कई बच्चों ने इसे पहली बार प्रत्यक्ष देखा और कहा कि प्रदर्शन ने उन्हें वायुसेना के बारे में जानने तथा देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी। *तीन दशक से शौर्य दिखा रही सूर्यकिरण: रक्षा राज्य मंत्री* दूसरे दिन एयरशो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर अपने प्रदर्शन से भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि आसमान में दिखने वाला यह प्रदर्शन केवल रोमांच नहीं, बल्कि साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं। राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिनतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलट आसमान में जिस कौशल का प्रदर्शन करते हैं, उससे भारतीय सैन्य शक्ति का एक अलग आयाम सामने आता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरणा देते हैं। राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। मेरठ क्रांति की धरती है और यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ़ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तथा भारी संख्या में आम जनमानस मौजूद रहे। *दूसरे दिन भी मेरठ के तीन पायलटों का जलवा* सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। *मकान की छतों पर जमे रहे लोग* एयर शो देखने के लिए सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पहुंचे। इस दौरान जो जहां था, वह वहीं से एयर शो देखने के लिए रुक गया। कार्यक्रम वाले स्थल से दूर तक लोगों का हुजूम ही नजर आ रहा था। दूर स्थित मकानों की छतों पर खड़े होकर भी लोगों ने एयर शो के नजारे देखे। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था। इस दौरान हर कोई विमानों की अठखेलियाँ अपने गैजेट्स में संजोकर रखना चाहता था। *हर उम्र के चेहरे पर दिखाई दिया रोमांच* हर उम्र के लोगों पर एयर शो का रोमांच दिखाई दिया। सबसे ज्यादा बच्चे रोमांचित नजर आए। विमान की गर्जना सुनते ही बच्चे आसमान की ओर उंगली उठाकर एक-दूसरे को विमान दिखाते रहे। जैसे ही दो विमान बेहद कम दूरी से आमने-सामने क्रास हुए, कई बच्चों के मुंह से एक साथ ‘ओह...’ निकल पड़ा। अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। छात्र अविरल ने उत्साहित होकर कहा, जब दोनों विमान एक-दूसरे की तरफ आए तो लगा अब क्या होगा, लेकिन पायलट ने इतनी तेजी से विमान मोड़ा कि हम देखते ही रह गए। छात्रा अनन्या ने कहा, मैं एक भी करतब मिस नहीं करना चाहती थी। विमान आते ही मोबाइल ऊपर कर देती थी। जब तिरंगा बना तो सच में बहुत अच्छा लगा, उस समय वीडियो बनाना भी भूल गई और बस आसमान देखती रह गई। सौरभ ने कहा, पहले विमान सिर्फ टीवी और वीडियो में देखे थे, लेकिन आज सामने से इतनी ऊंचाई पर उड़ते देखा तो लगा जैसे कोई फिल्म चल रही हो। सबसे ज्यादा मजा तब आया जब सारे विमान एक साथ घूमे।
मेरठ में हुआ वायु सेना का प्रदर्शन । रविवार सुबह हुआ एयर शो *हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान; आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान* *-सूर्यकिरण के नौ हॉक विमानों ने एयर शो में 30 मिनट तक दिखाए हैरतअंगेज करतब* *-जाबांज पायलटों ने हॉक विमानों के धुएं से कभी बनाया दिल तो कभी बनाया तिरंगा* *-करतब देख तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठा न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप* मेरठ। रविवार की सुबह लगभग साढे़ बजे आसमान में सबसे पहले विमानों की गूंजती गर्जना सुनाई दी... फिर देखते ही देखते नौ विमान एक साथ नजर आए और हजारों निगाहें वहीं ठहर गईं। पलक झपकते विमान नीचे आए, तेजी से पलटे और फिर आसमान की ऊंचाई में पहुंच गए। कुछ क्षण बाद धुएं की लकीरों ने आसमान पर तिरंगा उकेर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने दिल की आकृति बनाई तो न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठी। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के एयर शो का रविवार को दूसरा दिन था। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो ने प्रदेश में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को भी नई ऊर्जा दी। करतबों के बीच मैदान लगातार तालियों और ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’ के नारों से गूंजता रहा। *पांच मीटर के फासले पर क्रास हुए विमान* सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो के दूसरे दिन शनिवार की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ थी। वायुसेना ने लगभग 30 मिनट तक रोमांच और शौर्य से भरा हवाई प्रदर्शन किया। हर करतब के साथ
भारत माता की जय और जय हिंद के नारे वातावरण में गूंजते रहे। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर आए हॉक एमके-132 विमानों ने ऐसा तालमेल दिखाया कि दर्शकों की आंखें कुछ देर के लिए जैसे आसमान पर जम गईं। कई बार दो विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए। कभी विमान तेजी से नीचे आते और उसी रफ्तार में ऊपर उठ जाते तो कभी दो विमान आमने-सामने से क्रास होते हुए नजर आए। यह दृश्य आते ही मैदान में मौजूद लोगों के मुंह से अनायास चीख निकल गई और अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। बच्चों और युवाओं में एयर शो का अलग ही उत्साह दिखाई दिया। कोई हाथ से विमानों की दिशा बताता रहा तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए रहा। बच्चों ने कहा कि विमान इतनी तेजी से कलाबाजी कर रहे थे कि आंखें हटाने का मन ही नहीं हुआ। कई बच्चों ने इसे पहली बार प्रत्यक्ष देखा और कहा कि प्रदर्शन ने उन्हें वायुसेना के बारे में जानने तथा देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी। *तीन दशक से शौर्य दिखा रही सूर्यकिरण: रक्षा राज्य मंत्री* दूसरे दिन एयरशो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर अपने प्रदर्शन से भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि आसमान में दिखने वाला यह प्रदर्शन केवल रोमांच नहीं, बल्कि साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा करने के लिए
प्रेरित करते हैं। राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिनतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलट आसमान में जिस कौशल का प्रदर्शन करते हैं, उससे भारतीय सैन्य शक्ति का एक अलग आयाम सामने आता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरणा देते हैं। राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। मेरठ क्रांति की धरती है और यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ़ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तथा भारी संख्या में आम जनमानस मौजूद रहे। *दूसरे दिन भी मेरठ के तीन पायलटों का जलवा* सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। *मकान की छतों पर जमे रहे लोग* एयर शो देखने के लिए सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे
और युवा पहुंचे। इस दौरान जो जहां था, वह वहीं से एयर शो देखने के लिए रुक गया। कार्यक्रम वाले स्थल से दूर तक लोगों का हुजूम ही नजर आ रहा था। दूर स्थित मकानों की छतों पर खड़े होकर भी लोगों ने एयर शो के नजारे देखे। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था। इस दौरान हर कोई विमानों की अठखेलियाँ अपने गैजेट्स में संजोकर रखना चाहता था। *हर उम्र के चेहरे पर दिखाई दिया रोमांच* हर उम्र के लोगों पर एयर शो का रोमांच दिखाई दिया। सबसे ज्यादा बच्चे रोमांचित नजर आए। विमान की गर्जना सुनते ही बच्चे आसमान की ओर उंगली उठाकर एक-दूसरे को विमान दिखाते रहे। जैसे ही दो विमान बेहद कम दूरी से आमने-सामने क्रास हुए, कई बच्चों के मुंह से एक साथ ‘ओह...’ निकल पड़ा। अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। छात्र अविरल ने उत्साहित होकर कहा, जब दोनों विमान एक-दूसरे की तरफ आए तो लगा अब क्या होगा, लेकिन पायलट ने इतनी तेजी से विमान मोड़ा कि हम देखते ही रह गए। छात्रा अनन्या ने कहा, मैं एक भी करतब मिस नहीं करना चाहती थी। विमान आते ही मोबाइल ऊपर कर देती थी। जब तिरंगा बना तो सच में बहुत अच्छा लगा, उस समय वीडियो बनाना भी भूल गई और बस आसमान देखती रह गई। सौरभ ने कहा, पहले विमान सिर्फ टीवी और वीडियो में देखे थे, लेकिन आज सामने से इतनी ऊंचाई पर उड़ते देखा तो लगा जैसे कोई फिल्म चल रही हो। सबसे ज्यादा मजा तब आया जब सारे विमान एक साथ घूमे।
- MP:जंप ब्लॉक इकाई की बैठक सम्पन्न, पांच नए पत्रकार संगठन से जुड़े*1
- मेरठ में हुआ वायु सेना का प्रदर्शन । रविवार सुबह हुआ एयर शो *हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान; आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान* *-सूर्यकिरण के नौ हॉक विमानों ने एयर शो में 30 मिनट तक दिखाए हैरतअंगेज करतब* *-जाबांज पायलटों ने हॉक विमानों के धुएं से कभी बनाया दिल तो कभी बनाया तिरंगा* *-करतब देख तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठा न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप* मेरठ। रविवार की सुबह लगभग साढे़ बजे आसमान में सबसे पहले विमानों की गूंजती गर्जना सुनाई दी... फिर देखते ही देखते नौ विमान एक साथ नजर आए और हजारों निगाहें वहीं ठहर गईं। पलक झपकते विमान नीचे आए, तेजी से पलटे और फिर आसमान की ऊंचाई में पहुंच गए। कुछ क्षण बाद धुएं की लकीरों ने आसमान पर तिरंगा उकेर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने दिल की आकृति बनाई तो न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठी। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के एयर शो का रविवार को दूसरा दिन था। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो ने प्रदेश में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को भी नई ऊर्जा दी। करतबों के बीच मैदान लगातार तालियों और ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’ के नारों से गूंजता रहा। *पांच मीटर के फासले पर क्रास हुए विमान* सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो के दूसरे दिन शनिवार की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ थी। वायुसेना ने लगभग 30 मिनट तक रोमांच और शौर्य से भरा हवाई प्रदर्शन किया। हर करतब के साथ भारत माता की जय और जय हिंद के नारे वातावरण में गूंजते रहे। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर आए हॉक एमके-132 विमानों ने ऐसा तालमेल दिखाया कि दर्शकों की आंखें कुछ देर के लिए जैसे आसमान पर जम गईं। कई बार दो विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए। कभी विमान तेजी से नीचे आते और उसी रफ्तार में ऊपर उठ जाते तो कभी दो विमान आमने-सामने से क्रास होते हुए नजर आए। यह दृश्य आते ही मैदान में मौजूद लोगों के मुंह से अनायास चीख निकल गई और अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। बच्चों और युवाओं में एयर शो का अलग ही उत्साह दिखाई दिया। कोई हाथ से विमानों की दिशा बताता रहा तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए रहा। बच्चों ने कहा कि विमान इतनी तेजी से कलाबाजी कर रहे थे कि आंखें हटाने का मन ही नहीं हुआ। कई बच्चों ने इसे पहली बार प्रत्यक्ष देखा और कहा कि प्रदर्शन ने उन्हें वायुसेना के बारे में जानने तथा देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी। *तीन दशक से शौर्य दिखा रही सूर्यकिरण: रक्षा राज्य मंत्री* दूसरे दिन एयरशो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर अपने प्रदर्शन से भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि आसमान में दिखने वाला यह प्रदर्शन केवल रोमांच नहीं, बल्कि साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं। राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिनतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलट आसमान में जिस कौशल का प्रदर्शन करते हैं, उससे भारतीय सैन्य शक्ति का एक अलग आयाम सामने आता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरणा देते हैं। राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। मेरठ क्रांति की धरती है और यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ़ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तथा भारी संख्या में आम जनमानस मौजूद रहे। *दूसरे दिन भी मेरठ के तीन पायलटों का जलवा* सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। *मकान की छतों पर जमे रहे लोग* एयर शो देखने के लिए सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पहुंचे। इस दौरान जो जहां था, वह वहीं से एयर शो देखने के लिए रुक गया। कार्यक्रम वाले स्थल से दूर तक लोगों का हुजूम ही नजर आ रहा था। दूर स्थित मकानों की छतों पर खड़े होकर भी लोगों ने एयर शो के नजारे देखे। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था। इस दौरान हर कोई विमानों की अठखेलियाँ अपने गैजेट्स में संजोकर रखना चाहता था। *हर उम्र के चेहरे पर दिखाई दिया रोमांच* हर उम्र के लोगों पर एयर शो का रोमांच दिखाई दिया। सबसे ज्यादा बच्चे रोमांचित नजर आए। विमान की गर्जना सुनते ही बच्चे आसमान की ओर उंगली उठाकर एक-दूसरे को विमान दिखाते रहे। जैसे ही दो विमान बेहद कम दूरी से आमने-सामने क्रास हुए, कई बच्चों के मुंह से एक साथ ‘ओह...’ निकल पड़ा। अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। छात्र अविरल ने उत्साहित होकर कहा, जब दोनों विमान एक-दूसरे की तरफ आए तो लगा अब क्या होगा, लेकिन पायलट ने इतनी तेजी से विमान मोड़ा कि हम देखते ही रह गए। छात्रा अनन्या ने कहा, मैं एक भी करतब मिस नहीं करना चाहती थी। विमान आते ही मोबाइल ऊपर कर देती थी। जब तिरंगा बना तो सच में बहुत अच्छा लगा, उस समय वीडियो बनाना भी भूल गई और बस आसमान देखती रह गई। सौरभ ने कहा, पहले विमान सिर्फ टीवी और वीडियो में देखे थे, लेकिन आज सामने से इतनी ऊंचाई पर उड़ते देखा तो लगा जैसे कोई फिल्म चल रही हो। सबसे ज्यादा मजा तब आया जब सारे विमान एक साथ घूमे।4
- समाजवादी पार्टी की केराना सांसद इकरा हसन मेरठ की सरधना विधानसभा पहुंची जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश अनुसार सरधना से विधायक अतुल प्रधान ने हाई स्कूल में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण की छात्राओं को साइकिल वितरण1
- मेरठ में सपा की PDA पंचायत, शाहिद मंजूर का 2027 को लेकर बड़ा दावा मेरठ में समाजवादी पार्टी की PDA पंचायत के जरिए 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का संदेश दिया गया। किठौर विधायक और पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने पंचायत में पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने की बात कही। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट भी शाहिद मंजूर को किठौर से सपा विधायक के रूप में दर्ज करती है। शाहिद मंजूर ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने किठौर से दोबारा चुनाव लड़ने की बात भी कही। यह उनके राजनीतिक बयान और दावा हैं, चुनावी परिणाम की स्वतंत्र भविष्यवाणी नहीं। मेरठ में सपा की PDA गतिविधियों को लेकर पहले भी पंचायतें आयोजित हो चुकी हैं। PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों को केंद्र में रखकर सपा 2027 की तैयारियों में संगठनात्मक कार्यक्रम कर रही है। पार्टी की आगामी PDA यात्रा की भी रिपोर्ट सामने आई है। #Meerut #SamajwadiParty #PDA #ShahidManzoor #AkhileshYadav #Kithore #UPPolitics #UPNews #PoliticalNews #MeerutNews #UttarPradesh #ERadioIndia1
- ग्राम खडोली मेरठ में सपा पार्षद नहीं करा रहा कोई भी काम जनता हो रही परेशान ग्राम खडोली वार्ड 38 मेरठ में सपा पार्षद ने आज तक कोई काम नहीं किया है इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें जिसे यह प्रशसन तक पहुंचा सके यहां गांव की हालत इतनी खराब है कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए पानी भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है1
- Abhi Abhi Nainital mein aaya hun bhai ek hi lagane Dekho kaise Main aisi lagata hun call 8899698180 yahan aaj mujhe teesra din hai aur Dekho Main kaise kam karta hun to mere se related koi bhi bhai AC ko lekar agar pareshan ho to bhai ek bar contact jarur Karen sorry problem Se dur kar dunga ek bar mein 88996981801
- वार्ड 9 में गंदगी का अंबार, जनता पूछ रही-सफाई व्यवस्था आखिर गई कहां? मेरठ के साधु नगर की तस्वीरें वार्ड 9 की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। कूड़ा, कबाड़, पशुओं का गोबर और गंदगी के बीच गलियों की हालत देखकर स्थानीय लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई सफाईकर्मी समय पर ड्यूटी नहीं पहुंचते और घर-घर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नियमित नहीं आती। वहीं नगर निगम की ओर से स्वच्छता अभियान को लेकर बैठकों और तैयारियों की जानकारी सामने आती रही है। तो सवाल सीधा है-स्वच्छता अभियान बैठकों तक सीमित है या उसकी तस्वीर जमीन पर भी दिखाई देगी? वार्ड की पार्षद रेशमा सोनकर और नगर निगम अधिकारियों का पक्ष इन आरोपों पर सामने आना बाकी है। व्यंग्य में बस इतना ही-शायद वार्ड 9 की नाली और कूड़े का मुद्दा अभी इतना बड़ा नहीं हुआ कि राष्ट्रीय मुद्दा बन सके! #Meerut #MeerutNews #Ward9 #SadhuNagar #Cleanliness #SwachhBharat #MeerutMunicipalCorporation #CivicIssues #ReshmaSonkar #GarbageProblem #UPNews #UttarPradesh #ERadioIndia1
- भीषण सड़क हादसे में हैदराबाद के एक प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन कसाकुर्ती जगदीश की जिंदा जलकर मौत हो गई। *हैदराबाद।* तेलंगाना से सूर्यपेट जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रविवार की सुबह यहां एक भीषण सड़क हादसे में हैदराबाद के एक प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन कसाकुर्ती जगदीश की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार में डिवाइडर से टकराने के बाद आग लग गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। यह दुर्घटना रविवार सुबह करीब 7:15 बजे खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर सूर्यपेट के पिल्लामरी के पास हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर की तेज रफ्तार वोल्वो कार अचानक बेकाबू हो गई और सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में तुरंत आग लग गई और कुछ ही पलों में पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई। बता दें कि घटना के तुरंत बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। जब तक दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचती और आग पर काबू पाती, तब तक पूरी कार जल चुकी थी और अंदर बैठे डॉक्टर की दम घुटने और आग में झुलसने से मौत हो चुकी थी। कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए मृतक की पहचान डॉ. कासकुर्ती जगदीश के रूप में हुई है। वे खम्मम के ममता अस्पताल में न्यूरोसर्जन के रूप में कार्यरत थे और रविवार को अपना काम खत्म कर परिवार से मिलने खम्मम से हैदराबाद लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि गाड़ी चलाते वक्त डॉक्टर को झपकी आ गई होगी, जिसकी वजह से नियंत्रण खोने पर यह हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और फोरेंसिक टीम ने जले हुए अवशेषों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।3