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कान्हा जी की छठी के उपलक्ष्य सायं 7 बजे 9 बजे तक संकीर्तन 100 से ज्यादा स्वरूप बने ब श्री कृष्ण मंदिर( कृष्णा नगर) में कान्हा जी की छठी के उपलक्ष्य सायं 7 बजे 9 बजे तक संकीर्तन 100 से ज्यादा स्वरूप बने बच्चों को मंदिर की तरफ से पुरस्कार वितरण किया गया तत्पश्चात विशाल भंडारा हुआ, कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर पुजारी श्री अखिलेश शास्त्री जी , प्रधान प्रेम प्रकाश नारंग ,उप प्रधान हरीश बजाज, महामंत्री कमलेश सचदेवा , युवा प्रधान संजीव सचदेवा,नवीन सचदेवा,विनोद सचदेवा , भारत भूषण खुराना,ज्योति स्वरूप सचदेवा,जसवंत जयसिंह,मनीष सचदेवा, कुलदीप कालरा ,अजय सचदेवा ,पूनम अवस्थी,नीलम गुप्ता, नलिनी ओमर, रजनी आनंद, बिमला खुराना, मोहनदेवी ,सुषमा सचदेवा , रोजी खुराना सहित सैकड़ों लोग उपस्थित हुए।
Arvind Kumar Pandey
कान्हा जी की छठी के उपलक्ष्य सायं 7 बजे 9 बजे तक संकीर्तन 100 से ज्यादा स्वरूप बने ब श्री कृष्ण मंदिर( कृष्णा नगर) में कान्हा जी की छठी के उपलक्ष्य सायं 7 बजे 9 बजे तक संकीर्तन 100 से ज्यादा स्वरूप बने बच्चों को मंदिर की तरफ से पुरस्कार वितरण किया गया तत्पश्चात विशाल भंडारा हुआ, कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर पुजारी श्री अखिलेश शास्त्री जी , प्रधान प्रेम प्रकाश नारंग ,उप प्रधान हरीश बजाज, महामंत्री कमलेश सचदेवा , युवा प्रधान संजीव सचदेवा,नवीन सचदेवा,विनोद सचदेवा , भारत भूषण खुराना,ज्योति स्वरूप सचदेवा,जसवंत जयसिंह,मनीष सचदेवा, कुलदीप कालरा ,अजय सचदेवा ,पूनम अवस्थी,नीलम गुप्ता, नलिनी ओमर, रजनी आनंद, बिमला खुराना, मोहनदेवी ,सुषमा सचदेवा , रोजी खुराना सहित सैकड़ों लोग उपस्थित हुए।
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- युवाओं को रोजगार, महिलाओं को अवसर और किसानों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता शाहजहांपुर को बेहतर बनाना ही हमारा एजेंडा : सुरेश खन्ना युवाओं को रोजगार, महिलाओं को अवसर और किसानों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता शाहजहांपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं शाहजहांपुर के वरिष्ठ नेता सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि शाहजहांपुर को विकास के पथ पर और आगे ले जाना ही उनका प्रमुख एजेंडा है। किसान, युवा और महिलाओं के हितों को केंद्र में रखते हुए सरकार लगातार योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अब तक लाखों लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ भी शामिल हैं। महिलाओं को उनके अधिकारों के अनुरूप आरक्षण का लाभ भी दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि आगामी समय में भी बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नियुक्तियाँ दी जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया में योग्यता और क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है—न भाई-भतीजावाद, न पैसे का खेल और न किसी तरह का पक्षपात। उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान और उनकी आय को मजबूत करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। किसान हित में लगातार योजनाएँ और प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। सुरेश खन्ना ने कहा कि किसान, युवा और महिलाएँ विकास की मुख्य धुरी हैं। इन तीनों वर्गों को सशक्त बनाकर शाहजहांपुर को विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं के मामले में और आगे ले जाना ही सरकार और उनका संकल्प है1
- जन्माष्टमी के बाल कलाकारों पर बरसा स्नेह, सम्मान से खिले चेहरे छठी उत्सव पर प्राचीन शिव बड़ा मंदिर में देव स्वरूप धारण करने वाले बच्चों का हुआ सम्मान1
- सवाल पूछने पर लोकतंत्र की लिंचिंग? उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव को लेकर सामने आए आरोप बेहद गंभीर हैं। आरोप है कि एक तीखे सवाल के बाद उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा, भाजपा कार्यालय में घेरकर धमकाया गया और उन पर बुलडोजर कार्रवाई का डर पैदा किया गया। इतना ही नहीं, पत्रकार का दावा है कि खुफिया तंत्र यानी LIU तक उनके पीछे लगाया गया। अगर किसी पत्रकार को सत्ता से सवाल पूछने की कीमत नौकरी गंवाकर, धमकियां झेलकर और सुरक्षा के डर में चुकानी पड़े, तो सवाल सिर्फ दिव्या श्रीवास्तव का नहीं है—सवाल पूरे लोकतंत्र का है। लोकतंत्र में पत्रकार का काम सत्ता की तारीफ करना नहीं, सत्ता से सवाल पूछना है। सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन सवाल पूछने की आजादी लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है। अगर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछना ही अपराध जैसा बना दिया जाए, तो फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस और सत्ता के प्रचार कार्यक्रम में फर्क क्या रह जाएगा? इन आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। यदि किसी पत्रकार को सवाल पूछने के कारण प्रताड़ित किया गया है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। क्योंकि लोकतंत्र में सवाल दबाए नहीं जाते—सवालों के जवाब दिए जाते हैं। #DivyaSrivastava #PressFreedom #पत्रकारिता #लोकतंत्र #UttarPradesh #YogiAdityanath1
- 133विधानसभा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हाल-चाल जाना मुकेश दीक्षित ने4
- Post by ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल3
- पहले दिन फटकार के बाद दूसरे दिन सुबह फिर निरीक्षण, अधिकारियों को सख्त निर्देश पहले दिन फटकार के बाद दूसरे दिन सुबह फिर निरीक्षण, अधिकारियों को सख्त निर्देश वित्त मंत्री खन्ना बोले—सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं शाहजहांपुर। कैंट क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का सख्त रुख लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। एक दिन पहले सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताने के बाद वित्त मंत्री 13 सितंबर की सुबह दोबारा कैंटोनमेंट कार टैक्सी स्टैंड और रोडवेज बस स्टैंड क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंच गए। मंत्री के लगातार दूसरे दिन मौके पर पहुंचने से संबंधित अधिकारियों में भी खलबली मची रही। एक दिन पहले निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था में खामियां मिलने पर वित्त मंत्री ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने सीओ कैंट, नगर निगम की महापौर और नगर आयुक्त को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निर्देश देने के अगले ही दिन वित्त मंत्री का दोबारा उसी क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंचना अधिकारियों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। उन्होंने मौके पर सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रमुख मार्गों, टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से सफाई कराई जाए। वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सफाई के बाद दोबारा गंदगी न फैले। उन्होंने लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने के भी निर्देश दिए। वित्त मंत्री के लगातार दूसरे दिन निरीक्षण से नगर निगम और कैंट क्षेत्र के अधिकारियों में हलचल रही। अब अधिकारियों के सामने चुनौती है कि मंत्री के निर्देशों के अनुरूप सफाई व्यवस्था को केवल निरीक्षण के दौरान ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से बेहतर बनाए रखा जाए।1
- ****मासूम की मौत के बाद खुली स्वास्थ्य विभाग की नींद!** 👉झोलाछाप के इलाज पर उठे सवाल, क्लीनिक सीज—अब जिम्मेदारों की जवाबदेही कौन तय करेगा? शाहजहांपुर। रोजा थाना क्षेत्र के मुकरमपुर में करीब 14 वर्षीय अमन कुमार की इलाज के बाद मौत ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जपनापुर निवासी संतोष कुमार के पुत्र अमन को बुखार आने पर मुकरमपुर स्थित क्लीनिक ले जाया गया था। इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। मामले में शिक्षामित्र रविंद्र यादव की भूमिका जांच के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. इरफान ने उन्हें नोटिस जारी कर चिकित्सकीय योग्यता समेत संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने और सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। क्लीनिक को सीज कर दिया गया है और मौके पर पुलिस टीम मौजूद है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी उमेश कुमार मिश्रा के अनुसार अभी परिजनों की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बच्चे की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। 👉सवालों के घेरे में निगरानी व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए किसी मासूम की जान जाने का इंतजार रहता है? गांव-कस्बों में बिना पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वालों की निगरानी आखिर कौन कर रहा है? यदि संबंधित व्यक्ति के पास इलाज करने की वैध योग्यता नहीं थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एक मासूम की मौत के बाद क्लीनिक सीज होना कार्रवाई जरूर है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसी कार्रवाई मौत से पहले क्यों नहीं हुई? अब निगाह पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेज सत्यापन पर है।2
- 15 साल की बच्ची के साथ दिल्ली में एक डाक्टर ने की हैवानियत की कोशिश... स्थानीय:- बेटा क्या करा इसने तेरे साथ बच्ची:- पहले मेरे उपर आया, और कह रहा कहा दर्द हो रहा है, तो मैने कहा पेट पर... तो ये पेट चेक करने के बजाय मेरी छ@ती पर हाथ लगा रहा था 😳 –––– इतना सुनते ही मौके पर मौजूद लोगो का पारा सातवे आसमान पर और उसके बाद इस डाक्टर का इलाज स्थानीय लोगो ने ही अच्छे से कर दिया1