भीलवाड़ा के रूडसेट संस्थान, सुवाणा में 9 जुलाई को आयोजित पब्लिक स्पीकिंग मास्टरक्लास के दूसरे सत्र में, प्रख्यात लाइफ कोच एवं पब्लिक स्पीकिंग प्रशिक्षक आचार्य देवेंद्र डाणी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रभावशाली संवाद और वॉइस मॉड्यूलेशन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि सफल वक्तृत्व कला में केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि आवाज़ का उतार-चढ़ाव, सही पिच, स्पष्ट उच्चारण और उचित ठहराव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लो, मीडियम और हाई पिच के उपयोग, श्वास नियंत्रण, बोलने की गति तथा संवाद की लय बनाए रखने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। आचार्य डाणी ने इस बात पर जोर दिया कि "प्रभावशाली वक्ता वह होता है, जो यह जानता है कि कब बोलना है और कब रुकना है", क्योंकि सही समय पर लिया गया ठहराव श्रोताओं पर गहरा प्रभाव छोड़ता है और संदेश को अधिक प्रभावशाली बनाता है। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को मंच पर बुलाकर उनकी आवाज़, प्रस्तुति शैली और आत्मविश्वास का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद उन्हें सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए। इस मास्टरक्लास में रूडसेट संस्थान के सत्यनारायण नागर, सुधा शर्मा सहित संस्थान के प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा के रूडसेट संस्थान, सुवाणा में 9 जुलाई को आयोजित पब्लिक स्पीकिंग मास्टरक्लास के दूसरे सत्र में, प्रख्यात लाइफ कोच एवं पब्लिक स्पीकिंग प्रशिक्षक आचार्य देवेंद्र डाणी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रभावशाली संवाद और वॉइस मॉड्यूलेशन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि सफल वक्तृत्व कला में
केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि आवाज़ का उतार-चढ़ाव, सही पिच, स्पष्ट उच्चारण और उचित ठहराव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लो, मीडियम और हाई पिच के उपयोग, श्वास नियंत्रण, बोलने की गति तथा संवाद की लय बनाए रखने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। आचार्य
डाणी ने इस बात पर जोर दिया कि "प्रभावशाली वक्ता वह होता है, जो यह जानता है कि कब बोलना है और कब रुकना है", क्योंकि सही समय पर लिया गया ठहराव श्रोताओं पर गहरा प्रभाव छोड़ता है और संदेश को अधिक प्रभावशाली बनाता है। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों
को मंच पर बुलाकर उनकी आवाज़, प्रस्तुति शैली और आत्मविश्वास का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद उन्हें सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए। इस मास्टरक्लास में रूडसेट संस्थान के सत्यनारायण नागर, सुधा शर्मा सहित संस्थान के प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
- चित्तौड़गढ़ जिले के 17 पुलिस थानों में जब्त किए गए 32 क्विंटल से अधिक अवैध मादक पदार्थों – डोडाचूरा, गांजा और स्मैक – को गुरुवार को निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट की कीलन में जलाकर नष्ट कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की उपस्थिति में जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा की गई इस कार्रवाई में नष्ट किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत एनसीबी के मानक के अनुसार लगभग ₹4 करोड़ 4 लाख आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के पुलिस थानों के मालखाने एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए मादक पदार्थों और वाहनों के कारण लबालब भरे हुए थे, जिससे अन्य जब्तशुदा सामान रखने में समस्या आ रही थी। माल का निस्तारण करने और थानों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की नॉन एसआर शाखा ने संबंधित थानाधिकारियों से माल निस्तारण के प्रस्ताव प्राप्त कर आवश्यक रिकॉर्ड तैयार किया था। उक्त कार्यवाही के दौरान कुल 52 प्रकरणों में जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इनमें थाना बेगूं, बिजयपुर, राशमी, सदर निम्बाहेड़ा, गंगरार, भैंसरोड़गढ़, पारसोली, सदर चित्तौड़गढ़, भादसोड़ा, मंडफिया, साड़ास, बस्सी, कोतवाली निंबाहेड़ा, डुंगला, मंगलवाड़, निकुंभ और शंभुपुरा के पुलिस थानों के मामले शामिल थे। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 40 प्रकरणों से 26 क्विंटल 45 किलोग्राम 616 ग्राम डोडा चूरा, 6 प्रकरणों से 2 क्विंटल 14 किलोग्राम 978 ग्राम गांजा, 3 प्रकरणों से 3 क्विंटल 54 किलोग्राम 850 ग्राम अफीम के पौधे, 1 प्रकरण से 23 किलोग्राम 900 ग्राम गांजे के पौधे, 1 प्रकरण से 224 ग्राम स्मैक और 1 प्रकरण से 650 ग्राम टांका शामिल था, जिन्हें तस्करों के कब्जे से जब्त किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीएसपी निंबाहेड़ा शिवप्रकाश टेलर, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी सदर निंबाहेड़ा संजय शर्मा, कोतवाली निंबाहेड़ा रामसुमेर मीणा सहित संबंधित 17 थानों के थानाधिकारी और मालखाना प्रभारी, नॉन एसआर शाखा प्रभारी एएसआई मनोज कुमार एवं कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। वंडर सीमेंट की ओर से यूनिट हेड नितिन जैन, प्रोसेस हेड राजेंद्र शर्मा, एडमिन हेड अखिलेश शाकद्वीपी, एनवायरमेंट हेड राहुल बंसल, एएफआर इंचार्ज अभिषेक रामदेव, सिक्योरिटी विभाग से देवेंद्र सिंह और पुलकित खेमेसरा, सेफ्टी विभाग से अनधीश सिंह तथा टेक्निकल हेड विपिन जैन भी उपस्थित रहे। मादक पदार्थों के वजन और नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे, इसके लिए एएसआई सत्यनारायण द्वारा संपूर्ण कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई गई।1
- चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवरिया सेठ के दरबार में लगातार दो घंटे तक बारिश हुई। इस बारिश से भक्तजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे वहां का माहौल उल्लासमय हो गया।1
- चित्तौड़गढ़ के किला रोड पर गाय की ममता का एक अनोखा और भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह हृदयस्पर्शी पल तब सामने आया जब एक गाय दूध से भरी कैन की गंध का पीछा करते हुए एक टेम्पो के पीछे-पीछे चलती रही। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया, क्योंकि यह गाय के गहरे स्नेह और प्राकृतिक ममता को दर्शाता था, जिसके कारण संभवतः उसे 'माता' की संज्ञा दी जाती है।1
- यह एक अत्यंत सौभाग्य की बात है कि किसी को #सांवरिया_जी के चरणों में पनाह मिलती है, क्योंकि हर कोई स्वर्ग या 'जन्नत' का हकदार नहीं होता। पोस्ट में कहा गया है कि यह किस्मत वालों को ही नसीब होता है। इसी संदर्भ में, मायावी कृष्णा के मनमोहक दर्शनों का उल्लेख किया गया है, जो इस दिव्य अनुभव की महिमा को और बढ़ाता है।1
- आयुष हॉस्पिटल उन रोगियों की दर्द की कहानियाँ उनकी ही जुबानी सुनने का अवसर प्रदान करता है, जहाँ बिना किसी ऑपरेशन के पंचकर्म थैरेपी के माध्यम से सफल उपचार उपलब्ध है। यह विशेष चिकित्सा पद्धति पीड़ितों को उनकी पीड़ा से मुक्ति दिलाने और स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर करने में सहायक है। अधिक जानकारी या उपचार संबंधी पूछताछ के लिए 83030383835 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- भीलवाड़ा शहर के चंद्रशेखर आजाद नगर निवासी मंजू सुवालका ने कोरोना काल में अपने जीवनसाथी को खोने के असहनीय सदमे और अनगिनत संघर्षों के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के बल पर पटवारी भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की है, और हाल ही में आयोजित तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी उन्होंने अच्छी रैंक प्राप्त की है, जिससे सरकारी सेवा का उनका सपना साकार हुआ है। मंजू के पति, स्वर्गीय विमलेश जी, एक निजी बैंक में प्रबंधक थे, जिनका उदयपुर में सेवाकाल के दौरान कोरोना संक्रमण के कारण असमय निधन हो गया था। उनके निधन के बाद, दो मासूम बेटियों की जिम्मेदारी, सीमित संसाधन, सामाजिक चुनौतियाँ और आर्थिक कठिनाइयाँ मंजू के सामने एक पहाड़ बनकर खड़ी हो गईं। भोली गांव निवासी रामेश्वर जी और निर्मला जी सुवालका की बेटी तथा गेहूली के नाथूलाल जी सुवालका की पुत्रवधू मंजू ने दस वर्षों तक किताबों से दूर रहने के बावजूद, इस पीड़ा को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और पुनः पढ़ाई की राह पकड़ी। परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय, मंजू ने उन्हें चुनौती दी और यह साबित किया कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। दो सरकारी पदों पर चयनित होने के बाद भी वह यहीं नहीं रुकी हैं, बल्कि वर्तमान में वे उच्च सरकारी सेवाओं में चयन के लक्ष्य को लेकर निरंतर कठिन परिश्रम कर रही हैं। मंजू सुवालका की यह संघर्ष से सफलता तक की यात्रा समाज की बेटियों के लिए एक जीवंत मिसाल है, जो उन्हें मजबूत इरादों, दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और कभी हार न मानने का जज्बा रखने का संदेश देती है। आज वह केवल एक सफल अभ्यर्थी नहीं, बल्कि हजारों बेटियों के लिए उम्मीद, साहस और आत्मविश्वास की प्रतीक बनकर एक प्रेरक रोल मॉडल बन चुकी हैं।2
- आज के दिन चित्तौड़गढ़, राजस्थान स्थित मंडफिया धाम से प्रभु श्री सांवलिया सेठ जी के मंगला और श्रृंगार दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध हुए हैं। यह दर्शन प्रभु के दिव्य स्वरूप को दर्शाते हैं।2
- भीलवाड़ा के पांसल चौराहे के पास उधार के पैसे मांगना एक युवक को भारी पड़ गया, जब दो भाइयों ने उस पर पहले बुलेट चढ़ाई और फिर लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। घायल युवक की पहचान खारी का लांबा निवासी पप्पू लाल नायक (पिता श्रवण नायक) के रूप में हुई है। उन्होंने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे जिला अस्पताल में बताया कि वह अपनी कार की सर्विस करवाने पांसल चौराहे के समीप आए थे। जैसे ही वह कार से नीचे उतरे, आसन विजयनगर निवासी दशरथ (पिता कान्हा नायक) और उसका भाई पृथ्वीराज बुलेट पर आए, उन्हें टक्कर मारी और बुलेट उनके ऊपर चढ़ा दी। इसके बाद दोनों भाइयों ने लोहे के सरियों से उन पर लगातार हमला किया। पप्पू लाल नायक के अनुसार, उन्होंने करीब दो साल पहले दशरथ को 3 लाख रुपये उधार दिए थे। वह लगातार अपने पैसे वापस लौटाने के लिए कह रहे थे, लेकिन दशरथ पैसे वापस नहीं कर रहा था। इसी रंजिश के चलते दोनों भाइयों ने इस वारदात को अंजाम दिया। घायल युवक ने हमलावरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1