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चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवरिया सेठ के दरबार में लगातार दो घंटे तक बारिश हुई। इस बारिश से भक्तजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे वहां का माहौल उल्लासमय हो गया।

1 hr ago
user_(ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
(ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
1 hr ago

चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवरिया सेठ के दरबार में लगातार दो घंटे तक बारिश हुई। इस बारिश से भक्तजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे वहां का माहौल उल्लासमय हो गया।

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  • झूठे आरोप किसी भी निर्दोष व्यक्ति की पूरी ज़िंदगी तबाह कर सकते हैं, और इस पीड़ा को वही समझ सकता है जिस पर यह बीती हो। ऐसे आरोपों के कारण व्यक्ति को वर्षों तक सामाजिक प्रताड़ना, अपमान और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह तो अच्छा हुआ कि किसी पुजारी के संदर्भ में भगवान की दया से सच सामने आ गया, वरना उन्हें भी खुद को निर्दोष साबित करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता। एक झूठा आरोप केवल व्यक्ति की प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सम्मान और मानसिक शांति को भी गहरा आघात पहुँचा सकता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए यह मांग की गई है कि यदि जांच या न्यायालय में यह सिद्ध हो जाए कि किसी ने जानबूझकर झूठा आरोप लगाया था, तो ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर दंड का प्रावधान होना चाहिए। यह कदम निर्दोष लोगों की रक्षा करेगा, झूठे मामलों पर अंकुश लगाएगा और वास्तविक पीड़ितों को भी न्याय मिलने में सहायता करेगा। दरअसल, न्याय तभी पूर्ण माना जाएगा, जब दोषी को दंड मिले और निर्दोष की गरिमा की भी समान रूप से रक्षा हो।
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    झूठे आरोप किसी भी निर्दोष व्यक्ति की पूरी ज़िंदगी तबाह कर सकते हैं, और इस पीड़ा को वही समझ सकता है जिस पर यह बीती हो। ऐसे आरोपों के कारण व्यक्ति को वर्षों तक सामाजिक प्रताड़ना, अपमान और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह तो अच्छा हुआ कि किसी पुजारी के संदर्भ में भगवान की दया से सच सामने आ गया, वरना उन्हें भी खुद को निर्दोष साबित करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता। एक झूठा आरोप केवल व्यक्ति की प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सम्मान और मानसिक शांति को भी गहरा आघात पहुँचा सकता है।

इस गंभीर समस्या को देखते हुए यह मांग की गई है कि यदि जांच या न्यायालय में यह सिद्ध हो जाए कि किसी ने जानबूझकर झूठा आरोप लगाया था, तो ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर दंड का प्रावधान होना चाहिए। यह कदम निर्दोष लोगों की रक्षा करेगा, झूठे मामलों पर अंकुश लगाएगा और वास्तविक पीड़ितों को भी न्याय मिलने में सहायता करेगा।

दरअसल, न्याय तभी पूर्ण माना जाएगा, जब दोषी को दंड मिले और निर्दोष की गरिमा की भी समान रूप से रक्षा हो।
    user_प्रतापhttps://www.facebook.com
    प्रतापhttps://www.facebook.com
    Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने स्वयं स्वीकार किया है कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद, पुलिस विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय खामोश बैठा है। यह प्रकरण ग्राम बानसेन थाना भदेसर निवासी नारायण लाल लढ्ढा द्वारा राजसम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत संख्या 072606727584938 से संबंधित है। परिवादी ने आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2025 को न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। दिनांक 4 जुलाई 2026 को सीएमओ राजस्थान ने इस परिवाद पर टिप्पणी दर्ज की, जिसमें कहा गया कि परिवादी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट है, और पुलिस आरोपी को बचाने के चक्कर में इसे 132 का प्रकरण बता रही है, जबकि यह मामला 24 जनवरी 2025 का है और 132 का प्रकरण 6 सितंबर 2024 का है। इसके बाद, 6 जुलाई 2026 को चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं प्रकरण दर्ज करने और अनुसंधान जारी रखने का आदेश दिया। हालांकि, पुलिस थाना भदेसर द्वारा आदेश के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर संख्या 112/2025 दर्ज नहीं की गई। राज.सम्पर्क 072606727487736 में डीवाईएसपी भदेसर ने भी 24.01.25 को माननीय न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्वीकार किया है। इस पर, परिवादी नारायण लाल ने 7 जुलाई 2026 को एसपी, आईजी उदयपुर, डीएम चित्तौड़गढ़ और सीजेएम चित्तौड़गढ़ को मेल भेजकर 2 घंटे में एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे उच्च न्यायालय जोधपुर में अवमानना याचिका दायर करेंगे। इस संबंध में जब एसपी कार्यालय चित्तौड़गढ़ और थाना भदेसर के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका और उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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    राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने स्वयं स्वीकार किया है कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद, पुलिस विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय खामोश बैठा है।

यह प्रकरण ग्राम बानसेन थाना भदेसर निवासी नारायण लाल लढ्ढा द्वारा राजसम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत संख्या 072606727584938 से संबंधित है। परिवादी ने आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2025 को न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी।

दिनांक 4 जुलाई 2026 को सीएमओ राजस्थान ने इस परिवाद पर टिप्पणी दर्ज की, जिसमें कहा गया कि परिवादी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट है, और पुलिस आरोपी को बचाने के चक्कर में इसे 132 का प्रकरण बता रही है, जबकि यह मामला 24 जनवरी 2025 का है और 132 का प्रकरण 6 सितंबर 2024 का है। इसके बाद, 6 जुलाई 2026 को चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं प्रकरण दर्ज करने और अनुसंधान जारी रखने का आदेश दिया। हालांकि, पुलिस थाना भदेसर द्वारा आदेश के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर संख्या 112/2025 दर्ज नहीं की गई। राज.सम्पर्क 072606727487736 में डीवाईएसपी भदेसर ने भी 24.01.25 को माननीय न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्वीकार किया है।

इस पर, परिवादी नारायण लाल ने 7 जुलाई 2026 को एसपी, आईजी उदयपुर, डीएम चित्तौड़गढ़ और सीजेएम चित्तौड़गढ़ को मेल भेजकर 2 घंटे में एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे उच्च न्यायालय जोधपुर में अवमानना याचिका दायर करेंगे। इस संबंध में जब एसपी कार्यालय चित्तौड़गढ़ और थाना भदेसर के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका और उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
    user_ओम जैन शंभूपुरा
    ओम जैन शंभूपुरा
    Salesperson चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • भीलवाड़ा जिले में जर्जर सड़क की खराब हालत के विरोध में सर्राफा बाजार के व्यापारियों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया है। अपनी मांगों को लेकर व्यापारियों ने बाजार बंद रखा और सड़क पर उतरकर रास्ता जाम करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
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    भीलवाड़ा जिले में जर्जर सड़क की खराब हालत के विरोध में सर्राफा बाजार के व्यापारियों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया है। अपनी मांगों को लेकर व्यापारियों ने बाजार बंद रखा और सड़क पर उतरकर रास्ता जाम करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • भीलवाड़ा शहर का प्रमुख सर्राफा बाजार बुधवार को व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों ने पिछले छह महीने से सड़क निर्माण और नालियों की मरम्मत का काम अधूरा पड़े रहने पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे, नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जल्द कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोबारा खोल दीं। व्यापारियों ने बताया कि लगभग छह माह पहले प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण अभियान चलाया था, जिस दौरान दुकानों के बाहर बनी नालियां, रैंप, सीढ़ियां, बोर्ड और होर्डिंग हटवा दिए गए थे। व्यापारियों ने प्रशासन का पूरा सहयोग किया और स्वयं भी अतिक्रमण हटाए, लेकिन इसके बाद सड़क और नालियों का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इस कारण टूटी सड़क और लगातार उड़ती धूल-मिट्टी के चलते ग्राहकों की संख्या बाजार में काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। सराफा बाजार होने के नाते, सोने-चांदी के व्यापार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कांटे और अन्य उपकरण भी धूल के कारण खराब हो रहे हैं। व्यापारियों ने आशंका जताई है कि बारिश का मौसम शुरू होने से हालात और बिगड़ सकते हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार नगर निगम और जिला कलेक्टर कार्यालय में इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें मजबूर होकर बाजार बंद कर यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान, व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क और नालियों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
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    भीलवाड़ा शहर का प्रमुख सर्राफा बाजार बुधवार को व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों ने पिछले छह महीने से सड़क निर्माण और नालियों की मरम्मत का काम अधूरा पड़े रहने पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे, नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जल्द कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोबारा खोल दीं।

व्यापारियों ने बताया कि लगभग छह माह पहले प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण अभियान चलाया था, जिस दौरान दुकानों के बाहर बनी नालियां, रैंप, सीढ़ियां, बोर्ड और होर्डिंग हटवा दिए गए थे। व्यापारियों ने प्रशासन का पूरा सहयोग किया और स्वयं भी अतिक्रमण हटाए, लेकिन इसके बाद सड़क और नालियों का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इस कारण टूटी सड़क और लगातार उड़ती धूल-मिट्टी के चलते ग्राहकों की संख्या बाजार में काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। सराफा बाजार होने के नाते, सोने-चांदी के व्यापार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कांटे और अन्य उपकरण भी धूल के कारण खराब हो रहे हैं। व्यापारियों ने आशंका जताई है कि बारिश का मौसम शुरू होने से हालात और बिगड़ सकते हैं।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार नगर निगम और जिला कलेक्टर कार्यालय में इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें मजबूर होकर बाजार बंद कर यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान, व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क और नालियों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में, भीलवाड़ा जिले में संचालित 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने बुधवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचे जा रहे कुल 2,242 कैफीनेटेड पेय पदार्थ के कैन जब्त किए। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार संबंधित फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के अनुसार, कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक' अथवा 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में माना जाता है। उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलेभर में लगातार निरीक्षण एवं सघन अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार की कार्रवाई में, फूड सेफ्टी टीम ने मैसर्स एसकेएस एजेंसी, पटेल नगर, भीलवाड़ा से 'चार्जड' ब्रांड के 1,410 कैन कैफीनेटेड बेवरेज तथा मैसर्स आधार काबरा, भोपालगंज, भीलवाड़ा से 'रेडबुल' ब्रांड के 832 कैन सीज किए। दोनों प्रतिष्ठानों से आवश्यक नमूने लेकर जांच के लिए अजमेर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने आगाह किया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अनियंत्रित सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों को ऐसे उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को खरीदने से पहले उसके लेबल, सामग्री एवं वैधानिक जानकारी का अवश्य परीक्षण करें तथा भ्रामक दावों वाले उत्पादों के प्रति सतर्क रहें। इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार एवं फहद खान ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
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    जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में, भीलवाड़ा जिले में संचालित 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने बुधवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचे जा रहे कुल 2,242 कैफीनेटेड पेय पदार्थ के कैन जब्त किए। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार संबंधित फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के अनुसार, कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक' अथवा 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में माना जाता है। उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलेभर में लगातार निरीक्षण एवं सघन अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार की कार्रवाई में, फूड सेफ्टी टीम ने मैसर्स एसकेएस एजेंसी, पटेल नगर, भीलवाड़ा से 'चार्जड' ब्रांड के 1,410 कैन कैफीनेटेड बेवरेज तथा मैसर्स आधार काबरा, भोपालगंज, भीलवाड़ा से 'रेडबुल' ब्रांड के 832 कैन सीज किए। दोनों प्रतिष्ठानों से आवश्यक नमूने लेकर जांच के लिए अजमेर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने आगाह किया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अनियंत्रित सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों को ऐसे उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को खरीदने से पहले उसके लेबल, सामग्री एवं वैधानिक जानकारी का अवश्य परीक्षण करें तथा भ्रामक दावों वाले उत्पादों के प्रति सतर्क रहें। इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार एवं फहद खान ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
    user_Yogesh Limani
    Yogesh Limani
    Media house भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • इस वीडियो को सब काम छोड़कर भी जरूर सुने !इस वीडियो को सब काम छोड़कर भी जरूर सुने !
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    इस वीडियो को सब काम छोड़कर भी जरूर सुने !इस वीडियो को सब काम छोड़कर भी जरूर सुने !
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • एक विवाहित महिला ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि उसके कई लोगों के साथ संबंध रहे हैं, और वह इनमें से कई लोगों के नाम भी याद नहीं रख पाती है। यह बात उसके वैवाहिक रिश्ते की गंभीरता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और इसे विश्वासघात से भी बढ़कर एक मुद्दा माना जा रहा है। इसके साथ ही, यदि पति की हत्या के मामले में उसकी संलिप्तता कानूनी रूप से सिद्ध होती है, तो इसे केवल विश्वासघात नहीं, बल्कि एक जघन्य अपराध माना जाएगा। इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, ताकि सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
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    एक विवाहित महिला ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि उसके कई लोगों के साथ संबंध रहे हैं, और वह इनमें से कई लोगों के नाम भी याद नहीं रख पाती है। यह बात उसके वैवाहिक रिश्ते की गंभीरता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और इसे विश्वासघात से भी बढ़कर एक मुद्दा माना जा रहा है।

इसके साथ ही, यदि पति की हत्या के मामले में उसकी संलिप्तता कानूनी रूप से सिद्ध होती है, तो इसे केवल विश्वासघात नहीं, बल्कि एक जघन्य अपराध माना जाएगा। इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, ताकि सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
    user_प्रतापhttps://www.facebook.com
    प्रतापhttps://www.facebook.com
    Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मनासा में एक वैन बच्चों को क्षमता से कहीं ज़्यादा भरकर ले जा रही थी, जो पलट गई। इस घटना को मासूमों की ज़िंदगी से खिलवाड़ के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह वैन बच्चों को ठसाठस भरकर तेज़ी से दौड़ रही थी और इसी वजह से यह हादसा हुआ।
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    मध्य प्रदेश के मनासा में एक वैन बच्चों को क्षमता से कहीं ज़्यादा भरकर ले जा रही थी, जो पलट गई। इस घटना को मासूमों की ज़िंदगी से खिलवाड़ के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह वैन बच्चों को ठसाठस भरकर तेज़ी से दौड़ रही थी और इसी वजह से यह हादसा हुआ।
    user_भविष्य न्यूज़ 24
    भविष्य न्यूज़ 24
    Court reporter नीमच, नीमच, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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