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स्थानीय क्षेत्र में नाली की सफाई नहीं की जाती है। जानकारी के अनुसार, नाली की सफाई के लिए लगातार मांग की जा रही है।
Mithilesh kumar
स्थानीय क्षेत्र में नाली की सफाई नहीं की जाती है। जानकारी के अनुसार, नाली की सफाई के लिए लगातार मांग की जा रही है।
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- उत्तर प्रदेश के सिकंदरपुर में एक कार्यकर्ता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जो अब संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी योगेश्वर सिंह ने अपनी बात कही।1
- पूर्णिया जिले के डगरवा क्षेत्र में सड़कों की हालत बेहद खराब है, जहाँ सड़कों पर हमेशा पानी भरा रहता है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने सरकार, मंत्रियों और मुखियाओं की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। वे जानना चाहते हैं कि ऐसे में ये जिम्मेदार लोग क्या कर रहे हैं, और क्या सड़कें इसी तरह पानी में डूबी रहेंगी।1
- देवरिया जिले में मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत मिली है। इस बदलाव से उन्हें सुकून महसूस हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के विकासखंड बनकटा अंतर्गत ग्राम रोहीनिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत एक रसोईया ने प्रधानाध्यापिका और ग्राम प्रधान पर उसे नौकरी से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। रामनाथ शाह की पत्नी मंजू देवी, जो पिछले 20 वर्षों से इसी विद्यालय में रसोईया का काम कर रही थीं, ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रधानाध्यापिका सरिता देवी और ग्राम प्रधान व्यास चौबे ने उन्हें विद्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया। पीड़ित रसोईया मंजू देवी ने दबी जुबान में यह भी आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उनसे रुपए की मांग की थी। इन आरोपों के संबंध में जब ग्राम प्रधान व्यास चौबे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इन्हें पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। वहीं, प्रधानाध्यापिका सरिता देवी के मोबाइल नंबर 9120844289 पर उनसे पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने सफाई दी कि चूंकि मंजू देवी के बच्चे इस विद्यालय में नहीं पढ़ते हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है। यह भी बताया गया है कि रसोईया के घर में फिलहाल प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने योग्य कोई पुत्र या पुत्री नहीं है।2
- देवरिया के कपरवार में रामलीला मैदान को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता विश्राम मणि ने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि 30 तारीख तक रामलीला मैदान को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वह अगले दिन, यानी पहली तारीख को, वहीं आत्मदाह कर लेंगे। इसी के साथ, राष्ट्रीय जन संग्रह पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा उर्फ संतोष बाबा ने भी घोषणा की है कि अगर इस महीने की 30 तारीख तक रामलीला मैदान से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वह भी उनके साथ आत्मदाह करेंगे।1
- भारत में समोसा सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम की हल्की भूख तक हर मौके पर पसंद किया जाता है। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने समोसा खाने वाले लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान हैं, तो कईयों ने बाहर के खाने की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। वायरल वीडियो में एक शख्स बड़ी मात्रा में रखे समोसों पर ब्रश की मदद से रंग लगाता नज़र आ रहा है। वीडियो में साफ़ दिखाई देता है कि उसके पास समोसों का ढेर है और वह उन पर किसी तरह का रंग लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसों को ज़्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए उन पर आर्टिफिशियल या केमिकल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया पदार्थ वास्तव में केमिकल रंग ही है या नहीं, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाने की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है, जिस पर लोग अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि आजकल बाहर का खाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है और पैसा कमाने के लिए लोग ग्राहकों की सेहत से कोई मतलब नहीं रखते। लोगों ने यह भी कहा कि अगर वीडियो में किया जा रहा दावा सच है, तो यह लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। कई यूज़र्स ने प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।1
- देवरिया नगर के सुभाष चौक पर युवा गांधीवादियों ने 'न्याय सत्याग्रह' शुरू किया है, जिसमें गल्फ ऑफ ओमान में अमेरिकी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले स्थानीय निवासी स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया के परिवार के लिए न्याय की मांग की जा रही है। इस श्रद्धांजलि सभा और सत्याग्रह में बड़ी संख्या में गांधीवादी कार्यकर्ता, युवा और नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए रजत सिंह ने शिवानंद चौरसिया की मृत्यु को केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे देश की क्षति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश में कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक भारतीय नौजवान की इस दुखद मृत्यु के बाद भी सरकार और प्रशासन द्वारा परिवार को अपेक्षित सहायता एवं सम्मान सुनिश्चित नहीं किया गया है। उपस्थित सभी गांधीवादियों ने एक स्वर में घोषणा की कि जब तक परिवार की चार प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह 'न्याय सत्याग्रह' जारी रहेगा। इन मांगों में शिवानंद को शहीद का दर्जा देना, परिवार के लिए सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और बच्चों की शिक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। वक्ताओं ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल इन मांगों पर निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि पीड़ित परिवार को सम्मानजनक सहायता और न्याय मिल सके। इस सत्याग्रह में रजत सिंह, सूफी सलीम, अशोक कुशवाहा, सतीश, शम्स, प्रियेश, नीरज, उत्तेज नारायण, मिर्ज़ा खुर्शीद अहमद (शहर अध्यक्ष) और अशोक मालवीय जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल थे।2
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सलेमपुर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर सोमवार को एक युवक ने जमकर हंगामा किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया। सलेमपुर उपनगर के हरैया निवासी रितिक कुमार नामक इस युवक का कहना था कि वह पिछले एक महीने से एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। रितिक का आरोप है कि उसकी जमीन पर किसी व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर दीवार खड़ी कर ली है। उसने कई बार इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। इस मामले में एसडीएम का कहना है कि युवक सुबह ही कार्यालय आया था। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार ने दो बार मौके पर जाकर मामले की जांच की है और अब यह मामला सिविल कोर्ट के दायरे में है। एसडीएम के अनुसार, आज दोनों पक्षों को बुलाया गया था, लेकिन युवक पहले ही आकर हंगामा करने लगा।1