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रिपोर्ट: स‌ऊद पठान सिंगरौली 9669136977 सिंगरौली बिग ब्रेकिंग: सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राहा परसोहर में एक बड़ा हादसा हो गया है । बताया जा रहा है कि गांव की ही कुछ महिलाएं मिट्टी खदान में सफेद मिट्टी यानी छुही निकालने के लिए गई हुई थी,उसी दौरान अचानक खदान धस गई । जिसके कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है ,जबकि 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें ईलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है.

2 hrs ago
user_Saud pathan patrakar
Saud pathan patrakar
Reporter सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

रिपोर्ट: स‌ऊद पठान सिंगरौली 9669136977 सिंगरौली बिग ब्रेकिंग: सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राहा परसोहर में एक बड़ा हादसा हो गया है । बताया जा रहा है कि गांव की ही कुछ महिलाएं मिट्टी खदान में सफेद मिट्टी यानी छुही निकालने के लिए गई हुई थी,उसी दौरान अचानक खदान धस गई । जिसके कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है ,जबकि 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें ईलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है.

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  • रिपोर्ट: स‌ऊद पठान सिंगरौली 9669136977 सिंगरौली बिग ब्रेकिंग: सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राहा परसोहर में एक बड़ा हादसा हो गया है । बताया जा रहा है कि गांव की ही कुछ महिलाएं मिट्टी खदान में सफेद मिट्टी यानी छुही निकालने के लिए गई हुई थी,उसी दौरान अचानक खदान धस गई । जिसके कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है ,जबकि 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें ईलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है.
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    रिपोर्ट: स‌ऊद पठान
सिंगरौली 
9669136977
सिंगरौली बिग ब्रेकिंग: सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राहा परसोहर में एक बड़ा हादसा हो गया है । बताया जा रहा है कि गांव की ही कुछ महिलाएं मिट्टी खदान में सफेद मिट्टी यानी छुही निकालने के लिए गई हुई थी,उसी दौरान अचानक खदान धस गई । जिसके कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है ,जबकि 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें ईलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है.
    user_Saud pathan patrakar
    Saud pathan patrakar
    Reporter सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by नाम परसिन सिंह
    1
    Post by नाम परसिन सिंह
    user_नाम परसिन सिंह
    नाम परसिन सिंह
    बाहरी, सीधी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पुलिस ने ड्राइवर को मारा और ड्राइवर में बहुत ज्यादा आक्रोश देखने को मिला धरना प्रदर्शन पर पहुंचे थाना घेराव में
    1
    पुलिस ने ड्राइवर को मारा और ड्राइवर में बहुत ज्यादा आक्रोश देखने को मिला धरना प्रदर्शन पर पहुंचे थाना घेराव में
    user_ड्राइवर महासंघ मध्य प्रदेश Sahu
    ड्राइवर महासंघ मध्य प्रदेश Sahu
    Journalist बाहरी, सीधी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Umashankar Sahu
    6
    Post by Umashankar Sahu
    user_Umashankar Sahu
    Umashankar Sahu
    सिहावल, सीधी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सोनभद्र जिला घोरावल करमा जुगनी लोडवटा गांव में आए ओमप्रकाश दीवाना
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    उत्तर प्रदेश सोनभद्र जिला घोरावल करमा जुगनी लोडवटा  गांव में आए ओमप्रकाश दीवाना
    user_सत्यम पत्रकार
    सत्यम पत्रकार
    घोरावल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • *थाना म्योरपुर क्षेत्रान्तर्गत सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु व दो व्यक्तियों के घायल हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी श्री राजेश कुमार राय की बाइट।👆🏻*
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    *थाना म्योरपुर क्षेत्रान्तर्गत सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु व दो व्यक्तियों के घायल हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी श्री राजेश कुमार राय की बाइट।👆🏻*
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    Journalist Robertsganj, Sonbhadra•
    2 hrs ago
  • ​🔥 सोनभद्र महा-घोटाला: क्या 'पुरस्कृत' भ्रष्टाचार के आगे लाचार है सरकारी तंत्र? ​🛑 सचिवालय को सजाने वाले मज़दूर को मिलीं गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी; "पत्राचार से क्या उखाड़ लोगे?"—गुलालझरिया के प्रधान ने लोकतंत्र और कानून को बताया अपनी जूती! ​जनपद सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलालझरिया आज तानाशाही और लूट का केंद्र बन चुकी है। मुख्यमंत्री पुरस्कार का मुखौटा पहनकर एक दबंग प्रधान ने न केवल एक मज़दूर का हक मारा, बल्कि उसे "ब्लैकमेलर" बताकर जान से मारने की धमकी भी दे डाली है। सचिवालय को अपने खून-पसीने से चमकाने वाले एक गरीब अल्पसंख्यक मज़दूर को भुगतान के बदले आज जान बचाने के लाले पड़ गए हैं। ​१. हक मांगा तो मिला "ब्लैकमेलर" का ठप्पा और मौत की धमकी! ​जब पीड़ित मज़दूर ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी, तो प्रधान ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उसे सरेआम "ब्लैकमेलर" करार दिया। प्रधान का अहंकार यहीं नहीं रुका, उसने मज़दूर को जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर दोबारा पैसे मांगे या कहीं शिकायत की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। पीड़ित का सवाल है— "साहब! अपना हक मांगना ब्लैकमेलिंग है क्या? क्या गरीब को अपनी मेहनत का पैसा मांगने पर जान से हाथ धोना पड़ेगा?" ​२. 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) की नाकामी: रसूखदारों की 'सेटिंग' का अड्डा! ​पीड़ित ने जब न्याय की उम्मीद में पोर्टल पर गुहार लगाई, तो वहां न्याय के बजाय 'साठ-गांठ' का नंगा नाच देखने को मिला। अधिकारियों ने बिना धरातल पर जांच किए, प्रधान के रसूख के आगे घुटने टेकते हुए शिकायतों को कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। पीड़ित का आरोप है कि— "अधिकारी और प्रधान मिलकर शिकायतों का सौदा कर लेते हैं। आम नागरिक की आवाज़ केवल फाइलों में दबने के लिए है।" ​३. "मीडिया ₹50 की, दरोगा-पत्रकार मेरे पालतू"—सिस्टम का सरेआम अपमान ​जब पीड़ित ने सच उजागर करने की चेतावनी दी, तो प्रधान ने सिस्टम को अपनी जागीर बताते हुए कहा— "लोकल मीडिया की औकात ₹50 की है, उन्हें मैं अपनी जेब में रखता हूँ। 2-4 पालतू पत्रकार और दरोगा तो मैंने भी पाल रखे हैं जो मेरे टुकड़ों पर पलते हैं।" उसने पुलिस विभाग को ललकारते हुए कहा— "थाना मेरी जेब में रहता है। तेरे बकाये पैसे में से 10% पुलिस को दूंगा और तुझे वहीं उल्टा लटकवाकर मारूंगा। 2-4 फर्जी केस लगाकर तुझे उम्र भर के लिए जेल में सड़ा दूंगा।" ​४. अधिकारियों पर '40% कमीशन' का आरोप और ₹80 बनाम ₹200 का खेल! ​भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। अपनी गर्दन बचाने के लिए प्रधान ने खुद कुबूल किया कि— "हर काम में 40% कमीशन ब्लॉक के अधिकारियों और तंत्र में बांटना पड़ता है, तब बिल पास होता है।" इसी लूट को अंजाम देने के लिए जिस इंटीरियर कार्य का वास्तविक रेट ₹80/sqft था, उसे सरकारी कागजों में ₹200 से ऊपर का दिखाया गया है। हमारी मांग है कि पूरे पंचायत के कार्यों का तत्काल 'टेक्निकल ऑडिट' कराया जाए। आसपास के 4-5 गांव के कामो का स्पेेशल टीम से जांच पड़ताल कराया जाये ​५. भद्दी गालियां, सांप्रदायिक प्रताड़ना और 'न्यायपालिका' को चुनौती ​अपना हक मांगने पर पीड़ित को ऐसी भद्दी और अमर्यादित गालियां दी जा रही हैं जिसे सभ्य समाज में सुना भी नहीं जा सकता। प्रधान सरेआम कहता है— "DM से शिकायत करोगे DM पैैसा दिला देगा और जज तुम्हारी जेब नहीं भरेंगे, पत्राचार करके क्या उखाड़ लोगे? कोई कोर्ट-कचहरी तुझे पैसा नहीं दिला पाएगी। ग्राम प्रधान का पावर बहुत होता है।" ​⚠️ शासन और जिला प्रशासन के लिए चुभते सवाल: ​@dm_sonbhadra: साहब! एक गरीब की आंखों में आंसू हैं और आपके पद की सरेआम नीलामी हो रही है। क्या एक "मज़दूर" को "ब्लैकमेलर" कहकर उसकी जान लेने की धमकी देने वाले पर कार्रवाई होगी? ​@sonbhadrapolice: प्रधान दावा कर रहा है कि दरोगा उसके पालतू हैं और वह 10% रिश्वत देकर मज़दूर को उल्टा लटकवाएगा। क्या पुलिस विभाग अपनी वर्दी का यह अपमान सहेगा? ​सोनभद्र के पत्रकारों: क्या आप ₹50 की औकात बताने वाले और पत्रकारों को 'पालतू' कहने वाले इस भ्रष्ट प्रधान को अपनी कलम की ताकत दिखाएंगे? ​
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    ​🔥 सोनभद्र महा-घोटाला: क्या 'पुरस्कृत' भ्रष्टाचार के आगे लाचार है सरकारी तंत्र?
​🛑 सचिवालय को सजाने वाले मज़दूर को मिलीं गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी; "पत्राचार से क्या उखाड़ लोगे?"—गुलालझरिया के प्रधान ने लोकतंत्र और कानून को बताया अपनी जूती!
​जनपद सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलालझरिया आज तानाशाही और लूट का केंद्र बन चुकी है। मुख्यमंत्री पुरस्कार का मुखौटा पहनकर एक दबंग प्रधान ने न केवल एक मज़दूर का हक मारा, बल्कि उसे "ब्लैकमेलर" बताकर जान से मारने की धमकी भी दे डाली है। सचिवालय को अपने खून-पसीने से चमकाने वाले एक गरीब अल्पसंख्यक मज़दूर को भुगतान के बदले आज जान बचाने के लाले पड़ गए हैं।
​१. हक मांगा तो मिला "ब्लैकमेलर" का ठप्पा और मौत की धमकी!
​जब पीड़ित मज़दूर ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी, तो प्रधान ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उसे सरेआम "ब्लैकमेलर" करार दिया। प्रधान का अहंकार यहीं नहीं रुका, उसने मज़दूर को जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर दोबारा पैसे मांगे या कहीं शिकायत की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। पीड़ित का सवाल है— "साहब! अपना हक मांगना ब्लैकमेलिंग है क्या? क्या गरीब को अपनी मेहनत का पैसा मांगने पर जान से हाथ धोना पड़ेगा?"
​२. 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) की नाकामी: रसूखदारों की 'सेटिंग' का अड्डा!
​पीड़ित ने जब न्याय की उम्मीद में पोर्टल पर गुहार लगाई, तो वहां न्याय के बजाय 'साठ-गांठ' का नंगा नाच देखने को मिला। अधिकारियों ने बिना धरातल पर जांच किए, प्रधान के रसूख के आगे घुटने टेकते हुए शिकायतों को कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। पीड़ित का आरोप है कि— "अधिकारी और प्रधान मिलकर शिकायतों का सौदा कर लेते हैं। आम नागरिक की आवाज़ केवल फाइलों में दबने के लिए है।"
​३. "मीडिया ₹50 की, दरोगा-पत्रकार मेरे पालतू"—सिस्टम का सरेआम अपमान
​जब पीड़ित ने सच उजागर करने की चेतावनी दी, तो प्रधान ने सिस्टम को अपनी जागीर बताते हुए कहा— "लोकल मीडिया की औकात ₹50 की है, उन्हें मैं अपनी जेब में रखता हूँ। 2-4 पालतू पत्रकार और दरोगा तो मैंने भी पाल रखे हैं जो मेरे टुकड़ों पर पलते हैं।" उसने पुलिस विभाग को ललकारते हुए कहा— "थाना मेरी जेब में रहता है। तेरे बकाये पैसे में से 10% पुलिस को दूंगा और तुझे वहीं उल्टा लटकवाकर मारूंगा। 2-4 फर्जी केस लगाकर तुझे उम्र भर के लिए जेल में सड़ा दूंगा।"
​४. अधिकारियों पर '40% कमीशन' का आरोप और ₹80 बनाम ₹200 का खेल!
​भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। अपनी गर्दन बचाने के लिए प्रधान ने खुद कुबूल किया कि— "हर काम में 40% कमीशन ब्लॉक के अधिकारियों और तंत्र में बांटना पड़ता है, तब बिल पास होता है।" इसी लूट को अंजाम देने के लिए जिस इंटीरियर कार्य का वास्तविक रेट ₹80/sqft था, उसे सरकारी कागजों में ₹200 से ऊपर का दिखाया गया है। हमारी मांग है कि पूरे पंचायत के कार्यों का तत्काल 'टेक्निकल ऑडिट' कराया जाए। आसपास के 4-5 गांव के कामो का स्पेेशल टीम से जांच पड़ताल कराया जाये
​५. भद्दी गालियां, सांप्रदायिक प्रताड़ना और 'न्यायपालिका' को चुनौती
​अपना हक मांगने पर पीड़ित को ऐसी भद्दी और अमर्यादित गालियां दी जा रही हैं जिसे सभ्य समाज में सुना भी नहीं जा सकता। प्रधान सरेआम कहता है—  "DM से शिकायत करोगे  DM पैैसा दिला देगा और जज तुम्हारी जेब नहीं भरेंगे, पत्राचार करके क्या उखाड़ लोगे? कोई कोर्ट-कचहरी तुझे पैसा नहीं दिला पाएगी। ग्राम प्रधान का पावर बहुत होता है।"
​⚠️ शासन और जिला प्रशासन के लिए चुभते सवाल:
​@dm_sonbhadra: साहब! एक गरीब की आंखों में आंसू हैं और आपके पद की सरेआम नीलामी हो रही है। क्या एक "मज़दूर" को "ब्लैकमेलर" कहकर उसकी जान लेने की धमकी देने वाले पर कार्रवाई होगी?
​@sonbhadrapolice: प्रधान दावा कर रहा है कि दरोगा उसके पालतू हैं और वह 10% रिश्वत देकर मज़दूर को उल्टा लटकवाएगा। क्या पुलिस विभाग अपनी वर्दी का यह अपमान सहेगा?
​सोनभद्र के पत्रकारों: क्या आप ₹50 की औकात बताने वाले और पत्रकारों को 'पालतू' कहने वाले इस भ्रष्ट प्रधान को अपनी कलम की ताकत दिखाएंगे?
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    user_Quraishi Ekhlak
    Quraishi Ekhlak
    दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कपास में एलएनटी शिफ्ट वाली बस बहुत बुरी तरीके से टक्कर मारी
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    कपास में एलएनटी शिफ्ट वाली बस बहुत बुरी तरीके से टक्कर मारी
    user_ड्राइवर महासंघ मध्य प्रदेश Sahu
    ड्राइवर महासंघ मध्य प्रदेश Sahu
    Journalist बाहरी, सीधी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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