सवर्ण समाज के लिए सीधी भाजपा विधायक रीति पाठक साबित हुई कैंसर! सिंगरौली में पत्रकार ने यूजीसी पर सवाल किया तो रीति पाठक जी के मुंह में ताला लग गया, जुबान ही नहीं खोली। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में हुई। पहली बार इन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा। सवर्ण समाज के बहुसंख्यक क्षेत्र से चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया और विजयी होकर जिला पंचायत की सदस्य बनीं। फिर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह सांसद बनीं। 2019 में भी सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह दोबारा सांसद बनीं। फिर 2023 में सीधी विधानसभा से चुनाव लड़ीं। सीधी विधानसभा के सवर्ण समाज के लोगों ने फिर से इन्हें भर-भरकर वोट दिया, तब यह विधायक बनीं। लेकिन आज जब सवर्ण समाज के लोगों के हक और अधिकार की बात आई और उस पर पत्रकार द्वारा सवाल किया गया, तो उनके मुंह में ताला लग गया। रीति पाठक जैसे तमाम हजारों नेताओं के दोगलेपन और रवैये की वजह से आज एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून की वजह से सवर्ण समाज के हजारों लोग जेल में सड़ रहे हैं। यूजीसी के लिए आज पूरा सवर्ण समाज संघर्ष कर रहा है, आंदोलन कर रहा है। जातिगत आरक्षण की वजह से सवर्ण समाज की प्रतिभा पलायन होने को मजबूर है, दर-दर भटक रही है। युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन सवर्ण समाज के दोगले नेताओं की जुबान पर ताला लग जाता है। इन दोगले नेताओं की वजह से आज हमारे सवर्ण समाज की दुर्दशा है। ऐसे दोगले नेताओं को जो आज भी वोट देने की सोच रहा है, उससे बड़ा मूर्ख कोई हो ही नहीं सकता। #UGC_Rollback #SaveMeritInMP #सवर्ण_आयोग_बनाओ #आरक्षण_आर्थिक_आधार_पर #सवर्ण_समाज सवर्ण समाज के लिए सीधी भाजपा विधायक रीति पाठक साबित हुई कैंसर! सिंगरौली में पत्रकार ने यूजीसी पर सवाल किया तो रीति पाठक जी के मुंह में ताला लग गया, जुबान ही नहीं खोली। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में हुई। पहली बार इन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा। सवर्ण समाज के बहुसंख्यक क्षेत्र से चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया और विजयी होकर जिला पंचायत की सदस्य बनीं। फिर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह सांसद बनीं। 2019 में भी सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह दोबारा सांसद बनीं। फिर 2023 में सीधी विधानसभा से चुनाव लड़ीं। सीधी विधानसभा के सवर्ण समाज के लोगों ने फिर से इन्हें भर-भरकर वोट दिया, तब यह विधायक बनीं। लेकिन आज जब सवर्ण समाज के लोगों के हक और अधिकार की बात आई और उस पर पत्रकार द्वारा सवाल किया गया, तो उनके मुंह में ताला लग गया। रीति पाठक जैसे तमाम हजारों नेताओं के दोगलेपन और रवैये की वजह से आज एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून की वजह से सवर्ण समाज के हजारों लोग जेल में सड़ रहे हैं। यूजीसी के लिए आज पूरा सवर्ण समाज संघर्ष कर रहा है, आंदोलन कर रहा है। जातिगत आरक्षण की वजह से सवर्ण समाज की प्रतिभा पलायन होने को मजबूर है, दर-दर भटक रही है। युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन सवर्ण समाज के दोगले नेताओं की जुबान पर ताला लग जाता है। इन दोगले नेताओं की वजह से आज हमारे सवर्ण समाज की दुर्दशा है। ऐसे दोगले नेताओं को जो आज भी वोट देने की सोच रहा है, उससे बड़ा मूर्ख कोई हो ही नहीं सकता। #UGC_Rollback #SaveMeritInMP #सवर्ण_आयोग_बनाओ #आरक्षण_आर्थिक_आधार_पर #सवर्ण_समाज
सवर्ण समाज के लिए सीधी भाजपा विधायक रीति पाठक साबित हुई कैंसर! सिंगरौली में पत्रकार ने यूजीसी पर सवाल किया तो रीति पाठक जी के मुंह में ताला लग गया, जुबान ही नहीं खोली। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में हुई। पहली बार इन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा। सवर्ण समाज के बहुसंख्यक क्षेत्र से चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया और विजयी होकर जिला पंचायत की सदस्य बनीं। फिर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह सांसद बनीं। 2019 में भी सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह दोबारा सांसद बनीं। फिर 2023 में सीधी विधानसभा से चुनाव लड़ीं। सीधी विधानसभा के सवर्ण समाज के लोगों ने फिर से इन्हें भर-भरकर वोट दिया, तब यह विधायक बनीं। लेकिन आज जब सवर्ण समाज के लोगों के हक और अधिकार की बात आई और उस पर पत्रकार द्वारा सवाल किया गया, तो उनके मुंह में ताला लग गया। रीति पाठक जैसे तमाम हजारों नेताओं के दोगलेपन और रवैये की वजह से आज एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून की वजह से सवर्ण समाज के हजारों लोग जेल में सड़ रहे हैं। यूजीसी के लिए आज पूरा सवर्ण समाज संघर्ष कर रहा है, आंदोलन कर रहा है। जातिगत आरक्षण की वजह से सवर्ण समाज की प्रतिभा पलायन होने को मजबूर है, दर-दर भटक रही है। युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन सवर्ण समाज के दोगले नेताओं की जुबान पर ताला लग जाता है। इन दोगले नेताओं की वजह से आज हमारे सवर्ण समाज की दुर्दशा है। ऐसे दोगले नेताओं को जो आज भी वोट देने की सोच रहा है, उससे बड़ा मूर्ख कोई हो ही नहीं सकता। #UGC_Rollback #SaveMeritInMP #सवर्ण_आयोग_बनाओ #आरक्षण_आर्थिक_आधार_पर #सवर्ण_समाज सवर्ण समाज के लिए सीधी भाजपा विधायक रीति पाठक साबित हुई कैंसर! सिंगरौली में पत्रकार ने यूजीसी पर सवाल किया तो रीति पाठक जी के मुंह में ताला लग गया, जुबान ही नहीं खोली। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में हुई। पहली बार इन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा। सवर्ण समाज के बहुसंख्यक क्षेत्र से चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया और विजयी होकर जिला पंचायत की सदस्य बनीं। फिर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह सांसद बनीं। 2019 में भी सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह दोबारा सांसद बनीं। फिर 2023 में सीधी विधानसभा से चुनाव लड़ीं। सीधी विधानसभा के सवर्ण समाज के लोगों ने फिर से इन्हें भर-भरकर वोट दिया, तब यह विधायक बनीं। लेकिन आज जब सवर्ण समाज के लोगों के हक और अधिकार की बात आई और उस पर पत्रकार द्वारा सवाल किया गया, तो उनके मुंह में ताला लग गया। रीति पाठक जैसे तमाम हजारों नेताओं के दोगलेपन और रवैये की वजह से आज एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून की वजह से सवर्ण समाज के हजारों लोग जेल में सड़ रहे हैं। यूजीसी के लिए आज पूरा सवर्ण समाज संघर्ष कर रहा है, आंदोलन कर रहा है। जातिगत आरक्षण की वजह से सवर्ण समाज की प्रतिभा पलायन होने को मजबूर है, दर-दर भटक रही है। युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन सवर्ण समाज के दोगले नेताओं की जुबान पर ताला लग जाता है। इन दोगले नेताओं की वजह से आज हमारे सवर्ण समाज की दुर्दशा है। ऐसे दोगले नेताओं को जो आज भी वोट देने की सोच रहा है, उससे बड़ा मूर्ख कोई हो ही नहीं सकता। #UGC_Rollback #SaveMeritInMP #सवर्ण_आयोग_बनाओ #आरक्षण_आर्थिक_आधार_पर #सवर्ण_समाज
- मूल निवासी संघ द्वारा 15 अगस्त से चल रहे हैं धरना प्रदर्शन के समर्थन में भू माफिया पर कार्रवाई हेतु कलेक्ट्रेट पहुंचे भू माफियाओ के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन जो 15 अगस्त से चल रहा कलेक्ट्रेट के सामने आम जनता को प्रताड़ित कर रहा है भू माफिया उनके खिलाफ जिला कलेक्टर को दिया तीन पीड़ितो के आवेदन1
- सवर्ण समाज के लिए सीधी भाजपा विधायक रीति पाठक साबित हुई कैंसर! सिंगरौली में पत्रकार ने यूजीसी पर सवाल किया तो रीति पाठक जी के मुंह में ताला लग गया, जुबान ही नहीं खोली। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में हुई। पहली बार इन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा। सवर्ण समाज के बहुसंख्यक क्षेत्र से चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया और विजयी होकर जिला पंचायत की सदस्य बनीं। फिर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह सांसद बनीं। 2019 में भी सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह दोबारा सांसद बनीं। फिर 2023 में सीधी विधानसभा से चुनाव लड़ीं। सीधी विधानसभा के सवर्ण समाज के लोगों ने फिर से इन्हें भर-भरकर वोट दिया, तब यह विधायक बनीं। लेकिन आज जब सवर्ण समाज के लोगों के हक और अधिकार की बात आई और उस पर पत्रकार द्वारा सवाल किया गया, तो उनके मुंह में ताला लग गया। रीति पाठक जैसे तमाम हजारों नेताओं के दोगलेपन और रवैये की वजह से आज एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून की वजह से सवर्ण समाज के हजारों लोग जेल में सड़ रहे हैं। यूजीसी के लिए आज पूरा सवर्ण समाज संघर्ष कर रहा है, आंदोलन कर रहा है। जातिगत आरक्षण की वजह से सवर्ण समाज की प्रतिभा पलायन होने को मजबूर है, दर-दर भटक रही है। युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन सवर्ण समाज के दोगले नेताओं की जुबान पर ताला लग जाता है। इन दोगले नेताओं की वजह से आज हमारे सवर्ण समाज की दुर्दशा है। ऐसे दोगले नेताओं को जो आज भी वोट देने की सोच रहा है, उससे बड़ा मूर्ख कोई हो ही नहीं सकता। #UGC_Rollback #SaveMeritInMP #सवर्ण_आयोग_बनाओ #आरक्षण_आर्थिक_आधार_पर #सवर्ण_समाज सवर्ण समाज के लिए सीधी भाजपा विधायक रीति पाठक साबित हुई कैंसर! सिंगरौली में पत्रकार ने यूजीसी पर सवाल किया तो रीति पाठक जी के मुंह में ताला लग गया, जुबान ही नहीं खोली। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में हुई। पहली बार इन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा। सवर्ण समाज के बहुसंख्यक क्षेत्र से चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया और विजयी होकर जिला पंचायत की सदस्य बनीं। फिर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ीं। सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह सांसद बनीं। 2019 में भी सवर्ण समाज के लोगों ने भर-भरकर वोट दिया, तब यह दोबारा सांसद बनीं। फिर 2023 में सीधी विधानसभा से चुनाव लड़ीं। सीधी विधानसभा के सवर्ण समाज के लोगों ने फिर से इन्हें भर-भरकर वोट दिया, तब यह विधायक बनीं। लेकिन आज जब सवर्ण समाज के लोगों के हक और अधिकार की बात आई और उस पर पत्रकार द्वारा सवाल किया गया, तो उनके मुंह में ताला लग गया। रीति पाठक जैसे तमाम हजारों नेताओं के दोगलेपन और रवैये की वजह से आज एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून की वजह से सवर्ण समाज के हजारों लोग जेल में सड़ रहे हैं। यूजीसी के लिए आज पूरा सवर्ण समाज संघर्ष कर रहा है, आंदोलन कर रहा है। जातिगत आरक्षण की वजह से सवर्ण समाज की प्रतिभा पलायन होने को मजबूर है, दर-दर भटक रही है। युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन सवर्ण समाज के दोगले नेताओं की जुबान पर ताला लग जाता है। इन दोगले नेताओं की वजह से आज हमारे सवर्ण समाज की दुर्दशा है। ऐसे दोगले नेताओं को जो आज भी वोट देने की सोच रहा है, उससे बड़ा मूर्ख कोई हो ही नहीं सकता। #UGC_Rollback #SaveMeritInMP #सवर्ण_आयोग_बनाओ #आरक्षण_आर्थिक_आधार_पर #सवर्ण_समाज1
- शहडोल में 70वीं शालेय राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ1
- एक बाइक चालक ने चेंज गयी से दूसरे बाईक चालक को मारी जोरदार टक्कर बाईक सवार युवक गंभीर रूप से घायल जिस बाईक से किया एक्सीडेंट उसे रात का अंधेरा होते ही बाईक मालिक बाईक ले गया अपने घर सामने से बाइक ने मारी टककर 50 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल, शहडोल रेफर उमरिया। जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र में 16/09/2026 बुधवार सुबह करीब तकरीबन 8 बजे बाइक क्रमांक MP54ZB1838 मोटर साइकिल मुन्ना विश्वकर्मा की बाइक के बीचो बीच बाईक क्रमांक MP21ZJ1099 ने इतनी जोरदार टक्कर मारी की हादसे में 50 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद शहडोल रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह का समय होने के कारण सड़क पर आवाजाही शुरू हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाईक क्रमांक MP21ZJ1099 बाइक इतनी तेज गति में थी की मुन्ना विश्वकर्मा रोड में गाड़ी मोड़ कर पाली मार्केट से दफाई जा रहा था तभी सामने आ रही गाड़ी ने जोरदार टक्कर मारा की जिसमें 50 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा रोड में गिर पड़ा राहगीरों ने गाड़ी में बैठ कर हॉस्पिटल पहुंचाया टक्कर इतनी भीषण थी कि जिस बाईक ने टक्कर मारी वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़क पर दूर तक घिसटती चली गईं। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल व्यक्ति की पहचान 50 वर्षीय स्थानीय निवासी मुन्ना विश्वकर्मा के रूप में हुई है। उसके सिर, पैर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल बिरसिंहपुर पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए शहडोल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बिरसिंहपुर पाली पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर रोड के किनारे रखवा दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का कारण माना जा रहा है। किन्तु इसथानिय एवं प्रत्यक्ष दर्शियों का आरोप है कि अगर दो बाईक वाहनों की टक्कर हुई है और एक युवक बुरी तरह घायल हुआ है।जिसे बाहर रेफर कर दिया गया है और पुलिस जांच कर रही है तो जिस बाईक से 50 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा घायल हुआ और है और ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहा है अयसे में जिस बाईक ने टक्कर मारी और छती ग्रस्त हो गई उसे पाली पुलिस ने अपने कब्जे में क्यों नहीं लिया।इन सबके विपरीत जिस बाईक ने टक्कर मारी थी उसके मालिक ने रात का अंधेरा होते ही छती ग्रस्त बाईक को अपने घर ले गया। लोगों का कहना है की क्या अयसा संभव है यह बाईक तो पुलिस अभिरक्षा में थाने में होनी चाहिए थी। जबकि वाहन चालक का लाइसेंस भी नहीं है।फिर एक्सीडेंटल वाहन को वाहन मालिक अपने घर कैसे ले जा सकता है। गौरतलब है कि बिरसिंहपुर पाली मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार के कारण हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने और रोड के किनारे खड़ी गाड़ियां को हटवाने की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की और निष्पक्ष जांच करने की तथा एक्सीडेंटल बाईक को अपने कब्जे में लेने की बात कही है। ताकि घायल व्यक्ति को सही इन्साफ मिल सके और दोषी व्यक्ति को सजा मिल सके। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सके।4
- छात्र-छात्राओं ने उठाए गंभीर सवाल कॉलेज प्रशासन से सवाल किसके संरक्षण में पहुंच रहे बाहरी लोग? अनुशासन और सुरक्षा को लेकर चिंता* *RVPS कॉलेज में असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी* *उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी से कॉलेज परिसर में बवाल* *छात्र-छात्राओं ने उठाए गंभीर सवाल कॉलेज प्रशासन से सवाल किसके संरक्षण में पहुंच रहे बाहरी लोग? अनुशासन और सुरक्षा को लेकर चिंता* *आज छात्र-छात्राओं ने श्रीमान कलेक्टर महोदय के नाम दिया आवेदन* उमरिया- शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए आज श्रीमान कलेक्टर महोदय, उमरिया के नाम आवेदन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, महाविद्यालय परिसर में अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन में उपलब्ध वीडियो, फोटो एवं कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज के नियमित छात्र नहीं होने के बावजूद इनका लगातार परिसर में आना शैक्षणिक माहौल और अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। छात्रों द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, कुछ युवक प्रतिदिन महाविद्यालय परिसर में पहुंचते हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि इनका कोई स्पष्ट शैक्षणिक उद्देश्य नहीं है, फिर भी वे कॉलेज में आते-जाते हैं, जिससे पढ़ाई का वातावरण प्रभावित हो रहा है। *रोकने पर विवाद का आरोप, ABVP का नाम लेकर दबाव बनाने की बात* शिकायत में विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि इन युवकों से परिसर में आने का कारण पूछने या रोकने पर विवाद किया जाता है। छात्रों के मुताबिक, संबंधित युवक स्वयं को ABVP से जुड़ा बताते हुए कथित तौर पर कहते हैं—हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता, हम ऐसे ही आएंगे। इस मामले से संबंधित वीडियो, फोटो और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिन्हें विद्यार्थियों द्वारा शिकायत के समर्थन में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसी स्थिति से कॉलेज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उनका कहना है कि महाविद्यालय परिसर को अनावश्यक विवादों से दूर रखते हुए अध्ययन के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जाना चाहिए। *पहले भी दी शिकायत, फिर भी समस्या बरकरार* छात्र-छात्राओं के अनुसार, इस मामले में पहले भी प्राचार्य को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब विद्यार्थियों ने प्रशासन से उपलब्ध वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग सहित पूरे मामले की जांच कराने, अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने तथा विवाद या अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज शिक्षा का स्थान है, किसी संगठन की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं। इसलिए प्रशासन को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए।4
- गुप्ता ऑटो एजेंसी में श्रद्धा भाव से हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा -विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया *उमरिया* - *निर्माण, सृजन और शिल्पकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती समूचे जिले में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रतिष्ठानों, गैरिजों एवं संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मशीनों, औजारों और उपकरणों का पूजन किया गया।जिला मुख्यालय स्थित खलेसर नाका के समीप गुप्ता आटो एजेंसी में भी प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता द्वारा गैरिज परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कराई गई। पंडित द्वारा मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके बाद आरती, हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपादित हुए*,*पूजन कार्यक्रम में एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता के साथ स्वप्निल गुप्ता एवं सिद्धार्थ गुप्ता सहित परिवारजन और कर्मचारी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।ज्ञात हो कि परंपरा के साथ औजारों का पूजन विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों एवं तकनीकी कार्य से जुड़े लोगों द्वारा अपने कार्यस्थल पर औजारों और मशीनों का पूजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत गुप्ता आटो एजेंसी में भी कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की गई। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा*।1
- गुप्ता ऑटो एजेंसी में श्रद्धाभाव से हुई भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना *गुप्ता आटो एजेंसी में श्रद्धाभाव से हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना* *विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद* मध्य प्रदेश उमरिया* - *निर्माण, सृजन और शिल्पकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती समूचे जिले में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रतिष्ठानों, गैरिजों एवं संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मशीनों, औजारों और उपकरणों का पूजन किया गया।जिला मुख्यालय स्थित खलेसर नाका के समीप गुप्ता आटो एजेंसी में भी प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता द्वारा गैरिज परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कराई गई। पंडित द्वारा मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके बाद आरती, हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपादित हुए*,*पूजन कार्यक्रम में एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता के साथ स्वप्निल गुप्ता एवं सिद्धार्थ गुप्ता सहित परिवारजन और कर्मचारी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।ज्ञात हो कि परंपरा के साथ औजारों का पूजन विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों एवं तकनीकी कार्य से जुड़े लोगों द्वारा अपने कार्यस्थल पर औजारों और मशीनों का पूजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत गुप्ता आटो एजेंसी में भी कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की गई। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा*।1
- मंडला मे कोकायुक्त का छापा तहसील दार का प्राइवेट कर्मचारी लेता था रिश्वत मंडला जिले की बहमनीबंजर उप तहसील के नायब तहसीलदार के प्राइवेट कर्मचारी को जबलपुर लोकायुक्त ने 8000रु की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आवेदक रोहणी चंद्रोल ने आरोप लगाते हुए बताया जमीन का नामांतरण व बटवारे के लिए बहमनी तहसील में आवेदन दिया था जिसके एवंज में नायब तहसीलदार दस हजार रुपए मांगे थे। जिसकी शिकायत मैंने जबलपुर लोकायुक्त में की थी जिसके आधार पर आज लोकायुक्त टीम ने तहसीलदार के कर्मचारी हरीश सिंगोर को गिरफ्तार वहीं लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया आवेदक रोहणी चंद्रोल ने जबलपुर लोकायुक्त को आवेदन दिया था कि जमीन नामांतरण के नाम पर बम्हनी बंजर तहसील के नायब तहसीलदार व हरीश सिंगोर पैसे मांग रहे हैं जिसका हमने सत्यापन कराया उसीके आधार पर आज हमने नायब तहसीलदार के प्राइवेट कर्मचारी को आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया लोकायुक्त जबलपुर4