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हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई तिब्बत के नायलाम (Nyalam) काउंटी में स्थित जिझांग ग्लेशियल लेक के मोराइन डैम के अचानक टूटने से आई भीषण जलप्रलय का यह बेहद दुर्लभ और डरावना वीडियो कैमरे में कैद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस ग्लेशियल झील से निकले अचानक तेज बहाव का असर नेपाल के निचले इलाकों तक पहुंचा, जहां भारी बाढ़ और तबाही की स्थिति बनी। चीन ने भारत और नेपाल से सटे तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ग्लेशियल झीलों और संभावित आपदाओं की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग स्टेशन, ऑटोमेटेड ड्रोन, सेंसर, कैमरे और अन्य हाई-टेक निगरानी प्रणालियां स्थापित की हैं। झीलों के पास लगे सेंसर जलस्तर बढ़ने, दरारें बनने या अन्य असामान्य गतिविधियों का पता लगाकर कंट्रोल रूम और ड्रोन सिस्टम को अलर्ट भेज सकते हैं। Tibet Autonomous Region Authorities और स्थानीय वैज्ञानिक टीमें इन संवेदनशील झीलों की निगरानी करती हैं। समय-समय पर ड्रोन और कैमरों के जरिए झील का जलस्तर, ग्लेशियर के पिघलने और संभावित दरारों जैसी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। रिपोर्टों और विशेषज्ञ चेतावनियों के अनुसार, जिझांग ग्लेशियल लेक को पहले से ही High Risk वाली झीलों में माना जा रहा था। International Centre for Integrated Mountain Development (ICIMOD) सहित हिमालयी क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाएं ग्लेशियल झीलों के बढ़ते खतरे को लेकर लगातार चेतावनी देती रही हैं। हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई सामान्य चेतावनी और बाढ़ आने से ठीक 1–2 घंटे पहले मिलने वाले सटीक जलस्तर/फ्लड अलर्ट में बड़ा अंतर होता है। नेपाली अधिकारियों की ओर से यह सवाल उठाया गया कि झील टूटने के दौरान तत्काल और सटीक जानकारी पर्याप्त समय पर साझा नहीं की जा सकी। नेपाल और चीन के बीच आपदा एवं बाढ़ संबंधी सूचना साझा करने की व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन यदि निचले इलाकों तक वास्तविक समय में चेतावनी नहीं पहुंचती, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बेहद कम समय बचता है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) की चुनौती और सीमा-पार आपदा चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत को सामने लाती है। ⚠️ वीडियो बेहद डरावना है। इसे सावधानी से देखें। #Tibet #NepalFlood #Nyalam #GlacialLake #JizhangGlacialLake #GLOF #GlacialLakeOutburstFlood #TibetFlood #NepalFloods #FloodAlert #EarlyWarning #ICIMOD #HimalayanFlood #DisasterAlert #FloodUpdate #BreakingNews #Nepal #China #TibetNews

2 hrs ago
user_Poin bihar
Poin bihar
News Anchor किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
2 hrs ago

हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई तिब्बत के नायलाम (Nyalam) काउंटी में स्थित जिझांग ग्लेशियल लेक के मोराइन डैम के अचानक टूटने से आई भीषण जलप्रलय का यह बेहद दुर्लभ और डरावना वीडियो कैमरे में कैद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस ग्लेशियल झील से निकले अचानक तेज बहाव का असर नेपाल के निचले इलाकों तक पहुंचा, जहां भारी बाढ़ और तबाही की स्थिति बनी। चीन ने भारत और नेपाल से सटे तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ग्लेशियल झीलों और संभावित आपदाओं की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग स्टेशन, ऑटोमेटेड ड्रोन, सेंसर, कैमरे और अन्य हाई-टेक निगरानी प्रणालियां स्थापित की हैं। झीलों के पास लगे सेंसर जलस्तर बढ़ने, दरारें बनने या अन्य असामान्य गतिविधियों का पता लगाकर कंट्रोल रूम और ड्रोन सिस्टम को अलर्ट भेज सकते हैं। Tibet Autonomous Region Authorities और स्थानीय वैज्ञानिक टीमें इन संवेदनशील झीलों की निगरानी करती हैं। समय-समय पर ड्रोन और कैमरों के जरिए झील का जलस्तर, ग्लेशियर के पिघलने और संभावित दरारों जैसी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। रिपोर्टों और विशेषज्ञ चेतावनियों के अनुसार, जिझांग ग्लेशियल लेक को पहले से ही High Risk वाली झीलों में माना जा रहा था। International Centre for Integrated Mountain Development (ICIMOD) सहित हिमालयी क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाएं ग्लेशियल झीलों के बढ़ते खतरे को लेकर लगातार चेतावनी देती रही हैं। हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई सामान्य चेतावनी और बाढ़ आने से ठीक 1–2 घंटे पहले मिलने वाले सटीक जलस्तर/फ्लड अलर्ट में बड़ा अंतर होता है। नेपाली अधिकारियों की ओर से यह सवाल उठाया गया कि झील टूटने के दौरान तत्काल और सटीक जानकारी पर्याप्त समय पर साझा नहीं की जा सकी। नेपाल और चीन के बीच आपदा एवं बाढ़ संबंधी सूचना साझा करने की व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन यदि निचले इलाकों तक वास्तविक समय में चेतावनी नहीं पहुंचती, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बेहद कम समय बचता है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) की चुनौती और सीमा-पार आपदा चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत को सामने लाती है। ⚠️ वीडियो बेहद डरावना है। इसे सावधानी से देखें। #Tibet #NepalFlood #Nyalam #GlacialLake #JizhangGlacialLake #GLOF #GlacialLakeOutburstFlood #TibetFlood #NepalFloods #FloodAlert #EarlyWarning #ICIMOD #HimalayanFlood #DisasterAlert #FloodUpdate #BreakingNews #Nepal #China #TibetNews

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  • हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई तिब्बत के नायलाम (Nyalam) काउंटी में स्थित जिझांग ग्लेशियल लेक के मोराइन डैम के अचानक टूटने से आई भीषण जलप्रलय का यह बेहद दुर्लभ और डरावना वीडियो कैमरे में कैद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस ग्लेशियल झील से निकले अचानक तेज बहाव का असर नेपाल के निचले इलाकों तक पहुंचा, जहां भारी बाढ़ और तबाही की स्थिति बनी। चीन ने भारत और नेपाल से सटे तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ग्लेशियल झीलों और संभावित आपदाओं की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग स्टेशन, ऑटोमेटेड ड्रोन, सेंसर, कैमरे और अन्य हाई-टेक निगरानी प्रणालियां स्थापित की हैं। झीलों के पास लगे सेंसर जलस्तर बढ़ने, दरारें बनने या अन्य असामान्य गतिविधियों का पता लगाकर कंट्रोल रूम और ड्रोन सिस्टम को अलर्ट भेज सकते हैं। Tibet Autonomous Region Authorities और स्थानीय वैज्ञानिक टीमें इन संवेदनशील झीलों की निगरानी करती हैं। समय-समय पर ड्रोन और कैमरों के जरिए झील का जलस्तर, ग्लेशियर के पिघलने और संभावित दरारों जैसी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। रिपोर्टों और विशेषज्ञ चेतावनियों के अनुसार, जिझांग ग्लेशियल लेक को पहले से ही High Risk वाली झीलों में माना जा रहा था। International Centre for Integrated Mountain Development (ICIMOD) सहित हिमालयी क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाएं ग्लेशियल झीलों के बढ़ते खतरे को लेकर लगातार चेतावनी देती रही हैं। हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई सामान्य चेतावनी और बाढ़ आने से ठीक 1–2 घंटे पहले मिलने वाले सटीक जलस्तर/फ्लड अलर्ट में बड़ा अंतर होता है। नेपाली अधिकारियों की ओर से यह सवाल उठाया गया कि झील टूटने के दौरान तत्काल और सटीक जानकारी पर्याप्त समय पर साझा नहीं की जा सकी। नेपाल और चीन के बीच आपदा एवं बाढ़ संबंधी सूचना साझा करने की व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन यदि निचले इलाकों तक वास्तविक समय में चेतावनी नहीं पहुंचती, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बेहद कम समय बचता है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) की चुनौती और सीमा-पार आपदा चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत को सामने लाती है। ⚠️ वीडियो बेहद डरावना है। इसे सावधानी से देखें। #Tibet #NepalFlood #Nyalam #GlacialLake #JizhangGlacialLake #GLOF #GlacialLakeOutburstFlood #TibetFlood #NepalFloods #FloodAlert #EarlyWarning #ICIMOD #HimalayanFlood #DisasterAlert #FloodUpdate #BreakingNews #Nepal #China #TibetNews
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    हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई
तिब्बत के नायलाम (Nyalam) काउंटी में स्थित जिझांग ग्लेशियल लेक के मोराइन डैम के अचानक टूटने से आई भीषण जलप्रलय का यह बेहद दुर्लभ और डरावना वीडियो कैमरे में कैद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस ग्लेशियल झील से निकले अचानक तेज बहाव का असर नेपाल के निचले इलाकों तक पहुंचा, जहां भारी बाढ़ और तबाही की स्थिति बनी।
चीन ने भारत और नेपाल से सटे तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ग्लेशियल झीलों और संभावित आपदाओं की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग स्टेशन, ऑटोमेटेड ड्रोन, सेंसर, कैमरे और अन्य हाई-टेक निगरानी प्रणालियां स्थापित की हैं। झीलों के पास लगे सेंसर जलस्तर बढ़ने, दरारें बनने या अन्य असामान्य गतिविधियों का पता लगाकर कंट्रोल रूम और ड्रोन सिस्टम को अलर्ट भेज सकते हैं।
Tibet Autonomous Region Authorities और स्थानीय वैज्ञानिक टीमें इन संवेदनशील झीलों की निगरानी करती हैं। समय-समय पर ड्रोन और कैमरों के जरिए झील का जलस्तर, ग्लेशियर के पिघलने और संभावित दरारों जैसी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है।
रिपोर्टों और विशेषज्ञ चेतावनियों के अनुसार, जिझांग ग्लेशियल लेक को पहले से ही High Risk वाली झीलों में माना जा रहा था। International Centre for Integrated Mountain Development (ICIMOD) सहित हिमालयी क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाएं ग्लेशियल झीलों के बढ़ते खतरे को लेकर लगातार चेतावनी देती रही हैं।
हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल रियल-टाइम अर्ली वार्निंग को लेकर उठता है। पहले से दी गई सामान्य चेतावनी और बाढ़ आने से ठीक 1–2 घंटे पहले मिलने वाले सटीक जलस्तर/फ्लड अलर्ट में बड़ा अंतर होता है। नेपाली अधिकारियों की ओर से यह सवाल उठाया गया कि झील टूटने के दौरान तत्काल और सटीक जानकारी पर्याप्त समय पर साझा नहीं की जा सकी।
नेपाल और चीन के बीच आपदा एवं बाढ़ संबंधी सूचना साझा करने की व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन यदि निचले इलाकों तक वास्तविक समय में चेतावनी नहीं पहुंचती, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बेहद कम समय बचता है।
यह घटना हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) की चुनौती और सीमा-पार आपदा चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत को सामने लाती है।
⚠️ वीडियो बेहद डरावना है। इसे सावधानी से देखें।
#Tibet #NepalFlood #Nyalam #GlacialLake #JizhangGlacialLake #GLOF #GlacialLakeOutburstFlood #TibetFlood #NepalFloods #FloodAlert #EarlyWarning #ICIMOD #HimalayanFlood #DisasterAlert #FloodUpdate #BreakingNews #Nepal #China #TibetNews
    user_Poin bihar
    Poin bihar
    News Anchor किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
    2 hrs ago
  • Jannayak kise kehte hain? Dekho! 👇 Jo kaam PM Modi nahi kar paye, wo Rahul Gandhi ne 2 din me kar dikhaya! Maharashtra ki Adivasi student Nisha ne 22 August ko bas apni baat rakhi, Rahul ji ne 24 ko CM ko letter likha aur sarkar ko 30 saal ki age limit khatam karni padi! Ye hai asli neta, ye hai chhatron ki awaz! Jab tak Rahul hai, yuvaon ki awaz koi nahi daba sakta! ✊ Kya aapko lagta hai Rahul Gandhi sahi me JANNAYAK hain? COMMENT me YES likho! ❤️ #RahulGandhi #Jannayak #Nisha #Maharashtra #AdivasiStudents #YouthLeader #Congress #Viral #JanNayakRahulGandhi
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    Jannayak kise kehte hain? Dekho! 👇

Jo kaam PM Modi nahi kar paye, wo Rahul Gandhi ne 2 din me kar dikhaya!

Maharashtra ki Adivasi student Nisha ne 22 August ko bas apni baat rakhi, Rahul ji ne 24 ko CM ko letter likha aur sarkar ko 30 saal ki age limit khatam karni padi!

Ye hai asli neta, ye hai chhatron ki awaz!
Jab tak Rahul hai, yuvaon ki awaz koi nahi daba sakta! ✊

Kya aapko lagta hai Rahul Gandhi sahi me JANNAYAK hain? COMMENT me YES likho! ❤️

#RahulGandhi #Jannayak #Nisha #Maharashtra #AdivasiStudents #YouthLeader #Congress #Viral #JanNayakRahulGandhi
    user_Hussain king
    Hussain king
    किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
    17 hrs ago
  • जिला अररिया प्रखंड पलासी टप्पू बलवा जश्ने ईद मिलादुन्नबी Writing जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की पैदाइश की खुशी में मुस्लिम समुदाय ने 12 रबी उल अव्वल का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर मिलाद, नात-ए-पाक और दुआ का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कार्यक्रमों में शामिल होकर पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की सीरत और उनकी शिक्षाओं को याद किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन-चैन और शांति का संदेश दिया। जश्न के दौरान पूरा माहौल धार्मिक और खुशनुमा नजर आया। लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। आयोजकों ने बताया कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की जिंदगी इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और अमन का पैगाम देती है। इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
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    जिला अररिया प्रखंड पलासी टप्पू बलवा जश्ने ईद मिलादुन्नबी
Writing
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की पैदाइश की खुशी में मुस्लिम समुदाय ने 12 रबी उल अव्वल का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर मिलाद, नात-ए-पाक और दुआ का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कार्यक्रमों में शामिल होकर पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की सीरत और उनकी शिक्षाओं को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन-चैन और शांति का संदेश दिया। जश्न के दौरान पूरा माहौल धार्मिक और खुशनुमा नजर आया। लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।
आयोजकों ने बताया कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की जिंदगी इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और अमन का पैगाम देती है।  इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
    user_MD RAJABUL HAQ RAJA
    MD RAJABUL HAQ RAJA
    Media and information sciences faculty किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
    21 hrs ago
  • *पोठिया में हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया जश्ने ईद-मिलादुन्नबी, उमड़ा अकीदतमंदों का जनसैलाब* ​पोठिया (किशनगंज)। ​इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मुबारक मौके पर बुधवार को पोठिया प्रखंड क्षेत्र में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व पूरे रूहानी उत्साह, हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर प्रखंड के विभिन्न गांवों से भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए, जिसमें अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जुलूस में शामिल वाहनों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था और फिजाओं में पैगंबर साहब की शान में गूंजते नारों से पूरा क्षेत्र रूहानी रंगों में रंग गया। जश्ने ईद-मिलादुन्नबी के इस मुबारक मौके पर बच्चों में भी भारी उत्साह देखा गया, जो पारंपरिक लिबास में इस जश्न का हिस्सा बने। इस 12वीं रबी उल अव्वल पावन पर्व की जुलूस ए मोहम्मदी की शुरुआत पोठिया प्रखंड के नौकट्टा पंचायत अंतर्गत घियागांव से हुई, जिसका नेतृत्व हाज़ी कहफुल वड़ा फरीदी (पीर साहब) ने किया। इसके साथ ही चनामना, डोंगरा बस्ती, चिल्हामाड़ी, मौलानापाड़ा, पतिलाभाषा, रमनिया पोखर, गुवाबाड़ी और बुधरा सहित कई अन्य गांवों से भी जुलूस निकाले गए। ये सभी जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए पोठिया चौक और पोठिया बाजार का भ्रमण करते हुए घियागांव मदरसा तथा पोठिया कर्बला मैदान पहुंचे। जुलूस के दौरान रास्तों में लोगों के द्वारा जगह-जगह शरबत और पानी के स्टॉल लगाए गए थे, जहां से जुलूस में शामिल लोगों की सेवा की गई। निर्धारित स्थलों पर पहुंचने के बाद फातिहा ख्वानि का आयोजन किया गया, जिसके बाद तमाम जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने गांवों के लिए रवाना हो गए। ​जुलूस के समापन स्थलों यानी घियागांव मदरसा और पोठिया कर्बला मैदान के समीप एक भव्य मेले का भी आयोजन किया गया था। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और खिलौनों की दुकानें सजी थीं, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की और इस मुबारक दिन का भरपूर आनंद उठाया। ​कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की भी विशेष उपस्थिति रही। किशनगंज के विधायक कमरुल हुदा खुद कर्बला मैदान में मौजूद रहे। उनके साथ कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष आबिद हुसैन, पूर्व प्रमुख मोहम्मद जाकिर हुसैन, बाबुल आलम और पूर्व मुखिया खालिद जमील सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस जश्न में शामिल हुए। ​शांति और सौहार्द के साथ पर्व संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। पोठिया थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर कैप्टन संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस बल ने चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और थानाध्यक्ष स्वयं पूरे जुलूस की कमान संभालते हुए निगरानी करते रहे। प्रशासन की मुस्तैदी और आमजन के सहयोग से यह पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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    *पोठिया में हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया जश्ने ईद-मिलादुन्नबी, उमड़ा अकीदतमंदों का जनसैलाब*
​पोठिया (किशनगंज)।
​इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मुबारक मौके पर बुधवार को पोठिया प्रखंड क्षेत्र में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व पूरे रूहानी उत्साह, हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर प्रखंड के विभिन्न गांवों से भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए, जिसमें अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जुलूस में शामिल वाहनों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था और फिजाओं में पैगंबर साहब की शान में गूंजते नारों से पूरा क्षेत्र रूहानी रंगों में रंग गया। जश्ने ईद-मिलादुन्नबी के इस मुबारक मौके पर बच्चों में भी भारी उत्साह देखा गया, जो पारंपरिक लिबास में इस जश्न का हिस्सा बने।
इस 12वीं रबी उल अव्वल पावन पर्व की जुलूस ए मोहम्मदी की शुरुआत पोठिया प्रखंड के नौकट्टा पंचायत अंतर्गत घियागांव से हुई, जिसका नेतृत्व हाज़ी कहफुल वड़ा फरीदी (पीर साहब) ने किया। इसके साथ ही चनामना, डोंगरा बस्ती, चिल्हामाड़ी, मौलानापाड़ा, पतिलाभाषा, रमनिया पोखर, गुवाबाड़ी और बुधरा सहित कई अन्य गांवों से भी जुलूस निकाले गए। ये सभी जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए पोठिया चौक और पोठिया बाजार का भ्रमण करते हुए घियागांव मदरसा तथा पोठिया कर्बला मैदान पहुंचे। जुलूस के दौरान रास्तों में लोगों के द्वारा जगह-जगह शरबत और पानी के स्टॉल लगाए गए थे, जहां से जुलूस में शामिल लोगों की सेवा की गई। निर्धारित स्थलों पर पहुंचने के बाद फातिहा ख्वानि का आयोजन किया गया, जिसके बाद तमाम जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने गांवों के लिए रवाना हो गए।
​जुलूस के समापन स्थलों यानी घियागांव मदरसा और पोठिया कर्बला मैदान के समीप एक भव्य मेले का भी आयोजन किया गया था। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और खिलौनों की दुकानें सजी थीं, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की और इस मुबारक दिन का भरपूर आनंद उठाया।
​कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की भी विशेष उपस्थिति रही। किशनगंज के विधायक कमरुल हुदा खुद कर्बला मैदान में मौजूद रहे। उनके साथ कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष आबिद हुसैन, पूर्व प्रमुख मोहम्मद जाकिर हुसैन, बाबुल आलम और पूर्व मुखिया खालिद जमील सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस जश्न में शामिल हुए।
​शांति और सौहार्द के साथ पर्व संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। पोठिया थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर कैप्टन संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस बल ने चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और थानाध्यक्ष स्वयं पूरे जुलूस की कमान संभालते हुए निगरानी करते रहे। प्रशासन की मुस्तैदी और आमजन के सहयोग से यह पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
    user_Mithun da
    Mithun da
    पोठिया, किशनगंज, बिहार•
    17 hrs ago
  • सुख नशा करते हुए हरवा चौक रिजवान जमीन मालिक के रूम में रिजवान एवं आजाद की रानी जोकीहाट का जो अवैध रूप से टोटो वाले से रुपया वसूली करता है दोनों को रंगे हाथ जोकीहाट पुलिस प्रशासन रंगे हाथ पकड़ा लेकिन हाथापाई के क्रम दोनों आरोपी फरार हो गया पुलिस की सिंगल से आज दिनांक 26 /8 /2026 को हरवा चौक चौक में रिजवान जमीन मालिक सुख नशा करते हुए अपने रूम में और एक साथी जोकीहाट का असजद किरानी टेंपो स्टैंड में अवैध रूप से टोटो वाले से रुपया वसूली करता है और इस रुपए से इसमें हरवा चौक में इसमें सुख नशा लाकर पिता है इसका भनक जोकीहाट प्रशासन को लगते ही दोनों को रंगे हाथ सुख नशा करते पकड़ा गया और प्रशासन से हाथापाई करते हुए दोनों प्रशासन को चकमा देकर के फरार हो गया पुलिस इन दोनों की तलाश जारी कर रहा है आरोपी को बहुत जल्द हिरासत में लिया जाएगा जोकीहाट प्रशासन को बधाई देता हूं इसके लिए🙏🌹👌
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    सुख नशा करते हुए हरवा चौक रिजवान जमीन मालिक के रूम में रिजवान एवं आजाद की रानी जोकीहाट का जो अवैध रूप से टोटो वाले से रुपया वसूली करता है दोनों को रंगे हाथ जोकीहाट पुलिस प्रशासन रंगे हाथ पकड़ा लेकिन हाथापाई के क्रम दोनों आरोपी फरार हो गया पुलिस की सिंगल से
आज दिनांक 26 /8 /2026 को हरवा चौक चौक में रिजवान जमीन मालिक सुख नशा करते हुए अपने रूम में और एक साथी जोकीहाट का असजद किरानी टेंपो स्टैंड में अवैध रूप से टोटो वाले से रुपया वसूली करता है और इस रुपए से इसमें हरवा चौक में इसमें सुख नशा लाकर  पिता है इसका भनक जोकीहाट प्रशासन को लगते ही दोनों को रंगे हाथ सुख नशा करते पकड़ा गया और प्रशासन से हाथापाई करते हुए दोनों प्रशासन को चकमा देकर के फरार हो गया पुलिस इन दोनों की तलाश जारी कर रहा है आरोपी को बहुत जल्द हिरासत में लिया जाएगा जोकीहाट प्रशासन को बधाई देता हूं इसके लिए🙏🌹👌
    user_Abusaale and abuniraale Electrionic baick car sooroom harwa chock  jokihat
    Abusaale and abuniraale Electrionic baick car sooroom harwa chock jokihat
    Teacher जोकीहाट, अररिया, बिहार•
    21 hrs ago
  • यही सब डूबा था नवंबर जो अभी तक में 20 आदमियों पर हो चुका है दो आदमी लापता है अभी तक मिला नहीं बाहर का स्थिति बहुत गंभीर हो गया है जो की भाई बहनों सम्राट नहीं गया ना जो फट गया उसके वजह से फीता पकड़ लिया इस सब को डूबा दिया
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    यही सब डूबा था नवंबर जो अभी तक में 20 आदमियों पर हो चुका है दो आदमी लापता है अभी तक मिला नहीं
बाहर का स्थिति बहुत गंभीर हो गया है जो की भाई बहनों सम्राट नहीं गया ना जो फट गया उसके वजह से फीता पकड़ लिया इस सब को डूबा दिया
    user_Nitish Kumar
    Nitish Kumar
    Araria, Bihar•
    23 min ago
  • टेढागाछ कृषि कार्यालय में उर्वरक विक्रेताओं का प्रशिक्षण kishanganj टेढ़ागाछ प्रखंड कृषि कार्यालय भवन में गुरुवार को उर्वरक विक्रेताओं के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। अधिकारियों ने उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली, पारदर्शी वितरण और अभिलेख सत्यापन की जानकारी दी। कृषि पदाधिकारी मोहम्मद आदिल अनवर ने पात्र किसानों को नियमानुसार खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसान आईडीधारी एवं आधी-बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी नियम के अनुसार उर्वरक देने की बात कही गई।
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    टेढागाछ कृषि कार्यालय में उर्वरक विक्रेताओं का प्रशिक्षण
kishanganj टेढ़ागाछ प्रखंड कृषि कार्यालय भवन में गुरुवार को उर्वरक विक्रेताओं के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। अधिकारियों ने उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली, पारदर्शी वितरण और अभिलेख सत्यापन की जानकारी दी। कृषि पदाधिकारी मोहम्मद आदिल अनवर ने पात्र किसानों को नियमानुसार खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसान आईडीधारी एवं आधी-बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी नियम के अनुसार उर्वरक देने की बात कही गई।
    user_Md Abu Farhan
    Md Abu Farhan
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    45 min ago
  • भगवान की पूजा करना पड़ा भाड़ी 5 लोगों की जिंदगी को छीना 😭😭 #facts #news भगवान की पूजा करना पड़ा भाड़ी 5 लोगों की जिंदगी को छीना 😭😭 #facts #news
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    भगवान की पूजा करना पड़ा भाड़ी 5 लोगों की जिंदगी को छीना 😭😭 #facts #news
भगवान की पूजा करना पड़ा भाड़ी 5 लोगों की जिंदगी को छीना 😭😭 #facts #news
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    News Anchor Araria, Bihar•
    1 hr ago
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