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अलीगढ़ के JN मेडिकल कॉलेज में कहासुनी के बाद सुरक्षा गार्ड और कार सवार के बीच जमकर मारपीट हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि नौबत मारपीट तक आ पहुंची। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
MD News ( Aligarh)
अलीगढ़ के JN मेडिकल कॉलेज में कहासुनी के बाद सुरक्षा गार्ड और कार सवार के बीच जमकर मारपीट हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि नौबत मारपीट तक आ पहुंची। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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- सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और अनुशासन को सबसे अधिक महत्व दिया। उनका मानना था कि असली शिक्षा वही है जो व्यक्ति के आचरण और नैतिकता में सुधार लाए। अपने इस विज़न को साकार करने के लिए उन्होंने एक आवासीय शिक्षा प्रणाली (Residential System) विकसित की। इस व्यवस्था के अंतर्गत छात्र ड्रेस कोड, सामूहिक नमाज़, सामूहिक भोजन, खेल, वाद-विवाद और छात्र संघ जैसी गतिविधियों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करते थे। इसी मॉडल से 'अलीगढ़ संस्कृति' (Aligarh Culture) की नींव पड़ी, जिसने समाज में सामाजिक समानता, सभ्यता, शिष्टाचार और नैतिकता को बढ़ावा दिया। इस व्यवस्था ने ऐसे नागरिक तैयार किए जिनकी पहचान दुनिया भर में उनके उत्कृष्ट व्यवहार और उच्च चरित्र के कारण बनी।1
- भारत में वर्ष 2004 से 2014 के बीच पेपर लीक और बड़े पैमाने पर नकल के कई मामले सामने आए थे। आंकड़ों के अनुसार, इस एक दशक में देश भर में लगभग 35 से 45 बड़ी परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की बात करें तो 2004 में AIPMT का प्रश्न पत्र लीक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और बदलाव करने पड़े थे। इसके बाद 2006 में दिल्ली में CBSE कक्षा 12वीं का अकाउंटेंसी पेपर लीक हुआ और AIIMS प्री-PG एंट्रेंस एग्जाम में भी गड़बड़ी हुई। 2007 में AIEEE का पेपर लीक होने से परीक्षा का शेड्यूल टालना पड़ा, जबकि 2012 में CBI ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करके AIIMS मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम का पेपर लीक कर रहा था। वहीं 2014 में CBSE कक्षा 10वीं के गणित और कक्षा 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की खबरें आई थीं। राज्यों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े घोटालों में 2008 से 2013 के दौरान हुआ मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला सबसे प्रमुख रहा, जिसमें प्रॉक्सी कैंडिडेट और भ्रष्टाचार के नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई। इस मामले में बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कई नियुक्तियां और परिणाम रद्द कर दिए थे। इसके अलावा 2013 में महाराष्ट्र HSC (कक्षा 12वीं), राजस्थान यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े स्तर पर पेपर लीक हुए। 2011 में उत्तर प्रदेश में AIEEE के पेपर लीक हुए और हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं, हालांकि उस समय कोई हिंसक या शांतिपूर्ण बड़ा आंदोलन नहीं हुआ था। वर्ष 2015 से लेकर अब तक भी पेपर लीक के कई बहुत बड़े घोटाले हो चुके हैं। भारत में यह समस्या दिन-ब-दिन लगातार बढ़ रही है और व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल नहीं होना चाहिए।1
- अलीगढ़ के इगलास में मृतका के ससुर मुकुंदी लाल ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस घायल विमलेश को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- सामने आई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि इस्तीफा बहुत देर से दिया गया है, जबकि इसे काफी पहले ही दे दिया जाना चाहिए था। इस कदम को सिर्फ एक साधारण इस्तीफा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक इंकलाब बताया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भीम आर्मी ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है।1
- हाथरस जिले के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट के दौरान ट्रक से माल का गबन कर उसे लावारिस छोड़ने वाली घटना का पर्दाफाश करते हुए एसओजी और थाना सिकंदराराऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने 6 आरोपियों को एटा-अलीगढ़ बाईपास हाईवे के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे व निशादेही से चोरी की गई 26 कॉपर की सिल्ली (अनुमानित कीमत ₹52 लाख), 02 तमंचे 315 बोर और 04 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। घटना के संबंध में हरदोई के शिवथाना बेनीगंज निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 जून 2026 को ट्रक (UP14RT5142) में कॉपर लोड करके चालक राजेश कुमार उर्फ मन्नू लेकर निकला था। माल गंतव्य तक न पहुंचने पर जीपीएस से पता चला कि ट्रक चौकी पोरा क्षेत्र में लावारिस खड़ा है और उसमें से ज्यादातर कॉपर गायब है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज व ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद से 25 जुलाई 2026 को इन आरोपियों को दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे पिछले 3 महीनों से इस घटना का षड्यंत्र रच रहे थे। 21 जून की रात चालक राजेश कुमार की मिलीभगत से ट्रक में लदी 48 सिल्लियों में से 36 सिल्लियां कुरावली (मैनपुरी) के जंगल में उतार ली गई थीं और 12 सिल्लियां ट्रक में छोड़कर उसे सिकंदराराऊ की तरफ भेज दिया गया था, ताकि पुलिस इसे लूट की घटना समझे। चोरी का माल दिल्ली में बेचने ले जाते समय वाहन खराब हो गया था, जिसके बाद सिल्लियों को झाड़ियों में छिपा दिया गया था। पुलिस के अनुसार पकड़े गए अभियुक्त शातिर अपराधी हैं, जिनके खिलाफ हाथरस समेत अन्य जिलों में चोरी, गबन, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में अनेक मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा सभी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1