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गोरखपुर जीआरपी ने पिछले दो माह के दौरान एक विशेष अभियान चलाकर 310 खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिससे उनके वास्तविक मालिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में ये बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में जीआरपी गोरखपुर की सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना-चौकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। बरामद किए गए 310 मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों में से अधिकांश की कीमत 25,000 से 30,000 रुपये के बीच है, जबकि कुछ मोबाइल 60,000 रुपये तक के हैं। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जीआरपी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। इस सफलता में जीआरपी सर्विलांस सेल में तैनात हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और कांस्टेबल विकास कुमार राय सहित विभिन्न थाना एवं चौकी की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रेलवे ने टीम को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में, मई 2025 से अब तक 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं, जो जीआरपी की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है।

21 hrs ago
user_Rammilan kacher
Rammilan kacher
पत्रकार कैंपियरगंज, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
21 hrs ago

गोरखपुर जीआरपी ने पिछले दो माह के दौरान एक विशेष अभियान चलाकर 310 खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिससे उनके वास्तविक मालिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में ये बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में जीआरपी गोरखपुर की सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना-चौकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। बरामद किए गए 310 मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों में से अधिकांश की कीमत

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25,000 से 30,000 रुपये के बीच है, जबकि कुछ मोबाइल 60,000 रुपये तक के हैं। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जीआरपी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। इस सफलता में जीआरपी सर्विलांस सेल में तैनात हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और कांस्टेबल विकास कुमार राय सहित विभिन्न थाना एवं चौकी की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रेलवे ने टीम को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में, मई 2025 से अब तक 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं, जो जीआरपी की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है।

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  • गोरखपुर जीआरपी ने पिछले दो माह के दौरान एक विशेष अभियान चलाकर 310 खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिससे उनके वास्तविक मालिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में ये बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में जीआरपी गोरखपुर की सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना-चौकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। बरामद किए गए 310 मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों में से अधिकांश की कीमत 25,000 से 30,000 रुपये के बीच है, जबकि कुछ मोबाइल 60,000 रुपये तक के हैं। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जीआरपी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। इस सफलता में जीआरपी सर्विलांस सेल में तैनात हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और कांस्टेबल विकास कुमार राय सहित विभिन्न थाना एवं चौकी की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रेलवे ने टीम को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में, मई 2025 से अब तक 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं, जो जीआरपी की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है।
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    गोरखपुर जीआरपी ने पिछले दो माह के दौरान एक विशेष अभियान चलाकर 310 खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिससे उनके वास्तविक मालिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में ये बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सुपुर्द किए।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में जीआरपी गोरखपुर की सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना-चौकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। बरामद किए गए 310 मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों में से अधिकांश की कीमत 25,000 से 30,000 रुपये के बीच है, जबकि कुछ मोबाइल 60,000 रुपये तक के हैं।

अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जीआरपी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। इस सफलता में जीआरपी सर्विलांस सेल में तैनात हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और कांस्टेबल विकास कुमार राय सहित विभिन्न थाना एवं चौकी की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रेलवे ने टीम को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में, मई 2025 से अब तक 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं, जो जीआरपी की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है।
    user_Rammilan kacher
    Rammilan kacher
    पत्रकार कैंपियरगंज, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थाना शोहरतगढ़ पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने चोरी की एक घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से चोरी की हुई एक सोने की चेन, दो चांदी की पायल, दस चांदी की बिछिया और ₹5,000/- नकद राशि बरामद हुई है। इस बरामदगी के संबंध में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने एक वीडियो बाइट जारी की है।
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    थाना शोहरतगढ़ पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने चोरी की एक घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से चोरी की हुई एक सोने की चेन, दो चांदी की पायल, दस चांदी की बिछिया और ₹5,000/- नकद राशि बरामद हुई है। इस बरामदगी के संबंध में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने एक वीडियो बाइट जारी की है।
    user_Intajar Siddharthnagar
    Intajar Siddharthnagar
    Local News Reporter Naugarh, Siddharth Nagar•
    6 min ago
  • संतकबीरनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की ₹50,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपदभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना महुली के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन पुत्र अतहर हुसैन ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लिए थे। भुगतान के बावजूद न तो कोयला मिला और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद, थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और बैंकिंग व तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ठगी गई पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस कराई गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने 'सावधानी ही सुरक्षा है' का संदेश देते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।
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    संतकबीरनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की ₹50,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपदभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना महुली के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन पुत्र अतहर हुसैन ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लिए थे। भुगतान के बावजूद न तो कोयला मिला और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

शिकायत मिलने के बाद, थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और बैंकिंग व तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ठगी गई पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस कराई गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल रहे।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने 'सावधानी ही सुरक्षा है' का संदेश देते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    23 min ago
  • संतकबीरनगर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से हाल ही में हुई एक चेन स्नैचिंग की घटना का खुलासा हुआ है, साथ ही आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके पुराने अपराधों की परतें भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को मेंहदावल थाना क्षेत्र के अगिया गाँव में एक महिला अपने घर पर थी, तभी दो युवक पानी मांगने के बहाने उसके घर पहुँचे। जैसे ही महिला पानी देने लगी, एक युवक ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और दोनों मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, मेंहदावल पुलिस और सर्विलांस टीम को इस मामले की जाँच सौंपी गई। लगातार की गई जाँच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे की लत और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग जैसी वारदातें करते थे। उन्होंने यह भी कबूल किया कि चेन झपटने के बाद उन्होंने उसे बेच दिया था और प्राप्त अधिकांश पैसा खर्च कर दिया था। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कई गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से वांछित थे। उनके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध गांजा, मोबाइल फोन, नकदी, चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
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    संतकबीरनगर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से हाल ही में हुई एक चेन स्नैचिंग की घटना का खुलासा हुआ है, साथ ही आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके पुराने अपराधों की परतें भी सामने आई हैं।

जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को मेंहदावल थाना क्षेत्र के अगिया गाँव में एक महिला अपने घर पर थी, तभी दो युवक पानी मांगने के बहाने उसके घर पहुँचे। जैसे ही महिला पानी देने लगी, एक युवक ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और दोनों मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, मेंहदावल पुलिस और सर्विलांस टीम को इस मामले की जाँच सौंपी गई। लगातार की गई जाँच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे की लत और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग जैसी वारदातें करते थे। उन्होंने यह भी कबूल किया कि चेन झपटने के बाद उन्होंने उसे बेच दिया था और प्राप्त अधिकांश पैसा खर्च कर दिया था।

पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कई गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से वांछित थे। उनके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध गांजा, मोबाइल फोन, नकदी, चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • सिद्धार्थ नगर के जोगिया ग्राम पंचायत उदयपुर जोगिया स्थित पंचायत भवन में खुलेआम ई-रिक्शा चार्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इन ई-रिक्शा का इस्तेमाल सवारी ढोने जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन की बिजली का मुफ्त में उपयोग करके ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं, और फिर उनसे सड़क पर किराया कमाया जाता है। ग्राम पंचायत के पैसे का इस तरह दुरुपयोग पंचायत सचिव और प्रधान प्रशासक की देखरेख में 'लूट' का सीधा मामला है। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा ग्राम पंचायत के विकास के लिए भेजा गया पैसा इस तरह ई-रिक्शा चार्ज करने और उनसे सवारी ढोने में इस्तेमाल हो रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत को ई-रिक्शा चार्ज का बिजली बिल भरना पड़ रहा है, जिसमें पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रशासक की 'मिलीभगत की बू' आ रही है।
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    सिद्धार्थ नगर के जोगिया ग्राम पंचायत उदयपुर जोगिया स्थित पंचायत भवन में खुलेआम ई-रिक्शा चार्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इन ई-रिक्शा का इस्तेमाल सवारी ढोने जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन की बिजली का मुफ्त में उपयोग करके ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं, और फिर उनसे सड़क पर किराया कमाया जाता है।

ग्राम पंचायत के पैसे का इस तरह दुरुपयोग पंचायत सचिव और प्रधान प्रशासक की देखरेख में 'लूट' का सीधा मामला है। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा ग्राम पंचायत के विकास के लिए भेजा गया पैसा इस तरह ई-रिक्शा चार्ज करने और उनसे सवारी ढोने में इस्तेमाल हो रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत को ई-रिक्शा चार्ज का बिजली बिल भरना पड़ रहा है, जिसमें पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रशासक की 'मिलीभगत की बू' आ रही है।
    user_Ravindra kumar Kashyap
    Ravindra kumar Kashyap
    नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में पुलिस ने एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास 2030 तक वैध वीजा था। वैध वीजा होने के बावजूद की गई इस गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए इस अमेरिकी नागरिक को, जो भारत में एक पर्यटक के रूप में था, पकड़ने और गिरफ्तार करने के पीछे की वजहें अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और इतनी लंबी अवधि के वैध वीजा के बावजूद हुई गिरफ्तारी के कारणों का खुलासा अभी बाकी है।
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    उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में पुलिस ने एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास 2030 तक वैध वीजा था। वैध वीजा होने के बावजूद की गई इस गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है।

पुलिस हिरासत में लिए गए इस अमेरिकी नागरिक को, जो भारत में एक पर्यटक के रूप में था, पकड़ने और गिरफ्तार करने के पीछे की वजहें अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और इतनी लंबी अवधि के वैध वीजा के बावजूद हुई गिरफ्तारी के कारणों का खुलासा अभी बाकी है।
    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फरेंदा में एक अमेरिकी नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने घंटों तक उससे गहन पूछताछ की। यह मामला अवैध वीजा से जुड़ा बताया गया है, और मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।
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    उत्तर प्रदेश के फरेंदा में एक अमेरिकी नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने घंटों तक उससे गहन पूछताछ की। यह मामला अवैध वीजा से जुड़ा बताया गया है, और मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।
    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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