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जहानाबाद - नगर परिषद क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर वार्ड संख्या-8 में पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति बंद रहने से लोगों का आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा। पेयजल संकट से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने जहानाबाद-काको मुख्य मार्ग को निजामुद्दीनपुर के पास जाम कर नगर प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी बैकुंठ यादव ने बताया कि पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना का पानी नहीं आने के कारण वार्ड के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार निजी साधनों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी से परेशान लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नल-जल योजना की खराबी को अविलंब दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा नगर परिषद कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र जलापूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

3 hrs ago
user_Pawan Kumar
Pawan Kumar
पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
3 hrs ago

जहानाबाद - नगर परिषद क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर वार्ड संख्या-8 में पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति बंद रहने से लोगों का आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा। पेयजल संकट से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने जहानाबाद-काको मुख्य मार्ग को निजामुद्दीनपुर के पास जाम कर नगर प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी बैकुंठ यादव ने बताया कि पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना का पानी नहीं आने के कारण वार्ड के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार निजी साधनों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी से परेशान लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नल-जल योजना की खराबी को अविलंब दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा नगर परिषद कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र जलापूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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  • जहानाबाद - नगर परिषद क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर वार्ड संख्या-8 में पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति बंद रहने से लोगों का आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा। पेयजल संकट से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने जहानाबाद-काको मुख्य मार्ग को निजामुद्दीनपुर के पास जाम कर नगर प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी बैकुंठ यादव ने बताया कि पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना का पानी नहीं आने के कारण वार्ड के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार निजी साधनों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी से परेशान लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नल-जल योजना की खराबी को अविलंब दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा नगर परिषद कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र जलापूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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    जहानाबाद - नगर परिषद क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर वार्ड संख्या-8 में पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति बंद रहने से लोगों का आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा। पेयजल संकट से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने जहानाबाद-काको मुख्य मार्ग को निजामुद्दीनपुर के पास जाम कर नगर प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी बैकुंठ यादव ने बताया कि पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना का पानी नहीं आने के कारण वार्ड के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार निजी साधनों से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी से परेशान लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नल-जल योजना की खराबी को अविलंब दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा नगर परिषद कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र जलापूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    3 hrs ago
  • मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो। इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
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    मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता"

मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता"
व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है।
उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो।
इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं।
गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
    user_Niraj kumar
    Niraj kumar
    पत्रकार मसहौढ़ी, पटना, बिहार•
    20 hrs ago
  • खराब रोड को ठीक करें पानी जमाव को हटाने काकृपा करें इसे सुधारने का कष्ट करें यह यह वीडियो इमामगंज के करती पद को जोड़ने वाली जगह पर हमेशा इसी तरह से जमा रहता है इसको देखभाल करने के लिए कोई भी नेता नहीं है करती अरवल बिहार
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    खराब रोड को ठीक करें पानी जमाव को हटाने काकृपा करें इसे सुधारने का कष्ट करें
यह यह वीडियो इमामगंज के करती पद को जोड़ने वाली जगह पर हमेशा इसी तरह से जमा रहता है इसको देखभाल करने के लिए कोई भी नेता नहीं है करती अरवल बिहार
    user_विकाश कुमार
    विकाश कुमार
    करपी, अरवल, बिहार•
    1 hr ago
  • राजकीय पोलीटेक्निक कौलैज जहानाबाद में नवप्रवेशित छात्रों के लिए student induction programme का हुआ आयोजन राजकीय पॉलिटेक्निक जहानाबाद में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के छात्र प्रेरणा कार्यक्रम (SIP-2018)* के दिशा-निर्देशों एवं राज्य प्रावैधिक शिक्षा पर्षद, बिहार, पटना के निर्देशानुसार प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ईन्डक्शन कार्यक्रम का प्रथम दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र एवं संस्थान परिचय के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों तथा उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। इसके उपरांत विद्यार्थियों को कैंपस भ्रमण कराया गया, जिससे वे प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कार्यशालाओं एवं अन्य सुविधाओं से अवगत हुए।दोपहर के सत्र में **सार्वभौमिक मानवीय मूल्य विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण के महत्व से परिचित कराया गया। इसके बाद **परीक्षा प्रणाली, व्यावसायिक नैतिकता एवं छात्र आचार संहिता** पर विस्तृत जानकारी दी गई तथा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य राकेश रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा की सफल यात्रा का प्रथम चरण है। यह कार्यक्रम उन्हें संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कर उनके सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखता है।"*कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। प्रथम दिवस के सभी सत्र विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
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    राजकीय पोलीटेक्निक कौलैज जहानाबाद में नवप्रवेशित छात्रों के लिए student induction programme का हुआ आयोजन 
राजकीय पॉलिटेक्निक जहानाबाद में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद  के छात्र प्रेरणा कार्यक्रम (SIP-2018)* के दिशा-निर्देशों एवं राज्य प्रावैधिक शिक्षा पर्षद, बिहार, पटना के निर्देशानुसार प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ईन्डक्शन कार्यक्रम का प्रथम दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र एवं संस्थान परिचय के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों तथा उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। इसके उपरांत विद्यार्थियों को कैंपस भ्रमण कराया गया, जिससे वे प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कार्यशालाओं एवं अन्य सुविधाओं से अवगत हुए।दोपहर के सत्र में **सार्वभौमिक मानवीय मूल्य  विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण के महत्व से परिचित कराया गया। इसके बाद **परीक्षा प्रणाली, व्यावसायिक नैतिकता एवं छात्र आचार संहिता** पर विस्तृत जानकारी दी गई तथा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य राकेश रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा की सफल यात्रा का प्रथम चरण है। यह कार्यक्रम उन्हें संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कर उनके सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखता है।"*कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। प्रथम दिवस के सभी सत्र विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • बड़ी पंचायत के वार्ड संख्या आठ में नालीजाम , सड़क पर बह रहा गंदा पानी, भोजपुर जिला के सहार प्रखंड अंतर्गत बरुही पंचायत के वार्ड संख्या 8 में नाली पूरी तरह कचरे से जाम हो जाने से के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है इससे स्थानीय लोगों की कीचड़ और जल जमाव के बीच आने जाने को मजबूर होना पड़ रहा है, ग्रामीणों का आरोप है कि बिहार लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत बहाल किए गए सफाई कर्मी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं,
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    बड़ी पंचायत के वार्ड संख्या आठ में नालीजाम , सड़क पर बह रहा गंदा पानी, 
भोजपुर जिला के सहार प्रखंड अंतर्गत बरुही पंचायत के वार्ड संख्या 8 में नाली पूरी तरह कचरे से जाम हो जाने से के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है इससे स्थानीय लोगों की कीचड़ और जल जमाव के बीच आने जाने को मजबूर होना पड़ रहा है,
ग्रामीणों का आरोप है कि बिहार लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत बहाल किए गए सफाई कर्मी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं,
    user_Dharmendra Kumar Chaudhari
    Dharmendra Kumar Chaudhari
    Sahar, Bhojpur•
    7 hrs ago
  • पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन जलनिकासी ठप होने से सड़क बनी तालाब, 10 बीघे से अधिक खेत जलमग्न; ग्रामीणों ने कहा— कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत अंतर्गत सहरू गांव में वर्षों से जाम पड़ी नालियों, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई, अधूरे नाली निर्माण कार्य को पूरा कराने और गांव में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में नाली का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से उसकी सफाई नहीं कराई गई। नालियां पूरी तरह जाम होने के कारण बरसात का पानी सड़क, गलियों और खेतों में जमा हो रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक छात्रा और एक बुजुर्ग का पैर टूट चुका है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि में बरसाती पानी जमा हो गया है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी देवी ने कथित रूप से कहा कि "आप लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।" हालांकि इस आरोप पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया योगेंद्र चंद्रवंशी, जय मंगल प्रसाद, रामप्रवेश, हरिकांत प्रसाद, निरंजन कुमार, रोहित पासवान, नीलकू पासवान, चंपा देवी, शारदा देवी, पनपता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मतदाता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.
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    पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
जलनिकासी ठप होने से सड़क बनी तालाब, 10 बीघे से अधिक खेत जलमग्न; ग्रामीणों ने कहा— कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत अंतर्गत सहरू गांव में वर्षों से जाम पड़ी नालियों, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई, अधूरे नाली निर्माण कार्य को पूरा कराने और गांव में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में नाली का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से उसकी सफाई नहीं कराई गई। नालियां पूरी तरह जाम होने के कारण बरसात का पानी सड़क, गलियों और खेतों में जमा हो रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक छात्रा और एक बुजुर्ग का पैर टूट चुका है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
किसानों ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि में बरसाती पानी जमा हो गया है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी देवी ने कथित रूप से कहा कि "आप लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।" हालांकि इस आरोप पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया योगेंद्र चंद्रवंशी, जय मंगल प्रसाद, रामप्रवेश, हरिकांत प्रसाद, निरंजन कुमार, रोहित पासवान, नीलकू पासवान, चंपा देवी, शारदा देवी, पनपता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मतदाता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.
    user_Niraj kumar
    Niraj kumar
    पत्रकार मसहौढ़ी, पटना, बिहार•
    20 hrs ago
  • सीवान में पत्नी के तलाक नहीं देने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा
    1
    सीवान में पत्नी के तलाक नहीं देने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा
    user_MD FAZAL MOAZ
    MD FAZAL MOAZ
    Press advisory इस्लामपुर, नालंदा, बिहार•
    57 min ago
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