वन विभाग का कार्य सराहनीय, महिलायें होगीं आत्मनिर्भर: विधायक लातेहार। पलामू टाइगर रिजर्व के गारू पूर्वी वन क्षेत्र परिसर में मंगलवार को कीट वितरण समारोह का आयोजन किया गया. यह आयोजन जल, जंगल, जीव, जीविका, जीवन हुनर, रोजगार एवं शिक्षा से सुरक्षा कार्यक्रम के तहत किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन मनिका विधायक रामचंद्र सिंह तथा मेदिनीनगर दक्षिणी वन प्रमंडल के उप निदेशक कुमार आशीष ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर गारू पूर्वी रेंजर उमेश कुमार दुबे, बारेसाढ़ रेंजर तरुण सिंह भी उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान गारू पूर्वी वन क्षेत्र कार्यालय परिसर में आवासीय रूप से सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं एवं युवतियों के प्रशिक्षण का समापन किया गया. इसमें सभी प्रशिक्षित 60 महिलाओं और युवतियों के बीच सिलाई मशीन का वितरण किया गया. एवं एक सप्ताह से चल रहे 40 ब्यूटीशियन प्रशिक्षित युवतियों को ब्यूटीशियन किट भी मुख्य अतिथि के द्वारा प्रदान किया गया.विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि वन विभाग महिलाओं और युवतियों को सिलाई एवं ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए स्वावलंबी बना रही है. यह एक सराहनीय कार्य है. इससे महिलायें अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन सकेगी. उपनिदेशक कुमार आशीष ने कहा कि विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों को एक सूत्र में जोड़ते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है. मौके पर नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. मौके पर प्रमुख सीता देवी,रेंजर उमेश कुमार दुबे, रेंजर तरुण सिंह, सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव, अजीत कुमार सिंह, पवन कुमार, वनपाल रंजय कुमार, रूपेश कुमार, निर्भय कुमार सिंह, पंकज पाठक, वनरक्षक अरुण कुमार, आशीष कुमार, मंजू कुमारी, बिपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे..
वन विभाग का कार्य सराहनीय, महिलायें होगीं आत्मनिर्भर: विधायक लातेहार। पलामू टाइगर रिजर्व के गारू पूर्वी वन क्षेत्र परिसर में मंगलवार को कीट वितरण समारोह का आयोजन किया गया. यह आयोजन जल, जंगल, जीव, जीविका, जीवन हुनर, रोजगार एवं शिक्षा से सुरक्षा कार्यक्रम के तहत किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन मनिका विधायक रामचंद्र सिंह तथा मेदिनीनगर दक्षिणी वन प्रमंडल के उप निदेशक कुमार आशीष ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर गारू पूर्वी रेंजर उमेश कुमार दुबे, बारेसाढ़ रेंजर तरुण सिंह भी उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान गारू पूर्वी वन क्षेत्र कार्यालय परिसर में आवासीय रूप से सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं एवं युवतियों के प्रशिक्षण का समापन किया गया. इसमें सभी प्रशिक्षित 60 महिलाओं और युवतियों के बीच सिलाई मशीन का वितरण किया गया. एवं एक सप्ताह से चल रहे 40 ब्यूटीशियन प्रशिक्षित युवतियों को ब्यूटीशियन किट भी मुख्य अतिथि के द्वारा प्रदान किया गया.विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि वन विभाग महिलाओं और युवतियों को सिलाई एवं ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए स्वावलंबी बना रही है. यह एक सराहनीय कार्य है. इससे महिलायें अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन सकेगी. उपनिदेशक कुमार आशीष ने कहा कि विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों को एक सूत्र में जोड़ते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है. मौके पर नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. मौके पर प्रमुख सीता देवी,रेंजर उमेश कुमार दुबे, रेंजर तरुण सिंह, सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव, अजीत कुमार सिंह, पवन कुमार, वनपाल रंजय कुमार, रूपेश कुमार, निर्भय कुमार सिंह, पंकज पाठक, वनरक्षक अरुण कुमार, आशीष कुमार, मंजू कुमारी, बिपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे..
- गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत करवाई पंचायत के दलदलिया गांव में उस वक्त ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जब ग्राम प्रधान राजू उरांव की रिहाई पर हजारों ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे अरमू मोड़ पर आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने फूल-मालाओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ उनका भव्य स्वागत किया ग्रामीणों ने इस रिहाई को सिर्फ एक व्यक्ति की वापसी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और भारतीय संविधान में प्रदत्त अनुसूचित क्षेत्र के अधिकारों की जीत बताया। पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखा गया।स्वागत के बाद सभी समुदाय के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जहां पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच जुलूस दलदलिया गांव की ओर बढ़ा। गांव पहुंचने पर पारंपरिक रीति रिवाजों के तहत ग्राम प्रधान का पैर धोकर सम्मान किया गया। धरती माता की पूजा-अर्चना की गई और खुटगड़ी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।ग्रामीणों ने कहा कि यह जीत सामूहिक एकता, संघर्ष और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे सामाजिक सौहार्द व एकजुटता का संदेश बताया।दलदलिया गांव में देर शाम तक जश्न का माहौल बना रहा, जहां हर चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था।2
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- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास सभा को संबोधित करते हुए लोहरदगा में बोले... पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास बोले हमारे प्रत्याशी जीतेंगे तो झारखंड में साथ ही साथ लोहरदगा में भी विकास होगा1
- Post by आदिवासी जोहार1
- सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक की घटना स्थल पर हुई दर्दनाक मौत सूचना पर पहुंची पुलिस क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल एवं ट्रक को कब्जे में ले अग्रतर कारवाई में जुटी पुलिस घटना लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र सेन्हा आटा मिल के पास मंगलवार देर शाम हुआ। मृतक की पहचान अरु ग्राम निवासी के रूप में किया गया। बताया जाता है कि खड़ी ट्रक के पीछे जोरदार धक्का मारने से चालक की हुई मौत2
- डालटनगंज नगर निगम क्षेत्र में विकास का काम सिर्फ और सिर्फ अरुणा शंकर ही करवा सकती है चैनपुर के पूर्व जिला परिषद सदस्य शैलेंद्र कुमार शैलू ने मीडिया से बातचीत में कहा1
- चतरा जिला इटखोरी महोत्सव में विस्थापित क्यों हो गए नाराज देखिए वीडियो का इस रिपोर्ट में1
- गारु : बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण सिंह के पदस्थापन को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को लाटू, कुजरुम और बारेसांड़ गांव के सैकड़ों ग्रामीण कुजरुम में एकजुट हुए और ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव की अध्यक्षता में बैठक कर प्रशासन के फैसले के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “तरुण सिंह वापस जाओ” के नारे लगाए और पदस्थापन रद्द करने की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तरुण सिंह पूर्व में भी बारेसांड़ रेंज में रेंजर रह चुके हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में स्थानीय लोगों को वन विभाग के कार्यों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय विभागीय योजनाओं में बिचौलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया था, जिससे जरूरतमंद ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाया और क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया था।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि वर्तमान में तरुण सिंह मनोहरपुर रेंज में पदस्थापित हैं, जो बारेसांड़ से करीब 300 किलोमीटर दूर है, और उन्हें यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इतनी दूर से प्रभावी निगरानी संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका है।वहीं ग्रामीणों ने निवर्तमान रेंजर नंदकुमार महतो के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में वन संरक्षण मजबूत हुआ था और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले थे। इससे ग्रामीणों की आजीविका में सुधार हुआ और वन संरक्षण में उनकी भागीदारी भी बढ़ी।ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्य वन संरक्षक को आवेदन भेजकर तरुण सिंह का पदस्थापन रद्द करने और नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांड़ रेंज में पदस्थापित करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।बैठक में ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव, संजय उरांव, मंगलू उरांव, फूलचंद उरांव, आरती देवी, रीना देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।2