संगठित गिरोह 'झांगुर ग्रुप' का कुख्यात प्रमुख रामदेव उरांव (लगभग 47 वर्ष) और उसके दो सक्रिय सदस्यों, प्रसाद उरांव (लगभग 24 वर्ष) और सुबास उरांव (लगभग 23 वर्ष), ने रांची और गुमला जिले की संयुक्त पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यह फिरार समूह गुमला और रांची की सीमा पर सक्रिय है और आत्मसमर्पण करने की फिराक में है, जिसके बाद झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर तीनों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। आत्मसमर्पण की सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची को मिली थी, जिन्होंने सत्यापन और कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, रांची के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार, बेडो के नेतृत्व में एक टीम गठित की। इसी तरह की सूचना गुमला जिला पुलिस को भी मिली, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक, गुमला ने घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह और विकास कुमार सहित सशस्त्र बल की एक टीम रांची-गुमला सीमा पर भेजी। दोनों टीमों के लमकाना पहुँचते ही, अपराधियों ने स्वयं को झांगुर ग्रुप का प्रमुख और सक्रिय सदस्य बताते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। रामदेव उरांव पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में लगभग 29 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, लूट, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित धाराएँ शामिल हैं। प्रसाद उरांव पर बिशुनपुर थाना में 2 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट की धाराएँ शामिल हैं। वहीं, सुबास उरांव पर बिशुनपुर थाना में 1 मामला दर्ज है, जिसमें बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं। आत्मसमर्पण के बाद अपराधियों के पास से एक स्वचालित हथियार (जिस पर A56-2 571072 अंकित है) और 30 जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, तथा एक स्वचालित SLR रायफल और 15 जिंदा कारतूस व एक मैगजीन बरामद की गई है। इस छापामारी दल में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेडो थाना प्रभारी मो० कफील अहमद, बेडो थाना के पु०अ०नि० उत्तम कुमार पासवान व शौकत अली, तथा घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह व पु०अ०नि० विकास कुमार सहित रांची और गुमला जिला के सशस्त्र बल शामिल थे।
संगठित गिरोह 'झांगुर ग्रुप' का कुख्यात प्रमुख रामदेव उरांव (लगभग 47 वर्ष) और उसके दो सक्रिय सदस्यों, प्रसाद उरांव (लगभग 24 वर्ष) और सुबास उरांव (लगभग 23 वर्ष), ने रांची और गुमला जिले की संयुक्त पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यह फिरार समूह गुमला और रांची की सीमा पर सक्रिय है और आत्मसमर्पण करने की फिराक में है, जिसके बाद झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर तीनों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। आत्मसमर्पण की सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची को मिली थी, जिन्होंने सत्यापन और कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, रांची के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार, बेडो के नेतृत्व में एक टीम गठित की। इसी तरह की सूचना गुमला जिला पुलिस को भी मिली, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक, गुमला ने घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह और विकास कुमार सहित सशस्त्र बल की एक टीम रांची-गुमला सीमा पर भेजी। दोनों टीमों के लमकाना पहुँचते ही, अपराधियों ने स्वयं को झांगुर ग्रुप का प्रमुख और सक्रिय सदस्य बताते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। रामदेव उरांव पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में लगभग 29 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, लूट, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित धाराएँ शामिल हैं। प्रसाद उरांव पर बिशुनपुर थाना में 2 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट की धाराएँ शामिल हैं। वहीं, सुबास उरांव पर बिशुनपुर थाना में 1 मामला दर्ज है, जिसमें बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं। आत्मसमर्पण के बाद अपराधियों के पास से एक स्वचालित हथियार (जिस पर A56-2 571072 अंकित है) और 30 जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, तथा एक स्वचालित SLR रायफल और 15 जिंदा कारतूस व एक मैगजीन बरामद की गई है। इस छापामारी दल में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेडो थाना प्रभारी मो० कफील अहमद, बेडो थाना के पु०अ०नि० उत्तम कुमार पासवान व शौकत अली, तथा घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह व पु०अ०नि० विकास कुमार सहित रांची और गुमला जिला के सशस्त्र बल शामिल थे।
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड सरकार पर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने हाल ही में हुई एक ट्रिपल मर्डर की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए दावा किया कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, जिसके बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।1
- हजारीबाग जिले के टाटीझरिया क्षेत्र में स्थित बिशाय जंगल की एक चट्टान पर एक अनोखी नाग के फन जैसी आकृति उभरी है, जो इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण और आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। इस अद्भुत आकृति को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं और इसे नाग देवता का स्वरूप मानकर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल में यह नाग के फन जैसी आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। क्षेत्र में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएँ हो रही हैं, जहाँ कई श्रद्धालु इसे एक दिव्य संकेत और नाग देवता का आशीर्वाद मान रहे हैं। लोग आकृति के पास पूजा-पाठ कर अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ जानकारों का मानना है कि यह प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रियाओं का परिणाम भी हो सकता है, जहाँ चट्टानों पर वर्षों तक मौसम, पानी, हवा और प्राकृतिक कटाव के प्रभाव से ऐसी आकृतियाँ बन जाना असामान्य नहीं है, जो कई बार किसी जीव-जंतु या वस्तु जैसी प्रतीत होती हैं और लोगों में कौतूहल पैदा करती हैं। इस नाग आकृति की चर्चा फैलने के बाद से बिशाय जंगल में लोगों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। श्रद्धालु दूर-दूर से इसके दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं और इसे आस्था का प्रतीक मान रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी वैज्ञानिक संस्था या प्रशासनिक विभाग ने इस आकृति के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या निष्कर्ष जारी नहीं किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चाहे इसे प्राकृतिक संयोग माना जाए या आस्था का प्रतीक, यह आकृति अब लोगों के बीच आकर्षण, जिज्ञासा और श्रद्धा का केंद्र बन गई है।1
- कोडरमा में जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से स्थानांतरित किए जाने के विरोध में छात्रों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने रांची-पटना रोड को जाम कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत पेलावल दक्षिणी पंचायत में रविवार, 31 मई 2026 को विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बहुप्रतीक्षित पीसीसी पथ निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। राजन के घर से अल हिरा स्कूल तक बनने वाले इस पथ की नींव विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधिवत रखी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया। सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को जनसमर्थन और जनविश्वास का प्रतीक बना दिया। इस सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में वर्षों से उम्मीद थी, और इसे धरातल पर उतारने में पेलावल दक्षिणी पंचायत की मुखिया नूरजहां की भूमिका को बेहद सराहनीय माना जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया नूरजहां बीते लगभग 10 वर्षों से इस सड़क निर्माण के लिए निरंतर संघर्षरत रहीं। उन्होंने विभागीय पहल से लेकर जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार आवाज उठाई और इस सड़क को पंचायत की प्राथमिक जरूरत के रूप में स्थापित किया। उनकी निरंतर मेहनत, सक्रियता और जनहित के प्रति समर्पण के कारण ही यह सपना साकार होने की दिशा में बढ़ा, जिसकी उपस्थिति लोगों ने खुलकर प्रशंसा की। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी तत्परता और लगातार प्रयासों ने क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगाई है, जिससे महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य मंजू नंदिनी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण और सराहनीय बताया गया, क्योंकि उनके सहयोग और प्रयासों से इस महत्वपूर्ण योजना को गति मिली। शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार उर्फ विरू, जिला परिषद प्रतिनिधि मनीष ठाकुर, मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद शफीक, उप मुखिया शबनम परवीन, गदोखर पंचायत मुखिया नारायण साउ, अली मुराद खान, जावेद, मोहम्मद तुफैल, फारूक अंसारी, अयान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों का मानना है कि राजन के घर से अल हिरा स्कूल तक बनने वाला यह पीसीसी पथ न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों को बरसात के दिनों में होने वाली कठिनाइयों से भी राहत देगा। क्षेत्र के लोगों ने इसे विकास की नई शुरुआत बताते हुए मुखिया नूरजहां की संघर्षशील कार्यशैली और जनसमर्पण की सराहना की।4
- गिरिडीह जिले के नवडीहा क्षेत्र में नकली शराब की एक मिनी फैक्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से 7 लाख रुपये से अधिक मूल्य की नकली शराब, मशीनें और अन्य संबंधित सामग्री बरामद की गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, और मामले की जांच फिलहाल जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की आपूर्ति कहाँ से हो रही थी और इस पूरे अवैध धंधे के पीछे कौन-कौन शामिल है।1
- जनता ने सर्विस रोड निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस संदर्भ में, मनोज कुमार यादव ने यह स्पष्ट किया है कि जनता की समस्या उनकी पहली प्राथमिकता है।1
- हजारीबाग के पौता जंगल में तीन युवाओं की संदिग्ध मौत का मामला एक महीने बाद भी अनसुलझा बना हुआ है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से 23 अप्रैल को लापता हुई दो लड़कियों और एक लड़के का शव 27 अप्रैल को जंगल से बरामद किया गया था। घटना के खुलासे में हो रही देरी से नाराज परिजन हजारीबाग पहुंचीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मिले और उनसे न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवार ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि वे पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों की अब तक गिरफ्तारी न होने से वे निराश हैं। इस पर अन्नपूर्णा देवी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत के बावजूद मामले का खुलासा नहीं होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने मौके पर ही एसपी अमन कुमार को जल्द मामले के उद्भेदन का निर्देश दिया। एसपी अमन कुमार ने इस संबंध में बताया कि एफएसएल रिपोर्ट और मोबाइल जांच से कुछ अहम जानकारियां मिली हैं तथा परिवार को जांच की प्रगति से अवगत कराया जाएगा। वहीं, परिजन इस मामले में संदिग्ध यूट्यूबर सोहेल किरमानी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।1
- हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत चानों पंचायत में एक पानी की टंकी मात्र शोपीस बनकर रह गई है। भीषण गर्मी के इस मौसम में भी यह टंकी ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने में विफल है, जिसके चलते इलाके के लोग पानी की हर बूंद के लिए तरस रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और वह इस मामले पर पूरी तरह मौन बना हुआ है।1