गोरखपुर के आई० टी० एम० गीडा मे मनाया गया ऐतिहासिक ‘59 इंजीनियर्स डे’2026 सहजनवा गोरखपुर द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, गोरखपुर लोकल सेंटर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गीडा, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘59 इंजीनियर्स डे-2026 बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ईं0 एस ० बी० आर० मिश्रा गोरखपुर पूर्व इंजीनियर सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश एवं विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर वी० के० दिवेदी अध्यक्ष, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर एवं ईं0 जे0 बी0 राय,–अध्यक्ष, मालवीय एलुमनी एसोसिएशन, एम0एम0एम0यू0टी0, गोरखपुर, ईं0 पवन कुमार मिश्रा – पूर्व चेयरमैन, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर एवं ईं0 नीरज गौतम – राष्ट्रीय महासचिव, ए0पी0जी0सी0ई0 इंडिया एवं ईं0 सतीश सिंह – चेयरमैन, ए0पी0जी0सी0ई0 इंडिया, गोरखपुर सिटी चैप्टर, गोरखपुर एवं प्रो. (डॉ0) पी. के. सिंह प्रोफेसर, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा, गोरखपुर एवं डॉ. एन0 के0 सिंह – चेयरमैन, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर एवं निदेशक, आई0 टी0 एम, गीडा, गोरखपुर एवं ईं0 पवनेश कुमार– मानद सचिव, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर एवं इंजीनियर आशुतोष चंद्र पूर्व अध्यक्ष, एपीजीसीई गोरखपुर सिटी चैप्टर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, गोरखपुर लोकल सेंटर के चेयरमैन डॉ. एन. के. सिंह, सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन एक ऐतिहासिक दिन है भारत आज विकास और तकनीकी परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ईं0 एस ० बी० आर० मिश्रा गोरखपुर पूर्व इंजीनियर सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश ने कहा, कि देश की अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, कृषि, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इस परिवर्तन को मजबूत, सुरक्षित और दीर्घकालिक बनाने में इंजीनियरिंग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विषय केवल तकनीकी प्रगति की बात नहीं करता, बल्कि ऐसी इंजीनियरिंग व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देता है जो भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाए। अपने संबोधन में वक्ता ईं0 पवन कुमार मिश्रा – पूर्व चेयरमैन, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर ने कहा, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अर्थ केवल नई मशीनों, भवनों या तकनीकों का निर्माण करना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ है—ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, गुणवत्ता, सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारी का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए ऐसी तकनीकी समाधान विकसित करना जो समाज की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों का भी सामना कर सकें। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन, 5G/6G, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मटेरियल और डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकें इंजीनियरिंग के स्वरूप को तेजी से बदल रही हैं। मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार डीन, कंप्यूटर साइंस विभाग मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर ने कहा कि सतत विकास (Sustainability) इस विषय का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिकीकरण के कारण ऊर्जा, जल, भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इंजीनियरों की जिम्मेदारी है कि वे ऊर्जा-कुशल भवन, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियाँ, स्मार्ट परिवहन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित विनिर्माण और कम-कार्बन तकनीकों को बढ़ावा दें। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में इंजीनियरिंग नवाचार भारत के सतत भविष्य की आधारशिला बन सकते हैं। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर वी० के० दिवेदी अध्यक्ष, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर ने कहा कि तकनीकी संप्रभुता (Technological Sovereignty) का अर्थ है कि भारत महत्वपूर्ण और रणनीतिक तकनीकों के लिए पूरी तरह बाहरी स्रोतों पर निर्भर न रहे। सेमीकंडक्टर, रक्षा तकनीक, साइबर सुरक्षा, संचार प्रणाली, ऊर्जा तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तकनीक और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को मजबूत करना आवश्यक है। “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में इंजीनियरों को केवल तकनीक के उपयोगकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि तकनीक के निर्माता और नवप्रवर्तक के रूप में आगे आना होगा। इस अवसर पर ईं0 जे. बी. राय,–अध्यक्ष, मालवीय एलुमनी एसोसिएशन, एमएमएमयूटी, गोरखपुर ने कहा कि इस दिशा में शिक्षण संस्थानों, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और सरकार के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। विद्यार्थियों और युवा इंजीनियरों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक समस्याओं के समाधान, स्टार्टअप, पेटेंट, अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय और किफायती तकनीकी समाधान विकसित करना भी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर ईं0 नीरज गौतम – राष्ट्रीय महासचिव, एपीजीसीई इंडिया ने कहा भारत के लिए आने वाला समय अवसरों से भरा हुआ है। यदि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को नवाचार, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ा जाए, तो भारत न केवल अपनी तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है, बल्कि विश्व के लिए उन्नत और सतत तकनीकी समाधानों का प्रमुख केंद्र भी बन सकता है। इस अवसर पर सतीश सिंह –चेयरमैन, ए0पी0जी0सी0ई0 इंडिया, गोरखपुर सिटी चैप्टर, ने कहा अतः “Engineering Excellence for a Sustainable and Technologically Sovereign India” केवल एक विषय नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है—ऐसे भारत के निर्माण का, जो तकनीकी रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर एवं नेतृत्वकारी हो। इसमें देश के प्रत्येक इंजीनियर की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत मे संस्था के मानद सचिव ई0 पवनेश कुमार ने सभी अतिथियों व सदस्यों का आभार व्यक्त किया। और इस तरह के कार्यक्रमों को और आगे बेहतर करने का आश्वासन दिया इस अवसर पर आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
गोरखपुर के आई० टी० एम० गीडा मे मनाया गया ऐतिहासिक ‘59 इंजीनियर्स डे’2026 सहजनवा गोरखपुर द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, गोरखपुर लोकल सेंटर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गीडा, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘59 इंजीनियर्स डे-2026 बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ईं0 एस ० बी० आर० मिश्रा गोरखपुर पूर्व इंजीनियर सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश एवं विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर वी० के० दिवेदी अध्यक्ष, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर एवं ईं0 जे0 बी0 राय,–अध्यक्ष, मालवीय एलुमनी एसोसिएशन, एम0एम0एम0यू0टी0, गोरखपुर, ईं0 पवन कुमार मिश्रा – पूर्व चेयरमैन, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर एवं ईं0 नीरज गौतम – राष्ट्रीय महासचिव, ए0पी0जी0सी0ई0 इंडिया एवं ईं0 सतीश सिंह – चेयरमैन, ए0पी0जी0सी0ई0 इंडिया, गोरखपुर सिटी चैप्टर, गोरखपुर एवं प्रो. (डॉ0) पी. के. सिंह प्रोफेसर, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा, गोरखपुर एवं डॉ. एन0 के0 सिंह – चेयरमैन, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर एवं निदेशक, आई0 टी0 एम, गीडा, गोरखपुर एवं ईं0 पवनेश कुमार– मानद सचिव, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर एवं इंजीनियर आशुतोष चंद्र पूर्व अध्यक्ष, एपीजीसीई गोरखपुर सिटी चैप्टर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, गोरखपुर लोकल सेंटर के चेयरमैन डॉ. एन. के. सिंह, सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन एक ऐतिहासिक दिन है भारत आज विकास और तकनीकी परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ईं0 एस ० बी० आर० मिश्रा गोरखपुर पूर्व इंजीनियर सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश ने कहा, कि देश की अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, कृषि, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इस परिवर्तन को मजबूत, सुरक्षित और दीर्घकालिक बनाने में इंजीनियरिंग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विषय केवल तकनीकी प्रगति की बात नहीं करता, बल्कि ऐसी इंजीनियरिंग व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देता है जो भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाए। अपने संबोधन में वक्ता ईं0 पवन कुमार मिश्रा – पूर्व चेयरमैन, आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर ने कहा, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अर्थ केवल नई मशीनों, भवनों या तकनीकों का निर्माण करना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ है—ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, गुणवत्ता, सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारी का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए ऐसी तकनीकी समाधान विकसित करना जो समाज की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों का भी सामना कर सकें। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन, 5G/6G, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मटेरियल और डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकें इंजीनियरिंग के स्वरूप को तेजी से बदल रही हैं। मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार डीन, कंप्यूटर साइंस विभाग मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर ने कहा कि सतत विकास (Sustainability) इस विषय का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिकीकरण के कारण ऊर्जा, जल, भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इंजीनियरों की जिम्मेदारी है कि वे ऊर्जा-कुशल भवन, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियाँ, स्मार्ट परिवहन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित विनिर्माण और कम-कार्बन तकनीकों को बढ़ावा दें। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में इंजीनियरिंग नवाचार भारत के सतत भविष्य की आधारशिला बन सकते हैं। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर वी० के० दिवेदी अध्यक्ष, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर ने कहा कि तकनीकी संप्रभुता (Technological Sovereignty) का अर्थ है कि भारत महत्वपूर्ण और रणनीतिक तकनीकों के लिए पूरी तरह बाहरी स्रोतों पर निर्भर न रहे। सेमीकंडक्टर, रक्षा तकनीक, साइबर सुरक्षा, संचार प्रणाली, ऊर्जा तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तकनीक और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को मजबूत करना आवश्यक है। “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में इंजीनियरों को केवल तकनीक के उपयोगकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि तकनीक के निर्माता और नवप्रवर्तक के रूप में आगे आना होगा। इस अवसर पर ईं0 जे. बी. राय,–अध्यक्ष, मालवीय एलुमनी एसोसिएशन, एमएमएमयूटी, गोरखपुर ने कहा कि इस दिशा में शिक्षण संस्थानों, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और सरकार के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। विद्यार्थियों और युवा इंजीनियरों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक समस्याओं के समाधान, स्टार्टअप, पेटेंट, अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय और किफायती तकनीकी समाधान विकसित करना भी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर ईं0 नीरज गौतम – राष्ट्रीय महासचिव, एपीजीसीई इंडिया ने कहा भारत के लिए आने वाला समय अवसरों से भरा हुआ है। यदि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को नवाचार, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ा जाए, तो भारत न केवल अपनी तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है, बल्कि विश्व के लिए उन्नत और सतत तकनीकी समाधानों का प्रमुख केंद्र भी बन सकता है। इस अवसर पर सतीश सिंह –चेयरमैन, ए0पी0जी0सी0ई0 इंडिया, गोरखपुर सिटी चैप्टर, ने कहा अतः “Engineering Excellence for a Sustainable and Technologically Sovereign India” केवल एक विषय नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है—ऐसे भारत के निर्माण का, जो तकनीकी रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर एवं नेतृत्वकारी हो। इसमें देश के प्रत्येक इंजीनियर की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत मे संस्था के मानद सचिव ई0 पवनेश कुमार ने सभी अतिथियों व सदस्यों का आभार व्यक्त किया। और इस तरह के कार्यक्रमों को और आगे बेहतर करने का आश्वासन दिया इस अवसर पर आई0 ई0 आई0 गोरखपुर लोकल सेंटर के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
- हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।3
- मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।1
- प्रेमी को छुड़ाने थाने पहुंची शादीशुदा महिला, साथ जाने की जिद पर अड़ी संभल, उत्तर प्रदेश: रजपुरा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शादीशुदा महिला ने रात के समय अपने प्रेमी को घर बुलाया। इसी दौरान परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी हो गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। परिजनों द्वारा दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामला सामने आने के अगले दिन महिला अपने प्रेमी को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गई। बताया जा रहा है कि महिला थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान काफी देर तक मामला चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि बाद में महिला के परिजन उसे थाने के बाहर से अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक महिला का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। महिला और उसके प्रेमी के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद1
- गोरखपुर में महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ पीस पार्टी का हल्लाबोल | राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन | Attaullah Shahi1
- श्मशान घाट बना मौत का रास्ता: अंतिम संस्कार में पहुंचे तीन लोग करंट की चपेट में, बिजली विभाग की लापरवाही पर फूटा गुस्सा* सिकरीगंज/गोरखपुर। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के हरपुर गांव में सोमवार को एक अंतिम यात्रा उस समय दहशत में बदल गई, जब श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर गिरे बिजली के पोल और करंट दौड़ रहे तार की चपेट में तीन लोग आ गए। ग्रामीणों की तत्परता से तीनों की जान बच गई, लेकिन घटना ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हरपुर निवासी अवधेश गुप्ता पुत्र शकल गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में विदेश यात्रा के दौरान मौत हो गई थी। उनका शव गांव पहुंचने के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सिकरीगंज के श्मशान घाट पहुंचे। आरोप है कि श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता झाड़-झंखाड़ से पटा था और बीच रास्ते में बिजली का पोल व तार जमीन पर गिरा पड़ा था। रास्ता साफ करने के प्रयास में शिवकुमार (55) पुत्र रामदास, महेंद्र गुप्ता (30) पुत्र शिवनाथ और हरिनंदन गुप्ता (35) पुत्र शिवकुमार गुप्ता करंट की चपेट में आ गए। तीनों को तड़पता देख अंतिम यात्रा में शामिल लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने लकड़ी और डंडों की मदद से उन्हें तार से अलग कर सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग को जानकारी दी गई, जिसके बाद तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद कर्मचारियों को गिरे हुए पोल और तार को ठीक करने के लिए भेजा गया। *अधिशासी अभियंता बोले* अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही लाइन कटवा दी गई थी और गिरे हुए पोल व बिजली के तार को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। *ग्रामीणों का आरोप* ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोगों ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो अंतिम यात्रा में बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने श्मशान घाट तक सुरक्षित रास्ता और बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की मांग की।1
- आखिर सड़को पर भिखारी क्यो बने भाजपा विद्यायक,मुंबई की सड़कों पर क्या दिखा नजारा,5000 करोड़ के है मालिक..! आखिर सड़को पर भिखारी क्यो बने भाजपा विद्यायक,मुंबई की सड़कों पर क्या दिखा नजारा,5000 करोड़ के है मालिक..!1
- विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना तेज था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।4