सोनभद्र में 17 जून, 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चार दिवसीय भव्य विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित इस प्रदर्शनी में जनपद की विकास यात्रा, औद्योगिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं को सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ सोनभद्र की बदलती तस्वीर देखने को मिली। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, सदर विधायक श्री भूपेश चौबे, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री जागृति अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नन्दलाल गुप्ता, भाजपा जिला प्रभारी श्री अनिल सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रामसकल, पूर्व सांसद श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि सोनभद्र, जो कभी पिछड़े जनपदों में गिना जाता था, अब ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अग्रणी पहचान बना रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का भी उल्लेख किया। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रदर्शनी सोनभद्र की परिवर्तनकारी विकास यात्रा का प्रतिबिंब है, जहाँ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, डिजिटल सेवाओं, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टालों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सुशासन की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। ड्रोन तकनीक, 3डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर आधारित तकनीकी वीथिकाएं मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। कृषि क्षेत्र में ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और स्मार्ट कृषि उपकरणों की जानकारी भी दी गई। एनसीएल, आवादा ग्रुप, अदाणी समूह, हिंडालको, ओबरा तापीय परियोजना और अल्ट्राटेक जैसी औद्योगिक इकाइयों ने अपनी परियोजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर जनपद की औद्योगिक क्षमता को उजागर किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचार आधारित मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। यह प्रदर्शनी विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में सोनभद्र के बढ़ते कदमों का प्रेरक उदाहरण बन कर उभरी।
सोनभद्र में 17 जून, 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चार दिवसीय भव्य विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित इस प्रदर्शनी में जनपद की विकास यात्रा, औद्योगिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं को सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ सोनभद्र की बदलती तस्वीर देखने को मिली। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, सदर विधायक
श्री भूपेश चौबे, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री जागृति अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नन्दलाल गुप्ता, भाजपा जिला प्रभारी श्री अनिल सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रामसकल, पूर्व सांसद श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि सोनभद्र, जो कभी पिछड़े जनपदों में गिना जाता था, अब ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अग्रणी पहचान बना रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मुख्यमंत्री श्री
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का भी उल्लेख किया। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रदर्शनी सोनभद्र की परिवर्तनकारी विकास यात्रा का प्रतिबिंब है, जहाँ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, डिजिटल सेवाओं, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टालों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सुशासन की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। ड्रोन तकनीक, 3डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक
तकनीकों और नवाचारों पर आधारित तकनीकी वीथिकाएं मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। कृषि क्षेत्र में ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और स्मार्ट कृषि उपकरणों की जानकारी भी दी गई। एनसीएल, आवादा ग्रुप, अदाणी समूह, हिंडालको, ओबरा तापीय परियोजना और अल्ट्राटेक जैसी औद्योगिक इकाइयों ने अपनी परियोजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर जनपद की औद्योगिक क्षमता को उजागर किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचार आधारित मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। यह प्रदर्शनी विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में सोनभद्र के बढ़ते कदमों का प्रेरक उदाहरण बन कर उभरी।
- यह कहा गया है कि जो लोग धर्म का ठेकेदार बनते हैं, वे ही कथित तौर पर हिंदू राष्ट्र का निर्माण करेंगे। यह टिप्पणी ऐसे लोगों पर केंद्रित है जो स्वयं को धर्म का संरक्षक मानते हैं और साथ ही हिंदू राष्ट्र की स्थापना की बात करते हैं।1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के सलखन के पास वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में जा घुसी, जिससे बाइक पर सवार चार लोग घायल हो गए। इस हादसे में बाइक पर सवार चार लोगों में से दो गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि दो अन्य को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत बाइक से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी रेफर किया गया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- सोनभद्र के गुरमा जेल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'फिट इंडिया' अभियान के तहत 5 दिवसीय योग एवं ध्यान शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान, सेवा भारती (उत्तर प्रदेश) और जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बंदियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाना, उनके स्वास्थ्य में सुधार करना और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ आईपीएस जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने बताया कि योग प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य यह है कि हर बंदी स्वयं का शिक्षक बनकर स्वयं को निरोग मुक्त कर सके। शिविर में मुख्य योगाचार्य के रूप में वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर योग गुरु आचार्य अजय कुमार पाठक उपस्थित रहेंगे, जो बंदियों और जेल कर्मियों को विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम और गहरी ध्यान विधाओं का अभ्यास कराएंगे। इससे नैतिक और आत्मिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह की मुख्य भूमिका है। संस्थान के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है और यह शिविर बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने व उन्हें निरोगी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। शिविर का भव्य उद्घाटन 18 जून 2026 को होना सुनिश्चित किया गया है। कार्यक्रम में अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा के साथ जेलर अरविंद सिन्हा, डिप्टी जेलर शशांक पटेल, जितेंद्र तिवारी, अभिषेक जायसवाल और धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान की जिला प्रभारी प्रिया पाण्डेय भी मौजूद रहीं।2
- सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत के अटल नगर क्षेत्र में सेक्टर-10 रोड (बबली रोड) के स्थानीय निवासियों ने सड़क निर्माण में हो रहे कथित भेदभाव को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों ने एकजुट होकर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें पूरे क्षेत्र में एक समान पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। स्थानीय निवासियों द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, नगर पंचायत ओबरा द्वारा पूरे भलुवा टोला (अटल नगर) क्षेत्र में आरसीसी (RCC) रोड का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, 'जनता मुर्गी फार्म' के पीछे वाली गली, जो महेंद्र गुप्ता के घर से प्राथमिक विद्यालय तक जाती है, जैसे कुछ चुनिंदा रास्तों पर पक्षपातपूर्ण तरीके से आरसीसी रोड के बजाय खड़ंजा (ईंटों का रास्ता) बिछाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पूरी नगर पंचायत में आधुनिक और टिकाऊ आरसीसी रोड बन रही है, तो उनकी गली के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उनके अनुसार, खड़ंजा रोड जल्दी खराब हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों और बुजुर्गों सहित आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय निवासियों ने जोर देकर कहा कि इस मार्ग को भी आरसीसी रोड में तब्दील किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर सजग नागरिकों, जिनमें दिलीप साहनी, पवन कुमार, संदीप सोनी, रितेश सोनी, धीरज सोनी, रवि, निमिश और राज सोनी प्रमुख हैं, ने 12 जून 2026 को संबंधित अधिकारियों को हस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र सौंपा। पत्र पर आधिकारिक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग (JE) को अग्रिम कार्रवाई और आवश्यक जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर सड़क निर्माण कार्य में सुधार करता है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने फेसबुक पर पेंशन से संबंधित फर्जी विज्ञापन दिखाकर 12 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी पिपरी, श्री हर्ष पाण्डेय ने एक बाइट में दी। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से एक वाहन, पीओएस मशीन, विभिन्न कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई साइबर क्राइम पुलिस थाना द्वारा की गई, जिसमें ठगी के शिकार हुए पेंशनभोगियों को निशाना बनाया गया था।1
- साइबर क्राइम पुलिस थाना ने फेसबुक पर पेंशनरों से संबंधित फर्जी विज्ञापन दिखाकर 12 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो अंतरराज्यीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। क्षेत्राधिकारी पिपरी श्री हर्ष पाण्डेय ने इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया एक वाहन, एक पीओएस मशीन, विभिन्न कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।1
- बीजेपी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने रेनुकूट स्थित सर्वेश्वरी आश्रम में वृक्षारोपण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाकर धरती पर हरियाली लाने का अभियान चलाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मांगलिक अवसरों पर भी वृक्षारोपण करके प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने इस मुहिम को प्राकृतिक सुंदरता और लोगों के हित में बताया।1
- नागपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एक लापता लड़की की तलाश के लिए डीजल के पैसे माँगे। मुख्यमंत्री के शहर में हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे और परेशानी में डाल दिया, जो अपनी बेटी को ढूंढने के लिए पुलिस से गुहार लगा रहा था। जानकारी के अनुसार, जब परिवार अपनी गायब लड़की को ढूंढने के लिए पुलिस के पास पहुँचा, तो उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि डीजल के पैसे देने पर ही पुलिस उनकी मदद करेगी और तलाश शुरू करेगी। पुलिस के इस असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के बाद, लड़की का परिवार न्याय और मदद की गुहार लगाता हुआ रोता रहा।1