सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत के अटल नगर क्षेत्र में सेक्टर-10 रोड (बबली रोड) के स्थानीय निवासियों ने सड़क निर्माण में हो रहे कथित भेदभाव को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों ने एकजुट होकर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें पूरे क्षेत्र में एक समान पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। स्थानीय निवासियों द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, नगर पंचायत ओबरा द्वारा पूरे भलुवा टोला (अटल नगर) क्षेत्र में आरसीसी (RCC) रोड का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, 'जनता मुर्गी फार्म' के पीछे वाली गली, जो महेंद्र गुप्ता के घर से प्राथमिक विद्यालय तक जाती है, जैसे कुछ चुनिंदा रास्तों पर पक्षपातपूर्ण तरीके से आरसीसी रोड के बजाय खड़ंजा (ईंटों का रास्ता) बिछाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पूरी नगर पंचायत में आधुनिक और टिकाऊ आरसीसी रोड बन रही है, तो उनकी गली के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उनके अनुसार, खड़ंजा रोड जल्दी खराब हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों और बुजुर्गों सहित आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय निवासियों ने जोर देकर कहा कि इस मार्ग को भी आरसीसी रोड में तब्दील किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर सजग नागरिकों, जिनमें दिलीप साहनी, पवन कुमार, संदीप सोनी, रितेश सोनी, धीरज सोनी, रवि, निमिश और राज सोनी प्रमुख हैं, ने 12 जून 2026 को संबंधित अधिकारियों को हस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र सौंपा। पत्र पर आधिकारिक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग (JE) को अग्रिम कार्रवाई और आवश्यक जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर सड़क निर्माण कार्य में सुधार करता है।
सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत के अटल नगर क्षेत्र में सेक्टर-10 रोड (बबली रोड) के स्थानीय निवासियों ने सड़क निर्माण में हो रहे कथित भेदभाव को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों ने एकजुट होकर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें पूरे क्षेत्र में एक समान पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। स्थानीय निवासियों द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, नगर पंचायत ओबरा द्वारा पूरे भलुवा टोला (अटल नगर) क्षेत्र में आरसीसी (RCC) रोड का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, 'जनता मुर्गी फार्म' के पीछे वाली गली, जो महेंद्र गुप्ता के घर से प्राथमिक विद्यालय तक जाती है, जैसे कुछ चुनिंदा रास्तों पर पक्षपातपूर्ण तरीके से आरसीसी रोड के बजाय खड़ंजा (ईंटों का रास्ता) बिछाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पूरी नगर पंचायत में आधुनिक और टिकाऊ आरसीसी रोड बन रही है, तो उनकी गली के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उनके अनुसार, खड़ंजा रोड जल्दी खराब हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों और बुजुर्गों सहित आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय निवासियों ने जोर देकर कहा कि इस मार्ग को भी आरसीसी रोड में तब्दील किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर सजग नागरिकों, जिनमें दिलीप साहनी, पवन कुमार, संदीप सोनी, रितेश सोनी, धीरज सोनी, रवि, निमिश और राज सोनी प्रमुख हैं, ने 12 जून 2026 को संबंधित अधिकारियों को हस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र सौंपा। पत्र पर आधिकारिक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग (JE) को अग्रिम कार्रवाई और आवश्यक जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर सड़क निर्माण कार्य में सुधार करता है।
- जनपद सोनभद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष का वाहन अचानक सड़क पर बने एक गड्ढे में फंस गया। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। अथक प्रयासों के बाद, गाड़ी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि या वाहन को गंभीर क्षति होने की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।2
- मूल पाठ में केवल एक प्रश्न दिया गया है: "क्या आप ऐसा कर सकते हैं- ?" इसमें कोई अतिरिक्त जानकारी, संदर्भ, घटना या तथ्य मौजूद नहीं है जिसके आधार पर कोई विस्तृत सारांश तैयार किया जा सके।1
- सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ वार्ड नंबर 15 स्थित ओम चौराहे के पास प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की और अवैध कब्जे को हटवाया। यह कार्रवाई नगर पंचायत ओबरा, मजिस्ट्रेट, लेखपाल और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य चल रहा था। इस दौरान ठेकेदार रघुराज सिंह द्वारा कथित तौर पर मकान की बाउंड्री और दुकान के अंदर से नाली निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई और नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया, जिसमें अवैध अतिक्रमण पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को हटवा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा या अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और नियमों के तहत ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, और स्थानीय लोग पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बिडर ग्राम पंचायत के बावनझरिया गांव में शुक्रवार देर शाम उस समय मातम पसर गया, जब गुजरात में मजदूरी कर रहे 25 वर्षीय रामप्रसाद का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। रामप्रसाद लगभग चार-पांच महीने पहले बड़ौदा (गुजरात) में काम करने गए थे। परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद की पत्नी को 15 जून 2026 को मोबाइल के ज़रिए रामप्रसाद की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद, मृतक के ससुर और गांव के ठेकेदार के कुछ लोग घर पहुंचे और रामप्रसाद के पिता को गुजरात ले गए। रामप्रसाद के बड़े भाई शिवप्रसाद ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले ही ठेकेदार के लोगों ने रामप्रसाद का पोस्टमार्टम करा लिया था। परिजनों का यह भी आरोप है कि ठेकेदार के लोग घटना के समय और घटनाक्रम के बारे में कोई ठोस जानकारी या संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। रामप्रसाद का पार्थिव शरीर शुक्रवार, 17 जून को शाम करीब 7 बजे एक निजी एम्बुलेंस से बावनझरिया गांव पहुंचा। रामप्रसाद अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनका विवाह लगभग छह साल पहले हुआ था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं है। शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के कार्यवाहक प्रधान श्रवण कुमार ने परिजनों के साथ दुख व्यक्त किया और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और सभी की आंखें नम थीं।3
- सोनभद्र जनपद के दुद्धी विकास खंड की ग्राम पंचायत महुली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 'आवास प्लस' सर्वेक्षण में चयनित लाभार्थियों की स्थायी पात्रता सूची बनाने के लिए पंचायत भवन में एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई, जो इस योजना के प्रति लोगों के विश्वास और जागरूकता को दर्शाता है। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नोडल अधिकारी, पंचायत अधिकारी दुद्धी आशुतोष श्रीवास्तव और ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश अहीर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई। सूची के वाचन के दौरान ग्रामीणों को अपनी राय व्यक्त करने और किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने सूची में शामिल पात्र लाभार्थियों के नामों का समर्थन करते हुए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाने के लिए ऐसी सार्वजनिक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने बैठक में योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और शासन के दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर पंचायत सहायक बैजयंती शर्मा, सुधीर कुमार, बुधनाथ कन्नौजिया, अरुण कुमार गुप्ता, ईश्वरी प्रसाद यादव सहित लगभग पांच सौ ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता, सहभागिता और जनसहमति का अनूठा वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों की सहमति और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुई यह बैठक प्रधानमंत्री आवास योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।3
- मूल पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों सारी शर्तें केवल जनता के लिए ही होती हैं। इसमें कहा गया है कि यह भाजपा का राज है और सब कुछ जनता का ही है।1
- सोनभद्र के दुद्धी स्थित सरकारी अस्पताल से एक घायल व्यक्ति को निजी अस्पताल ले जाने और फिर बाइक से उसका शव वापस सरकारी अस्पताल में छोड़ जाने के एक गंभीर मामले का उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। इस घटना के बाद, दुद्धी में एसीएमओ ने मामले की जांच की। जांच पूरी होने पर, एसीएमओ ने स्थानीय थाने में एक तहरीर दी है और इस पूरे प्रकरण पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।1
- चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' की स्थानीय स्तर पर हो रही उपेक्षा की एक 'जीती-जागती मिसाल' सामने आई है। 'देश के महान सपूत और वीर चक्र विजेता' के नाम पर बने 'वीर अब्दुल हमीद अमृत सरोवर' में 'बूंद-भर पानी' भी नहीं है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत द्वारा योजना को 'ठेंगा दिखाने' का आरोप लगाया गया है। जल संरक्षण के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जो शासन की मूल मंशा और इस पर खर्च हुए 'लाखों रुपयों' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अमृत सरोवर के निर्माण और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से 'लाखों रुपये' का बजट निकाला जा चुका है। जहाँ कागजों पर इसे 'हरा-भरा और पानी से लबालब' दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में सरोवर में 'सिर्फ धूल उड़ रही' है, क्योंकि न तो पानी रोकने की कोई सही व्यवस्था की गई और न ही पानी के इनलेट (आवक) रास्तों को दुरुस्त किया गया। भीषण गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सरोवर में पानी होने से 'आसपास के मवेशियों और जंगली पशु-पक्षियों' को पीने का पानी मिलता और 'क्षेत्र का भूजल स्तर' भी सुधरता। हालांकि, 'अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही' के चलते यह केवल एक सूखा गड्ढा बनकर रह गया है, जो 'कागजों पर जल संरक्षण, धरातल पर सिर्फ धूल' की स्थिति को दर्शाता है।4
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खुलवाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर महिलाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं और प्रशासनिक टीम के बीच लाठी-डंडों से भिड़ंत हो गई, जिसमें शराब की बोतलें फोड़ी गईं और पुलिस के वाहन भी तोड़े गए। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। इस हिंसक झड़प में तहसीलदार के हाथ की हड्डी टूट गई, जबकि चौकी प्रभारी के पैर की हड्डी भी फ्रैक्चर हो गई। यह बवाल तब हुआ जब प्रशासनिक टीम शराब की दुकान को खुलवाने के लिए गांव पहुंची थी।1