सोनभद्र जनपद के दुद्धी विकास खंड की ग्राम पंचायत महुली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 'आवास प्लस' सर्वेक्षण में चयनित लाभार्थियों की स्थायी पात्रता सूची बनाने के लिए पंचायत भवन में एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई, जो इस योजना के प्रति लोगों के विश्वास और जागरूकता को दर्शाता है। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नोडल अधिकारी, पंचायत अधिकारी दुद्धी आशुतोष श्रीवास्तव और ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश अहीर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई। सूची के वाचन के दौरान ग्रामीणों को अपनी राय व्यक्त करने और किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने सूची में शामिल पात्र लाभार्थियों के नामों का समर्थन करते हुए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाने के लिए ऐसी सार्वजनिक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने बैठक में योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और शासन के दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर पंचायत सहायक बैजयंती शर्मा, सुधीर कुमार, बुधनाथ कन्नौजिया, अरुण कुमार गुप्ता, ईश्वरी प्रसाद यादव सहित लगभग पांच सौ ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता, सहभागिता और जनसहमति का अनूठा वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों की सहमति और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुई यह बैठक प्रधानमंत्री आवास योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
सोनभद्र जनपद के दुद्धी विकास खंड की ग्राम पंचायत महुली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 'आवास प्लस' सर्वेक्षण में चयनित लाभार्थियों की स्थायी पात्रता सूची बनाने के लिए पंचायत भवन में एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई, जो इस योजना के प्रति लोगों के विश्वास और जागरूकता को दर्शाता है। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नोडल अधिकारी, पंचायत अधिकारी दुद्धी आशुतोष श्रीवास्तव और ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश अहीर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों की सूची
सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई। सूची के वाचन के दौरान ग्रामीणों को अपनी राय व्यक्त करने और किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने सूची में शामिल पात्र लाभार्थियों के नामों का समर्थन करते हुए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाने के लिए ऐसी सार्वजनिक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने बैठक में योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और शासन के दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया
कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर पंचायत सहायक बैजयंती शर्मा, सुधीर कुमार, बुधनाथ कन्नौजिया, अरुण कुमार गुप्ता, ईश्वरी प्रसाद यादव सहित लगभग पांच सौ ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता, सहभागिता और जनसहमति का अनूठा वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों की सहमति और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुई यह बैठक प्रधानमंत्री आवास योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
- सोनभद्र जनपद के बर्दिया अली स्टोन खनन क्षेत्र में निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन कर कथित तौर पर धड़ल्ले से खनन कार्य जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय भी मशीनों की गड़गड़ाहट और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र में प्रदूषण और असुविधा बढ़ रही है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, खनन संचालन के लिए तय मानकों और समयावधि का पालन नहीं किया जा रहा है। भारी वाहनों के लगातार चलने से सड़कों की स्थिति खराब हो रही है, जिससे आम लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन सब के बावजूद, संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी निरीक्षण या कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रवासियों का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो पर्यावरण और जनजीवन पर इसका और भी गंभीर असर पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन खनन नियमों के उल्लंघन के इन आरोपों की जांच कर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।2
- संजय सिंह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए एक जोरदार भाषण दिया, जिसे 'आग उगलता भाषण' बताया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में कई मुद्दों पर बात की और जनता का ध्यान आकर्षित किया। इस भाषण के दौरान उन्होंने अपनी बात पुरजोर तरीके से रखी, जिससे वहां मौजूद लोग प्रभावित हुए।1
- सोनभद्र में 17 जून, 2026 को पंचायत रिसोर्स सेंटर में एक चार दिवसीय भव्य विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में थी। इस प्रदर्शनी में सोनभद्र की विकास यात्रा, औद्योगिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं की जीवंत झलक देखने को मिली, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने किया। इस अवसर पर घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, सदर विधायक श्री भूपेश चौबे, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री जागृति अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नन्दलाल गुप्ता, भाजपा जिला प्रभारी श्री अनिल सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रामसकल, पूर्व सांसद श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि सोनभद्र, जो कभी पिछड़े जनपदों में गिना जाता था, आज ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और आधारभूत संरचना में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर प्रदेश के अग्रणी जनपदों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने और मजबूत कानून-व्यवस्था तथा निवेश अनुकूल माहौल के कारण औद्योगिक विकास को मिली गति का भी उल्लेख किया। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनपद की परिवर्तनकारी विकास यात्रा का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सोनभद्र द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, डिजिटल सेवाओं, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से नवाचार, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टालों के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और सुशासन की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण तकनीकी वीथिकाएं थीं, जिनमें ड्रोन तकनीक, 3डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लूटूथ नियंत्रित वाहन, लाइन फॉलोइंग रोबोट, ऑब्स्टेकल अवॉइडिंग रोबोट और औद्योगिक ऑटोमेशन आधारित मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। कृषि क्षेत्र में ड्रोन आधारित कृषि सर्वेक्षण, कीटनाशक छिड़काव और स्मार्ट कृषि उपकरणों जैसी तकनीकों की जानकारी भी दी गई। एनसीएल, आवादा ग्रुप, अदाणी समूह, हिंडालको, ओबरा तापीय परियोजना और अल्ट्राटेक जैसी प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयों ने भी अपनी परियोजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया, जो सोनभद्र के प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित अटल टिंकरिंग लैब की गतिविधियों को भी विशेष स्थान मिला, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचार आधारित मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। यह प्रदर्शनी विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में सोनभद्र के बढ़ते कदमों का प्रेरक उदाहरण बन कर उभरी है।2
- गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के बेसरी गांव में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। ताहिर अंसारी के घर के पास बेटा रोड पर लगभग 3 बजे एक हाइड्रा और मोटरसाइकिल के बीच सीधी और जोरदार टक्कर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, रंका थाना क्षेत्र के बांदु गांव निवासी 66 वर्षीय बुटन भुइयां और 35 वर्षीय भरत भुइयां मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी सामने से आ रही हाइड्रा से उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। बुटन भुइयां को बेहतर इलाज के लिए रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भरत भुइयां की हालत भी अभी चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी बिकु कुमार रजक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइड्रा को जब्त कर थाने ले आई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, जहां ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का कारण बता रहे हैं। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी थी।1
- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हो रही जनता की परेशानियों का संज्ञान लेते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ वैकल्पिक मार्गों का भी निरीक्षण किया।4
- बिहार के सासाराम (रोहतास) में एक विशाल कृत्रिम झील के बीचों-बीच महान शासक शेरशाह सूरी का मकबरा स्थित है। इंडो-इस्लामिक (अफगान) वास्तुकला का यह बेहतरीन नमूना भारत के दूसरे ताजमहल के रूप में भी जाना जाता है। इस भव्य मकबरे का निर्माण 1540 से 1545 के बीच हुआ था। सम्राट शेरशाह सूरी ने इसका निर्माण अपने जीवनकाल में शुरू करवाया था, लेकिन उनकी मृत्यु के 3 महीने बाद, 16 अगस्त 1545 को उनके पुत्र और उत्तराधिकारी इस्लाम शाह सूरी ने इसे पूरा करवाया। इसके वास्तुकार प्रसिद्ध मीर मुहम्मद अलीवाल खान थे। यह समाधि स्वयं सम्राट शेरशाह सूरी के लिए बनाई गई थी, जो बिहार के एक पठान थे। उन्होंने मुगल बादशाह हुमायूं को हराकर उत्तर भारत में सूरी साम्राज्य की स्थापना की थी।1
- कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर करारा हमला बोलते हुए उसकी फंडिंग को लेकर शिकंजा कसने का आरोप लगाया है। इस हमले के साथ ही यह गंभीर सवाल भी उठाया गया है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत इस फंडिंग विवाद से आखिर कब तक बच पाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है। रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के चतरा विकास खंड में नर्सी बन्धी पर न्यू निर्माण छलका का कार्य मानक के विपरीत किया जा रहा है। आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इस कार्य में जंगल विभाग के पत्थरों को अवैध तरीके से तोड़कर और नदी-नालों से घटिया किस्म की बालू का प्रयोग किया जा रहा है। इस पूरी अनियमितता पर जंगल विभाग भी मौन बैठा है। सरकार भले ही 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती हो, लेकिन आरोप है कि जनपद के जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इस कथित मिलीभगत में सुदामा प्रसाद (एसडीओ), कमलेश कुमार (जेई) और उमेश कुमार (एक्सियन) शामिल बताए जा रहे हैं, जिनकी मिलीभगत से छलका निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मामले को लेकर जनपद के जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।1
- गढ़वा जिले के रंका में बिना किसी स्पष्ट नोटिस या पूर्व सूचना के कई घरों को खाली कराए जाने का आरोप सामने आया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया, जिसके कारण वे अपने घरों से बेदखल हो गए। इस कार्रवाई के बाद कई परिवार सड़क किनारे रहने को मजबूर हो गए हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है और वे प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1