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सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हो रही जनता की परेशानियों का संज्ञान लेते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ वैकल्पिक मार्गों का भी निरीक्षण किया।
Bharat kumar bharat
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हो रही जनता की परेशानियों का संज्ञान लेते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ वैकल्पिक मार्गों का भी निरीक्षण किया।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर करारा हमला बोलते हुए उसकी फंडिंग को लेकर शिकंजा कसने का आरोप लगाया है। इस हमले के साथ ही यह गंभीर सवाल भी उठाया गया है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत इस फंडिंग विवाद से आखिर कब तक बच पाएंगे।1
- चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' की स्थानीय स्तर पर हो रही उपेक्षा की एक 'जीती-जागती मिसाल' सामने आई है। 'देश के महान सपूत और वीर चक्र विजेता' के नाम पर बने 'वीर अब्दुल हमीद अमृत सरोवर' में 'बूंद-भर पानी' भी नहीं है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत द्वारा योजना को 'ठेंगा दिखाने' का आरोप लगाया गया है। जल संरक्षण के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जो शासन की मूल मंशा और इस पर खर्च हुए 'लाखों रुपयों' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अमृत सरोवर के निर्माण और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से 'लाखों रुपये' का बजट निकाला जा चुका है। जहाँ कागजों पर इसे 'हरा-भरा और पानी से लबालब' दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में सरोवर में 'सिर्फ धूल उड़ रही' है, क्योंकि न तो पानी रोकने की कोई सही व्यवस्था की गई और न ही पानी के इनलेट (आवक) रास्तों को दुरुस्त किया गया। भीषण गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सरोवर में पानी होने से 'आसपास के मवेशियों और जंगली पशु-पक्षियों' को पीने का पानी मिलता और 'क्षेत्र का भूजल स्तर' भी सुधरता। हालांकि, 'अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही' के चलते यह केवल एक सूखा गड्ढा बनकर रह गया है, जो 'कागजों पर जल संरक्षण, धरातल पर सिर्फ धूल' की स्थिति को दर्शाता है।4
- मिर्जापुर में गंगा नदी में डूब रहे श्रद्धालुओं को नाविकों ने सुरक्षित बचा लिया। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे और अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे वे डूबने लगे। वहां मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नदी से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1
- सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ वार्ड नंबर 15 स्थित ओम चौराहे के पास प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की और अवैध कब्जे को हटवाया। यह कार्रवाई नगर पंचायत ओबरा, मजिस्ट्रेट, लेखपाल और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य चल रहा था। इस दौरान ठेकेदार रघुराज सिंह द्वारा कथित तौर पर मकान की बाउंड्री और दुकान के अंदर से नाली निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई और नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया, जिसमें अवैध अतिक्रमण पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को हटवा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा या अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और नियमों के तहत ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, और स्थानीय लोग पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बिडर ग्राम पंचायत के बावनझरिया गांव में शुक्रवार देर शाम उस समय मातम पसर गया, जब गुजरात में मजदूरी कर रहे 25 वर्षीय रामप्रसाद का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। रामप्रसाद लगभग चार-पांच महीने पहले बड़ौदा (गुजरात) में काम करने गए थे। परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद की पत्नी को 15 जून 2026 को मोबाइल के ज़रिए रामप्रसाद की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद, मृतक के ससुर और गांव के ठेकेदार के कुछ लोग घर पहुंचे और रामप्रसाद के पिता को गुजरात ले गए। रामप्रसाद के बड़े भाई शिवप्रसाद ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले ही ठेकेदार के लोगों ने रामप्रसाद का पोस्टमार्टम करा लिया था। परिजनों का यह भी आरोप है कि ठेकेदार के लोग घटना के समय और घटनाक्रम के बारे में कोई ठोस जानकारी या संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। रामप्रसाद का पार्थिव शरीर शुक्रवार, 17 जून को शाम करीब 7 बजे एक निजी एम्बुलेंस से बावनझरिया गांव पहुंचा। रामप्रसाद अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनका विवाह लगभग छह साल पहले हुआ था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं है। शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के कार्यवाहक प्रधान श्रवण कुमार ने परिजनों के साथ दुख व्यक्त किया और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और सभी की आंखें नम थीं।3
- सोनभद्र जनपद के दुद्धी विकास खंड की ग्राम पंचायत महुली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 'आवास प्लस' सर्वेक्षण में चयनित लाभार्थियों की स्थायी पात्रता सूची बनाने के लिए पंचायत भवन में एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई, जो इस योजना के प्रति लोगों के विश्वास और जागरूकता को दर्शाता है। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नोडल अधिकारी, पंचायत अधिकारी दुद्धी आशुतोष श्रीवास्तव और ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश अहीर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई। सूची के वाचन के दौरान ग्रामीणों को अपनी राय व्यक्त करने और किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने सूची में शामिल पात्र लाभार्थियों के नामों का समर्थन करते हुए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाने के लिए ऐसी सार्वजनिक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने बैठक में योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और शासन के दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर पंचायत सहायक बैजयंती शर्मा, सुधीर कुमार, बुधनाथ कन्नौजिया, अरुण कुमार गुप्ता, ईश्वरी प्रसाद यादव सहित लगभग पांच सौ ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता, सहभागिता और जनसहमति का अनूठा वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों की सहमति और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुई यह बैठक प्रधानमंत्री आवास योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।3
- मूल पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों सारी शर्तें केवल जनता के लिए ही होती हैं। इसमें कहा गया है कि यह भाजपा का राज है और सब कुछ जनता का ही है।1
- जनपद चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के पास बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 वर्षीय बच्चे समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बुलेंस टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत बचाव कार्य शुरू किया। जानकारी के अनुसार, तेनऊरा हाटा, बिहार निवासी दीपक और इंदल के साथ मुजफ्फरपुर निवासी अमित एक ही बाइक पर सवार होकर मुजफ्फरपुर स्थित अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। जब उनकी बाइक चकिया कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और उस पर सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने इंदल को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दीपक और 5 वर्षीय अमित की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर चकिया विधायक कैलाश खरवार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार के संबंध में जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटना करने वाले अज्ञात वाहन की पहचान के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।2
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खुलवाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर महिलाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं और प्रशासनिक टीम के बीच लाठी-डंडों से भिड़ंत हो गई, जिसमें शराब की बोतलें फोड़ी गईं और पुलिस के वाहन भी तोड़े गए। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। इस हिंसक झड़प में तहसीलदार के हाथ की हड्डी टूट गई, जबकि चौकी प्रभारी के पैर की हड्डी भी फ्रैक्चर हो गई। यह बवाल तब हुआ जब प्रशासनिक टीम शराब की दुकान को खुलवाने के लिए गांव पहुंची थी।1