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मिर्जापुर में गंगा नदी में डूब रहे श्रद्धालुओं को नाविकों ने सुरक्षित बचा लिया। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे और अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे वे डूबने लगे। वहां मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नदी से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
अंकित सैनी
मिर्जापुर में गंगा नदी में डूब रहे श्रद्धालुओं को नाविकों ने सुरक्षित बचा लिया। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे और अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे वे डूबने लगे। वहां मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नदी से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल ने बुधवार को चहनियां ब्लॉक मुख्यालय के क्षेत्र पंचायत सभागार में अधिकारियों, कर्मचारियों और रोजगार सेवकों के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा की गई और विकास कार्यों में तेजी लाने, साथ ही लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। ब्लॉक प्रमुख जायसवाल ने अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने, पंचायत भवनों पर मौजूद रहकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और भीषण गर्मी में दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेवजह बार-बार कार्यालय न बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्याओं का निस्तारण एक सप्ताह में करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी गांवों में बरसात से पहले नाली-सफाई और कूड़ा निस्तारण का काम तुरंत शुरू करने को कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, विद्यालय, पंचायत भवन, सीसी रोड और इंटरलॉकिंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए बिना भेदभाव के विकास कार्यों को ईमानदारी से प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में रोजगार सेवकों और टीए का मानदेय मुद्दा भी छाया रहा। बताया गया कि 10 माह से बकाया मानदेय और ईपीएफ की राशि विकास खंड के होल्डिंग अकाउंट में जमा है। रोजगार सेवकों ने आरोप लगाया कि होल्डिंग अकाउंट में जमा ईपीएफ की धनराशि में से 22 लाख रुपये बैंक व अकाउंट होल्डर ने मनमाने तरीके से निकाल लिए हैं, जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की गई। इस पर ब्लॉक प्रमुख अरुण जायसवाल ने आश्वासन दिया कि वे जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से मिलकर समस्या का जल्द समाधान कराएंगे। बैठक में खंड विकास अधिकारी जावेद अख्तर, ज्वाइंट बीडीओ ओमप्रकाश, एडीओ राजेश सिंह, समाज कल्याण अधिकारी प्रिंस गुप्ता, ग्राम पंचायत अधिकारी आंनद यादव सहित अन्य अधिकारी व रोजगार सेवक मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव धाम की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव पुलिस चौकी के ठीक सामने बने रैन बसेरे में भारी गंदगी फैली हुई है और परिसर में हर जगह कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है। इस गंदगी के कारण दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धाम में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त बताई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की दिक्कतें बढ़ गई हैं।1
- आज वाराणसी में अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार कसेरा ने प्रेस से बात करते हुए अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कई मामलों की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से रामलला की मूर्ति मंदिर में स्थापित हुई है, उसके 5 साल पहले से हुई समस्त घटनाओं की जांच होनी चाहिए। डॉ. कसेरा ने विशेष रूप से सोने-चांदी की ईंटों, भगवान के सोने के मुकुट और 200 करोड़ रुपये के कपड़ों की खरीद से संबंधित मामलों की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान के नाम पर सत्ता में आए हैं और खुद को रामलाल कहते हैं, वही राम के मंदिर में चोरी कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब जागृत हो गया है और जन आंदोलन के लिए तैयार है।1
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- काशी में पंडित महेंद्र प्रसन्ना की शहनाई की मधुर धुन से इंद्रदेव प्रसन्न हो गए। उनकी शहनाई वादन के बाद वाराणसी जिले में भारी बारिश हुई, जिससे पूरा क्षेत्र भीग गया। इस घटना को लेकर लोगों में यह धारणा बन गई है कि शहनाई वादन के कारण ही वर्षा हुई है।1
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- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव धाम की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव पुलिस चौकी के ठीक सामने बने रैन बसेरे में गंदगी का अंबार लगा है और परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है, जिससे दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर, गंगा घाटों और रैन बसेरे की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। उनका कहना है कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और स्वच्छता पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थितियां बदहाल हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि केवल किसी उच्च अधिकारी या वीआईपी के आने की सूचना मिलने पर ही दिखावे के लिए सफाई कराई जाती है, जबकि सामान्य दिनों में पूरा परिसर गंदगी से भरा रहता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल होने के बावजूद स्वच्छता की अनदेखी समझ से परे है। गंदगी के कारण धाम की सुंदरता तो खराब हो ही रही है, बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। दुर्गंध के चलते रैन बसेरे में ठहरना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से तत्काल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। सावन माह नजदीक होने और लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए आने के मद्देनजर यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस प्रमुख धार्मिक आस्था केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है और श्रद्धालुओं को कब तक गंदगी से जूझना पड़ेगा।1