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बिहार के सासाराम (रोहतास) में एक विशाल कृत्रिम झील के बीचों-बीच महान शासक शेरशाह सूरी का मकबरा स्थित है। इंडो-इस्लामिक (अफगान) वास्तुकला का यह बेहतरीन नमूना भारत के दूसरे ताजमहल के रूप में भी जाना जाता है। इस भव्य मकबरे का निर्माण 1540 से 1545 के बीच हुआ था। सम्राट शेरशाह सूरी ने इसका निर्माण अपने जीवनकाल में शुरू करवाया था, लेकिन उनकी मृत्यु के 3 महीने बाद, 16 अगस्त 1545 को उनके पुत्र और उत्तराधिकारी इस्लाम शाह सूरी ने इसे पूरा करवाया। इसके वास्तुकार प्रसिद्ध मीर मुहम्मद अलीवाल खान थे। यह समाधि स्वयं सम्राट शेरशाह सूरी के लिए बनाई गई थी, जो बिहार के एक पठान थे। उन्होंने मुगल बादशाह हुमायूं को हराकर उत्तर भारत में सूरी साम्राज्य की स्थापना की थी।
Ramashankar sharma
बिहार के सासाराम (रोहतास) में एक विशाल कृत्रिम झील के बीचों-बीच महान शासक शेरशाह सूरी का मकबरा स्थित है। इंडो-इस्लामिक (अफगान) वास्तुकला का यह बेहतरीन नमूना भारत के दूसरे ताजमहल के रूप में भी जाना जाता है। इस भव्य मकबरे का निर्माण 1540 से 1545 के बीच हुआ था। सम्राट शेरशाह सूरी ने इसका निर्माण अपने जीवनकाल में शुरू करवाया था, लेकिन उनकी मृत्यु के 3 महीने बाद, 16 अगस्त 1545 को उनके पुत्र और उत्तराधिकारी इस्लाम शाह सूरी ने इसे पूरा करवाया। इसके वास्तुकार प्रसिद्ध मीर मुहम्मद अलीवाल खान थे। यह समाधि स्वयं सम्राट शेरशाह सूरी के लिए बनाई गई थी, जो बिहार के एक पठान थे। उन्होंने मुगल बादशाह हुमायूं को हराकर उत्तर भारत में सूरी साम्राज्य की स्थापना की थी।
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- बिहार के सासाराम (रोहतास) में एक विशाल कृत्रिम झील के बीचों-बीच महान शासक शेरशाह सूरी का मकबरा स्थित है। इंडो-इस्लामिक (अफगान) वास्तुकला का यह बेहतरीन नमूना भारत के दूसरे ताजमहल के रूप में भी जाना जाता है। इस भव्य मकबरे का निर्माण 1540 से 1545 के बीच हुआ था। सम्राट शेरशाह सूरी ने इसका निर्माण अपने जीवनकाल में शुरू करवाया था, लेकिन उनकी मृत्यु के 3 महीने बाद, 16 अगस्त 1545 को उनके पुत्र और उत्तराधिकारी इस्लाम शाह सूरी ने इसे पूरा करवाया। इसके वास्तुकार प्रसिद्ध मीर मुहम्मद अलीवाल खान थे। यह समाधि स्वयं सम्राट शेरशाह सूरी के लिए बनाई गई थी, जो बिहार के एक पठान थे। उन्होंने मुगल बादशाह हुमायूं को हराकर उत्तर भारत में सूरी साम्राज्य की स्थापना की थी।1
- गढ़वा जिले के रंका में बिना किसी स्पष्ट नोटिस या पूर्व सूचना के कई घरों को खाली कराए जाने का आरोप सामने आया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया, जिसके कारण वे अपने घरों से बेदखल हो गए। इस कार्रवाई के बाद कई परिवार सड़क किनारे रहने को मजबूर हो गए हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है और वे प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- झारखंड के गढ़वा जिले में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है। हाल ही में एक मालवाहक ट्रक से लगभग 100 लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आया है, जिससे ट्रक चालक रिजवान अंसारी काफी परेशान हैं। उन्होंने इस घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी है। चालक रिजवान अंसारी ने बुधवार को बताया कि उन्होंने मंगलवार रात करीब 11 बजे अपने मालवाहक ट्रक को चुतरू उर्दू विद्यालय के पास खड़ा किया था और फिर अपने घर बाजार टांड़ चले गए थे। बुधवार सुबह जब वह ट्रक के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ट्रक के आसपास डीजल बिखरा हुआ था। संदेह होने पर जांच करने पर पता चला कि ट्रक की डीजल टंकी से करीब 100 लीटर डीजल चोरी कर लिया गया है। चालक ने अपने स्तर पर पूछताछ और जांच-पड़ताल की, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस घटना से चालक रिजवान अंसारी को आर्थिक नुकसान हुआ है, खासकर डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इतनी बड़ी मात्रा में चोरी होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के कारण आम नागरिकों और वाहन मालिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।1
- गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के बेसरी गांव में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। ताहिर अंसारी के घर के पास बेटा रोड पर लगभग 3 बजे एक हाइड्रा और मोटरसाइकिल के बीच सीधी और जोरदार टक्कर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, रंका थाना क्षेत्र के बांदु गांव निवासी 66 वर्षीय बुटन भुइयां और 35 वर्षीय भरत भुइयां मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी सामने से आ रही हाइड्रा से उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। बुटन भुइयां को बेहतर इलाज के लिए रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भरत भुइयां की हालत भी अभी चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी बिकु कुमार रजक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइड्रा को जब्त कर थाने ले आई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, जहां ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का कारण बता रहे हैं। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी थी।1
- लातेहार के बरवाडीह में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने सामुदायिक भवन में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। मंडल अध्यक्ष मनोज प्रसाद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर, दीप प्रज्वलन तथा राष्ट्रीय गीत के साथ किया गया। बैठक में प्रदेश से आए मुख्य अतिथि बबन गुप्ता, जिला अध्यक्ष बंशी यादव, पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह, जिला उपाध्यक्ष ईश्वरी सिंह, छोटू राजा और ध्रुव पाण्डेय सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि बबन गुप्ता ने उपस्थित बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) सदस्यों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और इसे शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। बबन गुप्ता ने बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर योग्य मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने और त्रुटियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल को भी याद दिलाया। पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक मतदाता और सटीक मतदाता सूची पर निर्भर करती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देने और पात्र मतदाताओं को सूची से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी योग्य नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे, जिसके लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस दौरान प्रमुख सुशीला देवी, उप प्रमुख वीरेंद्र जयसवाल, पूर्वी जिला परिषद अध्यक्ष कन्हाई सिंह, बंटी ठाकुर, छिपादोहर मंडल अध्यक्ष सुनीता कुमारी, अशोक प्रसाद, सांसद प्रतिनिधि दीपक राज, भीमानंद गिरी, मनोज यादव, भाजयुमो महामंत्री हेमंत कश्यप, प्रवीण कुमार, वरिष्ठ नेता विनय चंदेल, रूपाली देवी, सतीश यादव समेत सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- मूल पाठ में केवल एक प्रश्न दिया गया है: "क्या आप ऐसा कर सकते हैं- ?" इसमें कोई अतिरिक्त जानकारी, संदर्भ, घटना या तथ्य मौजूद नहीं है जिसके आधार पर कोई विस्तृत सारांश तैयार किया जा सके।1
- झारखंड के गढ़वा जिले में सरकार द्वारा चलाई गई 'हर घर नल जल योजना' ग्रामीणों के लिए केवल एक सपना बनकर रह गई है। इस योजना के शुरू होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर थी और उन्हें उम्मीद थी कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, संग्रहे खुर्द पंचायत के लोगों से पीएचईडी विभाग गढ़वा द्वारा 30 रुपये की राशि भी वसूल की गई, लेकिन उन्हें कभी शुद्ध और स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हुआ। नल से शुद्ध पानी आने के बजाय गंदा, मिट्टी मिला हुआ पानी गिरता रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी शुद्ध जल प्राप्ति की यह योजना संग्रहे खुर्द पंचायत में नाकाम साबित हो रही है, जिसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और प्रशासनिक लापरवाही का विषय बताया गया है। शुद्ध और स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। ग्रामीणों को इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ कदम सुझाए गए हैं। इसमें सबसे पहले ग्राम पंचायत सचिव या सरपंच को लिखित शिकायत देना शामिल है, ताकि वे जल जीवन मिशन के दिशानिर्देशों के अनुसार ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से स्थायी समाधान करा सकें। इसके अतिरिक्त, राज्य के जन स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) या जल निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और 1800-180-6088 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके समस्या दर्ज कराने के विकल्प भी दिए गए हैं।4
- बरवाडीह प्रखंड में हल्की बारिश के बाद औरंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। औरंगा-छैचानी पुल के नीचे नदी पार करने में विशेषकर बाइक चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर सतर्कता बरतने की अपील की है। इसी प्रखंड में, बरवाडीह-बेतला को सतबरवा प्रखंड से जोड़ने वाले एक पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।1