झारखंड के गढ़वा जिले में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है। हाल ही में एक मालवाहक ट्रक से लगभग 100 लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आया है, जिससे ट्रक चालक रिजवान अंसारी काफी परेशान हैं। उन्होंने इस घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी है। चालक रिजवान अंसारी ने बुधवार को बताया कि उन्होंने मंगलवार रात करीब 11 बजे अपने मालवाहक ट्रक को चुतरू उर्दू विद्यालय के पास खड़ा किया था और फिर अपने घर बाजार टांड़ चले गए थे। बुधवार सुबह जब वह ट्रक के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ट्रक के आसपास डीजल बिखरा हुआ था। संदेह होने पर जांच करने पर पता चला कि ट्रक की डीजल टंकी से करीब 100 लीटर डीजल चोरी कर लिया गया है। चालक ने अपने स्तर पर पूछताछ और जांच-पड़ताल की, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस घटना से चालक रिजवान अंसारी को आर्थिक नुकसान हुआ है, खासकर डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इतनी बड़ी मात्रा में चोरी होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के कारण आम नागरिकों और वाहन मालिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
झारखंड के गढ़वा जिले में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है। हाल ही में एक मालवाहक ट्रक से लगभग 100 लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आया है, जिससे ट्रक चालक रिजवान अंसारी काफी परेशान हैं। उन्होंने इस घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी है। चालक रिजवान अंसारी ने बुधवार को बताया कि उन्होंने मंगलवार रात करीब 11 बजे अपने मालवाहक ट्रक को चुतरू उर्दू विद्यालय के पास खड़ा किया था और फिर अपने घर बाजार टांड़ चले गए थे। बुधवार सुबह जब वह ट्रक के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ट्रक के आसपास डीजल बिखरा हुआ था। संदेह होने पर जांच करने पर पता चला कि ट्रक की डीजल टंकी से करीब 100 लीटर डीजल चोरी कर लिया गया है। चालक ने अपने स्तर पर पूछताछ और जांच-पड़ताल की, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस घटना से चालक रिजवान अंसारी को आर्थिक नुकसान हुआ है, खासकर डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इतनी बड़ी मात्रा में चोरी होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के कारण आम नागरिकों और वाहन मालिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
- झारखंड के गढ़वा जिले में सरकार द्वारा चलाई गई 'हर घर नल जल योजना' ग्रामीणों के लिए केवल एक सपना बनकर रह गई है। इस योजना के शुरू होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर थी और उन्हें उम्मीद थी कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, संग्रहे खुर्द पंचायत के लोगों से पीएचईडी विभाग गढ़वा द्वारा 30 रुपये की राशि भी वसूल की गई, लेकिन उन्हें कभी शुद्ध और स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हुआ। नल से शुद्ध पानी आने के बजाय गंदा, मिट्टी मिला हुआ पानी गिरता रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी शुद्ध जल प्राप्ति की यह योजना संग्रहे खुर्द पंचायत में नाकाम साबित हो रही है, जिसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और प्रशासनिक लापरवाही का विषय बताया गया है। शुद्ध और स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। ग्रामीणों को इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ कदम सुझाए गए हैं। इसमें सबसे पहले ग्राम पंचायत सचिव या सरपंच को लिखित शिकायत देना शामिल है, ताकि वे जल जीवन मिशन के दिशानिर्देशों के अनुसार ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से स्थायी समाधान करा सकें। इसके अतिरिक्त, राज्य के जन स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) या जल निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और 1800-180-6088 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके समस्या दर्ज कराने के विकल्प भी दिए गए हैं।4
- गढ़वा जिले के कल्याणपुर में स्थित एक चिकित्सा केंद्र सभी बीमारियों के इलाज का दावा करता है, जिसके चलते यह अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस केंद्र पर दूर-दूर से मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहाँ मरीजों को बेहतर परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।1
- बरवाडीह थाना क्षेत्र के बरवाडीह-कुटमू मुख्य मार्ग पर स्थित ठुठाकुसुम के भगत सिंह चौक के समीप मंगलवार को एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। यहाँ दो पल्सर बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइक चालक बुरी तरह घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसमें एक बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से, दोनों घायल चालकों को एंबुलेंस के माध्यम से बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।2
- छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में धान विक्रय वर्ष 2025-26 की बकाया राशि के भुगतान और किसानों पर दर्ज कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) मामलों को समाप्त करने की मांग को लेकर किसानों ने बुधवार, 17 जून 2026 से अनिश्चितकालीन उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि 9 जून 2026 को मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना। यह प्रदर्शन बुधवार को सुबह 10 बजे से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर की रामानुजगंज शाखा के सामने शुरू हुआ। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी दोनों मुख्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल समाधान की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रशासन इस स्थिति पर नज़र रख रहा है, जबकि किसान उम्मीद कर रहे हैं कि शासन उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेगा।2
- बलरामपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान बच्चों का आत्मीयता से स्वागत किया गया।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की चुतरू पंचायत के बांदु गांव निवासी सुदामा कोरवा के पुत्र श्याम कोरवा के आकस्मिक निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बुधवार शाम करीब 6:30 बजे चुतरू पंचायत के दक्षिणी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) मो. आसीफ आलम को इस निधन की सूचना मिली। सूचना मिलते ही बीडीसी प्रतिनिधि के रूप में उनके पुत्र अजहर अंसारी तत्काल बांदु गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक श्याम कोरवा के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अजहर अंसारी ने अंतिम संस्कार और अन्य क्रियाकर्म में सहायता के उद्देश्य से अपनी ओर से परिवार को चावल भी उपलब्ध कराया।1
- ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रौशन आनंद, जिन्हें रौशन सर के नाम से भी जाना जाता है, ने मशहूर खान सर और उनके सहयोगियों पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या करवाने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रिंस यादव की मौत नेपाल के बिराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। गौरतलब है कि प्रिंस यादव पहले खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए एक हमले के मामले में नामजद आरोपी थे। हालांकि, खान सर ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। इस पूरे विवाद के संबंध में, प्रीतम जी के अनुसार, अभी भी 'कुछ तो अंतर घाट है' और इस मामले की सच्चाई पर गौर किया जाना बाकी है।1
- गढ़वा के चर्चित समाजसेवी विकास माली का गया स्थित कार्यालय इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि इस कार्यालय से विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। कार्यालय की व्यवस्था और उसकी कार्यशैली को देखकर लोग काफी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहीं से कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावी ढंग से निगरानी की जाती है। यह कार्यालय अपनी खासियत और कामकाज के तरीके के कारण लोगों के बीच लोकप्रियता बटोर रहा है।1
- बरवाडीह थाना क्षेत्र में बरवाडीह-कुटमू मुख्य मार्ग पर ठुठाकुसुम स्थित भगत सिंह चौक के समीप सोमवार सुबह करीब 9 बजे दो पल्सर बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरवाडीह पहुँचाया गया। वहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच मेदिनीनगर रेफर कर दिया। घायलों की पहचान कुचिला निवासी 25 वर्षीय विनय राम, जो नरेश राम के पुत्र हैं, और लुहुर निवासी 22 वर्षीय मंदीप राम, जो स्वर्गीय विश्वनाथ राम के पुत्र हैं, के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनय राम अपनी बाइक से बरवाडीह से कुटमू की ओर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे, जबकि मंदीप राम पेट्रोल पंप से तेल भरवाकर रेलवे आरओएच में कार्य करने के लिए निकले थे। इसी दौरान ठुठाकुसुम के पास दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अनुराग कुमार के निर्देश पर एएसआई नीरज दुबे पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को अपने कब्जे में लेकर थाने ले गए। बरवाडीह पंचायत समिति सदस्य प्रवीण कुमार भी घटनास्थल पर पहुँचे और घायलों को अस्पताल पहुँचाने में सहयोग किया। बाद में उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर घायलों का हालचाल जाना और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।3