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जबलपुर के परसवाड़ा में अंबेडकर चौक के पास एक बीमार बैल लावारिस पड़ा मिला है। स्थानीय लोगों को समझ नहीं आ रहा कि इसका मालिक कौन है और क्यों इसे बेसहारा छोड़ दिया गया है।
टेकेशवर गिरी गोस्वामी
जबलपुर के परसवाड़ा में अंबेडकर चौक के पास एक बीमार बैल लावारिस पड़ा मिला है। स्थानीय लोगों को समझ नहीं आ रहा कि इसका मालिक कौन है और क्यों इसे बेसहारा छोड़ दिया गया है।
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- जबलपुर के बिलहरी क्षेत्र में डी मार्ट के सामने दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के बरगी डैम क्रूज हादसे के घायलों से इलाज के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में नोबल मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने इसे आपदा प्रबंधन कानून का उल्लंघन बताया है। अस्पताल को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है।1
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- सिहरा टोला के “आंगनबाड़ी में अव्यवस्था की हद बच्चों से धुलवाई जा रही जूठी थालियां! वीडियो वायरल जहां बच्चों के पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी उठाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र ही अब सवालों के घेरे में हैं। कटनी।। जिले से सामने आई एक चौंकाने वाली तस्वीर ने सिस्टम की हकीकत उजागर कर दी है जहां मासूम बच्चों से उनके ही जूठे बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। ये तस्वीरें हैं सिहरा टोला के आंगनबाड़ी केंद्र की… जहां छोटे-छोटे बच्चे मिड-डे मील खाने के बाद खुद अपनी थालियां साफ करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मंगलवार का है। जब केंद्र प्राथमिक शाला में संचालित हो रहा था और सहायिका की अनुपस्थिति में बच्चों को खुद ही बर्तन धोने पड़े। नियम साफ कहते हैं— बच्चों से इस तरह का कार्य करवाना बाल अधिकारों और श्रम कानूनों का उल्लंघन है। यही केंद्र कुछ दिन पहले भी विवादों में था— जब बच्चों के साथ बकरियों के भोजन करने का वीडियो वायरल हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद की जड़ है केंद्र का भवन। नया भवन गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर बना है, जहां छोटे बच्चों का पहुंचना मुश्किल है। प्रशासन ने समाधान निकाला— 3 दिन केंद्र स्कूल में, 3 दिन नए भवन में। लेकिन जब केंद्र स्कूल में लगता है, तो अक्सर सहायिका नदारद रहती है… और इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है। “हमारे बच्चों से थालियां धुलवाई जाती हैं, ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।” “कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।” आक्रोशित अभिभावकों ने अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजना ही बंद कर दिया है। प्रशासन पर सवाल: बकरियों वाले मामले के बाद जिला कलेक्टर आशीष तिवारी ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है— ना व्यवस्थाएं सुधरीं, ना जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। अब सवाल ये है— क्या बच्चों के भविष्य से यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा? या प्रशासन इस बार सख्त कदम उठाएगा? हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। "जहां जिम्मेदारी होनी चाहिए, वहां लापरवाही क्यों?"1
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- घंसौर में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्त वाहन चेकिंग अभियान चलाया है। बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरलोड वाहनों पर लगातार चालानी कार्रवाई हो रही है। इस अभियान का उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना है, और यह आगे भी जारी रहेगा।1
- जबलपुर के शांति नगर अंबेडकर चौक की तीसरी गली में एक घायल गाय लावारिस हालत में पड़ी मिली है। उसका कोई मालिक नहीं है, जिससे स्थानीय लोगों में गौमाता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।1