*“हर बूंद बनेगी भविष्य की पूंजी” : खांखरा में शुरू हुआ ‘मेरा वाटर बैंक’ अभियान, जल संरक्षण की अनोखी पहल *“हर बूंद बनेगी भविष्य की पूंजी” : खांखरा में शुरू हुआ ‘मेरा वाटर बैंक’ अभियान, जल संरक्षण की अनोखी पहल* कुरई- भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर के बीच ग्राम पंचायत खांखरा ने जल संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए जल गंगा संवर्धन वर्ष 2026 के अंतर्गत “मेरा वाटर बैंक” निर्माण अभियान की शुरुआत कर दी है। गांव में जल बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह कार्य जनभागीदारी के माध्यम से कराया जा रहा है। ग्राम के जल संरक्षक लच्छू उईके के घर के पास “मेरा वाटर बैंक” निर्माण कार्य का चयन कर विधिवत ले-आउट तैयार किया गया। यह संरचना 2 मीटर लंबी, 2 मीटर चौड़ी एवं 1.5 मीटर गहरी बनाई जाएगी, जिससे एक ही वर्षा ऋतु में लगभग 4500 लीटर पानी भूमि के अंदर परकुलेट होकर भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद करेगा। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी प्रकार हर घर और मोहल्ले में वाटर बैंक बनाए जाएं तो आने वाले समय में जल संकट पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। इतना ही नहीं, ग्राम निवासी हरसिंग पिता देवीसिंह के घर के पास भी दूसरे “मेरा वाटर बैंक” का ले-आउट तैयार किया गया। गांव में एक साथ कई स्थानों पर जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीण स्वयं आगे आकर श्रमदान और सहयोग करने की बात कह रहे हैं। कार्य का तकनीकी ले-आउट उपयंत्री अमित वरकड़े द्वारा तैयार कराया गया। उन्होंने बताया कि “मेरा वाटर बैंक” योजना वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है, जिससे सूखते जलस्रोतों को नया जीवन मिलेगा और भविष्य में पेयजल संकट कम होगा। कार्यक्रम में सरपंच सरिता धुर्वे, उपसरपंच सीता वर्मा, सचिव रामगोपाल डहरवाल, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी संजय डेहरिया, सब इंजीनियर अमित वरकड़े, सुनील धुर्वे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस पहल को “जल क्रांति” की शुरुआत बताते हुए शासन-प्रशासन की सराहना की। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यदि हर पंचायत में इस तरह के वाटर बैंक बनाए जाएं तो आने वाले वर्षों में पानी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। जल संरक्षण की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनती जा रही है।
*“हर बूंद बनेगी भविष्य की पूंजी” : खांखरा में शुरू हुआ ‘मेरा वाटर बैंक’ अभियान, जल संरक्षण की अनोखी पहल *“हर बूंद बनेगी भविष्य की पूंजी” : खांखरा में शुरू हुआ ‘मेरा वाटर बैंक’ अभियान, जल संरक्षण की अनोखी पहल* कुरई- भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर के बीच ग्राम पंचायत खांखरा ने जल संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए जल गंगा संवर्धन वर्ष 2026 के अंतर्गत “मेरा वाटर बैंक” निर्माण अभियान की शुरुआत कर दी है। गांव में जल बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह कार्य जनभागीदारी के माध्यम से कराया जा रहा है। ग्राम के जल संरक्षक लच्छू उईके के घर के पास “मेरा वाटर बैंक” निर्माण कार्य का चयन कर विधिवत ले-आउट तैयार किया गया। यह संरचना 2 मीटर लंबी, 2 मीटर चौड़ी एवं 1.5 मीटर गहरी बनाई जाएगी, जिससे एक ही वर्षा ऋतु में लगभग 4500 लीटर पानी भूमि के अंदर परकुलेट होकर भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद करेगा। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी प्रकार हर घर और मोहल्ले में वाटर बैंक बनाए जाएं तो आने वाले समय में जल संकट पर काफी हद तक नियंत्रण पाया
जा सकता है। इतना ही नहीं, ग्राम निवासी हरसिंग पिता देवीसिंह के घर के पास भी दूसरे “मेरा वाटर बैंक” का ले-आउट तैयार किया गया। गांव में एक साथ कई स्थानों पर जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण होने से लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीण स्वयं आगे आकर श्रमदान और सहयोग करने की बात कह रहे हैं। कार्य का तकनीकी ले-आउट उपयंत्री अमित वरकड़े द्वारा तैयार कराया गया। उन्होंने बताया कि “मेरा वाटर बैंक” योजना वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है, जिससे सूखते जलस्रोतों को नया जीवन मिलेगा और भविष्य में पेयजल संकट कम होगा। कार्यक्रम में सरपंच सरिता धुर्वे, उपसरपंच सीता वर्मा, सचिव रामगोपाल डहरवाल, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी संजय डेहरिया, सब इंजीनियर अमित वरकड़े, सुनील धुर्वे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस पहल को “जल क्रांति” की शुरुआत बताते हुए शासन-प्रशासन की सराहना की। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यदि हर पंचायत में इस तरह के वाटर बैंक बनाए जाएं तो आने वाले वर्षों में पानी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। जल संरक्षण की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनती जा रही है।
- सीवान प्रेस क्लब ने जिले के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया है। इस पहल से छात्रों का हौसला बढ़ा और उन्हें भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा मिली।1
- बजरंग दल ने मंडला में 22 मई से होने वाले 6 दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग की तैयारियों के लिए सिवनी में एक बैठक की। इसमें युवाओं को आत्मरक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।1
- सिवनी के घंसौर में स्थानीय लोगों ने शव रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतक के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है।1
- बीती रात बालाघाट के कटंगी थाना क्षेत्र में महज़ ढाई घंटे के भीतर दो मोटरसाइकिलें चोरी हो गईं। दोनों वारदातें विवाह समारोह स्थलों के बाहर हुईं, जिससे क्षेत्र में सक्रिय चोरों के गिरोह पर संदेह गहरा गया है। इन लगातार चोरियों ने कटंगी पुलिस की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- छिंदवाड़ा के बिछुआ गाँव में गंभीर जल संकट है, जहाँ लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से री-बोरिंग और मोटर लगाकर नल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- नौकरी दिलवाने के नाम पर 3 लाख ठगे, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल वारासिवनी। शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी और जिले के अन्य महाविद्यालयों में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार मुख्य सरगना प्रीतम डहरवाल और उसके साथी रविशंकर कबीरे को न्यायालय ने जेल भेज दिया है। इन दोनों ने वारासिवनी पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम कटंगझरी निवासी पीयूष राऊत को शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में आऊटसोर्स कर्मी के रुप में लेब अटेंडेन्ट के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 17 फरवरी 2025 को 2 लाख 75 हजार रुपये नगद व 25 फरवरी 2025 को फोन पे के माध्यम से 25 हजार रुपये लिए थे। लेकिन जब उनके द्वारा पीयूष राऊत को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया, तो पीयूष ने अपनी राशि वापस मॉगी, तो प्रीतम डहरवाल ने अपनी पत्नि के सेन्ट्रल बैंक के खाते का एक लाख रुपये का चेक उसे दिया, लेकिन उसके बाद शेष 2 लाख रुपये उसे वापस नहीं किए। राशि वापस नहीं मिलने से परेशान पीयूष ने 25 अप्रैल 2026 को पुलिस थाना वारासिवनी में प्रीतम लाल डहरवाल व रविशंकर कबीरे के खिलाफ शिकायत कर दी। शिकायत के बाद वारासिवनी पुलिस ने जॉच करते हुए एक मई को प्रीतमलाल डहरवाल एवं 4 मई को रविशंकर कबीरे को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। उसके बाद दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 181/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3, 5 के तहत मामला दर्ज किया कर व्यवहार न्यायालय वारासिवनी में पेश किया। न्यायालय ने प्रीतमलाल डहरवाल व रविशंकर कबीरे को जेल भेज दिया है। जानकारी अनुसार पुलिस द्वारा प्रीतमलाल डहरवाल व रविशंकर कबीरे से पूछताछ के दौरान उनके फोन पे नंबर पर ट्रांसफर की गई रकम, अन्य तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन आदि के सबूत एकत्रित किए गए। वहीं पीयूष से ठगी गई रकम, नौकरी लगाने के लिए बनाए गए फर्जी दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी दोनों के पास से बरामद किए गए है। उल्लेखनीय है कि आरोपी प्रीतमलाल पिता शीतल प्रसाद डहरवाल 46 वर्ष वारासिवनी नगर के वार्ड नम्बर 1 और रविशंकर कबीरे 31 वर्ष ग्राम सिहारी लांजी क्षेत्र का निवासी है और दोनों ही शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में आऊटसोर्स कर्मी के रुप में कार्यरत है। वारासिवनी पुलिस ने नागरिकों से अपील की हैं कि किसी अन्य नागरिकों को नौकरी लगाने के नाम पर यदि इन दोनों द्वारा ठगा गया है, तो वह वारासिवनी पुलिस थाने में आकर साक्ष्यों के साथ अपनी रिपोर्ट लिखवा सकता है।1
- बालाघाट जिले के वारासिवनी तहसील में राम पायली का हेडपंप कई महीनों से खराब है। शिकायतें करने के बाद भी प्रशासन ने इसे अब तक ठीक नहीं किया है, जिससे स्थानीय लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।2
- सिवनी में नवागत पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने पदभार संभालते ही पहली क्राइम मीटिंग की। उन्होंने अवैध शराब, जुआ-सट्टा, नशे के कारोबार और गौवंश तस्करी पर तत्काल अंकुश लगाने के कड़े निर्देश दिए। एसपी ने थानों में जनता की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनने और महिला सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।1