Shuru
Apke Nagar Ki App…
देश में 152 पेपर लीक होने के कारण 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद एक भी दोषी को सजा नहीं दी गई है। सजा केवल उन मेहनती युवाओं को भुगतनी पड़ रही है जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब इन बच्चों ने शिक्षा को लेकर जायज़ सवाल उठाए, तो उन्हें जवाब में लाठी और हिरासत मिली। पेपर लीक करने वाले अपराधी आज भी आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि अपने वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्रों को बेरहमी से घसीटा और पीटा जा रहा है। यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम ही नहीं कर रही, बल्कि उन पर बुरी तरह टूट पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं, जो इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं ले सकते।
आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
देश में 152 पेपर लीक होने के कारण 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद एक भी दोषी को सजा नहीं दी गई है। सजा केवल उन मेहनती युवाओं को भुगतनी पड़ रही है जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब इन बच्चों ने शिक्षा को लेकर जायज़ सवाल उठाए, तो उन्हें जवाब में लाठी और हिरासत मिली। पेपर लीक करने वाले अपराधी आज भी आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि अपने वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्रों को बेरहमी से घसीटा और पीटा जा रहा है। यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम ही नहीं कर रही, बल्कि उन पर बुरी तरह टूट पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं, जो इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं ले सकते।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- संसद परिसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सुरक्षाकर्मियों (मार्शलों व बॉडीगार्ड्स) के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है। लोकसभा में प्रवेश और आवाजाही के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर सांसद संजय सिंह बेहद नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर ही अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यह घटना उस समय हुई जब संजय सिंह संसद परिसर के भीतर जा रहे थे और सुरक्षाकर्मियों ने प्रक्रिया या जांच के नाम पर उन्हें रोक दिया। इस बात पर आप सांसद का पारा चढ़ गया और उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ काफी देर तक तीखी बहस हुई। संजय सिंह ने इसे गलत परंपरा बताते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसद के भीतर जाने और अपनी बात रखने से इस तरह रोकना अनुचित है। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा रवैया समझ से परे है और संसद में उनकी आवाजाही को बेवजह नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्षी खेमे में भी सुरक्षा के नाम पर सांसदों को रोके जाने को लेकर गहरा असंतोष देखा गया है, जिसने एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों और सांसदों के बीच समन्वय के मुद्दे को गरमा दिया है।1
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जन भवन का घेराव किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद जन भवन के बाहर प्रदर्शन काफी बढ़ गया। इस प्रदर्शन के मद्देनजर जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया।1
- लखनऊ में डीसीपी मध्य, एडीसीपी मध्य जितेन्द्र कुमार दुबे, एसीपी महानगर अंकित कुमार और मदेयगंज थाना प्रभारी अनुज तिवारी की पुलिस टीम ने महज 24 घंटे के भीतर लूटकांड का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से 1.92 लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक दुकानदार को सस्ते दाम में सामान दिलाने का झांसा देकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया था।1
- देश में 152 पेपर लीक होने के कारण 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद एक भी दोषी को सजा नहीं दी गई है। सजा केवल उन मेहनती युवाओं को भुगतनी पड़ रही है जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब इन बच्चों ने शिक्षा को लेकर जायज़ सवाल उठाए, तो उन्हें जवाब में लाठी और हिरासत मिली। पेपर लीक करने वाले अपराधी आज भी आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि अपने वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्रों को बेरहमी से घसीटा और पीटा जा रहा है। यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम ही नहीं कर रही, बल्कि उन पर बुरी तरह टूट पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं, जो इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं ले सकते।1