डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई वेटलैण्ड समिति की बैठक बहराइच। जिला स्तरीय वेटलैंड समिति एवं मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद के पयागपुर में अवस्थित ताल बघेल को रामसर घोषित किए जाने संबंधी आवश्यक मापदंडों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि तालाब से संबंधित गाटो की स्थिति को देखे, रामसर घोषित होने के बाद स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करें। मत्स्य विभाग को निर्देश दिए गए कि तालाब के भौतिक स्टेटस के साथ डीपीआर तैयार कर वन विभाग को उपलब्ध कराए। प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा द्वारा तहसील कैसरगंज, महसी एवं नानपारा में वन्य जीवो की आमद पर व्यापक चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024 में 7 एवं वर्ष 2025 में 25 लोग मारे जा चुके है। इसलिए आवश्यक है कि समय से पूर्व हम संपूर्ण तैयारी कर लंे ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। डीएम द्वारा निर्देश दिए गए की प्रभावित क्षेत्रों में 10 साल से कम बच्चों का सर्वे कर लें तथा प्रत्येक मकान का भी सर्वे करें कि उनकी भौतिक स्थिति क्या है वह आबादी में है अथवा दूर दराज के क्षेत्र में है। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक गांव का मैप अभी से तैयार कर लिया जाए जिस पर आबादी भी दिखाई जाये ताकि तत्समय कार्यवाही में कोई असुविधा उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सर्वे में प्रत्येक मकान का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर ले कि उक्त मकान में दरवाजे एवं सुलभ शौचालय व्यवस्था है अथवा नहीं। डीएफओ बहराइच द्वारा अवगत कराया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या गन्ने की खेती की है और इन्हीं गाने के खेतों में आबादी से सन्निकट भेड़िया बैठ जाते हैं जिनका कोई पता नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि यदि गांव की फेंसिंग कर दी जाए तो वन्य जीवों के आवाजाही पर रोक लगाई जा सकती है जिस पर जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए की उक्त फेंसिंग कार्य हेतु इस्टीमेट तैयार का प्रस्तुत करें ताकि अग्रिम कार्रवाई की जा सके। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अपेक्षा की गई कि वह प्रभावित क्षेत्रों में पालतू कुत्तों का तत्काल वैक्सीनेशन कराना सुनिश्चित करें ताकि उनमे रेबीज की संभावना ना रहे। डीएफओ बहराइच द्वारा वर्ष 2026 में होने वाले वृक्षारोपण में विशिष्ट वन हेतु शहर के नजदीक कम से कम एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराया कराये जाने का सुझाव दिया गया ताकि उनमें विशिष्ट वन यथा कपिवन व महर्षि वन की स्थापना की जा सके। शहरी क्षेत्र में ट्रिगार्ड के माध्यम से प्लान्टेशन करने का भी सुझाव दिया। जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अधिकारी सरयू नहर खंड 5 को निर्देश दिए गए की वह जनपद की सरयू नदी की लम्बाई व चौड़ाई से समिति को अवगत कराए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, अधि.अभि. सरयू नहर खण्ड-5 दिनेश कुमार, वन क्षेत्राधिकारी श्रावस्ती सुनील त्रिपाठी, तहसीलदार पयागपुर अम्बिका चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे जबकि सम्बन्धित उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा वर्चुअली बैठक में प्रतिभाग किया गया।
डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई वेटलैण्ड समिति की बैठक बहराइच। जिला स्तरीय वेटलैंड समिति एवं मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद के पयागपुर में अवस्थित ताल बघेल को रामसर घोषित किए जाने संबंधी आवश्यक मापदंडों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि तालाब से संबंधित गाटो की स्थिति को देखे, रामसर घोषित होने के बाद स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करें। मत्स्य विभाग को निर्देश दिए गए कि तालाब के भौतिक स्टेटस के साथ डीपीआर तैयार कर वन विभाग को उपलब्ध कराए। प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा द्वारा तहसील कैसरगंज, महसी एवं नानपारा में वन्य जीवो की आमद पर व्यापक चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024 में 7 एवं वर्ष 2025 में 25 लोग मारे जा चुके है। इसलिए आवश्यक है कि समय से पूर्व हम संपूर्ण तैयारी कर लंे ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। डीएम द्वारा निर्देश दिए गए की प्रभावित क्षेत्रों में 10 साल से कम बच्चों का सर्वे कर लें तथा प्रत्येक मकान का भी सर्वे करें कि उनकी भौतिक स्थिति क्या है वह आबादी में है अथवा दूर दराज के क्षेत्र में है। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक गांव का मैप अभी से तैयार कर लिया जाए जिस पर आबादी भी दिखाई जाये ताकि तत्समय कार्यवाही में कोई असुविधा उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सर्वे में प्रत्येक मकान का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर ले कि उक्त मकान में दरवाजे एवं सुलभ शौचालय व्यवस्था है अथवा नहीं। डीएफओ बहराइच द्वारा अवगत कराया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या गन्ने की खेती की है और इन्हीं गाने के खेतों में आबादी से सन्निकट भेड़िया बैठ जाते हैं जिनका कोई पता नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि यदि गांव की फेंसिंग कर दी जाए तो वन्य जीवों के आवाजाही पर रोक लगाई जा सकती है जिस पर जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए की उक्त फेंसिंग कार्य हेतु इस्टीमेट तैयार का प्रस्तुत करें ताकि अग्रिम कार्रवाई की जा सके। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अपेक्षा की गई कि वह प्रभावित क्षेत्रों में पालतू कुत्तों का तत्काल वैक्सीनेशन कराना सुनिश्चित करें ताकि उनमे रेबीज की संभावना ना रहे। डीएफओ बहराइच द्वारा वर्ष 2026 में होने वाले वृक्षारोपण में विशिष्ट वन हेतु शहर के नजदीक कम से कम एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराया कराये जाने का सुझाव दिया गया ताकि उनमें विशिष्ट वन यथा कपिवन व महर्षि वन की स्थापना की जा सके। शहरी क्षेत्र में ट्रिगार्ड के माध्यम से प्लान्टेशन करने का भी सुझाव दिया। जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अधिकारी सरयू नहर खंड 5 को निर्देश दिए गए की वह जनपद की सरयू नदी की लम्बाई व चौड़ाई से समिति को अवगत कराए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, अधि.अभि. सरयू नहर खण्ड-5 दिनेश कुमार, वन क्षेत्राधिकारी श्रावस्ती सुनील त्रिपाठी, तहसीलदार पयागपुर अम्बिका चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे जबकि सम्बन्धित उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा वर्चुअली बैठक में प्रतिभाग किया गया।
- “स्मार्ट मीटर बना ‘सरदर्द’ फतेहपुर में जनता का गुस्सा फूटा, उखाड़कर फेंके मीटर” उत्तर प्रदेश में इन दिनों स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगातार विरोध की खबरें सामने आ रही हैं ताजा मामला फतेहपुर का है जहां स्मार्ट मीटर के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा नाराज़ उपभोक्ताओं ने अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर उखाड़कर सीधे बिजली घर पर फेंक दिए और जोरदार प्रदर्शन किया स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से ज्यादा रीडिंग दिखा रहे हैं जिससे बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हो रही है लोगों का कहना है कि पहले जहां सीमित बिल आता था अब वही बिल कई गुना बढ़ गया है जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है सिर्फ फतेहपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों जैसे कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और बहराइच में भी इसी तरह का विरोध देखने को मिल रहा है हालांकि, बिजली विभाग इन आरोपों को खारिज कर रहा है और मीटरों को पूरी तरह सटीक बता रहा है फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है लेकिन सवाल ये है कि क्या स्मार्ट मीटर वाकई “स्मार्ट” हैं या जनता के लिए बनते जा रहे हैं मुसीबत? अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो ये विरोध और भी उग्र हो सकता है और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है1
- उत्तर प्रदेश, बहराइच - व्यापारी नेता एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नानपारा अध्यक्ष नारायण शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री को क्या संदेश दिया आप भी जाने....1
- बहराइच में दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप शादी का झांसा देकर युवक ने युवती से किया दुष्कर्म पुलिस ने आरोपी दुर्गेश सिंह को दबोचकर किया गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कानपुर जिले के भिकनापुर तिगाई का रहने वाला है आरोपी पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दिखाई त्वरित कार्रवाई गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय भेजा गया कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल किया गया रवाना1
- Post by आमिर अली1
- डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई वेटलैण्ड समिति की बैठक बहराइच। जिला स्तरीय वेटलैंड समिति एवं मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद के पयागपुर में अवस्थित ताल बघेल को रामसर घोषित किए जाने संबंधी आवश्यक मापदंडों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि तालाब से संबंधित गाटो की स्थिति को देखे, रामसर घोषित होने के बाद स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करें। मत्स्य विभाग को निर्देश दिए गए कि तालाब के भौतिक स्टेटस के साथ डीपीआर तैयार कर वन विभाग को उपलब्ध कराए। प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा द्वारा तहसील कैसरगंज, महसी एवं नानपारा में वन्य जीवो की आमद पर व्यापक चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024 में 7 एवं वर्ष 2025 में 25 लोग मारे जा चुके है। इसलिए आवश्यक है कि समय से पूर्व हम संपूर्ण तैयारी कर लंे ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। डीएम द्वारा निर्देश दिए गए की प्रभावित क्षेत्रों में 10 साल से कम बच्चों का सर्वे कर लें तथा प्रत्येक मकान का भी सर्वे करें कि उनकी भौतिक स्थिति क्या है वह आबादी में है अथवा दूर दराज के क्षेत्र में है। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक गांव का मैप अभी से तैयार कर लिया जाए जिस पर आबादी भी दिखाई जाये ताकि तत्समय कार्यवाही में कोई असुविधा उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सर्वे में प्रत्येक मकान का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर ले कि उक्त मकान में दरवाजे एवं सुलभ शौचालय व्यवस्था है अथवा नहीं। डीएफओ बहराइच द्वारा अवगत कराया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या गन्ने की खेती की है और इन्हीं गाने के खेतों में आबादी से सन्निकट भेड़िया बैठ जाते हैं जिनका कोई पता नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि यदि गांव की फेंसिंग कर दी जाए तो वन्य जीवों के आवाजाही पर रोक लगाई जा सकती है जिस पर जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए की उक्त फेंसिंग कार्य हेतु इस्टीमेट तैयार का प्रस्तुत करें ताकि अग्रिम कार्रवाई की जा सके। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अपेक्षा की गई कि वह प्रभावित क्षेत्रों में पालतू कुत्तों का तत्काल वैक्सीनेशन कराना सुनिश्चित करें ताकि उनमे रेबीज की संभावना ना रहे। डीएफओ बहराइच द्वारा वर्ष 2026 में होने वाले वृक्षारोपण में विशिष्ट वन हेतु शहर के नजदीक कम से कम एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराया कराये जाने का सुझाव दिया गया ताकि उनमें विशिष्ट वन यथा कपिवन व महर्षि वन की स्थापना की जा सके। शहरी क्षेत्र में ट्रिगार्ड के माध्यम से प्लान्टेशन करने का भी सुझाव दिया। जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अधिकारी सरयू नहर खंड 5 को निर्देश दिए गए की वह जनपद की सरयू नदी की लम्बाई व चौड़ाई से समिति को अवगत कराए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच सुंदरेशा, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, अधि.अभि. सरयू नहर खण्ड-5 दिनेश कुमार, वन क्षेत्राधिकारी श्रावस्ती सुनील त्रिपाठी, तहसीलदार पयागपुर अम्बिका चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे जबकि सम्बन्धित उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा वर्चुअली बैठक में प्रतिभाग किया गया।1
- तहसील कैसरगंज के ग्राम रसूलपुर में ज़मीन कब्जे का मामला गरमाया। पीड़िता अन्नी पत्नी फरीद अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर डीएम कार्यालय पहुंची। आरोप है कि गाटा संख्या 269 की भूमि, जो अन्नी के नाम दर्ज है, उस पर गांव के ही दबंग निरहू ने टीनशेड डालकर अवैध कब्जा कर लिया है। न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।2
- बहराइच के कोतवाली देहात क्षेत्र के बनिया हारी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नानी के घर घूमने आए दो मासूम भाई-बहन को सियार ने काटकर घायल कर दिया। 11 वर्षीय मुस्कान और 7 वर्षीय आगमन गुप्ता तालाब के पास शौच क्रिया के लिए जा रहे थे, तभी सियार ने उन पर हमला कर दिया। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।4
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