श्योपुर जिले काशीपुर पंचायत में आज भी नहीं है शमशान जाने के लिए रास्ता कंधे पर रखकर खेतों से गुजरना पड़ता है शमशान के लिए। *श्योपुर जिले की *काशीपुर में आज भी नहीं है श्मशान घाट तक जाने के लिए सड़क,* *कीचड़ भरे खेतों में कंधे पर शव लेकर जाने को मजबूर हैं ग्रामीण,* *पैरों में फिसलन, घुटनों तक कीचड़ और कंधे पर अपनों का शव,* *देखिए कैसे खेतों के बीच से निकल रही है शवयात्रा,* *ना रास्ता है, ना मुक्तिधाम, बस है तो सिर्फ सरकारी वादे,* *विकास के बड़े-बड़े दावों की खुल रही है पोल,* *आजादी के 78 साल बाद भी काशीपुर में नहीं बना रास्ता,* *ग्रामीण बोले - कई बार शिकायत की, पर सुनने वाला कोई नहीं,* *सरपंच, सचिव से लेकर जनपद तक सब मौन हैं,* *क्या इंसान को आखिरी सफर में भी सम्मान नहीं मिलेगा,* *खेत में पानी भरा है, कीचड़ है, फिर भी शव को ले जाना मजबूरी है,* *काशीपुर पंचायत में विकास सिर्फ कागजों में है, जमीन पर कीचड़ है,* *ये वीडियो नहीं, ये सिस्टम पर तमाचा है,* *आखिर कब जागेगा प्रशासन, कब बनेगी सड़क,* *ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई सड़क और मुक्तिधाम की गुहार,* वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल।
श्योपुर जिले काशीपुर पंचायत में आज भी नहीं है शमशान जाने के लिए रास्ता कंधे पर रखकर खेतों से गुजरना पड़ता है शमशान के लिए। *श्योपुर जिले की *काशीपुर में आज भी नहीं है श्मशान घाट तक जाने के लिए सड़क,* *कीचड़ भरे खेतों में कंधे पर शव लेकर जाने को मजबूर हैं ग्रामीण,* *पैरों में फिसलन, घुटनों तक कीचड़ और कंधे पर अपनों का शव,* *देखिए कैसे खेतों के बीच से निकल रही है शवयात्रा,* *ना रास्ता है, ना मुक्तिधाम, बस है तो सिर्फ सरकारी वादे,* *विकास के बड़े-बड़े दावों की खुल रही है पोल,* *आजादी के 78 साल बाद भी काशीपुर में नहीं बना रास्ता,* *ग्रामीण बोले - कई बार शिकायत की, पर सुनने वाला कोई नहीं,* *सरपंच, सचिव से लेकर जनपद तक सब मौन हैं,* *क्या इंसान को आखिरी सफर में भी सम्मान नहीं मिलेगा,* *खेत में पानी भरा है, कीचड़ है, फिर भी शव को ले जाना मजबूरी है,* *काशीपुर पंचायत में विकास सिर्फ कागजों में है, जमीन पर कीचड़ है,* *ये वीडियो नहीं, ये सिस्टम पर तमाचा है,* *आखिर कब जागेगा प्रशासन, कब बनेगी सड़क,* *ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई सड़क और मुक्तिधाम की गुहार,* वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल।
- श्योपुर काशीपुर में आज भी नहीं है शमशान घाट तक जाने का रास्ता शमशान के लिए खेतों में गुजारने के लिए मजबूर।।।।।।4
- सबलगढ़ से श्यामपुर तक NH-552 की बदहाली! वीडियो दृश्य ग्राम खोह के पास। सबलगढ़ से श्यामपुर तक NH-552 की बदहाली! वीडियो दृश्य ग्राम खोह के पास। ⚠️ सड़क पर सफर बना जोखिम भरा रोमांच, जिम्मेदारों से जनता का सवाल—आखिर कब सुधरेगी सड़क? सबलगढ़। सबलगढ़ से श्यामपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग NH-552 इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, टूट-फूट और शोल्डर का अभाव वाहन चालकों के लिए परेशानी और दुर्घटना का बड़ा कारण बन रहा है। बरसात के मौसम में हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं। सड़क पर पानी भरने से कई गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर बेहद जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। 🚗 दोपहिया हो या चारपहिया—हर कोई परेशान सड़क की खराब हालत के चलते वाहन चालकों को धीमी गति से और बेहद सावधानी के साथ सफर करना पड़ रहा है। वहीं, सड़क के किनारे पर्याप्त शोल्डर नहीं होने से वाहनों को साइड देने में भी परेशानी होती है। ❓ जनता का सीधा सवाल—NH-552 की मरम्मत आखिर कब? स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग द्वारा सबलगढ़-श्यामपुर मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। 👉 क्या आपने भी NH-552 की इस बदहाल सड़क का सफर किया है? अपना अनुभव कमेंट में जरूर बताएं और यह खबर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए शेयर करेंसबलगढ़–श्यामपुर, मुरैना, मध्यप्रदे NH-552 सड़क की खराब स्थिति1
- विजयपुर के छिम छिमा मेले में अनोखा हेलमेट बना चर्चा का विषय श्योपुर/विजयपुर। विजयपुर में आयोजित छिम छिमा हनुमान मंदिर मेले के दौरान एक युवक अपने अनोखे हेलमेट को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। युवक ने मोटरसाइकिल की माउस लाइट से तैयार किया गया अनोखा हेलमेट पहन रखा था, जिसे देखकर मेले में मौजूद लोग भी हैरान रह गए।मामला ट्रैफिक प्रभारी भगवत प्रसाद पांडे के संज्ञान में आया तो उन्होंने युवक को रोककर समझाइश दी। ट्रैफिक प्रभारी ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में लोग तरह-तरह की चीजें पहनकर निकल रहे हैं, लेकिन सड़क पर सुरक्षा के साथ इस तरह का मजाक भारी पड़ सकता है।उन्होंने युवक को चेतावनी देते हुए कहा कि हेलमेट फैशन या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए होता है। दोपहिया वाहन चलाते समय मानक सुरक्षा हेलमेट का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में सिर को गंभीर चोट से बचाया जा सके।युवक का अनोखा हेलमेट मेले में आकर्षण का केंद्र जरूर बना, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की समझाइश ने लोगों को सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अहमियत का संदेश भी दिया।1
- छिमछिमा मेले में धाकड़ समाज ने लगाई सेवा की मिसाल, पांचवां विशाल भंडारा संपन्न समाजबंधुओं के सहयोग से हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, वरिष्ठ समाजसेवियों ने समिति के प्रयासों की सराहना कर जताया आभार विजयपुर प्रसिद्ध छिमछिमा हनुमान धाम में आयोजित विशाल मेले के दौरान धाकड़ समाज विजयपुर का पांचवां विशाल भंडारा श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकजुटता के साथ संपन्न हुआ। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान धाकड़ समाज के वरिष्ठजनों, समाजसेवियों और युवा साथियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हुए श्रद्धालुओं की सेवा की और पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धाकड़ समाज विजयपुर द्वारा प्रतिवर्ष छिमछिमा मेले में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी समाजबंधुओं के सामूहिक सहयोग से पांचवें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के लिए श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी और ग्वालियर सहित आसपास के क्षेत्रों के धाकड़ समाजबंधुओं ने स्वेच्छा से सहयोग राशि प्रदान की। समाजबंधुओं द्वारा दिए गए इसी सहयोग के माध्यम से भंडारे की व्यवस्थाएं पूरी की गईं और मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई।भंडारे के दौरान सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।दूर-दराज से छिमछिमा हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर समाज के वरिष्ठजन और युवा साथी व्यवस्था संभालते नजर आए। किसी ने भोजन वितरण की जिम्मेदारी संभाली तो किसी ने पानी, बैठने और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग किया। बारिश और मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद समाज के कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवियों ने भंडारा समिति और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी समाजबंधुओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग और सेवा भावना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। समाज के लोगों द्वारा स्वेच्छा से किए गए सहयोग से न केवल भंडारा सफल हुआ, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी गया। धाकड़ समाज के वरिष्ठजनों के साथ युवा साथियों ने भी पूरे उत्साह से आयोजन में हिस्सा लिया।आयोजन समिति ने सहयोग करने वाले सभी समाजबंधुओं, वरिष्ठजनों, समाजसेवियों और युवाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पांचवां विशाल भंडारा सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। छिमछिमा मेले में धाकड़ समाज विजयपुर का यह आयोजन सेवा, सहयोग और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बनकर सामने आया।भंडारे के सफल आयोजन के बाद समाजबंधुओं ने भविष्य में भी इसी तरह मिल-जुलकर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सहयोग करने का संकल्प लिया।2
- लीलोटी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से किसान की दर्दनाक मौत, खेत से घर लौटते समय हुआ हादसा हिण्डौन उपखंड क्षेत्र के लीलोटी गांव में खेत से लौटते समय एक दर्दनाक सड़क हादसे में किसान की मौत हो गई।हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली के अनियंत्रित होकर पलटने से हुआ, जिसके नीचे दबने से किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रविवार शाम 4:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, लीलोटी निवासी शिवसिंह मीना पुत्र रामरतन मीना खेत की जुताई का काम पूरा कर ट्रैक्टर-ट्रॉली से शनिवार देर शाम अपने घर लौट रहे थे। गांव के पास कच्ची सड़क पर बने गहरे गड्ढे में अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया फंस गया। संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में पलट गया।हादसे के दौरान शिवसिंह मीना ट्रैक्टर के नीचे दब गए।मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव को जिला अस्पताल की मोर्चर्री में रखवाया गया। रविवार मृतक के शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द किया गया।1
- धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य के विरोध में धरना प्रदर्शन का 32 वे दिन उमड़ा जनसैलाब, 23 को जयपुर कूच का निर्णय सरमथुरा स्थित बसंतपुरा मोड पर धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन में 32 वे दिन विशाल जनसमूह अपने हक और अधिकारों के लिए उमड़ा, जनसैलाब के चलते हाइवे पर जाम के हालात बन गए धरना प्रदर्शन में 23 को जयपुर कूच का निर्णय लिया गया है4
- सवाई माधोपुर त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला 2026 का भव्य शुभारंभ आस्था के सैलाब के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने किये त्रिनेत्र गणेश जी के दर्शन जिला कलेक्टर ने परिक्रमा पथ मेला व्यवस्थाओं का लिया जाएजा1
- श्योपुर जिले काशीपुर पंचायत में आज भी नहीं है शमशान जाने के लिए रास्ता कंधे पर रखकर खेतों से गुजरना पड़ता है शमशान के लिए। *श्योपुर जिले की *काशीपुर में आज भी नहीं है श्मशान घाट तक जाने के लिए सड़क,* *कीचड़ भरे खेतों में कंधे पर शव लेकर जाने को मजबूर हैं ग्रामीण,* *पैरों में फिसलन, घुटनों तक कीचड़ और कंधे पर अपनों का शव,* *देखिए कैसे खेतों के बीच से निकल रही है शवयात्रा,* *ना रास्ता है, ना मुक्तिधाम, बस है तो सिर्फ सरकारी वादे,* *विकास के बड़े-बड़े दावों की खुल रही है पोल,* *आजादी के 78 साल बाद भी काशीपुर में नहीं बना रास्ता,* *ग्रामीण बोले - कई बार शिकायत की, पर सुनने वाला कोई नहीं,* *सरपंच, सचिव से लेकर जनपद तक सब मौन हैं,* *क्या इंसान को आखिरी सफर में भी सम्मान नहीं मिलेगा,* *खेत में पानी भरा है, कीचड़ है, फिर भी शव को ले जाना मजबूरी है,* *काशीपुर पंचायत में विकास सिर्फ कागजों में है, जमीन पर कीचड़ है,* *ये वीडियो नहीं, ये सिस्टम पर तमाचा है,* *आखिर कब जागेगा प्रशासन, कब बनेगी सड़क,* *ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई सड़क और मुक्तिधाम की गुहार,* वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल।1