किरंदुल एनएमडीसी में 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह, अव्यवस्था ने फीका किया जश्न — जनता में भारी रोष रिपोर्ट/ रवि सरकार किरंदुल स्थित एनएमडीसी परिसर में 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन आयोजन की व्यवस्थाओं ने पूरे जश्न की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जहाँ समानता,सम्मान और जनभागीदारी की भावना झलकनी चाहिए थी,वहीं कार्यक्रम स्थल पर इसके बिल्कुल विपरीत दृश्य देखने को मिले। हालात ऐसे थे कि उपस्थित जनता को ऐसा महसूस हुआ मानो वे आधुनिक भारत में नहीं बल्कि किसी पुराने सामंती दौर में पहुंच गए हों, कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था इस कदर असंतुलित नजर आई कि एक ओर मंच के सामने चुनिंदा लोग छांव और आरामदायक स्थानों पर बैठे दिखे, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक तेज धूप में खड़े होकर कार्यक्रम देखने को मजबूर रहे, यह स्थिति बिल्कुल राजा और प्रजा जैसी प्रतीत हो रही थी जहाँ सुविधाएँ कुछ गिने-चुने लोगों तक ही सीमित रह गई थीं और आम जनता केवल मूक दर्शक बनकर रह गई, दर्शकों की भीड़ इस तरह से बेतरतीब खड़ी थी कि पीछे मौजूद लोगों को मंच पर हो रही गतिविधियाँ बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रही थीं चारों ओर से लोगों का घेरा ऐसा लग रहा था मानो कोई *मुर्गी बाजार* लगा हो,जहाँ न कोई लाइन थी, न कोई दिशा-निर्देश और न ही कोई सुरक्षा या व्यवस्था करने वाला जिम्मेदार व्यक्ति कार्यक्रम देखने आए लोग आपस में एक-दूसरे से ऊँचाई लेकर देखने का प्रयास कर रहे थे, फिर भी अधिकांश लोग कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे कि मंच पर क्या हो रहा है, सबसे हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन में न तो एलसीडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी और न ही ध्वनि व्यवस्था ऐसी थी कि दूर खड़े लोग भाषण या कार्यक्रम को सुन सकें,दर्शक दीर्घा में बैठे या खड़े लोग न तो झंडा फहराने का दृश्य ठीक से देख पाए और न ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों या अतिथियों के संबोधन को समझ पाए इससे आम जनता में गहरी निराशा और नाराजगी देखने को मिली, इस पूरी अव्यवस्था को लेकर *किरंदुल नगर पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने मौके पर ही स्पष्ट और कड़ी प्रतिक्रिया दी*,उन्होंने जनता की परेशानी को देखते हुए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्था से जनता को आखिर क्या फायदा मिल रहा है, उन्होंने कहा कि लोग सुबह से कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ परेशानी, धूप और अव्यवस्था ही झेलनी पड़ी, *पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे पवित्र और राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, ऐसे आयोजन जनता के लिए होते हैं,न कि केवल प्रबंधन या अधिकारियों को दिखाने के लिए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा कार्यक्रम केवल एनएमडीसी प्रबंधन के लिए आयोजित किया गया हो,जबकि आम जनता को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया*, उन्होंने आगे कहा कि दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को न तो मंच साफ दिखाई दे रहा था और न ही यह समझ में आ रहा था कि कार्यक्रम किस चरण में है। सूचना,दृश्य और श्रव्य व्यवस्था के अभाव में पूरा आयोजन अपनी गरिमा खो बैठा यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है, दुखी मन से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में सुसज्जित,सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि वे इस विषय को गंभीरता से लेते हुए एनएमडीसी प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष पत्र के माध्यम से तथा मौखिक रूप से अपनी बात रखेंगे, ताकि आगे किसी भी राष्ट्रीय पर्व पर जनता को इस तरह की अव्यवस्था और अपमानजनक स्थिति का सामना न करना पड़े, *अंत में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल रस्म अदायगी का दिन नहीं है,बल्कि यह जनता के सम्मान, समानता और सहभागिता का प्रतीक है, यदि ऐसे आयोजनों में आम नागरिक ही उपेक्षित महसूस करें, तो यह सोचने का विषय है और इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है*
किरंदुल एनएमडीसी में 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह, अव्यवस्था ने फीका किया जश्न — जनता में भारी रोष रिपोर्ट/ रवि सरकार किरंदुल स्थित एनएमडीसी परिसर में 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन आयोजन की व्यवस्थाओं ने पूरे जश्न की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जहाँ समानता,सम्मान और जनभागीदारी की भावना झलकनी चाहिए थी,वहीं कार्यक्रम स्थल पर इसके बिल्कुल विपरीत दृश्य देखने को मिले। हालात ऐसे थे कि उपस्थित जनता को ऐसा महसूस हुआ मानो वे आधुनिक भारत में नहीं बल्कि किसी पुराने सामंती दौर में पहुंच गए हों, कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था इस कदर असंतुलित नजर आई कि एक ओर मंच के सामने चुनिंदा लोग छांव और आरामदायक स्थानों पर बैठे दिखे, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक तेज धूप में खड़े होकर कार्यक्रम देखने को मजबूर रहे, यह स्थिति बिल्कुल राजा और प्रजा जैसी प्रतीत हो रही थी जहाँ सुविधाएँ कुछ गिने-चुने लोगों तक ही सीमित रह गई थीं और आम जनता केवल मूक दर्शक बनकर रह गई, दर्शकों की भीड़ इस तरह से बेतरतीब खड़ी थी कि पीछे मौजूद लोगों को मंच पर हो रही गतिविधियाँ बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रही थीं चारों ओर से लोगों का घेरा ऐसा लग रहा था मानो कोई *मुर्गी बाजार* लगा हो,जहाँ न कोई लाइन थी, न कोई दिशा-निर्देश और न ही कोई सुरक्षा या व्यवस्था करने वाला जिम्मेदार व्यक्ति कार्यक्रम देखने आए लोग आपस में एक-दूसरे से ऊँचाई लेकर देखने का प्रयास कर रहे थे, फिर भी अधिकांश लोग कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे कि मंच पर क्या हो रहा है, सबसे हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन में न तो एलसीडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी और न ही ध्वनि व्यवस्था ऐसी थी कि दूर खड़े लोग भाषण या कार्यक्रम को सुन सकें,दर्शक दीर्घा में बैठे या खड़े लोग न तो झंडा फहराने का दृश्य ठीक से देख पाए और न ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों या अतिथियों के संबोधन को समझ पाए इससे आम जनता में गहरी निराशा और नाराजगी देखने को मिली, इस पूरी अव्यवस्था को लेकर *किरंदुल नगर पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने मौके पर ही स्पष्ट और कड़ी प्रतिक्रिया दी*,उन्होंने जनता की परेशानी को देखते हुए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्था से जनता को आखिर क्या फायदा मिल रहा है, उन्होंने कहा कि लोग सुबह से कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ परेशानी, धूप और अव्यवस्था ही झेलनी पड़ी, *पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे पवित्र और राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, ऐसे आयोजन जनता के लिए होते हैं,न कि केवल प्रबंधन या अधिकारियों को दिखाने के लिए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा कार्यक्रम केवल एनएमडीसी प्रबंधन के लिए आयोजित किया गया हो,जबकि आम जनता को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया*, उन्होंने आगे कहा कि दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को न तो मंच साफ दिखाई दे रहा था और न ही यह समझ में आ रहा था कि कार्यक्रम किस चरण में है। सूचना,दृश्य और श्रव्य व्यवस्था के अभाव में पूरा आयोजन अपनी गरिमा खो बैठा यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है, दुखी मन से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में सुसज्जित,सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि वे इस विषय को गंभीरता से लेते हुए एनएमडीसी प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष पत्र के माध्यम से तथा मौखिक रूप से अपनी बात रखेंगे, ताकि आगे किसी भी राष्ट्रीय पर्व पर जनता को इस तरह की अव्यवस्था और अपमानजनक स्थिति का सामना न करना पड़े, *अंत में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल रस्म अदायगी का दिन नहीं है,बल्कि यह जनता के सम्मान, समानता और सहभागिता का प्रतीक है, यदि ऐसे आयोजनों में आम नागरिक ही उपेक्षित महसूस करें, तो यह सोचने का विषय है और इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है*
- गणतंत्र दिवस पर ग्राम बाजना में देशभक्ति की गूंज, जगह-जगह ध्वजारोहण और रंगारंग कार्यक्रम1
- भारती1
- भारत की संस्कृति और हिंदी भाषा ने अंतरिक्ष में ऐतिहासिक पहचान बनाई 🇮🇳🚀।1931 की फ़िल्म आलम आरा का गीत “जात कहाँ हो” दुनिया का एकमात्र हिंदी गीत है, जो धरती से निकलकर हमारे सौरमंडल के बाहर पहुंच चुका है। यह गीत वॉयेजर-1 के गोल्डन रिकॉर्ड के साथ आज भी अंतरतारकीय अंतरिक्ष में तैर रहा है, जहां भारत की आवाज़ सितारों के बीच गूंज रही है 🎵🌌। #HindiPride #IndianCulture #Voyager1 #GoldenRecord #SpaceHistory #DesiPride #IndiaInSpace #MusicInSpace #Explore1
- छ. ग. झेरिया यादव समाज जिला दुर्ग पंजीयन क्रमांक 5066 भिलाई 3 भवन निर्माण कार्य के लिए साफ सफाई का कार्य मनहरण यादव जी जिला प्रचार मंत्री भारत यादव जी जरवाय धनेश यादव पाटन परिक्षेत्र अन्य साथी उपस्थित हे1
- CG के पेंड्रा जिले के रानीझाप गांव में एक विधवा महिला को निर्वस्त्र कर पीटा गया. महिला शादीशुदा युवक के साथ भागकर लौटी थी. गांव लौटने पर युवक के परिजनों ने उसे गोबर पोतकर पूरे गांव में घुमाया. ग्रामीणों व महिला के परिजनों ने बचाया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को उपचार के लिए भेजा और पत्नी, भाई सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया.1
- शासकीय प्राथमिक शाला दुल्लापुर में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया, 26 जनवरी सोमवार को सुबह 11 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि शासकीय प्राथमिक शाला दुल्लापुर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रीय ध्वज, रंग-बिरंगे गुब्बारों और देशभक्ति से ओतप्रोत सजावट से सजाया गया था। सुबह ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जहां तिरंगे को सलामी देकर सभी ने राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों ने भारत की एकता, अखंडता और विविधता को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इन रंगारंग कार्यक्रमों ने उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर संविधान के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने बच्चों को गणतंत्र दिवस का महत्व बताते हुए देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाकर देश के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति का माहौल बना रहा और शासकीय प्राथमिक शाला दुल्लापुर का यह गणतंत्र दिवस समारोह सभी के लिए यादगार बन गया।1
- नरहरदेव खेल मैदान में हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस, मुख्य अतिथि कांकेर सांसद भोजराज नाग ने किया ध्वजारोहण1
- छ.ग. झेरिया यादव समाज का प्रदेश स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन 08 फरवरी को छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज गोढ़ी परिक्षेत्र और जिला दुर्ग के तत्वावधान में समाजिक सम्मेलन, युवक-युवती परिचय और प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 8 फ़रवरी को किया जाएगा। इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि -मान. श्री गजेन्द्र यादव जी केबिनेट मंत्री- शिक्षा, विधि विधायी, ग्रामोद्योग छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर (छ.ग.) अति विशिष्ट अतिथि - रामकुमार यादव जी चंद्रपुरविधायक अध्यक्षता -मान. श्री जगनीक यादव जी प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज - विशिष्ट अतिथि - मान. श्रीमती सरस्वती बंजारे जी अध्यक्ष- जिला पंचायत, दुर्ग मान. श्री भगत सिंह यादव जी प्रदेश उपाध्यक्ष छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री जगतराम यादव जी प्रदेश संरक्षक - छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री सुन्दर लाल यादव जी प्रदेश सचिव छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री राजू यादव जी राज. प्र. प्रदेश अध्यक्ष छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री जीतेन्द्र यादव जी सभापति-जिला पंचायत, दुर्ग मान. श्री ठाकुर राम यादव जी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज मान. श्री जी.आर. यादव जी प्र. कोषाध्यक्ष-छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री मनोज यादव जी प्र. सं. सचिव छ.ग. झेरिया यादव समाजमान. श्री आर.डी. यादव जी प्र. कार्य. सदस्य छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री रंजीत यादव जी प्र. कार्य. सदस्य छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्री बंशीलाल यादव जी पदेन प्रबंधकारिणी सदस्य मान. श्री दाऊ आनंद ताम्रकार जी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा मान. श्री नागेश साहू जी पदेन जनपद सदस्य, क्षेत्र क्र. 10, धमधा मान. श्री मंगल प्रसाद यादव जी जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष, छ.ग. झेरिया यादव समाज ▶ मान. श्री राजू यादव जी। जिला महामंत्री, छ.ग. झेरिया यादव समाज मान. श्रीमती देवश्री, मनीष मढ़रिया जी सरपंच एवं पंचगण ग्राम पंचायत - चेटुवा मान. श्री भरतलाल मढ़रिया (समाजसेवी) मान. श्री कुंज बिहारी बंछोर (समाजसेवी) मान. श्री बिसौहा राम मढरिया (समाजसेवी) 1 /पाटन, 2/ भिलाई चरोदा, 3/भिलाई महानगर, 4/दुर्ग महानगर, 5/ धमधा, 6/गोरपा, 7/दारगांव मोहरेंगा, 8/अहिवारा, 9/गोढ़ी, 10/ पाउवारा, 11/ जामुल 12/ कुम्हारी , सहित अन्य उपस्थित रहेंगे2
- पैलिमेटा में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित, स्थानीय दुकानदारों ने फहराया ध्वज, 26 जनवरी सोमवार को दोपहर 12 बजे प्राप्त मिली जानकारी अनुसार बता दें कि 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्राम पैलिमेटा बस स्टैंड पास राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने मिलकर समारोह को भव्य बनाया। ध्वजा रोहण में नेहरू जंघेल, अचनलाल प्रजापती, मोहनू साहू, आसाराम साहू, कामराज जंघेल, पदमाकर जंघेल, केमेश साहू, कान्हा जायसवाल, यशवंत साहू, देवा साहू, दिनेश जंघेल, हेमंत जंघेल और हरेश्वर जंघेल उपस्थित थे। स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रगान और जय हिंद के नारों के साथ देशभक्ति की भावना प्रदर्शित की।1