प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के पकरी-सेवर गांव में गंगा तट पर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना एक प्राचीन आश्रम और मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि यहां गंगा स्नान के लिए बनाई गई सीढ़ियों का अंत आज तक किसी को नहीं मिला आश्रम के प्रमुख संत स्वामी ओमानंद सरस्वती के देहांत के बाद अब इस पवित्र स्थल की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी के रूप में साध्वी उमा देवी को सौंपी गई है। इस अवसर पर माहौल भावुक हो उठा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। साध्वी उमा देवी ने कहा: “यह आश्रम केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी एक सहारा है। हम उनका पालन-पोषण कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन से हमारा विनम्र अनुरोध है कि इस आश्रम और यहां रह रहे बच्चों की ओर ध्यान दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।” ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और विकास की मांग की है, ताकि यह आस्था का केंद्र आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके। प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के पकरी-सेवर गांव में गंगा तट पर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना एक प्राचीन आश्रम और मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि यहां गंगा स्नान के लिए बनाई गई सीढ़ियों का अंत आज तक किसी को नहीं मिला आश्रम के प्रमुख संत स्वामी ओमानंद सरस्वती के देहांत के बाद अब इस पवित्र स्थल की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी के रूप में साध्वी उमा देवी को सौंपी गई है। इस अवसर पर माहौल भावुक हो उठा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। साध्वी उमा देवी ने कहा: “यह आश्रम केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी एक सहारा है। हम उनका पालन-पोषण कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन से हमारा विनम्र अनुरोध है कि इस आश्रम और यहां रह रहे बच्चों की ओर ध्यान दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।” ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और विकास की मांग की है, ताकि यह आस्था का केंद्र आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के पकरी-सेवर गांव में गंगा तट पर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना एक प्राचीन आश्रम और मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि यहां गंगा स्नान के लिए बनाई गई सीढ़ियों का अंत आज तक किसी को नहीं मिला आश्रम के प्रमुख संत स्वामी ओमानंद सरस्वती के देहांत के बाद अब इस पवित्र स्थल की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी के रूप में साध्वी उमा देवी को सौंपी गई है। इस अवसर पर माहौल भावुक हो उठा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। साध्वी उमा देवी ने कहा: “यह आश्रम केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी एक सहारा है। हम उनका पालन-पोषण कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन से हमारा विनम्र अनुरोध है कि इस आश्रम और यहां रह रहे बच्चों की ओर ध्यान दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।” ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और विकास की मांग की है, ताकि यह आस्था का केंद्र आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके। प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के पकरी-सेवर गांव में गंगा तट पर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना एक प्राचीन आश्रम और मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि यहां गंगा स्नान के लिए बनाई गई सीढ़ियों का अंत आज तक किसी को नहीं मिला आश्रम के प्रमुख संत स्वामी ओमानंद सरस्वती के देहांत के बाद अब इस पवित्र स्थल की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी के रूप में साध्वी उमा देवी को सौंपी गई है। इस अवसर पर माहौल भावुक हो उठा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। साध्वी उमा देवी ने कहा: “यह आश्रम केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी एक सहारा है। हम उनका पालन-पोषण कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन से हमारा विनम्र अनुरोध है कि इस आश्रम और यहां रह रहे बच्चों की ओर ध्यान दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।” ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और विकास की मांग की है, ताकि यह आस्था का केंद्र आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
- प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के पकरी-सेवर गांव में गंगा तट पर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना एक प्राचीन आश्रम और मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि यहां गंगा स्नान के लिए बनाई गई सीढ़ियों का अंत आज तक किसी को नहीं मिला आश्रम के प्रमुख संत स्वामी ओमानंद सरस्वती के देहांत के बाद अब इस पवित्र स्थल की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी के रूप में साध्वी उमा देवी को सौंपी गई है। इस अवसर पर माहौल भावुक हो उठा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। साध्वी उमा देवी ने कहा: “यह आश्रम केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी एक सहारा है। हम उनका पालन-पोषण कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन से हमारा विनम्र अनुरोध है कि इस आश्रम और यहां रह रहे बच्चों की ओर ध्यान दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।” ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और विकास की मांग की है, ताकि यह आस्था का केंद्र आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- करछना के कटका गांव के विवेक पाल नामक युवक ने महिला को प्रेमजाल में फंसा कर बनाया शारीरिक संबंध, जब महिला हुई गर्भ से प्रेमी ने बच्चा गिरवाने और जान से की धमकी दी तो महिला ने प्रेमी पर दर्ज कराया मुकदमा, प्रेमी एक दिन के लिए गया जेल। जब बेल से आया तो 20अप्रैल को शादी कर रहा है । महिला पुलिस के साथ घर पहुंची तो घरवालों ने भी मारने पीटने की धमकी दी। महिला ने शासन प्रशासन से शादी रुकवाने की मांग की । और लड़का घर से फरार है ।1
- महाभारत के अर्जुन पहुंचे सरकार के दरबार में... #hanumankatha #bageshwardham #livekatha #prayagraj #uttarpradesh #bhakti #hanumanji #pujyasarkar #bageshwardhamsarkar1
- Post by Sona Rohit1
- belhat pura hriyari korawn me shaphai nhi hota hai belhat me saphai karni hai1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1